Science Diagnostic Test & Remedial Teaching
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- 1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
- 2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- 3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
- 4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
- 5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
- 6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
- 7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
- 8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
- 9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
- 10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
- 11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
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📘 Topic 1: कोशिका: संरचना एवं प्रकार्य (Cell: Structure & Functions) – For Class 8-9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 8 एवं 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | चित्रों पर आधारित वस्तुनिष्ठ परीक्षा, मिलान गतिविधियाँ एवं व्यावहारिक मूल्यांकन। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- छात्रों को पादप (Plant) एवं जंतु (Animal) कोशिका की संरचना और अंतर से परिचित कराना।
- विभिन्न कोशिकांगों (Cell Organelles) जैसे- माइटोकॉन्ड्रिया, केंद्रक, राइबोसोम के कार्यों को समझाना।
- कोशिका भित्ति (Cell Wall) और कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) के बीच का अंतर स्पष्ट करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) कोशिका का ‘पावर हाउस’ (ऊर्जा घर) किसे कहा जाता है?
(अ) राइबोसोम (ब) माइटोकॉन्ड्रिया (स) लाइसोसोम (द) केंद्रक [ ]
(ii) इनमें से कौन सा कोशिकांग केवल पादप कोशिका (Plant Cell) में पाया जाता है?
(अ) क्लोरोप्लास्ट (ब) कोशिका झिल्ली (स) माइटोकॉन्ड्रिया (द) राइबोसोम [ ]
(iii) कोशिका का नियंत्रण केंद्र (Control Room) कौन सा है?
(अ) रिक्तिका (ब) केंद्रक (Nucleus) (स) गोल्जी उपकरण (द) लाइसोसोम [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (कोशिकांग और उनके कार्य): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) राइबोसोम [ आत्मघाती थैली / प्रोटीन संश्लेषण ]
(ख) लाइसोसोम [ कोशिका का नियंत्रण / आत्मघाती थैली (Suicide Bag) ]
(ग) कोशिका भित्ति [ सुरक्षा एवं आकार / ऊर्जा उत्पादन ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) जंतु कोशिका में ____________ अनुपस्थित होती है। (कोशिका भित्ति / कोशिका झिल्ली)
(b) पत्तियों का हरा रंग ____________ के कारण होता है। (माइटोकॉन्ड्रिया / क्लोरोप्लास्ट)
(c) अमीबा एक ____________ जीव है। (बहुकोशिकीय / एककोशिकीय)
(d) सबसे बड़ी कोशिका ____________ का अंडा है। (मुर्गी / शुतुरमुर्ग)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ‘ऊर्जा घर’ क्यों कहा जाता है? (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) सभी सजीव कोशिकाओं से बने होते हैं। [ ]
(ii) केंद्रक (Nucleus) के अंदर क्रोमोसोम नहीं पाए जाते हैं। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (माइटोकॉन्ड्रिया), (ii) अ (क्लोरोप्लास्ट), (iii) ब (केंद्रक)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) प्रोटीन संश्लेषण, (ख) आत्मघाती थैली, (ग) सुरक्षा एवं आकार।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) कोशिका भित्ति, (b) क्लोरोप्लास्ट, (c) एककोशिकीय, (d) शुतुरमुर्ग।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) पादप कोशिका में कोशिका भित्ति होती है, जंतु में नहीं। (2) पादप कोशिका में क्लोरोप्लास्ट होता है, जंतु में नहीं। (3) पादप में बड़ी रिक्तिका (Vacuole) होती है, जंतु में छोटी।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: क्योंकि यह श्वसन की प्रक्रिया के दौरान एटीपी (ATP) के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करता है, जो कोशिका के सभी कार्यों के लिए आवश्यक है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) असत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | कोशिका की संरचना और कोशिकांगों के कार्यों की स्पष्ट समझ है। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | भागों के नाम पता हैं, लेकिन Plant और Animal Cell के अंतर में भ्रम है। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | डायग्राम को पहचानने और कोशिकांगों के कार्यों (Organelles Functions) में गंभीर लर्निंग गैप है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| पादप और जंतु कोशिका के डायग्राम में भ्रमित होना। | पादप कोशिका का आकार निश्चित होता है (कोशिका भित्ति के कारण), जंतु कोशिका का आकार अनियमित होता है। | चित्रात्मक/संरचनात्मक भ्रम | माइक्रोस्कोप या 3D मॉडल के बिना केवल ब्लैकबोर्ड के चित्रों पर निर्भरता। |
| लाइसोसोम और राइबोसोम के कार्यों को एक समझना। | राइबोसोम प्रोटीन बनाता है, जबकि लाइसोसोम अपशिष्ट पदार्थों को नष्ट करता है (आत्मघाती थैली)। | पारिभाषिक त्रुटि (Terminological Error) | वैज्ञानिक शब्दों के उच्चारण और कार्य में समानता के कारण भ्रम। |
| कोशिका भित्ति (Cell Wall) और कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) को एक ही मानना। | कोशिका भित्ति केवल पौधों में होती है और कठोर होती है, जबकि झिल्ली दोनों में होती है और लचीली होती है। | संप्रत्ययात्मक भ्रम (Conceptual Gap) | पौधों और जंतुओं की बाह्य संरचना का व्यावहारिक अवलोकन न होना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 07 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): प्याज की झिल्ली, माइक्रोस्कोप, 3D कोशिका मॉडल, सेलुलर फ्लैश कार्ड्स, स्मार्टबोर्ड।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | माइक्रोस्कोप का जादू (Practical Observation) शिक्षक छात्रों को प्याज की झिल्ली (Plant Cell) और मानव गाल की कोशिका (Animal Cell) की स्लाइड माइक्रोस्कोप में दिखाएंगे। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | कोशिका भित्ति vs झिल्ली गतिविधि एक गुब्बारे (Cell Membrane) और एक प्लास्टिक के डिब्बे (Cell Wall) का उपयोग करके लचीलेपन और कठोरता का अंतर स्पष्ट करना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | कोशिकांगों के कार्यों का रोल-प्ले (Role Play) बच्चे विभिन्न कोशिकांग बनेंगे (जैसे- एक बच्चा ‘माइटोकॉन्ड्रिया’ बनकर कहेगा ‘मैं ऊर्जा देता हूँ’) और अपना कार्य कक्षा को बताएंगे। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | पादप एवं जंतु कोशिका का क्ले-मॉडलिंग (Clay Modeling) छात्र रंग-बिरंगी क्ले (मिट्टी) से पादप और जंतु कोशिका का 3D मॉडल बनाएंगे, जिससे डायग्राम की समझ मजबूत होगी। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | फ्लैश कार्ड क्विज़ गेम शिक्षक कोशिकांगों के चित्र वाले फ्लैश कार्ड दिखाएंगे और छात्र उनके नाम और कार्य बताएंगे। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) जिसमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) होती है — (पादप कोशिका / जंतु कोशिका) [ ]
(ii) जो ऊर्जा बनाता है — (राइबोसोम / माइटोकॉन्ड्रिया) [ ]
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) पादप कोशिका में भोजन बनाने के लिए ____________ पाया जाता है। (क्लोरोप्लास्ट / लाइसोसोम)
(ख) अमीबा अपना आकार ____________ की मदद से बदलता है। (स्यूडोपोडिया / केंद्रक)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
माइक्रोस्कोप और क्ले-मॉडलिंग गतिविधि के बाद, छात्रों ने Plant और Animal Cell के बीच अंतर आसानी से कर लिया। रोल-प्ले के माध्यम से उन्हें सभी कोशिकांगों के कार्य भी स्थायी रूप से याद हो गए।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 03 | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | कोशिकांगों के कार्यों (Organelles Functions) का भ्रम दूर हुआ। |
| छात्र 12 | 06 / 20 | 18 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | पादप और जंतु कोशिका का डायग्राम अब सही बनाता है। |
| छात्र 15 | 04 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | कोशिका भित्ति और झिल्ली का अंतर समझ गया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“कक्षा 8-10 के छात्रों को केवल डायग्राम बनाकर कोशिका समझाना पर्याप्त नहीं है। माइक्रोस्कोप के व्यावहारिक उपयोग और 3D मॉडल (Clay) से उनमें सूक्ष्म जीव विज्ञान के प्रति रुचि पैदा हुई और रटने की आदत कम हुई।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 2: मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System) – For Class 10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 25 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | प्रक्रिया आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न, क्रम निर्धारण एवं चित्रात्मक पहचान। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- छात्रों को मानव पाचन तंत्र के विभिन्न अंगों और उनके क्रम से परिचित कराना।
- पाचक ग्रंथियों (Digestive Glands) और उनके द्वारा स्रावित एंजाइम्स (Enzymes) के कार्यों को समझाना।
- भोजन के पाचन और अवशोषण (Absorption) की संपूर्ण प्रक्रिया को स्पष्ट करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) मानव शरीर में पाचन का अधिकांश भाग किस अंग में संपन्न होता है?
(अ) आमाशय (ब) छोटी आंत (स) बड़ी आंत (द) ग्रासनली [ ]
(ii) लार (Saliva) में कौन सा एंजाइम पाया जाता है?
(अ) पेप्सिन (ब) ट्रिप्सिन (स) एमाइलेज (टायलिन) (द) लाइपेज [ ]
(iii) पित्त रस (Bile Juice) का स्राव कहाँ से होता है?
(अ) यकृत (Liver) (ब) अग्न्याशय (स) पित्ताशय (द) आमाशय [ ]
प्रश्न 2. सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए: (3 अंक)
पाचन अंगों का सही क्रम: ग्रासनली ➔ मुखगुहा ➔ छोटी आंत ➔ आमाशय ➔ बड़ी आंत
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) प्रोटीन का पाचन ____________ में शुरू होता है। (मुख / आमाशय)
(b) आमाशय में ____________ अम्ल स्रावित होता है जो जीवाणुओं को नष्ट करता है। (H2SO4 / HCl)
(c) अग्न्याशय रस में ____________ एंजाइम वसा का पाचन करता है। (लाइपेज / पेप्सिन)
(d) जल का अवशोषण मुख्य रूप से ____________ में होता है। (छोटी आंत / बड़ी आंत)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): छोटी आंत में पाए जाने वाले दीर्घरोम (Villi) का क्या कार्य है? (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) ग्रासनली (Oesophagus) में कोई पाचन नहीं होता है। [ ]
(ii) पित्त रस में पाचन एंजाइम्स की अधिकता होती है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (छोटी आंत), (ii) स (एमाइलेज), (iii) अ (यकृत)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: मुखगुहा ➔ ग्रासनली ➔ आमाशय ➔ छोटी आंत ➔ बड़ी आंत।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) आमाशय, (b) HCl, (c) लाइपेज, (d) बड़ी आंत।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) लार ग्रंथि – लार (एमाइलेज), (2) यकृत – पित्त रस, (3) अग्न्याशय – अग्न्याशयी रस (ट्रिप्सिन, लाइपेज)।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: दीर्घरोम (Villi) पचे हुए भोजन के अवशोषण (Absorption) के लिए सतह का क्षेत्रफल बढ़ा देते हैं जिससे अवशोषण तेजी से होता है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) असत्य (पित्त रस में एंजाइम्स नहीं होते, यह वसा का पायसीकरण करता है)।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 07 छात्र | अंगों के कार्य और एंजाइमों की क्रिया स्पष्ट रूप से समझते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 10 छात्र | पाचन अंगों का क्रम पता है, लेकिन यकृत और अग्न्याशय के एंजाइम्स में भ्रम है। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 08 छात्र | एंजाइम, ग्रंथियों और पाचन प्रक्रिया के क्रम (Sequence) में गंभीर कठिनाई है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| पित्त रस (Bile Juice) को पित्ताशय (Gall Bladder) से उत्पन्न मानना। | पित्त रस यकृत (Liver) में बनता है और पित्ताशय में केवल जमा होता है। | अवधारणात्मक भ्रम | अंगों के नाम में समानता (पित्त – पित्ताशय) के कारण भ्रम। |
| पेप्सिन, ट्रिप्सिन और लाइपेज के कार्यों को मिला देना। | पेप्सिन (आमाशय) और ट्रिप्सिन (अग्न्याशय) प्रोटीन पचाते हैं, लाइपेज वसा पचाता है। | एंजाइम-सब्सट्रेट भ्रम | एंजाइमों के विशिष्ट कार्यों का रट्टा मारना, प्रायोगिक समझ का अभाव। |
| भोजन के पाचन का क्रम गलत बताना। | मुख ➔ ग्रासनली ➔ आमाशय ➔ छोटी आंत ➔ बड़ी आंत। | प्रक्रियात्मक त्रुटि (Procedural Error) | शरीर रचना (Anatomy) का 3D चित्र मस्तिष्क में न बन पाना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 18 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): ह्यूमन टॉर्सो मॉडल (Human Torso Model), एनीमेशन वीडियो, फ्लैश कार्ड्स, स्मार्ट क्लास।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | पाचन का रास्ता (Tracing the Path) स्मार्टबोर्ड पर पाचन तंत्र का 3D एनीमेशन दिखाना और भोजन की यात्रा का मार्ग ट्रेस करना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | एंजाइम्स का मैचिंग गेम छात्रों को एंजाइम्स के नाम और उनके द्वारा पचाए जाने वाले भोजन (जैसे प्रोटीन, वसा) के कार्ड्स को मिलाने की गतिविधि। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | यकृत और पित्ताशय की कहानी यकृत को ‘फैक्ट्री’ और पित्ताशय को ‘गोदाम’ का उदाहरण देकर पित्त रस के निर्माण और भंडारण को समझाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | Villi का प्रयोग (तौलिया गतिविधि) एक तौलिये (Villi के समान) और एक चिकने कपड़े की मदद से सतह क्षेत्र (Surface Area) बढ़ने और अवशोषण को समझाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | मानव टॉर्सो मॉडल पज़ल छात्रों को मानव धड़ (Torso) मॉडल के अंगों को खोलकर सही क्रम में वापस सेट करने का कार्य देना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(क) आमाशय [ वसा का पाचन ]
(ख) यकृत [ HCl का स्राव ]
(ग) लाइपेज [ पित्त रस का निर्माण ]
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(a) यकृत में बना पित्त रस ____________ में जमा होता है।
(b) भोजन का पूर्ण पाचन ____________ में होता है।
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
एनीमेशन और टॉर्सो मॉडल के प्रयोग से छात्रों को पाचन अंगों का सही क्रम याद हो गया। कार्ड मैचिंग गेम से एंजाइम्स के कार्य भी स्पष्ट हो गए।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 05 | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | एंजाइम और उनके कार्यों का भ्रम दूर हुआ। |
| छात्र 14 | 07 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | यकृत और पित्ताशय का कार्य अब सही बताता है। |
| छात्र 20 | 08 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | पाचन अंगों का सही क्रम बिना रुके लिख सकता है। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“बायोलॉजी की जटिल प्रक्रियाओं जैसे पाचन को केवल थ्योरी से नहीं पढ़ाया जा सकता। स्मार्ट क्लास में 3D एनीमेशन और तौलिया (Villi) जैसी दैनिक जीवन की वस्तुओं से तुलना करने से विषय वस्तु जल्दी समझ में आती है।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 3: मानव श्वसन तंत्र (Human Respiratory System) – For Class 10
B.Ed / D.El.Ed Internship Hub
सम्पूर्ण इंटर्नशिप की सभी डायरियों, लेसन प्लान्स और फाइलों का One-Stop Hub। यहाँ से सब कुछ एक ही जगह पर मिलेगा।
B.Ed Daily Lesson Plan Diary
दैनिक पाठ योजना डायरी: 15-20 सप्ताह की इंटर्नशिप के दौरान प्रतिदिन पढ़ाई जाने वाली पाठ योजनाओं (Lesson Plans) का सम्पूर्ण हल।
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 22 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | अवधारणा आधारित प्रश्न, बहुविकल्पीय एवं डायग्राम लेबलिंग। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- ऑक्सी श्वसन (Aerobic) और अनॉक्सी श्वसन (Anaerobic) के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- मानव श्वसन तंत्र के अंगों (Trachea, Bronchi, Alveoli) के कार्यों को समझाना।
- कूपिकाओं (Alveoli) में गैसों के विनिमय (Gas Exchange) की प्रक्रिया को समझाना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ प्रश्न — [अंक: 10]
(i) श्वसन की प्रक्रिया में गैसों का विनिमय कहाँ होता है?
(अ) श्वासनली (ब) कूपिका (Alveoli) (स) ब्रोंकाई (द) नासिका [ ]
(ii) हमारी मांसपेशियों में अनॉक्सी श्वसन के दौरान क्या बनता है, जिससे दर्द होता है?
(अ) इथेनॉल (ब) लैक्टिक अम्ल (स) जल (द) ग्लूकोज [ ]
(iii) ऑक्सीजन की उपस्थिति में होने वाले श्वसन को क्या कहते हैं?
(अ) ऑक्सी श्वसन (ब) अनॉक्सी श्वसन (स) किण्वन (द) प्रकाश संश्लेषण [ ]
प्रश्न 2. सत्य या असत्य बताइए: (3 × 1 = 3 अंक)
(i) यीस्ट (Yeast) में अनॉक्सी श्वसन होता है। [ ]
(ii) मछलियाँ श्वसन के लिए फेफड़ों का उपयोग करती हैं। [ ]
(iii) श्वासनली में उपास्थि के वलय (Cartilaginous rings) इसे पिचकने से रोकते हैं। [ ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) वायुकोशिकाओं या कूपिकाओं का मुख्य कार्य ____________ का विनिमय करना है।
(b) डायफ्राम (Diaphragm) अंतःश्वसन के दौरान ____________ हो जाता है। (चपटा / गुंबदाकार)
(c) कोशिकीय श्वसन ____________ में संपन्न होता है।
(d) रक्त में ऑक्सीजन का परिवहन ____________ वर्णक द्वारा होता है।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. श्वासनली (Trachea) में उपास्थि वलय (Rings of cartilage) का क्या महत्त्व है? (3 अंक)
प्रश्न 6. हीमोग्लोबिन की मानव श्वसन में क्या भूमिका है? (3 अंक)
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (कूपिका), (ii) ब (लैक्टिक अम्ल), (iii) अ (ऑक्सी श्वसन)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (i) सत्य, (ii) असत्य (मछलियाँ गिल्स का उपयोग करती हैं), (iii) सत्य।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) गैसों (O2 और CO2), (b) चपटा, (c) माइटोकॉन्ड्रिया, (d) हीमोग्लोबिन।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) ऑक्सी श्वसन में O2 आवश्यक है, अनॉक्सी में नहीं। (2) ऑक्सी में ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है, अनॉक्सी में अपूर्ण। (3) ऑक्सी में अधिक ऊर्जा (38 ATP) बनती है, अनॉक्सी में कम (2 ATP)।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: ये वलय श्वासनली को उस समय पिचकने (Collapse) से रोकते हैं जब उसमें हवा कम होती है, जिससे वायु मार्ग हमेशा खुला रहता है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन को बाँधकर शरीर की सभी कोशिकाओं तक पहुँचाने का कार्य करता है। इसके बिना सभी अंगों तक O2 पहुँचना असंभव होगा।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 06 छात्र | Aerobic/Anaerobic का अंतर और श्वसन तंत्र की संरचना पूरी तरह से स्पष्ट है। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 09 छात्र | श्वसन तंत्र के अंग पता हैं, लेकिन Alveoli में Gas Exchange की प्रक्रिया में भ्रम है। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | श्वसन (Respiration) और साँस लेने (Breathing) को एक ही मानते हैं। लैक्टिक एसिड वाला कांसेप्ट अस्पष्ट है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| साँस लेना (Breathing) और श्वसन (Respiration) को समान समझना। | साँस लेना एक भौतिक प्रक्रिया है (O2 अंदर, CO2 बाहर), जबकि श्वसन एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें ग्लूकोज टूटकर ऊर्जा देता है। | अवधारणात्मक त्रुटि | दैनिक जीवन में दोनों शब्दों का एक ही अर्थ में प्रयोग होना। |
| मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps) का कारण सही से न बता पाना। | लगातार व्यायाम से O2 की कमी होती है और अनॉक्सी श्वसन से लैक्टिक अम्ल बनता है जिससे दर्द होता है। | व्यावहारिक ज्ञान का अभाव | Anaerobic श्वसन को केवल यीस्ट (Yeast) तक सीमित समझना। |
| गैसों का विनिमय ब्रोंकाई या श्वासनली में मानना। | गैसों का वास्तविक विनिमय फेफड़ों के सबसे अंतिम भाग यानी कूपिकाओं (Alveoli) में होता है। | संरचनात्मक भ्रम | फेफड़ों की आंतरिक सूक्ष्म संरचना (Micro-structure) को न समझ पाना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 07 छात्र तथा श्रेणी-B के कुछ छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): गुब्बारे, प्लास्टिक की बोतल, यीस्ट पाउडर, चीनी, परखनली, स्मार्टबोर्ड (Alveoli 3D Video)।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | साँस लेना vs श्वसन श्वसन को ‘कोशिका के अंदर का कार्य’ और साँस लेने को ‘फेफड़ों का कार्य’ के रूप में समझाकर अंतर स्पष्ट करना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | फेफड़ों का वर्किंग मॉडल प्लास्टिक की बोतल, वाई-शेप ट्यूब और गुब्बारों की मदद से डायफ्राम और फेफड़ों के फूलने/पिचकने का मॉडल बनाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | यीस्ट और गुब्बारे का प्रयोग (Anaerobic Respiration) गर्म पानी में चीनी और यीस्ट डालकर बोतल के मुँह पर गुब्बारा लगाना, जिससे CO2 निकलने से गुब्बारा फूल जाए। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | लैक्टिक एसिड की कहानी धावक (Runner) की ऐंठन का उदाहरण देकर मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल बनने की प्रक्रिया को समझाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | कूपिका (Alveoli) का जाल अंगूर के गुच्छे का उदाहरण देकर कूपिकाओं का सतह क्षेत्र बढ़ने और गैस एक्सचेंज (Gas Exchange) को स्मार्टबोर्ड पर दिखाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) अधिक व्यायाम करने पर हमारी मांसपेशियों में (लैक्टिक अम्ल / इथेनॉल) जमा हो जाता है।
(ii) श्वसन मार्ग को पिचकने से (उपास्थि वलय / डायफ्राम) रोकता है।
प्रश्न 2. मिलान करें:
(क) यीस्ट में श्वसन [ कूपिका (Alveoli) ]
(ख) गैसों का विनिमय [ अनॉक्सी श्वसन ]
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
यीस्ट वाले प्रयोग से छात्रों को अनॉक्सी श्वसन तुरंत समझ आ गया। बोतल-गुब्बारे वाले वर्किंग मॉडल ने डायफ्राम की भूमिका को बिल्कुल स्पष्ट कर दिया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 08 | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | श्वसन और साँस लेने के बीच अंतर स्पष्ट हुआ। |
| छात्र 11 | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | लैक्टिक एसिड के कारण मांसपेशियों में ऐंठन की प्रक्रिया समझ में आई। |
| छात्र 19 | 04 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | Alveoli (कूपिका) में O2/CO2 विनिमय की अवधारणा स्पष्ट हुई। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“श्वसन तंत्र की आंतरिक क्रियाविधि (जैसे Alveoli में विनिमय) छात्रों के लिए अमूर्त होती है। अंगूर के गुच्छे का उदाहरण और यीस्ट के जीवंत प्रयोग से विषय बहुत रोचक और सरल बन गया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 4: मानव परिसंचरण तंत्र एवं रक्त (Circulatory System & Blood) – For Class 9-10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 24 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | डायग्राम आधारित प्रश्न, अंतर स्पष्टीकरण एवं तार्किक प्रश्न। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- हृदय (Heart) की संरचना और कार्यप्रणाली को समझाना।
- धमनी (Artery) और शिरा (Vein) में स्पष्ट अंतर करना।
- दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) के महत्व को समझाना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) मानव हृदय में कितने कक्ष (Chambers) होते हैं?
(अ) 2 (ब) 3 (स) 4 (द) 5 [ ]
(ii) कौन सी रक्त वाहिका ऑक्सीजन युक्त (शुद्ध) रक्त को शरीर में ले जाती है?
(अ) शिरा (ब) धमनी (स) केशिका (द) महाशिरा [ ]
(iii) रक्त का लाल रंग किस वर्णक के कारण होता है?
(अ) क्लोरोफिल (ब) हीमोग्लोबिन (स) मेलेनिन (द) प्लाज्मा [ ]
प्रश्न 2. सही मिलान कीजिए: (3 अंक)
(क) प्लेटलेट्स (Platelets) [ अशुद्ध रक्त ले जाना ]
(ख) शिरा (Vein) [ रक्त का थक्का बनाना ]
(ग) बायां आलिंद (Left Atrium) [ शुद्ध रक्त प्राप्त करना ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) एक सामान्य वयस्क का हृदय एक मिनट में लगभग ____________ बार धड़कता है।
(b) हृदय का ____________ भाग ऑक्सीजन युक्त शुद्ध रक्त पंप करता है। (बायां / दायां)
(c) एक मात्र शिरा जो शुद्ध रक्त ले जाती है, उसे ____________ शिरा कहते हैं।
(d) धमनियों की दीवारें ____________ और लचीली होती हैं। (मोटी / पतली)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): मानव में दोहरे परिसंचरण (Double Circulation) का क्या अर्थ है और यह क्यों आवश्यक है? (4 अंक)
प्रश्न 6. (तार्किक प्रश्न): यदि रक्त में प्लेटलेट्स न हों तो क्या होगा? (2 अंक)
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) स (4), (ii) ब (धमनी), (iii) ब (हीमोग्लोबिन)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) प्लेटलेट्स – रक्त का थक्का बनाना, (ख) शिरा – अशुद्ध रक्त ले जाना, (ग) बायां आलिंद – शुद्ध रक्त प्राप्त करना।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) 72, (b) बायां, (c) फुफ्फुसीय (Pulmonary), (d) मोटी।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) धमनी हृदय से रक्त अंगों तक ले जाती है, शिरा अंगों से हृदय तक। (2) धमनी में शुद्ध रक्त (O2 युक्त) बहता है (फुफ्फुसीय को छोड़कर), शिरा में अशुद्ध। (3) धमनी की दीवारें मोटी होती हैं, शिरा की दीवारें पतली होती हैं और उनमें वाल्व होते हैं।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: रक्त हृदय से एक चक्र में दो बार गुजरता है (एक बार फेफड़ों की ओर, दूसरी बार पूरे शरीर की ओर)। इसे दोहरा परिसंचरण कहते हैं। यह शुद्ध और अशुद्ध रक्त को मिलने से रोकता है, जिससे शरीर को उच्च ऊर्जा मिलती है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: चोट लगने पर रक्त का थक्का (Clot) नहीं बनेगा और अत्यधिक रक्तस्राव से व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 08 छात्र | हृदय की कार्यप्रणाली और धमनी-शिरा का अंतर बिल्कुल स्पष्ट है। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 09 छात्र | रक्त कोशिकाओं के कार्य पता हैं, लेकिन Double Circulation के कॉन्सेप्ट में भ्रमित हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | हृदय के दाएं-बाएं भाग और शुद्ध-अशुद्ध रक्त के प्रवाह में बहुत अधिक कंफ्यूजन है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| दाएं और बाएं कक्षों के कार्यों में भ्रमित होना। | दायां भाग हमेशा अशुद्ध (CO2) रक्त संभालता है, बायां भाग हमेशा शुद्ध (O2) रक्त संभालता है। | दिशात्मक एवं अवधारणात्मक भ्रम | हृदय के डायग्राम को 3D की बजाय 2D में रटना। |
| सभी धमनियों को शुद्ध और सभी शिराओं को अशुद्ध रक्त का वाहक मानना। | फुफ्फुसीय धमनी (Pulmonary Artery) अशुद्ध रक्त ले जाती है और फुफ्फुसीय शिरा शुद्ध रक्त लाती है, यह अपवाद है। | अपवाद का अज्ञान (Ignorance of Exception) | परिभाषाओं का सामान्यीकरण (Over-generalization)। |
| दोहरे परिसंचरण का अर्थ न समझ पाना। | हृदय से फेफड़े और फेफड़े से हृदय (चक्र 1), फिर हृदय से शरीर और शरीर से हृदय (चक्र 2)। | प्रक्रियात्मक गैप | सिस्टेमिक और पल्मोनरी फ्लो को अलग-अलग न समझ पाना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 07 छात्र एवं श्रेणी-B के छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): हृदय का 3D मॉडल, लाल और नीले रंग के रिबन, स्टैथोस्कोप, एनिमेटेड वीडियो।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | हृदय के चार कमरे हृदय को 4 कमरों वाले घर के रूप में समझाना। दायां हिस्सा (नीला/अशुद्ध) और बायां हिस्सा (लाल/शुद्ध)। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | धमनी और शिरा का अंतर रबर पाइप (मोटी धमनी) और पतली पॉलीथीन ट्यूब (पतली शिरा) का उपयोग करके दबाव और मोटाई का अंतर समझाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | अपवाद की कहानी (Pulmonary Exception) फेफड़ों से हृदय तक जाने वाले ‘उल्टे नियम’ (फुफ्फुसीय धमनी और शिरा) को एक रोचक कहानी के माध्यम से बताना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | रोल प्ले – डबल सर्कुलेशन छात्रों को लाल (O2) और नीले (CO2) कार्ड देकर हृदय (एक छात्र) से फेफड़ों और शरीर (अन्य छात्रों) के बीच परिसंचरण का नाटक कराना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | स्टैथोस्कोप और हार्टबीट कक्षा में स्टैथोस्कोप लाकर छात्रों को उनके स्वयं के हृदय की धड़कन (लूब-डब) सुनाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) बायां निलय (Left Ventricle) शुद्ध रक्त को पूरे शरीर में पंप करता है। [ ]
(ii) फुफ्फुसीय धमनी में ऑक्सीजन युक्त रक्त बहता है। [ ]
प्रश्न 2. रिक्त स्थान भरें:
(क) हमारे शरीर की सबसे बड़ी धमनी ____________ है। (महाधमनी / महाशिरा)
(ख) रक्त में रोगों से लड़ने का कार्य ____________ कोशिकाएँ करती हैं। (RBC / WBC)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
रोल-प्ले गतिविधि के बाद छात्रों को ‘दोहरा परिसंचरण’ बहुत अच्छी तरह समझ आ गया। दाएं और बाएं भाग के बीच का भ्रम ‘लाल-नीले’ कमरों के कॉन्सेप्ट से पूरी तरह दूर हो गया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 02 | 04 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | दाएं और बाएं कक्षों का कार्य स्पष्ट हुआ। |
| छात्र 16 | 06 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | फुफ्फुसीय धमनी और शिरा का अपवाद समझ में आ गया। |
| छात्र 22 | 05 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | Double Circulation का अर्थ अब बता सकता है। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“मानव हृदय की संरचना 2D चित्र में बहुत जटिल लगती है। लाल और नीले रिबन का उपयोग कर रोल-प्ले कराने से छात्रों में विषय के प्रति समझ और उत्साह दोनों में भारी वृद्धि हुई।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 5: पौधों में पोषण एवं प्रकाश संश्लेषण (Nutrition in Plants & Photosynthesis) – For Class 7-10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 एवं 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | रासायनिक समीकरण, चित्रात्मक पहचान एवं सैद्धांतिक प्रश्न। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया और इसके आवश्यक घटकों को समझाना।
- प्रकाश संश्लेषण का रासायनिक समीकरण (Chemical Equation) याद कराना।
- रंध्र (Stomata) और क्लोरोफिल (Chlorophyll) की भूमिका को स्पष्ट करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं रिक्त स्थान — [अंक: 10]
(i) प्रकाश संश्लेषण के लिए इनमें से क्या आवश्यक नहीं है?
(अ) सूर्य का प्रकाश (ब) ऑक्सीजन (स) कार्बन डाइऑक्साइड (द) जल [ ]
(ii) पत्तियों में गैसों का आदान-प्रदान किसके द्वारा होता है?
(अ) शिराओं (ब) जड़ (स) रंध्र (Stomata) (द) तना [ ]
(iii) प्रकाश संश्लेषण का अंतिम उत्पाद क्या होता है?
(अ) प्रोटीन (ब) ग्लूकोज (स) वसा (द) विटामिन [ ]
प्रश्न 2. सत्य या असत्य बताइए: (3 × 1 = 3 अंक)
(i) अमरबेल (Cuscuta) एक स्वपोषी (Autotrophic) पौधा है। [ ]
(ii) क्लोरोफिल सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा को ग्रहण करता है। [ ]
(iii) प्रकाश संश्लेषण में पौधे ऑक्सीजन गैस ग्रहण करते हैं। [ ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) पौधे अपना भोजन पत्तियों में बनाते हैं, इसलिए पत्तियों को पौधे की ____________ कहा जाता है।
(b) कीटभक्षी पौधे ____________ की कमी पूरी करने के लिए कीटों को खाते हैं। (कार्बोहाइड्रेट / नाइट्रोजन)
(c) प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में सौर ऊर्जा, ____________ ऊर्जा में बदल जाती है।
(d) जड़ें मिट्टी से जल और ____________ अवशोषित करती हैं।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): रंध्र (Stomata) क्या होते हैं? इनके दो मुख्य कार्य लिखिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. यदि पृथ्वी से सभी हरे पौधे नष्ट हो जाएं, तो क्या होगा? (2 अंक)
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (ऑक्सीजन), (ii) स (रंध्र), (iii) ब (ग्लूकोज)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (i) असत्य (यह परजीवी है), (ii) सत्य, (iii) असत्य (O2 छोड़ते हैं, CO2 ग्रहण करते हैं)।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) खाद्य फैक्ट्री (Food Factory), (b) नाइट्रोजन, (c) रासायनिक, (d) खनिज लवण।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: 6CO2 + 12H2O (सूर्य का प्रकाश / क्लोरोफिल) ➔ C6H12O6 (ग्लूकोज) + 6O2 + 6H2O
भाग ब – q5: प्रश्न 5: रंध्र पत्तियों की सतह पर पाए जाने वाले छोटे छिद्र होते हैं। कार्य: (1) गैसों (CO2 और O2) का आदान-प्रदान करना। (2) वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) द्वारा अतिरिक्त जल को बाहर निकालना।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: पृथ्वी पर जीवन समाप्त हो जाएगा क्योंकि पौधे ही सभी जीवों के लिए भोजन और श्वसन के लिए ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 06 छात्र | समीकरण और अवधारणा दोनों में बेहतरीन पकड़ है। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | प्रक्रिया समझते हैं, लेकिन रासायनिक समीकरण को संतुलित करने में गलती करते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 06 छात्र | CO2 और O2 के ग्रहण/उत्सर्जन में कंफ्यूज हैं और Stomata का कार्य नहीं पता। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| पौधों द्वारा O2 ग्रहण करना और CO2 छोड़ना बताना (प्रकाश संश्लेषण में)। | प्रकाश संश्लेषण में पौधे CO2 लेते हैं और O2 छोड़ते हैं। (श्वसन में पौधे भी O2 लेते हैं)। | गहरी अवधारणात्मक त्रुटि | श्वसन (Respiration) और प्रकाश संश्लेषण को एक ही समझ लेना। |
| रासायनिक समीकरण में ग्लूकोज (C6H12O6) का सूत्र गलत लिखना। | 6CO2 + 12H2O ➔ C6H12O6 + 6O2 + 6H2O | सूत्र आधारित त्रुटि | रासायनिक सूत्रों का रट्टा मारना और भूल जाना। |
| रंध्र (Stomata) को जड़ में स्थित मानना। | रंध्र पत्तियों की निचली सतह पर स्थित सूक्ष्म छिद्र होते हैं। | स्थानिक/संरचनात्मक भ्रम | पत्ती की सूक्ष्म संरचना (Microscope View) को कभी न देखना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 06 छात्र एवं समीकरण में गलती करने वाले छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): पत्ती, माइक्रोस्कोप, आयोडीन सॉल्यूशन, रंगीन कार्ड्स (समीकरण के लिए)।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | CO2-O2 का खेल एक सरल चित्र बनाकर दिन (प्रकाश संश्लेषण) और रात (श्वसन) में गैसों के प्रवाह को स्पष्ट करना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | रंध्र (Stomata) का लाइव दर्शन पत्ती की झिल्ली को माइक्रोस्कोप के नीचे रखकर छात्रों को वास्तविक रंध्र (Stomata) और गार्ड सेल्स दिखाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | समीकरण पज़ल गेम विभिन्न रंगीन कार्ड्स (CO2, H2O, C6H12O6, O2) देकर छात्रों से सही रासायनिक समीकरण बनवाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | स्टार्च (Starch) का परीक्षण एक पत्ती पर आयोडीन विलयन (Iodine Solution) डालकर उसके रंग में बदलाव (नीला-काला) दिखाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | कीटभक्षी पौधों की रहस्यमयी दुनिया घटपर्णी (Pitcher Plant) का वीडियो दिखाकर नाइट्रोजन की आवश्यकता को समझाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) ग्लूकोज: ______________
(ii) कार्बन डाइऑक्साइड: ______________
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) रंध्रों का खुलना और बंद होना ____________ कोशिकाओं द्वारा नियंत्रित होता है। (गार्ड / एपिडर्मल)
(ख) प्रकाश संश्लेषण में ____________ गैस मुक्त होती है।
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
माइक्रोस्कोप से रंध्रों को देखकर छात्रों का ‘रंध्र जड़ में होते हैं’ वाला भ्रम पूरी तरह टूट गया। रंगीन कार्ड्स की मदद से उन्हें प्रकाश संश्लेषण का समीकरण भी अच्छे से याद हो गया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 01 | 05 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | CO2 और O2 का गैस विनिमय सही से समझा। |
| छात्र 09 | 04 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | प्रकाश संश्लेषण का संतुलित समीकरण अब सही लिखता है। |
| छात्र 18 | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | Stomata की स्थिति और कार्य स्पष्ट हो गए। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“बायोलॉजी में रासायनिक समीकरण याद करना बच्चों के लिए उबाऊ होता है। ‘कार्ड पज़ल’ गतिविधि ने इसे खेल बना दिया और आयोडीन परीक्षण ने ‘भोजन बनने’ को प्रमाणित कर दिया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 6: जन्तुओं एवं पौधों में जनन (Reproduction in Plants & Animals) – For Class 8-10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 8 एवं 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 25 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | विभेदीकरण (Differentiating), चित्रात्मक अंकन एवं बहुविकल्पीय प्रश्न। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- अलैंगिक (Asexual) और लैंगिक (Sexual) जनन के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- पौधों में परागण (Pollination) और निषेचन (Fertilization) की प्रक्रिया को समझाना।
- अमीबा में विखंडन और हाइड्रा में मुकुलन (Budding) की प्रक्रिया का ज्ञान देना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ प्रश्न — [अंक: 10]
(i) हाइड्रा (Hydra) में जनन की विधि कौन सी है?
(अ) द्विखंडन (ब) मुकुलन (Budding) (स) बीजाणु निर्माण (द) विखंडन [ ]
(ii) पुष्प का नर जनन अंग (Male Reproductive Part) कौन सा है?
(अ) स्त्रीकेसर (ब) पुंकेसर (Stamen) (स) बाह्यदल (द) अंडाशय [ ]
(iii) निषेचन (Fertilization) के बाद अंडाशय (Ovary) किसमें बदल जाता है?
(अ) बीज में (ब) फूल में (स) फल में (द) तने में [ ]
प्रश्न 2. सत्य या असत्य बताइए: (3 × 1 = 3 अंक)
(i) अमीबा में लैंगिक जनन होता है। [ ]
(ii) स्व-परागण (Self-pollination) उसी फूल या उसी पौधे के दूसरे फूल में होता है। [ ]
(iii) मानव में निषेचन शरीर के बाहर (External) होता है। [ ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) नर और मादा युग्मकों (Gametes) के संलयन को ____________ कहते हैं।
(b) परागकणों का परागकोश (Anther) से वर्तिकाग्र (Stigma) तक पहुँचना ____________ कहलाता है।
(c) मानव नर में ____________ हार्मोन का स्राव होता है। (टेस्टोस्टेरोन / एस्ट्रोजन)
(d) मुकुलन (Budding) विधि से जनन ____________ में होता है। (यीस्ट / मनुष्य)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. स्व-परागण (Self-Pollination) और पर-परागण (Cross-Pollination) में क्या अंतर है? (3 अंक)
प्रश्न 6. अमीबा में द्विखंडन (Binary Fission) की प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन करें। (3 अंक)
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (मुकुलन), (ii) ब (पुंकेसर), (iii) स (फल)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (i) असत्य (अलैंगिक/द्विखंडन होता है), (ii) सत्य, (iii) असत्य (आंतरिक होता है)।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) निषेचन (Fertilization), (b) परागण (Pollination), (c) टेस्टोस्टेरोन, (d) यीस्ट (तथा हाइड्रा)।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) अलैंगिक में एक जीव की आवश्यकता होती है, लैंगिक में दो (नर और मादा)। (2) अलैंगिक में संतान माता-पिता के बिल्कुल समान होती है (Clone), लैंगिक में भिन्नता आती है। (3) अलैंगिक कम समय लेता है, लैंगिक अधिक समय लेता है।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: स्व-परागण में परागकण उसी फूल या उसी पौधे के दूसरे फूल के वर्तिकाग्र पर गिरते हैं। पर-परागण में परागकण उसी प्रजाति के दूसरे पौधे के फूल पर गिरते हैं (हवा, कीट या जल द्वारा)।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: यह अलैंगिक जनन की विधि है जिसमें एक परिपक्व अमीबा का केंद्रक (Nucleus) दो भागों में बंट जाता है, उसके बाद कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) भी बंट जाता है और दो नए अमीबा (Daughter Amoeba) बन जाते हैं।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 07 छात्र | लैंगिक/अलैंगिक जनन और परागण की प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट है। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 10 छात्र | जनन के प्रकार पता हैं, लेकिन पुष्प के विभिन्न भागों (पुंकेसर/स्त्रीकेसर) में कंफ्यूज हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 08 छात्र | परागण (Pollination) और निषेचन (Fertilization) को एक ही प्रक्रिया मानते हैं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| परागण और निषेचन को समान समझना। | परागण केवल परागकणों का पहुँचना है (हवा/कीट द्वारा), जबकि निषेचन नर और मादा युग्मक का मिलना है। | प्रक्रियात्मक विलय (Merging Concepts) | दोनों प्रक्रियाओं के क्रम को स्पष्ट रूप से न समझना। |
| पुष्प के नर और मादा भागों को पहचानने में गलती। | पुंकेसर (Stamen) नर भाग है, स्त्रीकेसर (Pistil/Carpel) मादा भाग है। | शब्दावली भ्रम (Vocabulary Gap) | फूल का विच्छेदन (Dissection) न करना। |
| अमीबा और हाइड्रा में जनन विधि को मिला देना। | अमीबा में द्विखंडन (Binary Fission) होता है, हाइड्रा में मुकुलन (Budding)। | तथ्यात्मक त्रुटि | चित्रों का बारीकी से अध्ययन न करना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 08 छात्र एवं श्रेणी-B के कुछ छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): गुड़हल (Hibiscus) का ताजा फूल, चिमटी, ब्लेड, आवर्धक लेंस (Magnifying Glass), स्मार्ट क्लास।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | फूल का विच्छेदन (Flower Dissection) गुड़हल के फूल को ब्लेड से काटकर छात्रों को पुंकेसर (परागकोश) और स्त्रीकेसर (अंडाशय) लाइव दिखाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | परागण vs निषेचन की कहानी चिट्ठी (परागकण) के पोस्ट बॉक्स (वर्तिकाग्र) तक पहुँचने को परागण, और उसे पढ़कर काम शुरू होने को निषेचन के रूप में समझाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | अमीबा और हाइड्रा का एनीमेशन स्मार्टबोर्ड पर द्विखंडन (टूटकर दो होना) और मुकुलन (शरीर से कली/Bud निकलना) का एनीमेशन दिखाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | लैंगिक vs अलैंगिक चार्ट मेकिंग छात्रों द्वारा दोनों प्रकार के जनन का तुलनात्मक चार्ट बनाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | क्विज़ प्रतियोगिता जनन के प्रकार, अंगों के नाम और प्रक्रियाओं पर आधारित एक छोटी कक्षा-क्विज़। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(क) अमीबा [ मुकुलन ]
(ख) हाइड्रा [ पुंकेसर ]
(ग) नर जननांग [ द्विखंडन ]
प्रश्न 2. सत्य/असत्य बताएँ:
(i) परागण हवा, जल और कीटों द्वारा हो सकता है। [ ]
(ii) गुलाब के तने को काटकर नया पौधा लगाना लैंगिक जनन का उदाहरण है। [ ]
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
गुड़हल के फूल के विच्छेदन (Dissection) से छात्रों ने नर और मादा भागों को हमेशा के लिए याद कर लिया। ‘चिट्ठी’ वाले उदाहरण से परागण और निषेचन का अंतर एकदम स्पष्ट हो गया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 06 | 05 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | अमीबा और हाइड्रा की जनन विधि में अंतर स्पष्ट हुआ। |
| छात्र 13 | 04 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | परागण और निषेचन को अब अलग-अलग प्रक्रिया मानता है। |
| छात्र 21 | 07 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | पुष्प के सभी अंगों के नाम और कार्य सही-सही बताता है। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“बायोलॉजी में शब्दों (Terms) का बहुत महत्व है। जब तक बच्चा अपने हाथ से फूल को खोलकर (Dissect) नहीं देखता, पुंकेसर और स्त्रीकेसर केवल रटे हुए शब्द ही बने रहते हैं। प्रायोगिक विधि सबसे कारगर रही।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 7: सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु (Microorganisms: Friend & Foe) – For Class 8-9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 8 एवं 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | वर्गीकरण आधारित प्रश्न, सत्य/असत्य एवं उपयोग/हानि का विश्लेषण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- सूक्ष्मजीवों के प्रमुख चार वर्गों (Bacteria, Fungi, Protozoa, Algae) एवं वायरस से परिचित कराना।
- दैनिक जीवन (दही, ब्रेड, दवा) में सूक्ष्मजीवों की उपयोगिता को समझाना।
- सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले रोगों (रोगजनक) और खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning) के बारे में बताना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ प्रश्न — [अंक: 10]
(i) दूध को दही में बदलने वाला जीवाणु (Bacteria) कौन सा है?
(अ) राइज़ोबियम (ब) लैक्टोबैसिलस (स) यीस्ट (द) पेनिसिलिन [ ]
(ii) मलेरिया रोग किस सूक्ष्मजीव के कारण होता है?
(अ) प्रोटोजोआ (प्लाज्मोडियम) (ब) वायरस (स) कवक (Fungi) (द) जीवाणु [ ]
(iii) सबसे पहली एंटीबायोटिक (Antibiotic) ‘पेनिसिलिन’ की खोज किसने की थी?
(अ) लुई पाश्चर (ब) अलेक्जेंडर फ्लेमिंग (स) एडवर्ड जेनर (द) रॉबर्ट कोच [ ]
प्रश्न 2. सत्य या असत्य बताइए: (3 × 1 = 3 अंक)
(i) सभी सूक्ष्मजीव हमारे लिए हानिकारक होते हैं। [ ]
(ii) यीस्ट का उपयोग बेकिंग उद्योग (ब्रेड बनाने) में किया जाता है। [ ]
(iii) वायरस (विषाणु) केवल सजीव कोशिका के अंदर ही गुणन (Multiply) करते हैं। [ ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) चीनी के एल्कोहल में बदलने की प्रक्रिया को ____________ (Fermentation) कहते हैं।
(b) दलहनी पौधों की जड़ों में ____________ नामक जीवाणु नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है।
(c) पोलियो और खसरा (Measles) ____________ के कारण होने वाले रोग हैं। (विषाणु / जीवाणु)
(d) रोग फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों को ____________ कहते हैं।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): ‘वैक्सीन’ (टीका) हमारे शरीर में कैसे काम करती है? (3 अंक)
प्रश्न 6. खाद्य परिरक्षण (Food Preservation) के किन्हीं दो सामान्य तरीकों के नाम लिखिए। (3 अंक)
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (लैक्टोबैसिलस), (ii) अ (प्रोटोजोआ), (iii) ब (अलेक्जेंडर फ्लेमिंग)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (i) असत्य, (ii) सत्य, (iii) सत्य।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) किण्वन, (b) राइज़ोबियम, (c) विषाणु (Virus), (d) रोगजनक (Pathogens)।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) दही, पनीर और ब्रेड बनाने में। (2) एंटीबायोटिक दवाइयां और वैक्सीन बनाने में। (3) मिट्टी की उर्वरता (नाइट्रोजन स्थिरीकरण) बढ़ाने और पर्यावरण को साफ करने में (अपघटक)।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: वैक्सीन में मृत या निष्क्रिय सूक्ष्मजीव होते हैं। जब ये शरीर में डाले जाते हैं, तो हमारा शरीर ‘एंटीबॉडी’ बनाता है, जो भविष्य में उस बीमारी के असली रोगाणु से हमारी रक्षा करती है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (1) नमक और चीनी द्वारा (जैसे अचार, मुरब्बा)। (2) तेल और सिरके (Vinegar) का उपयोग करके। (3) पाश्चुरीकरण (दूध को गर्म कर ठंडा करना)।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | सूक्ष्मजीवों के वर्गीकरण और उनके लाभ-हानि दोनों को अच्छे से समझते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | उपयोग पता हैं, लेकिन रोग फैलाने वाले सूक्ष्मजीव (Virus vs Bacteria) में भ्रमित हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | कवक (Fungi), वायरस और प्रोटोजोआ में अंतर नहीं कर पाते। वैक्सीन का सिद्धांत नहीं समझते। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| सभी बीमारियों को ‘वायरस’ या ‘बैक्टीरिया’ के कारण मानना (मलेरिया को भी)। | मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक प्रोटोजोआ से होता है, डेंगू वायरस से होता है, और टाइफाइड बैक्टीरिया से। | वर्गीकरण संबंधी त्रुटि | रोगजनकों की विविधता को रटने का प्रयास, कॉन्सेप्ट क्लियर न होना। |
| वैक्सीन को सामान्य दवा (एंटीबायोटिक) समझ लेना। | एंटीबायोटिक बैक्टीरिया को मारती है (बीमारी होने के बाद)। वैक्सीन बीमारी होने से पहले (Prevention) दी जाती है। | अवधारणात्मक गैप | Prevention (बचाव) और Cure (इलाज) के बीच अंतर न समझना। |
| यीस्ट और लैक्टोबैसिलस को एक ही वर्ग (Bacteria) का मानना। | लैक्टोबैसिलस एक बैक्टीरिया है, जबकि यीस्ट एक कवक (Fungi) है। | तथ्यात्मक भ्रम | वर्गों (Categories) के उदाहरण स्पष्ट न होना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 07 छात्र एवं श्रेणी-B के 08 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): ब्रेड मोल्ड (कवक लगी ब्रेड), दही, माइक्रोस्कोप, रोग-रोगजनक चार्ट, स्मार्टबोर्ड।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | फंगस (Fungi) का दर्शन कक्षा में 2-3 दिन पुरानी गीली ब्रेड लाकर उस पर लगी फंगस (राइजोपस) को आवर्धक लेंस से दिखाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | बीमारी और उनके दुश्मन (Match the following) चार्ट पर बीमारियों (मलेरिया, कोविड, टीबी) और उनके रोगजनकों (प्रोटोजोआ, वायरस, बैक्टीरिया) का सही मिलान करवाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | वैक्सीन vs एंटीबायोटिक की कहानी वैक्सीन को ‘ट्रेनिंग कैंप’ (जो सेना को लड़ना सिखाता है) और एंटीबायोटिक को ‘हथियार’ के रूप में समझाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | यीस्ट का जादू (किण्वन) मैदा, चीनी और यीस्ट गूंथकर उसका फूलना (Fermentation) दिखाना, जिससे बेकिंग का कॉन्सेप्ट क्लियर हो। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | फूड प्रिजर्वेशन (Food Preservation) टिप्स बच्चों से पूछना कि उनकी माँ अचार को खराब होने से बचाने के लिए उसमें क्या डालती हैं (नमक, तेल, सिरका)। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(क) बैक्टीरिया: ______________
(ख) कवक (Fungi): ______________
(ग) प्रोटोजोआ: ______________
(घ) वायरस: ______________
प्रश्न 2. रिक्त स्थान भरें:
(i) दूध को सूक्ष्मजीवों से मुक्त करने की विधि ____________ कहलाती है। (पाश्चुरीकरण / किण्वन)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
ब्रेड की फंगस और मैदा फूलने के प्रयोग से सूक्ष्मजीवों की उपस्थिति का साक्षात प्रमाण मिला। ‘ट्रेनिंग कैंप’ वाले उदाहरण से वैक्सीन और दवा का अंतर भी स्पष्ट हो गया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 04 | 05 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | रोगजनकों का सही वर्गीकरण कर लेता है। |
| छात्र 10 | 06 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | वैक्सीन और एंटीबायोटिक का अंतर समझ आ गया। |
| छात्र 17 | 04 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | खाद्य परिरक्षण के दैनिक उदाहरणों को विज्ञान से जोड़ पा रहा है। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“सूक्ष्मजीव अदृश्य होते हैं, इसलिए बच्चों को उन्हें समझने में मुश्किल होती है। लेकिन दही और ब्रेड मोल्ड जैसे दैनिक जीवन के उदाहरणों से यह विषय बहुत ही रोचक और व्यावहारिक बन जाता है।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 8: नियंत्रण एवं समन्वय (Control & Coordination) – For Class 10
Micro Teaching Lesson Plan
सूक्ष्म शिक्षण डायरी: शिक्षण कौशलों (प्रस्तावना, श्यामपट्ट, प्रश्न कौशल आदि) का विकास करने के लिए तैयार की जाने वाली डायरी।
School Observation Diary
विद्यालय अवलोकन डायरी: विद्यालय की गतिविधियों, प्रार्थना सभा और कक्षा-कक्ष के सूक्ष्म अवलोकन (Observation) पर आधारित रिपोर्ट।
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 24 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | डायग्राम आधारित (मस्तिष्क/न्यूरॉन), कार्य-प्रणाली और हार्मोनल प्रभाव का विश्लेषण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- तंत्रिका कोशिका (Neuron) की संरचना और कार्यप्रणाली को समझाना।
- मानव मस्तिष्क (Human Brain) के विभिन्न भागों और उनके कार्यों को स्पष्ट करना।
- मानव शरीर की प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों (Endocrine Glands) और उनके हॉर्मोन्स के कार्यों को बताना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) मानव शरीर की सबसे लंबी कोशिका कौन सी है?
(अ) पेशी कोशिका (ब) तंत्रिका कोशिका (Neuron) (स) अस्थि कोशिका (द) श्वेत रक्त कोशिका [ ]
(ii) शरीर का संतुलन (Body Posture/Balance) मस्तिष्क का कौन सा भाग नियंत्रित करता है?
(अ) सेरेब्रम (प्रमस्तिष्क) (ब) मेडुला (स) सेरेबेलम (अनुमस्तिष्क) (द) हाइपोथैलेमस [ ]
(iii) मधुमेह (Diabetes) रोग किस हार्मोन की कमी से होता है?
(अ) थायरॉक्सिन (ब) इंसुलिन (स) एड्रीनलीन (द) वृद्धि हार्मोन [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (ग्रंथि और हार्मोन): (3 अंक)
(क) थायरॉइड ग्रंथि [ इंसुलिन ]
(ख) अग्न्याशय (Pancreas) [ वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone) ]
(ग) पीयूष ग्रंथि (Pituitary) [ थायरॉक्सिन ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) दो तंत्रिका कोशिकाओं (Neurons) के मध्य के खाली स्थान को ____________ (Synapse) कहते हैं।
(b) सोचने, समझने और याद रखने का कार्य मस्तिष्क के ____________ भाग में होता है। (सेरेब्रम / मेडुला)
(c) ‘लड़ो या भागो’ (Fight or Flight) स्थिति में ____________ हार्मोन स्रावित होता है।
(d) प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) का नियंत्रण मुख्य रूप से ____________ (Spinal Cord) द्वारा होता है।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) को ‘मास्टर ग्रंथि’ क्यों कहा जाता है? (3 अंक)
प्रश्न 6. तंत्रिका कोशिका (Neuron) का एक नामांकित चित्र बनाइए। (केवल भागों के नाम लिखें – डेंड्राइट, एक्सॉन, कोशिका काय) (4 अंक)
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (तंत्रिका कोशिका), (ii) स (सेरेबेलम), (iii) ब (इंसुलिन)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) थायरॉक्सिन, (ख) इंसुलिन, (ग) वृद्धि हार्मोन।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) सिनैप्स (Synapse), (b) सेरेब्रम (प्रमस्तिष्क), (c) एड्रीनलीन, (d) मेरुरज्जु (Spinal Cord)।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: किसी उद्दीपन के प्रति शरीर की अचानक, तेज और अनैच्छिक प्रतिक्रिया प्रतिवर्ती क्रिया कहलाती है। उदाहरण: गर्म बर्तन को अचानक छूने पर तुरंत हाथ हटा लेना।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: पीयूष ग्रंथि शरीर की अन्य सभी अंतःस्रावी ग्रंथियों (जैसे थायरॉइड, एड्रिनल) के स्राव (Hormones) को नियंत्रित करती है, इसीलिए इसे मास्टर ग्रंथि कहते हैं।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (छात्रों को डेंड्राइट, केंद्रक, कोशिका काय, तंत्रिकाक्ष/एक्सॉन, और तंत्रिका का अंतिम सिरा दर्शाना है।)
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 07 छात्र | हॉर्मोन्स के कार्य, मस्तिष्क के भाग और न्यूरॉन की संरचना एकदम स्पष्ट है। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 09 छात्र | हॉर्मोन्स याद हैं, लेकिन सेरेब्रम, सेरेबेलम और मेडुला के कार्यों में उलझन है। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 08 छात्र | Reflex Action (प्रतिवर्ती क्रिया) और मस्तिष्क के कार्यों में भ्रमित हैं। न्यूरॉन का चित्र बनाने में असमर्थ हैं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| सेरेब्रम (Cerebrum) और सेरेबेलम (Cerebellum) के कार्यों को मिला देना। | सेरेब्रम सोचने/स्मृति का काम करता है, सेरेबेलम शरीर का संतुलन (चलना, साइकिल चलाना) बनाता है। | शब्दावली/ध्वनि आधारित भ्रम | दोनों शब्दों के उच्चारण (Cerebrum/Cerebellum) में समानता। |
| गर्म वस्तु छूने पर मस्तिष्क द्वारा हाथ हटाने का आदेश देना (ऐसा मानना)। | प्रतिवर्ती क्रियाओं (Reflex Actions) का नियंत्रण तुरंत मेरुरज्जु (Spinal Cord) द्वारा होता है, मस्तिष्क तक सूचना बाद में पहुँचती है। | अवधारणात्मक त्रुटि | केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) की पदानुक्रमिक (Hierarchical) कार्यप्रणाली को न समझना। |
| इंसुलिन और एड्रीनलीन के कार्यों में भ्रम। | इंसुलिन शुगर लेवल कंट्रोल करता है, एड्रीनलीन आपात स्थिति (डर, गुस्सा) में शरीर को तैयार करता है। | तथ्यात्मक त्रुटि | दैनिक जीवन के रोगों (डायबिटीज) से कॉन्सेप्ट को न जोड़ पाना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 17 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): न्यूरॉन का मॉडल, स्मार्टबोर्ड (Brain 3D Animation), फ्लैश कार्ड्स।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | न्यूरॉन की आकृति अपने हाथ की हथेली और उंगलियों (Dendrites) और बांह (Axon) का उपयोग करके न्यूरॉन की संरचना को समझाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | मस्तिष्क के 3 बॉस सेरेब्रम को ‘सोचने वाला बॉस’, सेरेबेलम को ‘जिम्नास्ट’ (संतुलन), और मेडुला को ‘ऑटोमैटिक मशीन’ (हार्टबीट) के रूप में समझाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | रिफ्लेक्स एक्शन (Reflex Action) का नाटक गर्म वस्तु छूने का नाटक करना, जहाँ एक छात्र ‘मेरुरज्जु’ बनकर तुरंत हाथ हटाने का सिग्नल (बटन) दबाता है। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | हार्मोनल मैचिंग (Hormone Matching Game) ग्रंथियों और उनसे जुड़ी बीमारियों (जैसे थायरॉइड-घेंघा, अग्न्याशय-मधुमेह) का फ्लैश कार्ड द्वारा मिलान। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | एड्रीनलीन का रोमांच अचानक कुत्ता पीछे पड़ने (Emergency Situation) का उदाहरण देकर एड्रीनलीन (Fight or Flight) के कार्य को रोचक ढंग से समझाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(क) सोचने का कार्य [ सेरेबेलम ]
(ख) शरीर का संतुलन [ मेडुला ]
(ग) अनैच्छिक क्रियाएं (धड़कन) [ सेरेब्रम ]
प्रश्न 2. रिक्त स्थान भरें:
(i) आपात स्थिति में ____________ हार्मोन निकलता है।
(ii) दो न्यूरॉन्स के बीच की गैप को ____________ कहते हैं।
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
हाथ को न्यूरॉन मानकर समझाने से बच्चों को संरचना हमेशा के लिए याद हो गई। ‘कुत्ते वाले उदाहरण’ से एड्रीनलीन हार्मोन का कार्य भी स्पष्ट रूप से समझ आ गया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 03 | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | सेरेब्रम और सेरेबेलम के कार्यों का अंतर स्पष्ट हुआ। |
| छात्र 12 | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | Reflex Action में Spinal Cord की भूमिका समझ आ गई। |
| छात्र 23 | 07 / 20 | 18 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | सभी ग्रंथियों और उनके हॉर्मोन्स सही ढंग से मिला सकता है। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“मस्तिष्क और अंतःस्रावी ग्रंथियों का कार्य अमूर्त (Abstract) होता है। इसे दैनिक जीवन के उदाहरणों (साइकिल चलाना, डर लगना, मधुमेह) और रोल-प्ले (रिफ्लेक्स एक्शन) से जोड़ना सबसे प्रभावी शिक्षण विधि रही।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 9: आनुवंशिकता एवं जैव विकास (Heredity & Evolution) – For Class 10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | सिद्धांत आधारित, क्रॉस (Cross) बनाने और तार्किक समझ पर आधारित परीक्षा। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- आनुवंशिकता (Heredity) और विभिन्नताओं (Variations) का अर्थ स्पष्ट करना।
- मेंडल के मटर के पौधे पर किए गए प्रयोगों और वंशागति के नियमों को समझाना।
- प्रभावी (Dominant) और अप्रभावी (Recessive) लक्षणों के बीच अंतर करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ प्रश्न — [अंक: 10]
(i) आनुवंशिकी (Genetics) का जनक किसे कहा जाता है?
(अ) चार्ल्स डार्विन (ब) ग्रेगर जॉन मेंडल (स) लैमार्क (द) न्यूटन [ ]
(ii) मेंडल ने अपने प्रयोगों के लिए किस पौधे का चयन किया था?
(अ) चना (ब) गुलाब (स) उद्यान मटर (Garden Pea) (द) गुड़हल [ ]
(iii) मानव में क्रोमोसोम (गुणसूत्र) की कुल संख्या कितनी होती है?
(अ) 22 जोड़े (ब) 23 जोड़े (स) 46 जोड़े (द) 24 जोड़े [ ]
प्रश्न 2. सत्य या असत्य बताइए: (3 × 1 = 3 अंक)
(i) जीन (Gene), डीएनए (DNA) का एक खंड है। [ ]
(ii) लड़कियों में लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosomes) XY होते हैं। [ ]
(iii) उपार्जित लक्षण (जैसे तैरना सीखना) अगली पीढ़ी में स्थानांतरित नहीं होते। [ ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) जो लक्षण F1 पीढ़ी में स्वयं को प्रकट करते हैं, उन्हें ____________ (प्रभावी / अप्रभावी) लक्षण कहते हैं।
(b) आनुवंशिक सूचनाओं का वाहक ____________ होता है। (DNA / RNA)
(c) लड़कों में लिंग गुणसूत्र ____________ होते हैं। (XX / XY)
(d) एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में लक्षणों के संचरण को ____________ कहते हैं।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण (Sex Determination) कैसे होता है? (4 अंक)
प्रश्न 6. प्रभावी (Dominant) और अप्रभावी (Recessive) लक्षण में क्या अंतर है? (2 अंक)
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (ग्रेगर जॉन मेंडल), (ii) स (उद्यान मटर), (iii) ब (23 जोड़े या 46)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (i) सत्य, (ii) असत्य (लड़कियों में XX होते हैं), (iii) सत्य।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) प्रभावी (Dominant), (b) DNA, (c) XY, (d) आनुवंशिकता (Heredity)।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) मटर के पौधे का जीवन चक्र छोटा होता है (जल्दी परिणाम मिलते हैं)। (2) इसमें स्पष्ट रूप से विपरीत लक्षण (जैसे लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज) पाए जाते हैं। (3) इसमें स्व-परागण और कृत्रिम पर-परागण दोनों आसानी से हो सकते हैं।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: मानव में लिंग निर्धारण पिता के क्रोमोसोम पर निर्भर करता है। माता के पास केवल X गुणसूत्र (XX) होते हैं, जबकि पिता के पास X और Y दोनों (XY) होते हैं। यदि पिता से X गुणसूत्र मिलता है, तो लड़की (XX) होगी, और यदि Y मिलता है, तो लड़का (XY) होगा।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: प्रभावी लक्षण वह है जो F1 पीढ़ी में स्वयं को प्रकट करता है (जैसे T)। अप्रभावी लक्षण वह है जो प्रभावी की उपस्थिति में स्वयं को छिपा लेता है (जैसे t)।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | मेंडल के नियम और लिंग निर्धारण की प्रक्रिया को अच्छी तरह समझते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | मेंडल के पौधे का नाम पता है, लेकिन प्रभावी (Dominant) और अप्रभावी (Recessive) में भ्रम है। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | लिंग निर्धारण (XX/XY) के कांसेप्ट में गलती करते हैं, और क्रोमोसोम/जीन का अर्थ नहीं समझते। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| लिंग निर्धारण के लिए माता (Mother) को उत्तरदायी मानना। | लिंग निर्धारण पिता के गुणसूत्र (Y क्रोमोसोम) पर निर्भर करता है, क्योंकि माता के पास केवल X क्रोमोसोम होते हैं। | सामाजिक/अवधारणात्मक भ्रम | समाज में व्याप्त पुरानी भ्रांतियां और वैज्ञानिक ज्ञान का अभाव। |
| प्रभावी और अप्रभावी लक्षणों (Dominant/Recessive) को मिला देना। | प्रभावी लक्षण हमेशा खुद को दिखाता है, अप्रभावी तभी दिखता है जब दोनों जीन (tt) समान हों। | परिभाषिक त्रुटि | मेंडल के क्रॉस (TT x tt) को रटना, समझना नहीं। |
| क्रोमोसोम की संख्या को लेकर भ्रम (46 जोड़े vs 23 जोड़े)। | कुल 46 क्रोमोसोम होते हैं, जो 23 जोड़ों (Pairs) में व्यवस्थित होते हैं। | तथ्यात्मक त्रुटि | संख्याओं (जोड़े बनाम कुल) को ध्यान से न पढ़ना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 07 छात्र एवं श्रेणी-B के 08 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): रंगीन कार्ड्स (X, Y के लिए), मटर के बीज, चार्ट पेपर, स्मार्टबोर्ड।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | जीन और क्रोमोसोम क्या हैं? शरीर को ‘किताब’, क्रोमोसोम को ‘पन्ने’ और जीन को ‘शब्द’ मानकर आनुवंशिक जानकारी का अर्थ समझाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | लिंग निर्धारण का खेल (XX – XY Cross) दो डिब्बों में कार्ड (माता: X,X और पिता: X,Y) रखकर बच्चों से आँख बंद करके कार्ड निकलवाना और 50% संभावना दिखाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | मेंडल का बगीचा (मटर के लक्षण) वास्तविक मटर के बीज लाकर गोल/झुर्रीदार और पीले/हरे लक्षणों को प्रत्यक्ष दिखाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | टॉल vs ड्वार्फ (TT x tt) क्रॉस बनाना पुन्नेट वर्ग (Punnett Square) बनाकर ब्लैकबोर्ड पर मोनोहाइब्रिड क्रॉस (T और t का मिलान) का अभ्यास कराना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | प्रभावी (Boss) और अप्रभावी (Silent) प्रभावी जीन को ‘कक्षा के मॉनिटर’ (जो सबको अपनी बात मनवाता है) और अप्रभावी को ‘शांत छात्र’ के रूप में समझाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) यदि पिता से Y गुणसूत्र मिले, तो संतान (लड़का / लड़की) होगी।
(ii) मानव कोशिका में क्रोमोसोम के (23 / 46) जोड़े होते हैं।
प्रश्न 2. चित्र में दिए गए क्रॉस को पूरा करें:
जनक (Parents): TT (लंबा) x tt (बौना)
F1 पीढ़ी: ______________ (लंबे या बौने?)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
कार्ड गेम (X, Y) से लिंग निर्धारण का कांसेप्ट बिलकुल स्पष्ट हो गया और सामाजिक भ्रांति भी दूर हुई। ‘प्रभावी-अप्रभावी’ को बॉस और शांत छात्र के उदाहरण से बच्चे जल्दी समझ गए।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 02 | 05 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | लिंग निर्धारण में पिता (Y क्रोमोसोम) की भूमिका स्पष्ट हुई। |
| छात्र 11 | 06 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | TT x tt क्रॉस (Punnett Square) सही ढंग से बनाने लगा। |
| छात्र 19 | 04 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | क्रोमोसोम की कुल संख्या (46) और जोड़े (23) में अब भ्रम नहीं है। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“आनुवंशिकता के सिद्धांत काफी गणितीय और तार्किक हैं। Punnett Square का सीधे अभ्यास कराने के बजाय ‘प्रायिकता (Probability) गेम्स’ (जैसे कार्ड खींचना) से इसे पढ़ाना बहुत आसान और मजेदार रहा।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 10: हमारा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र (Environment & Ecosystem) – For Class 9-10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 एवं 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 25 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | पर्यावरणीय समस्याओं पर आधारित, खाद्य श्रृंखला निर्माण एवं वैचारिक प्रश्न। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के जैविक (Biotic) और अजैविक (Abiotic) घटकों को समझना।
- खाद्य श्रृंखला (Food Chain) और खाद्य जाल (Food Web) में अंतर स्पष्ट करना।
- पोषी स्तर (Trophic Levels) और ऊर्जा प्रवाह (10% का नियम) को समझाना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान प्रश्न — [अंक: 10]
(i) किसी खाद्य श्रृंखला की शुरुआत हमेशा किससे होती है?
(अ) शाकाहारी (ब) मांसाहारी (स) उत्पादक (हरे पौधे) (द) अपघटक [ ]
(ii) ओजोन परत (Ozone Layer) सूर्य से आने वाली किन हानिकारक किरणों से हमारी रक्षा करती है?
(अ) इन्फ्रारेड किरणें (ब) पराबैंगनी (UV) किरणें (स) एक्स-रे (द) रेडियो तरंगें [ ]
(iii) एक पोषी स्तर से अगले पोषी स्तर तक औसतन कितनी ऊर्जा स्थानांतरित होती है?
(अ) 100% (ब) 50% (स) 10% (द) 1% [ ]
प्रश्न 2. सही खाद्य श्रृंखला (Food Chain) का क्रम बनाएँ: (3 अंक)
क्रम: मेंढक, घास, साँप, टिड्डा, चील
उत्तर: ____________ ➔ ____________ ➔ ____________ ➔ ____________ ➔ ____________
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) पर्यावरण के निर्जीव घटक (जैसे हवा, पानी, मिट्टी) को ____________ घटक कहते हैं। (जैविक / अजैविक)
(b) जो जीव अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, उन्हें ____________ (उत्पादक / उपभोक्ता) कहते हैं।
(c) ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाला मुख्य रसायन ____________ (CFC / CO2) है।
(d) बहुत सी खाद्य श्रृंखलाओं के आपस में जुड़ने से ____________ (खाद्य जाल / पोषी स्तर) बनता है।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): अपघटकों (Decomposers) का पर्यावरण में क्या महत्त्व है? यदि ये न हों तो क्या होगा? (4 अंक)
प्रश्न 6. ऊर्जा का प्रवाह पारिस्थितिकी तंत्र में हमेशा एकदिशिक (Unidirectional) क्यों होता है? (2 अंक)
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) स (उत्पादक), (ii) ब (पराबैंगनी/UV किरणें), (iii) स (10%)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: घास ➔ टिड्डा ➔ मेंढक ➔ साँप ➔ चील।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) अजैविक (Abiotic), (b) उत्पादक (Producers), (c) CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन), (d) खाद्य जाल (Food Web)।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: खाद्य श्रृंखला जीवों का एक सीधा क्रम है जिसमें एक जीव दूसरे को खाता है (जैसे घास➔हिरण➔शेर)। खाद्य जाल कई खाद्य श्रृंखलाओं का एक नेटवर्क है, क्योंकि एक जीव कई प्रकार के जीवों को खा सकता है। यह प्रकृति में अधिक स्थायी होता है।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: अपघटक (जीवाणु और कवक) मरे हुए जीवों और कचरे को सड़ाकर उन्हें वापस मिट्टी (पोषक तत्वों) में मिला देते हैं। यदि ये न हों, तो पृथ्वी पर मरे हुए जीवों और कचरे का ढेर लग जाएगा और मिट्टी में पोषक तत्व खत्म हो जाएंगे।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: क्योंकि ऊर्जा सूर्य से पौधों में, पौधों से शाकाहारी में, और शाकाहारी से मांसाहारी में जाती है। यह कभी भी मांसाहारी से वापस पौधों की ओर या सूर्य की ओर नहीं लौटती।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 08 छात्र | Ecosystem के घटक और 10% ऊर्जा नियम को स्पष्ट रूप से समझते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 10 छात्र | खाद्य श्रृंखला बना लेते हैं, लेकिन खाद्य जाल (Food Web) और अपघटकों के कार्य में भ्रमित हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | ऊर्जा प्रवाह और Trophic Levels के कांसेप्ट में बहुत अधिक कंफ्यूजन है। ओजोन और ग्लोबल वार्मिंग को एक मानते हैं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| खाद्य श्रृंखला को उल्टा बनाना (जैसे शेर➔हिरण➔घास)। | खाद्य श्रृंखला हमेशा उत्पादक (घास) से शुरू होती है, क्योंकि ऊर्जा सूर्य से पहले पौधों में आती है। | दिशात्मक भ्रम (Directional Error) | तीर (Arrow) का अर्थ ‘कौन किसको खा रहा है’ की बजाय ‘कौन बड़ा है’ समझना। |
| ओजोन परत के क्षरण और ग्लोबल वार्मिंग को एक ही समस्या समझना। | ओजोन का क्षरण CFC गैस से होता है जिससे UV किरणें आती हैं। ग्लोबल वार्मिंग CO2 बढ़ने से पृथ्वी का तापमान बढ़ना है। | समस्याओं का मिश्रण (Overlapping Concepts) | पर्यावरणीय समस्याओं के कारणों को अलग-अलग न समझना। |
| अपघटकों (Decomposers) और उपभोक्ताओं (Consumers) को एक मानना। | उपभोक्ता जीवित जीवों को खाते हैं, जबकि अपघटक मरे और सड़े-गले पदार्थों से पोषण लेते हैं और उन्हें मिट्टी में मिलाते हैं। | वर्गीकरण संबंधी त्रुटि | प्रकृति के चक्र (Nutrient Cycle) को पूरी तरह से न समझना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 17 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): रंगीन तीर (Arrows), जानवरों और पौधों के फ्लैश कार्ड, पिरामिड मॉडल, स्मार्टबोर्ड।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | खाद्य श्रृंखला का खेल छात्रों को अलग-अलग जानवरों के कार्ड पहनाकर उन्हें सही क्रम (घास➔टिड्डा➔मेंढक) में खड़ा करना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | तीर (Arrow) का रहस्य तीर के निशान का मतलब समझाना: ‘ऊर्जा किस तरफ जा रही है’ (घास से हिरण के पेट में)। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | खाद्य जाल (Food Web) बुनना कक्षा में ऊन के धागों से अलग-अलग जीवों को जोड़कर एक जाला (Web) बनाना, जिससे पता चले प्रकृति कितनी जुड़ी हुई है। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | 10% ऊर्जा पिरामिड एक पिरामिड चार्ट पर दिखाना कि ऊपर जाने पर ऊर्जा (खाना) कैसे कम होता जाता है (शेर की संख्या हिरण से कम क्यों होती है)। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | ओजोन vs ग्लोबल वार्मिंग ओजोन को ‘छतरी’ (जो UV किरणों को रोकती है) और CO2 को ‘कंबल’ (जो पृथ्वी को गर्म करता है) के रूप में समझाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(अ) साँप ➔ मेंढक ➔ टिड्डा ➔ घास
(ब) घास ➔ टिड्डा ➔ मेंढक ➔ साँप
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(i) मरे हुए जीवों को सड़ाने का काम ____________ करते हैं। (अपघटक / शाकाहारी)
(ii) ओजोन परत हमें ____________ किरणों से बचाती है। (UV / X-ray)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
ऊन के धागे वाली गतिविधि से ‘खाद्य जाल’ (Food Web) बहुत आसानी से समझ आ गया। ‘छतरी’ और ‘कंबल’ के उदाहरण से ओजोन परत और ग्लोबल वार्मिंग का अंतर एकदम स्पष्ट हो गया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 05 | 06 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | अब खाद्य श्रृंखला में तीर (Arrow) सही दिशा में लगाता है। |
| छात्र 14 | 07 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | ओजोन क्षरण और ग्लोबल वार्मिंग में स्पष्ट अंतर कर सकता है। |
| छात्र 25 | 04 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | अपघटकों की भूमिका और महत्व समझ गया है। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“पर्यावरण विज्ञान को रटाने के बजाय अगर कक्षा में धागों से जाल बुनने (Food Web) जैसी इंटरएक्टिव गतिविधियां कराई जाएं, तो छात्रों को पारिस्थितिकी का परस्पर संबंध (Interdependence) बहुत आसानी से समझ आ जाता है।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 11: अम्ल, क्षारक एवं लवण (Acids, Bases & Salts) – For Class 7-10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | प्रयोगशाला आधारित वस्तुनिष्ठ परीक्षा, मिलान गतिविधियाँ एवं व्यावहारिक मूल्यांकन। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- छात्रों को अम्ल और क्षारक की पहचान करने के लिए सूचकों (Indicators) का उपयोग सिखाना।
- pH स्केल की अवधारणा और दैनिक जीवन में इसके महत्व को समझाना।
- उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction) के उत्पाद (लवण और जल) को समझाना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है?
(अ) अम्ल (ब) क्षारक (स) लवण (द) जल [ ]
(ii) शुद्ध जल का pH मान कितना होता है?
(अ) 0 (ब) 7 (स) 14 (द) 5 [ ]
(iii) जब अम्ल और क्षारक आपस में अभिक्रिया करते हैं, तो क्या बनता है?
(अ) केवल लवण (ब) केवल जल (स) लवण और जल (द) गैस [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (पदार्थ और उनकी प्रकृति): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) नींबू का रस [ क्षारीय प्रकृति / अम्लीय प्रकृति ]
(ख) साबुन का घोल [ अम्लीय प्रकृति / क्षारीय प्रकृति ]
(ग) नमक का घोल [ क्षारीय प्रकृति / उदासीन प्रकृति ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) हल्दी एक ____________ सूचक है। (प्राकृतिक / कृत्रिम)
(b) अम्ल स्वाद में ____________ होते हैं। (खट्टे / कड़वे)
(c) pH स्केल पर 7 से कम मान ____________ विलयन को दर्शाता है। (अम्लीय / क्षारीय)
(d) उदासीनीकरण अभिक्रिया में ऊष्मा ____________ होती है। (उत्पन्न / अवशोषित)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): उदासीनीकरण अभिक्रिया का एक उदाहरण रासायनिक समीकरण सहित लिखिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) फिनोल्फथेलिन क्षारीय माध्यम में गुलाबी रंग देता है। [ ]
(ii) चींटी के डंक में क्षारक होता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) अ (अम्ल), (ii) ब (7), (iii) स (लवण और जल)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) अम्लीय प्रकृति, (ख) क्षारीय प्रकृति, (ग) उदासीन प्रकृति।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) प्राकृतिक, (b) खट्टे, (c) अम्लीय, (d) उत्पन्न।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: pH स्केल विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता मापने का पैमाना है। pH 2 वाला विलयन प्रबल अम्ल होगा।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: NaOH (क्षारक) + HCl (अम्ल) → NaCl (लवण) + H₂O (जल)।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) असत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 06 छात्र | pH स्केल और उदासीनीकरण अभिक्रिया की गहरी समझ है। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | अम्ल-क्षारक पहचानते हैं, लेकिन pH मान और प्रबलता में भ्रम है। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 06 छात्र | सूचकों के रंग परिवर्तन और उदासीनीकरण में भारी भ्रम है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| pH 14 को सबसे प्रबल अम्ल मानना। | pH 14 सबसे प्रबल क्षारक होता है, जबकि pH 0 प्रबल अम्ल होता है। | स्केल दिशा में भ्रम (Scale Direction Error) | संख्यात्मक मान बढ़ने को अम्लीयता बढ़ने से जोड़ लेना। |
| हल्दी पर अम्ल डालने से लाल रंग होना मानना। | हल्दी अम्ल में पीली ही रहती है, जबकि क्षारक में लाल हो जाती है। | सूचक रंग भ्रम (Indicator Color Confusion) | विभिन्न सूचकों के रंग परिवर्तनों को रटने का प्रयास। |
| उदासीनीकरण में केवल जल बनने का विचार। | उदासीनीकरण में जल के साथ-साथ लवण भी बनता है। | अपूर्ण रासायनिक समझ (Incomplete Chemical Understanding) | अभिक्रिया के सभी उत्पादों पर ध्यान न देना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 06 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): लिटमस पेपर, हल्दी का लेप, साबुन का घोल, नींबू, pH चार्ट।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | जादुई रंग परिवर्तन (Indicators Activity) हल्दी और लिटमस पेपर का उपयोग करके नींबू (अम्ल) और साबुन (क्षारक) का परीक्षण करना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | pH स्केल की सीढ़ी (pH Scale Visual) 0 से 14 तक की सीढ़ी का चित्र बनाकर 7 को उदासीन, नीचे अम्ल और ऊपर क्षारक के रूप में प्रदर्शित करना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | उदासीनीकरण का प्रयोग (Neutralization Lab) एसिड और बेस को मिलाकर नमक (लवण) बनने की प्रक्रिया को मॉडल के जरिए समझाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | दैनिक जीवन में pH (Real-life pH) दांतों की सड़न, मिट्टी का pH और चींटी के डंक के उदाहरणों पर चर्चा। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | रैपिड फायर क्विज़ विभिन्न पदार्थों के नाम लेकर उन्हें अम्ल या क्षारक में वर्गीकृत करने का खेल। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) लाल लिटमस को नीला करे — (अम्ल / क्षारक) [ ]
(ii) pH 2 का मतलब — (दुर्बल अम्ल / प्रबल अम्ल) [ ]
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) उदासीनीकरण से ____________ और जल बनते हैं। (लवण / गैस)
(ख) रक्त का pH लगभग ____________ होता है। (7.4 / 5.2)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
सूचकों के प्रयोग के बाद छात्रों ने रंग परिवर्तन को आसानी से याद कर लिया। pH स्केल को सीढ़ी से जोड़ने पर प्रबल और दुर्बल का भ्रम भी दूर हुआ।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 05 (कक्षा 10) | 04 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | pH स्केल का भ्रम दूर हुआ। |
| छात्र 08 (कक्षा 10) | 06 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | सूचकों के रंग परिवर्तन स्पष्ट हुए। |
| छात्र 11 (कक्षा 10) | 05 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | उदासीनीकरण अभिक्रिया की अवधारणा समझ गया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“अम्ल और क्षारक को केवल रटाने के बजाय हल्दी और साबुन जैसे घरेलू उपयोग वाले सूचकों से समझाने पर छात्रों की रुचि और समझ दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 12: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण (Chemical Reactions & Equations) – For Class 9-10
Criticism Lesson Plan
आलोचना पाठ योजना: साथी छात्र-अध्यापकों द्वारा मूल्यांकन और आलोचना (Criticism) के लिए तैयार की जाने वाली विशिष्ट पाठ योजना।
Sessional Work File
सत्रीय कार्य डायरी: बी.एड. पाठ्यक्रम के सैद्धांतिक विषयों (Theory Papers) के लिए तैयार किए जाने वाले असाइनमेंट (Assignments) का हल।
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जोधपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | समीकरण संतुलन, अभिक्रिया के प्रकार की पहचान एवं बहुविकल्पीय प्रश्न। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- छात्रों को रासायनिक समीकरण को संतुलित (Balance) करने का महत्व और विधि समझाना।
- विभिन्न प्रकार की रासायनिक अभिक्रियाओं (जैसे संयोजन, वियोजन, विस्थापन) की पहचान करना।
- भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) जब मैग्नीशियम रिबन को जलाया जाता है, तो कौन सी गैस निकलती है या अभिक्रिया होती है?
(अ) हाइड्रोजन गैस निकलती है (ब) मैग्नीशियम ऑक्साइड बनता है (स) जल वाष्प बनती है (द) कोई परिवर्तन नहीं [ ]
(ii) रासायनिक समीकरण को किस नियम के आधार पर संतुलित किया जाता है?
(अ) ऊर्जा संरक्षण (ब) द्रव्यमान संरक्षण (स) संवेग संरक्षण (द) आवेश संरक्षण [ ]
(iii) CaO + H₂O → Ca(OH)₂ किस प्रकार की अभिक्रिया है?
(अ) वियोजन (Decomposition) (ब) संयोजन (Combination) (स) विस्थापन (Displacement) (द) द्विविस्थापन [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (अभिक्रिया के प्रकार): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) A + B → AB [ वियोजन / संयोजन ]
(ख) AB → A + B [ वियोजन / विस्थापन ]
(ग) A + BC → AC + B [ विस्थापन / संयोजन ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) लोहे पर जंग लगना एक ____________ परिवर्तन है। (भौतिक / रासायनिक)
(b) श्वसन एक ____________ अभिक्रिया है। (ऊष्माक्षेपी / ऊष्माशोषी)
(c) समीकरण में अभिकारकों (Reactants) को तीर के ____________ ओर लिखा जाता है। (बाईं / दाईं)
(d) विस्थापन अभिक्रिया में अधिक क्रियाशील तत्व ____________ क्रियाशील तत्व को हटा देता है। (अधिक / कम)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): संयोजन (Combination) और वियोजन (Decomposition) अभिक्रियाओं में एक मुख्य अंतर लिखिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) बर्फ का पिघलना एक रासायनिक परिवर्तन है। [ ]
(ii) ऊष्माशोषी अभिक्रिया में ऊष्मा का अवशोषण होता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (मैग्नीशियम ऑक्साइड), (ii) ब (द्रव्यमान संरक्षण), (iii) ब (संयोजन)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) संयोजन, (ख) वियोजन, (ग) विस्थापन।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) रासायनिक, (b) ऊष्माक्षेपी, (c) बाईं, (d) कम।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: 2H₂ + O₂ → 2H₂O
भाग ब – q5: प्रश्न 5: संयोजन में दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं, जबकि वियोजन में एक पदार्थ टूटकर दो या अधिक पदार्थ बनाता है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य, (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | समीकरण संतुलित करना और अभिक्रियाओं के प्रकार अच्छी तरह समझते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 07 छात्र | अभिक्रिया के प्रकार पहचानते हैं, लेकिन समीकरण संतुलित करने में कठिनाई है। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 08 छात्र | Combination और Displacement में भ्रम है, समीकरण संतुलन नहीं आता। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| H₂ + O₂ → H₂O को संतुलित मानना। | ऑक्सीजन के परमाणु दोनों ओर समान नहीं हैं, सही 2H₂ + O₂ → 2H₂O है। | गणितीय/संतुलन त्रुटि (Balancing Error) | परमाणुओं की संख्या गिनने और गुणांक (Coefficients) लगाने की समझ का अभाव। |
| विस्थापन (Displacement) और द्विविस्थापन (Double Displacement) को एक समझना। | विस्थापन में एक तत्व हटाता है, द्विविस्थापन में आयनों का आदान-प्रदान होता है। | पारिभाषिक भ्रम (Conceptual Confusion) | अभिकारकों की संरचना पर ध्यान न देना। |
| बर्फ के पिघलने को रासायनिक परिवर्तन कहना। | बर्फ पिघलना भौतिक परिवर्तन है क्योंकि कोई नया पदार्थ नहीं बनता। | अवधारणात्मक त्रुटि (Conceptual Error) | अवस्था परिवर्तन और रासायनिक परिवर्तन के बीच अंतर स्पष्ट न होना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 08 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): रंगीन ब्लॉक, चार्ट पेपर, द्रव्यमान तराजू का मॉडल।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | भौतिक vs रासायनिक (Real Examples) कागज फाड़ना (भौतिक) और कागज जलाना (रासायनिक) का लाइव प्रदर्शन। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | तराजू का खेल (Balancing Equations) रंगीन ब्लॉक्स का उपयोग करके तराजू के दोनों पलड़ों में परमाणुओं को बराबर करने का खेल। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | जुड़ना और टूटना (Combination & Decomposition) बच्चों के समूहों द्वारा जुड़ने (संयोजन) और अलग होने (वियोजन) का रोल प्ले। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | विस्थापन का नाटक (Displacement Role Play) ताकतवर छात्र द्वारा कमजोर छात्र को कुर्सी से हटाने का नाटक कर विस्थापन समझाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | समीकरण अभ्यास (Worksheet Practice) सरल समीकरणों को ब्लॉक्स की मदद से संतुलित करने का सामूहिक अभ्यास। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) C + O₂ → CO₂ [ ____________ ]
(ii) CaCO₃ → CaO + CO₂ [ ____________ ]
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) समीकरण संतुलित करने के लिए हम ____________ बदलते हैं। (सूत्र / गुणांक)
(ख) प्रकाश संश्लेषण एक ____________ अभिक्रिया है। (ऊष्माशोषी / ऊष्माक्षेपी)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
ब्लॉक्स और तराजू की गतिविधि के बाद छात्रों ने समीकरण संतुलन की प्रक्रिया को गणितीय पहेली की तरह लिया और 80% त्रुटियों में कमी आई।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 02 (कक्षा 10) | 05 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | समीकरण संतुलित करना सीख गया। |
| छात्र 09 (कक्षा 10) | 07 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | संयोजन और वियोजन में अंतर स्पष्ट हुआ। |
| छात्र 14 (कक्षा 10) | 04 / 20 | 13 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | विस्थापन अभिक्रिया को आसानी से पहचानने लगा। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“रासायनिक समीकरणों को केवल ब्लैकबोर्ड पर गणित की तरह हल करने के बजाय ‘तराजू और ब्लॉक्स’ के खेल से समझाने पर बच्चों के लिए यह बहुत आसान और रोचक हो गया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 13: परमाणु की संरचना (Structure of Atom) – For Class 9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, उदयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, समस्थानिक पहचान एवं चित्रात्मक परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- परमाणु के मूलभूत कणों (इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन) के स्थान और आवेश को समझाना।
- विभिन्न कक्षाओं (K, L, M, N) में इलेक्ट्रॉन वितरण (Electron Distribution) का बोहर मॉडल समझाना।
- संयोजकता (Valency) और समस्थानिकों (Isotopes) की अवधारणा को स्पष्ट करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) परमाणु के नाभिक (Nucleus) में कौन से कण पाए जाते हैं?
(अ) इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन (ब) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन (स) केवल इलेक्ट्रॉन (द) इलेक्ट्रॉन और न्यूट्रॉन [ ]
(ii) L कक्षा (Shell) में अधिकतम कितने इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं?
(अ) 2 (ब) 8 (स) 18 (द) 32 [ ]
(iii) सोडियम (Na) की परमाणु संख्या 11 है। इसका सही इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्या होगा?
(अ) 2, 9 (ब) 2, 8, 1 (स) 8, 2, 1 (द) 2, 1, 8 [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (कण और आवेश): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) इलेक्ट्रॉन [ धनात्मक (+) / ऋणात्मक (-) ]
(ख) प्रोटॉन [ कोई आवेश नहीं / धनात्मक (+) ]
(ग) न्यूट्रॉन [ ऋणात्मक (-) / कोई आवेश नहीं (Neutral) ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) एक ही तत्व के परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है, ____________ कहलाते हैं। (समभारिक / समस्थानिक)
(b) बाहरी कक्षा में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों को ____________ इलेक्ट्रॉन कहते हैं। (संयोजी / आंतरिक)
(c) प्रोटॉन की खोज ____________ ने की थी। (थॉमसन / रदरफोर्ड/गोल्डस्टीन)
(d) परमाणु विद्युत रूप से ____________ होता है। (आवेशित / उदासीन)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): बोहर के परमाणु मॉडल के अनुसार K, L, M कक्षाओं का चित्र बनाइए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) कार्बन के समस्थानिक C-12 और C-14 हैं। [ ]
(ii) न्यूट्रॉन परमाणु के बाहर चक्कर लगाते हैं। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (प्रोटॉन और न्यूट्रॉन), (ii) ब (8), (iii) ब (2, 8, 1)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) ऋणात्मक (-), (ख) धनात्मक (+), (ग) कोई आवेश नहीं।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) समस्थानिक, (b) संयोजी, (c) गोल्डस्टीन/रदरफोर्ड, (d) उदासीन।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: विन्यास = 2, 6। संयोजकता = 8 – 6 = 2।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: (चित्र में बीच में नाभिक और बाहर वृत्ताकार कक्षाएं K, L, M दिखानी हैं)
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) असत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और संयोजकता निकालने की स्पष्ट समझ है। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 07 छात्र | कणों के बारे में जानते हैं, लेकिन संयोजकता (Valency) निकालने में भ्रम है। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 08 छात्र | इलेक्ट्रॉन वितरण (2, 8, 18) और समस्थानिकों की अवधारणा में भारी उलझन है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| संयोजी इलेक्ट्रॉन और संयोजकता को समान मानना। | संयोजी इलेक्ट्रॉन बाहरी कक्षा के इलेक्ट्रॉन हैं, संयोजकता 8 में से घटाकर (यदि 4 से ज्यादा हो) निकाली जाती है। | संप्रत्ययात्मक भ्रम (Conceptual Gap) | अष्टक नियम (Octet Rule) की समझ का अभाव। |
| इलेक्ट्रॉन और न्यूट्रॉन के स्थान में भ्रम। | न्यूट्रॉन नाभिक में होते हैं, इलेक्ट्रॉन बाहर चक्कर लगाते हैं। | संरचनात्मक त्रुटि (Structural Error) | परमाणु के 3D मॉडल की बजाय केवल 2D चित्रों पर निर्भरता। |
| समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या भिन्न मानना। | समस्थानिकों में प्रोटॉन समान होते हैं, न्यूट्रॉन भिन्न होते हैं। | परिभाषा भ्रम (Definition Confusion) | परमाणु संख्या और द्रव्यमान संख्या में भेद न कर पाना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 08 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): चूड़ियाँ/रिंग (कक्षाओं के लिए), रंगीन मोती (इलेक्ट्रॉन), परमाणु 3D मॉडल।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | परमाणु का घर (Structure Activity) चूड़ियों को केंद्र (नाभिक) के चारों ओर रखकर 3D परमाणु संरचना बनाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | इलेक्ट्रॉन वितरण का खेल (2, 8, 18) छात्रों को मोती देकर K (2), L (8) कक्षाओं में मोतियों को सजाने का खेल। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | संयोजकता का रहस्य (Octet Rule) 8 का जादुई आंकड़ा समझाना — ‘कितने दिए या कितने लिए’ के जरिए संयोजकता निकालना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | जुड़वां भाई (Isotopes) एक ही शक्ल (प्रोटॉन) लेकिन अलग-अलग वजन (न्यूट्रॉन) वाले जुड़वां भाइयों का उदाहरण। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | ड्राइंग और क्विज़ (Visual Practice) पहले 20 तत्वों के परमाणु मॉडल बनाने का अभ्यास और क्विज़। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) नाभिक में होता है — (इलेक्ट्रॉन / प्रोटॉन) [ ]
(ii) 8 इलेक्ट्रॉन वाली कक्षा — (अस्थायी / स्थायी) [ ]
प्रश्न 2. मैग्नीशियम (12) का विन्यास लिखें: K=____, L=____, M=____
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
मोतियों और चूड़ियों वाली ‘इलेक्ट्रॉन वितरण गतिविधि’ ने छात्रों के संयोजकता से जुड़े डर को खत्म कर दिया। अब वे अष्टक नियम आसानी से लगा लेते हैं।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 01 (कक्षा 9) | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (2, 8, M) समझ गया। |
| छात्र 07 (कक्षा 9) | 04 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | संयोजकता निकालना सीख लिया। |
| छात्र 16 (कक्षा 9) | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | परमाणु के मूलभूत कणों के स्थान में कोई भ्रम नहीं। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“परमाणु जैसी अदृश्य चीज़ को समझाने के लिए चूड़ियों और मोतियों (Tangible Objects) का उपयोग बहुत कारगर रहा। अमूर्त अवधारणाएं मूर्त रूप में जल्दी समझ आती हैं।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 14: तत्व, यौगिक एवं मिश्रण (Elements, Compounds & Mixtures) – For Class 9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बीकानेर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | वर्गीकरण गतिविधियाँ, प्रथक्करण तकनीक पहचान एवं वस्तुनिष्ठ परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- तत्व, यौगिक और मिश्रण के बीच स्पष्ट अंतर करना।
- समांगी (Homogeneous) और विषमांगी (Heterogeneous) मिश्रण को पहचानना।
- मिश्रण को अलग करने की विभिन्न विधियों (जैसे वाष्पीकरण, निस्पंदन, क्रोमैटोग्राफी) को समझना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) इनमें से कौन सा एक यौगिक (Compound) है?
(अ) हवा (ब) ऑक्सीजन (स) जल (H₂O) (द) मिट्टी [ ]
(ii) चीनी और पानी का घोल किस प्रकार का मिश्रण है?
(अ) विषमांगी मिश्रण (ब) समांगी मिश्रण (स) निलंबन (द) कोलाइड [ ]
(iii) स्याही में से रंगों को अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
(अ) वाष्पीकरण (ब) क्रोमैटोग्राफी (स) निस्पंदन (फिल्ट्रेशन) (द) आसवन [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (पदार्थ और उनका प्रकार): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) लोहा (Fe) [ मिश्रण / तत्व ]
(ख) नमक का पानी [ यौगिक / मिश्रण ]
(ग) कार्बन डाइऑक्साइड [ यौगिक / तत्व ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) रेत और पानी को ____________ विधि द्वारा अलग किया जा सकता है। (वाष्पीकरण / निस्पंदन)
(b) वायु कई गैसों का एक ____________ है। (मिश्रण / यौगिक)
(c) यौगिकों का संगठन (Composition) ____________ होता है। (निश्चित / अनिश्चित)
(d) दूध एक ____________ विलयन है। (कोलाइडल / वास्तविक)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): समुद्री जल से नमक प्राप्त करने की विधि का नाम और उसका सिद्धांत लिखिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) तत्व को रासायनिक विधियों द्वारा सरल पदार्थों में तोड़ा जा सकता है। [ ]
(ii) यौगिक के गुण उसके घटक तत्वों से अलग होते हैं। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) स (जल), (ii) ब (समांगी मिश्रण), (iii) ब (क्रोमैटोग्राफी)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) तत्व, (ख) मिश्रण, (ग) यौगिक।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) निस्पंदन, (b) मिश्रण, (c) निश्चित, (d) कोलाइडल।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) समांगी में अवयव पूरी तरह घुल जाते हैं (जैसे चीनी-पानी), विषमांगी में अवयव अलग दिखते हैं (जैसे रेत-पानी)। (2) समांगी का संगठन एक समान होता है, विषमांगी का नहीं।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: विधि: वाष्पीकरण। सिद्धांत: पानी वाष्प बनकर उड़ जाता है और ठोस नमक नीचे बच जाता है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य, (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 06 छात्र | तत्व, यौगिक और मिश्रण में वर्गीकरण एवं पृथक्करण विधियों की स्पष्ट समझ है। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 06 छात्र | यौगिक और मिश्रण पहचानते हैं, लेकिन पृथक्करण विधियों (Separation Techniques) में भ्रम है। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 08 छात्र | समांगी-विषमांगी में भ्रम, क्रोमैटोग्राफी और आसवन की समझ शून्य है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| यौगिक और मिश्रण को एक ही समझना (जैसे हवा को यौगिक मानना)। | हवा एक मिश्रण है क्योंकि गैसें किसी निश्चित अनुपात में नहीं जुड़ी हैं, जल (H₂O) यौगिक है। | परिभाषा भ्रम (Definitional Error) | रासायनिक बंध (Bond) और भौतिक मिलावट के बीच अंतर न समझना। |
| स्याही के रंगों को अलग करने के लिए वाष्पीकरण का चुनाव। | स्याही के रंगों को अलग करने के लिए क्रोमैटोग्राफी का प्रयोग होता है। | अनुप्रयोग त्रुटि (Application Gap) | पृथक्करण तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव न होना। |
| दूध को समांगी मिश्रण मानना। | दूध देखने में समांगी लगता है, लेकिन यह एक कोलाइडल (विषमांगी) मिश्रण है। | दृष्टिगत भ्रम (Visual Misconception) | सूक्ष्म कणों के निलंबन की समझ का अभाव। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 08 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): फिल्टर पेपर, चॉक पाउडर, चीनी, स्याही, पानी, चुंबक, लोहे की छीलन।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | मिलावट की पहचान (Mix & Match) पानी में चीनी (समांगी) और पानी में चॉक (विषमांगी) घोलकर सीधा अंतर दिखाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | तत्व vs यौगिक vs मिश्रण लोहे की कील (तत्व), नमक (यौगिक) और लोहे-रेत का मिश्रण दिखाकर अंतर स्पष्ट करना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | फिल्टरेशन का जादू (Filtration Lab) फिल्टर पेपर की मदद से गंदे पानी से मिट्टी अलग करने का प्रयोग। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | रंगों की दौड़ (Chromatography Paper) चाक या फिल्टर पेपर पर काली स्याही का बिंदु लगाकर रंगों को अलग होते हुए देखना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | चुंबक का खेल (Magnetic Separation) रेत और लोहे के चूर्ण को चुंबक की मदद से अलग करना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) H₂O (जल) है — (तत्व / यौगिक) [ ]
(ii) चाय है — (समांगी मिश्रण / विषमांगी मिश्रण) [ ]
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) रंगीन घटकों को ____________ से अलग करते हैं। (वाष्पीकरण / क्रोमैटोग्राफी)
(ख) दूध एक ____________ है। (तत्व / कोलाइड)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
क्रोमैटोग्राफी और फिल्टरेशन के सीधे प्रयोग करने से बच्चों को पृथक्करण तकनीकें हमेशा के लिए याद हो गईं। यौगिक और मिश्रण का अंतर स्पष्ट हुआ।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 04 (कक्षा 9) | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | पृथक्करण विधियों (Separation Methods) में स्पष्टता आई। |
| छात्र 10 (कक्षा 9) | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | समांगी और विषमांगी का अंतर सीख गया। |
| छात्र 18 (कक्षा 9) | 03 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | तत्व और यौगिक में अब भ्रमित नहीं होता। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“पृथक्करण (Separation) विधियों को केवल पाठ्यपुस्तक से पढ़ाना कठिन है। कक्षा में फिल्टर पेपर और स्याही के छोटे प्रयोगों ने विज्ञान को जादू की तरह रोचक बना दिया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 15: धातु एवं अधातु (Metals & Non-metals) – For Class 8-10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अजमेर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | भौतिक गुणों पर आधारित मिलान, अपवादों (Exceptions) की पहचान एवं वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों (चमक, आघातवर्ध्यता, तन्यता, चालकता) को समझाना।
- धातुओं और अधातुओं के रासायनिक गुणों (ऑक्सीजन और जल के साथ अभिक्रिया) को स्पष्ट करना।
- पारा (Mercury), ग्रेफाइट (Graphite) और आयोडीन जैसे महत्वपूर्ण अपवादों (Exceptions) को याद कराना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) वह धातु जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था (Liquid state) में पाई जाती है?
(अ) सोडियम (ब) लोहा (स) पारा (Mercury) (द) ब्रोमीन [ ]
(ii) इनमें से कौन सी अधातु विद्युत की सुचालक (Good conductor) है?
(अ) सल्फर (ब) ग्रेफाइट (कार्बन) (स) फॉस्फोरस (द) आयोडीन [ ]
(iii) धातुओं को पीटकर पतली चादर बनाने के गुण को क्या कहते हैं?
(अ) तन्यता (ब) चालकता (स) आघातवर्ध्यता (द) ध्वानिकता [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (गुण और पदार्थ): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) सबसे अधिक तन्य (Ductile) धातु [ सोडियम / सोना (Gold) ]
(ख) चमकीली अधातु [ आयोडीन / पारा ]
(ग) चाकू से काटी जा सकने वाली धातु [ सोडियम / हीरा ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) धातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ____________ ऑक्साइड बनाती हैं। (क्षारीय / अम्लीय)
(b) तार खींचने की क्षमता को ____________ कहते हैं। (तन्यता / कठोरता)
(c) सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ ____________ है। (लोहा / हीरा)
(d) अधातुएँ सामान्यतः ऊष्मा और विद्युत की ____________ होती हैं। (सुचालक / कुचालक)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): लोहे को जंग लगने से बचाने के दो उपाय लिखिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) सभी धातुएँ ठोस अवस्था में होती हैं। [ ]
(ii) अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) स (पारा), (ii) ब (ग्रेफाइट), (iii) स (आघातवर्ध्यता)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) सोना, (ख) आयोडीन, (ग) सोडियम।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) क्षारीय, (b) तन्यता, (c) हीरा, (d) कुचालक।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: आघातवर्ध्यता का अर्थ है पीटकर पतली चादर (Foil) बनाना। तन्यता का अर्थ है खींचकर पतले तार (Wire) बनाना।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: (1) पेंट करना, (2) गैल्वनीकरण (जिंक की परत चढ़ाना) या तेल/ग्रीस लगाना।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य (पारा द्रव है), (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | भौतिक/रासायनिक गुण और अपवाद पूरी तरह याद हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | सामान्य गुण पता हैं, लेकिन अपवादों (पारा, ग्रेफाइट, सोडियम) में भ्रमित होते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | आघातवर्ध्यता और तन्यता जैसे शब्दों में भारी भ्रम है, रासायनिक गुण नहीं समझते। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| सभी धातुओं को कठोर और ठोस मानना। | पारा द्रव है और सोडियम/पोटैशियम इतने मुलायम हैं कि चाकू से काटे जा सकते हैं। | अति-सामान्याकरण (Overgeneralization) | दैनिक जीवन में केवल लोहे और तांबे जैसी कठोर धातुओं का अनुभव। |
| आघातवर्ध्यता और तन्यता को एक ही समझना। | आघातवर्ध्यता चादर बनाने के लिए है, तन्यता तार बनाने के लिए। | पारिभाषिक भ्रम (Vocabulary Confusion) | कठिन हिंदी वैज्ञानिक शब्दावली को रटने का प्रयास। |
| सभी अधातुओं को कुचालक मानना। | कार्बन का अपरूप ग्रेफाइट (पेंसिल की लेड) विद्युत का सुचालक है। | अपवादों की अनदेखी (Ignoring Exceptions) | अपवादों (Exceptions) पर पर्याप्त ध्यान न देना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 07 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): एल्युमिनियम फॉयल, तांबे का तार, पेंसिल (ग्रेफाइट), लोहे की कील, हथौड़ी, बैटरी-बल्ब परिपथ।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | शब्दों का खेल (Vocabulary Breakdown) ‘आघात’ (चोट) + ‘वर्ध्यता’ (बढ़ना) = पीटकर बढ़ाना। तांबे का तार दिखाकर तन्यता समझाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | विद्युत परिपथ परीक्षण (Conductivity Lab) बैटरी-बल्ब से लोहे की कील (धातु) और पेंसिल की लेड (ग्रेफाइट – अपवाद) का परीक्षण करना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | अपवादों की कहानी (Exceptions Story) सोडियम (चाकू से कटने वाला), पारा (बहने वाला द्रव) और हीरा (कठोर अधातु) की रोचक कहानी। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | रासायनिक प्रकृति (Oxides Nature) मैग्नीशियम रिबन को जलाकर उसकी राख का लिटमस पेपर से परीक्षण कर क्षारीय प्रकृति दिखाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | फ्लैश कार्ड अपवाद क्विज़ गुण और अपवादों के मिलान का खेल। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) द्रव धातु — (पारा / ब्रोमीन) [ ]
(ii) सुचालक अधातु — (हीरा / ग्रेफाइट) [ ]
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) एल्युमिनियम फॉयल ____________ गुण का उदाहरण है। (तन्यता / आघातवर्ध्यता)
(ख) सोना (Gold) सबसे अधिक ____________ धातु है। (तन्य / कठोर)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
पेंसिल की लेड से बल्ब जलाने की गतिविधि से छात्रों को ग्रेफाइट का अपवाद हमेशा के लिए याद हो गया। कठिन शब्दावली को तोड़कर समझाने से रटने की आदत कम हुई।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 03 (कक्षा 10) | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | आघातवर्ध्यता और तन्यता का अंतर स्पष्ट हुआ। |
| छात्र 08 (कक्षा 10) | 06 / 20 | 18 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | सभी अपवाद (Exceptions) सटीक रूप से याद हैं। |
| छात्र 19 (कक्षा 10) | 04 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | धातुओं के ऑक्साइड की प्रकृति समझ गया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“विज्ञान में ‘अपवादों’ (Exceptions) को नियम से अलग रटाने के बजाय परिपथ वाले व्यावहारिक प्रयोगों से साबित करने पर छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 16: आवर्त सारणी एवं तत्वों का वर्गीकरण (Periodic Classification of Elements) – For Class 10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीकर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | आवर्त सारणी के रुझान (Trends), समूह/आवर्त पहचान एवं वस्तुनिष्ठ प्रश्न। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- मेंडलीव और आधुनिक आवर्त सारणी के मूल अंतर (परमाणु द्रव्यमान vs परमाणु संख्या) को समझाना।
- आवर्त सारणी में ‘समूह’ (Groups) और ‘आवर्त’ (Periods) की पहचान कराना।
- आवर्त सारणी में ऊपर से नीचे या बाएँ से दाएँ जाने पर गुणों (जैसे परमाणु आकार, संयोजकता) में परिवर्तन को समझाना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) आधुनिक आवर्त सारणी का आधार क्या है?
(अ) परमाणु द्रव्यमान (ब) परमाणु संख्या (स) न्यूट्रॉन संख्या (द) घनत्व [ ]
(ii) आधुनिक आवर्त सारणी में कितने समूह (Groups) और आवर्त (Periods) हैं?
(अ) 18 समूह, 7 आवर्त (ब) 7 समूह, 18 आवर्त (स) 8 समूह, 7 आवर्त (द) 18 समूह, 8 आवर्त [ ]
(iii) किसी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का आकार (Size):
(अ) घटता है (ब) समान रहता है (स) बढ़ता है (द) शून्य हो जाता है [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (वैज्ञानिक और उनके नियम): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) डोबेराइनर [ अष्टक नियम / त्रिक (Triads) ]
(ख) न्यूलैंड्स [ त्रिक / अष्टक नियम (Octaves) ]
(ग) हेनरी मोज़ले [ आधुनिक आवर्त सारणी / मेंडलीव सारणी ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) मेंडलीव की सारणी ____________ के आधार पर व्यवस्थित थी। (परमाणु द्रव्यमान / परमाणु संख्या)
(b) एक ही समूह (Group) के सभी तत्वों की ____________ समान होती है। (परमाणु संख्या / संयोजकता)
(c) आवर्त (Period) में बाएँ से दाएँ जाने पर धात्विक गुण ____________ हैं। (घटते / बढ़ते)
(d) सबसे बाहरी कक्षा को ____________ कक्षा कहते हैं। (संयोजकता / आंतरिक)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु आकार (Atomic radius) क्यों घटता है? (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) समूह 18 के तत्वों को उत्कृष्ट गैसें (Noble gases) कहा जाता है। [ ]
(ii) मेंडलीव ने अपनी सारणी में कुछ खाली स्थान नहीं छोड़े थे। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (परमाणु संख्या), (ii) अ (18 समूह, 7 आवर्त), (iii) स (बढ़ता है)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) त्रिक, (ख) अष्टक नियम, (ग) आधुनिक आवर्त सारणी।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) परमाणु द्रव्यमान, (b) संयोजकता, (c) घटते, (d) संयोजकता।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: आवर्त सारणी में ऊर्ध्वाधर स्तंभों (Vertical columns) को समूह (Group) और क्षैतिज पंक्तियों (Horizontal rows) को आवर्त (Period) कहते हैं।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: क्योंकि बाएँ से दाएँ जाने पर नाभिकीय आवेश (Nuclear charge) बढ़ता है, जो इलेक्ट्रॉनों को नाभिक की ओर अधिक बल से खींचता है, जिससे आकार छोटा हो जाता है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) असत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 04 छात्र | आवर्त सारणी के रुझान (Trends) और परमाणु संख्या का महत्व अच्छे से समझते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 07 छात्र | समूह और आवर्त जानते हैं, लेकिन ‘आकार क्यों घटता/बढ़ता है’ इसमें उलझते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 09 छात्र | मेंडलीव और मोज़ले के आधार में भ्रमित हैं, Trends की समझ रटने पर आधारित है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु आकार बढ़ना मानना। | बाएँ से दाएँ जाने पर आकार घटता है (बढ़ते नाभिकीय खिंचाव के कारण)। | रुझान भ्रम (Trend Reversal Error) | इलेक्ट्रॉन बढ़ने से आकार बढ़ने की गलत धारणा। |
| समूह और आवर्त में भ्रम (क्षैतिज vs ऊर्ध्वाधर)। | समूह ऊपर से नीचे (खंभे जैसे), आवर्त बाएँ से दाएँ (रास्ते जैसे) होते हैं। | दिक्-विन्यास भ्रम (Spatial/Directional Confusion) | सारणी के ग्रिड को विज़ुअलाइज़ न कर पाना। |
| मेंडलीव और आधुनिक सारणी का आधार एक ही समझना। | मेंडलीव = द्रव्यमान, आधुनिक = परमाणु संख्या। | ऐतिहासिक/तथ्यात्मक त्रुटि (Historical Fact Error) | विभिन्न वर्गीकरण प्रयासों के बीच मुख्य अंतर को न समझना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 09 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): बड़ी आवर्त सारणी का चार्ट, चुंबक, रबर बैंड, कक्षा ग्रिड गतिविधि।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | क्लासरूम ग्रिड (Rows & Columns) कक्षा की बेंचों का उपयोग करके क्षैतिज (आवर्त) और ऊर्ध्वाधर (समूह) का व्यावहारिक प्रदर्शन। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | द्रव्यमान vs संख्या (The Base Rule) रोल नंबर (परमाणु संख्या) बनाम वजन (द्रव्यमान) का उदाहरण देकर आधुनिक सारणी की श्रेष्ठता समझाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | खिंचाव का खेल (Atomic Size Trend) बीच में एक मजबूत चुंबक (नाभिक) रखकर ‘बाएँ से दाएँ’ खिंचाव बढ़ने (आकार घटने) का प्रदर्शन। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | समूहों का परिवार (Family Properties) एक ही समूह (जैसे हैलोजन या क्षारीय धातु) के तत्वों को ‘एक परिवार’ मानकर उनके समान गुणों पर चर्चा। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | ब्लैंक टेबल क्विज़ (Blank Table Mapping) खाली आवर्त सारणी में तीर लगाकर ‘बढ़ता है/घटता है’ दर्शाने का अभ्यास। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) मेंडलीव की सारणी आधारित है — (परमाणु संख्या / परमाणु द्रव्यमान) [ ]
(ii) ऊपर से नीचे जाने पर आकार — (बढ़ता है / घटता है) [ ]
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) आधुनिक सारणी में ____________ समूह हैं। (7 / 18)
(ख) बाएँ से दाएँ जाने पर नाभिकीय आवेश ____________ है। (घटता / बढ़ता)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
चुंबक के प्रयोग से नाभिकीय खिंचाव और आकार घटने का कारण स्पष्ट हुआ। अब छात्र रुझानों (Trends) को रटने के बजाय तर्क से समझाते हैं।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 05 (कक्षा 10) | 04 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | आवर्त और समूह का भ्रम दूर हुआ। |
| छात्र 12 (कक्षा 10) | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | परमाणु आकार के घटने/बढ़ने का कारण समझ गया। |
| छात्र 17 (कक्षा 10) | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | मेंडलीव और आधुनिक सारणी का अंतर स्पष्ट हुआ। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“आवर्त सारणी केवल रटने का चार्ट नहीं है। इसे ‘परिवारों के ग्रिड’ के रूप में पेश करने और ट्रेंड्स को भौतिक खिंचाव (Pull) से जोड़ने पर विषय अत्यधिक रुचिकर बन गया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 17: कार्बन एवं उसके यौगिक (Carbon & Its Compounds) – For Class 10
Action Research File
क्रियात्मक अनुसंधान डायरी: विद्यालय की किसी विशिष्ट समस्या की पहचान और उसके समाधान के लिए तैयार की जाने वाली रिपोर्ट।
Case Study File
व्यक्ति अध्ययन डायरी: किसी एक विशिष्ट छात्र के व्यवहार, पारिवारिक पृष्ठभूमि और शैक्षिक प्रगति का गहराई से विश्लेषण।
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, अलवर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | संरचना आरेखन, नामकरण (Nomenclature) एवं वस्तुनिष्ठ परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- कार्बन की चतुष्संयोजकता (Tetravalency) और श्रृंखलन (Catenation) के गुणों को समझाना।
- संतृप्त (Saturated) और असंतृप्त (Unsaturated) हाइड्रोकार्बन के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- प्रकार्यात्मक समूहों (Functional Groups) और कार्बन के अपरूपों (Allotropes) की पहचान कराना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) कार्बन की संयोजकता कितनी होती है?
(अ) 2 (ब) 3 (स) 4 (द) 6 [ ]
(ii) एल्केन (Alkane) श्रेणी का सामान्य सूत्र क्या है?
(अ) CnH2n (ब) CnH2n+2 (स) CnH2n-2 (द) CnHn [ ]
(iii) इनमें से कौन सा कार्बन का अपरूप (Allotrope) नहीं है?
(अ) हीरा (ब) ग्रेफाइट (स) फुलरीन (द) कार्बन डाइऑक्साइड [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (प्रकार्यात्मक समूह और अनुलग्न/Suffix): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) एल्कोहल (-OH) [ -ओन (one) / -ऑल (ol) ]
(ख) कार्बोक्सिलिक अम्ल (-COOH) [ -ओइक अम्ल / -अल (al) ]
(ग) कीटोन (-CO-) [ -ऑल / -ओन (one) ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) कार्बन परमाणुओं के बीच लंबी श्रृंखला बनाने के गुण को ____________ कहते हैं। (चतुष्संयोजकता / श्रृंखलन)
(b) द्विबंध (Double bond) वाले हाइड्रोकार्बन ____________ कहलाते हैं। (एल्केन / एल्कीन)
(c) खाना पकाने की गैस (LPG) का मुख्य घटक ____________ है। (मीथेन / ब्यूटेन)
(d) साबुन बनाने की प्रक्रिया को ____________ कहते हैं। (साबुनीकरण / हाइड्रोजनीकरण)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): मीथेन (CH₄) की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना (Electron dot structure) बनाइए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) हीरा विद्युत का सुचालक है। [ ]
(ii) एथेनॉल (Alcohol) एक अच्छा विलायक है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) स (4), (ii) ब (CnH2n+2), (iii) द (कार्बन डाइऑक्साइड)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) -ऑल, (ख) -ओइक अम्ल, (ग) -ओन।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) श्रृंखलन, (b) एल्कीन, (c) ब्यूटेन, (d) साबुनीकरण।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: संतृप्त में कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल बंध (Single bond) होता है। असंतृप्त में कम से कम एक द्विबंध (Double) या त्रिबंध (Triple bond) होता है।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: (चित्र में कार्बन के 4 इलेक्ट्रॉनों की 4 हाइड्रोजन के 1-1 इलेक्ट्रॉन के साथ साझेदारी दिखानी है)
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य, (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | IUPAC नामकरण और इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाने में निपुण हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 07 छात्र | हाइड्रोकार्बन समझते हैं, लेकिन Functional Groups के अनुलग्न (Suffix) भूल जाते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 08 छात्र | एल्केन/एल्कीन में भ्रम, सहसंयोजी बंध (Covalent bond) की समझ नहीं है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| एल्केन, एल्कीन और एल्काइन के सूत्रों में भ्रमित होना। | एल्केन (+2), एल्कीन (0), एल्काइन (-2) हाइड्रोजन का नियम लागू होता है। | सूत्र आधारित त्रुटि (Formula Confusion) | सूत्रों को बिना पैटर्न समझे रटने की कोशिश। |
| कार्बन डाइऑक्साइड को कार्बन का अपरूप (Allotrope) मानना। | CO₂ एक यौगिक है। अपरूप केवल एक ही तत्व (कार्बन) के विभिन्न रूप होते हैं (हीरा, ग्रेफाइट)। | परिभाषा भ्रम (Definitional Gap) | अपरूप और यौगिक के बीच अंतर स्पष्ट न होना। |
| इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना में आयनिक बंध बना देना। | कार्बन हमेशा इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (सहसंयोजी बंध) करता है, देता/लेता नहीं है। | बंध प्रकार भ्रम (Bond Type Error) | धातुओं के आयनिक बंध और कार्बन के सहसंयोजी बंध में भेद न कर पाना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 08 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): 3D मॉलिक्यूलर किट (बॉल एंड स्टिक), क्ले और तीलियाँ, चार्ट पेपर।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | साझेदारी का बंध (Covalent Bonding) बच्चों को पेन और पेंसिल साझा करने की गतिविधि से सहसंयोजी बंध समझाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | श्रृंखला निर्माण (Catenation Chain) बच्चों को एक-दूसरे का हाथ पकड़कर लंबी चेन बनाने (श्रृंखलन) का खेल खिलाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | बॉल एंड स्टिक मॉडल (Hydrocarbons) क्ले (कार्बन) और माचिस की तीलियों (बंध) से एल्केन, एल्कीन के 3D मॉडल बनाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | सूत्रों का पैटर्न (+2, 0, -2) CnH2n को आधार मानकर एल्केन, एल्कीन, एल्काइन के सूत्रों का गणितीय पैटर्न समझाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | फंक्शनल ग्रुप फ्लैश कार्ड्स समूह (-OH, -COOH) और उनके नामों (-ऑल, -ओइक) का मिलान खेल। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) C₂H₆ — (एल्केन / एल्कीन) [ ]
(ii) -OH समूह — (कार्बोक्सिलिक / एल्कोहल) [ ]
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) कार्बन हमेशा ____________ बंध बनाता है। (आयनिक / सहसंयोजी)
(ख) कार्बन के बाहरी कक्ष में ____________ इलेक्ट्रॉन होते हैं। (2 / 4)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
क्ले और माचिस की तीलियों से 3D मॉडल बनाने के बाद छात्रों को एकल, द्वि और त्रि-बंध का अंतर स्पष्ट हो गया। सूत्र रटने के बजाय वे अब पैटर्न (Pattern) समझ गए हैं।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 06 (कक्षा 10) | 05 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | हाइड्रोकार्बन के सूत्र बनाने सीख गया। |
| छात्र 13 (कक्षा 10) | 07 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | IUPAC अनुलग्न (Suffix) याद हो गए। |
| छात्र 20 (कक्षा 10) | 03 / 20 | 12 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | सहसंयोजी साझेदारी (Covalent) की अवधारणा स्पष्ट हुई। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“कार्बन रसायन विज्ञान (Organic Chemistry) 2D चित्रों से कठिन लगती है। इसे ‘बॉल एंड स्टिक’ (Clay) मॉडल के माध्यम से 3D में प्रस्तुत करने पर छात्रों का भय समाप्त हुआ।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 18: परमाणु एवं अणु (Atoms & Molecules) – For Class 9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोटा | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | रासायनिक सूत्र निर्माण, आणविक द्रव्यमान गणना एवं बहुविकल्पीय परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- रासायनिक सूत्र (Chemical Formula) बनाने की क्रॉस-मल्टीप्लिकेशन (Cross-over) विधि समझाना।
- आणविक द्रव्यमान (Molecular Mass) की गणना करना सिखाना।
- रासायनिक संयोजन के नियमों (द्रव्यमान संरक्षण और स्थिर अनुपात का नियम) को स्पष्ट करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) जल (H₂O) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के द्रव्यमान का अनुपात क्या होता है?
(अ) 1:8 (ब) 8:1 (स) 2:1 (द) 1:2 [ ]
(ii) सोडियम का रासायनिक प्रतीक (Symbol) क्या है?
(अ) So (ब) Sd (स) Na (द) S [ ]
(iii) किसी पदार्थ के 1 मोल में कणों की संख्या (अवोगाद्रो संख्या) कितनी होती है?
(अ) 6.022 × 10²³ (ब) 6.022 × 10²² (स) 6.22 × 10²³ (द) 6.022 × 10¹³ [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (तत्व/आयन और उनकी संयोजकता): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) सोडियम (Na) [ +2 / +1 ]
(ख) ऑक्सीजन (O) [ -2 / -1 ]
(ग) मैग्नीशियम (Mg) [ +1 / +2 ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन होता है और न ही ____________ होता है। (विनाश / निर्माण)
(b) कैल्शियम क्लोराइड का सूत्र ____________ है। (CaCl / CaCl₂)
(c) ओजोन (O₃) एक ____________ अणु है। (द्विपरमाणुक / त्रिपरमाणुक)
(d) कार्बन का परमाणु द्रव्यमान ____________ u है। (12 / 14)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं गणितीय प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) का आणविक द्रव्यमान (Molecular mass) ज्ञात कीजिए। (C=12u, O=16u) (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार यौगिक में तत्वों का अनुपात हमेशा समान रहता है। [ ]
(ii) परमाणु स्वतंत्र अवस्था में हमेशा अस्तित्व में रह सकते हैं। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) अ (1:8), (ii) स (Na), (iii) अ (6.022 × 10²³)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) +1, (ख) -2, (ग) +2।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) विनाश, (b) CaCl₂, (c) त्रिपरमाणुक, (d) 12।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: Al के नीचे 3 और O के नीचे 2 लिखकर क्रॉस करने पर सूत्र Al₂O₃ बनेगा।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: CO₂ = 12 + (2 × 16) = 12 + 32 = 44 u.
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) असत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | सूत्र निर्माण (Cross method) और आणविक द्रव्यमान गणना में निपुण हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 06 छात्र | संयोजकता याद है, लेकिन सूत्र बनाते समय क्रॉस (Cross-over) करना भूल जाते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 09 छात्र | प्रतीकों (Symbols) में गलती, द्रव्यमान गणना में गणितीय त्रुटियां और मोल कंसेप्ट में शून्य समझ। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| कैल्शियम क्लोराइड का सूत्र CaCl लिखना। | Ca की संयोजकता 2 और Cl की 1 है, क्रॉस करने पर सूत्र CaCl₂ बनता है। | सूत्र निर्माण त्रुटि (Formula Creation Error) | संयोजकता को क्रॉस न करना या सीधे जोड़ देना। |
| आणविक द्रव्यमान निकालते समय गुणा की जगह जोड़ना (O₂ = 16+2=18)। | O₂ का द्रव्यमान 16×2 = 32u होगा। | गणितीय त्रुटि (Mathematical Error) | परमाणुओं की संख्या का द्रव्यमान से गुणा करने का नियम भूलना। |
| मोल (Mole) को एक विशेष कण समझना। | मोल केवल एक बड़ी संख्या (जैसे दर्जन=12) है, जो कणों की मात्रा दर्शाती है। | संप्रत्ययात्मक भ्रम (Conceptual Gap) | सूक्ष्म दुनिया की मात्राओं का व्यावहारिक जीवन से जुड़ाव न होना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 09 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): संयोजकता कार्ड (Valency cards), तराजू, मोती, आवर्त सारणी चार्ट।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | प्रतीकों का खेल (Symbol Matching) लैटिन नामों (Natrium->Na) और अंग्रेजी नामों के प्रतीकों का फ्लैश कार्ड गेम। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | क्रॉस-ओवर जादू (Criss-Cross Method) छात्रों को अलग-अलग संयोजकता वाले कार्ड देकर एक-दूसरे से क्रॉस कराकर सूत्र बनाने का खेल। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | द्रव्यमान की गणना (Mass Calculation) गणितीय बोर्ड कार्य: पहले गुणा करो, फिर जोड़ो (BODMAS नियम का रसायन विज्ञान में उपयोग)। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | एक मोल = एक दर्जन मोल को दर्जन (12) और सेंचुरी (100) की तरह एक ‘गूंथी हुई संख्या’ (6.022×10²³) के रूप में पेश करना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | सूत्र निर्माण प्रतियोगिता समूहों में बांटे गए छात्रों के बीच सही रासायनिक सूत्र बनाने की त्वरित प्रतियोगिता। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) Na(1) और Cl(1) — ____________
(ii) Mg(2) और O(2) — ____________ (याद रखें: 2 से 2 कट जाएगा)
प्रश्न 2. आणविक द्रव्यमान निकालें:
(क) H₂O (H=1, O=16) = ____________
(ख) 1 मोल में कितने कण होते हैं? ____________
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
कार्ड्स के माध्यम से ‘क्रॉस-ओवर’ (Criss-cross) विधि का अभ्यास करने से 90% छात्रों ने सही सूत्र बनाना सीख लिया। द्रव्यमान गणना में गणितीय गलतियां कम हुईं।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 02 (कक्षा 9) | 04 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | रासायनिक सूत्र (Criss-cross) बनाना सीख गया। |
| छात्र 09 (कक्षा 9) | 06 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | आणविक द्रव्यमान की सटीक गणना करता है। |
| छात्र 15 (कक्षा 9) | 03 / 20 | 13 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | मोल (Mole) का अर्थ एक ‘विशाल संख्या’ के रूप में समझ लिया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“रासायनिक सूत्रों को रटने के बजाय ‘संयोजकता कार्ड गेम’ द्वारा क्रॉस-विधि सिखाना सबसे प्रभावी रहा। मोल कंसेप्ट को ‘दर्जन’ से जोड़ने पर अमूर्तता कम हुई।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 19: हमारे आसपास के पदार्थ (Matter in Our Surroundings) – For Class 9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, भीलवाड़ा | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | अवस्था परिवर्तन के कारण, वाष्पीकरण प्रभाव एवं वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- पदार्थ की तीन अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) के कणों की व्यवस्था (Particle arrangement) को समझाना।
- अवस्था परिवर्तन (जैसे गलनांक, क्वथनांक, ऊर्ध्वपातन) की प्रक्रियाओं को स्पष्ट करना।
- वाष्पीकरण (Evaporation) के कारण होने वाली ठंडक (Cooling effect) को समझाना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) किस अवस्था में कणों के बीच आकर्षण बल सबसे अधिक होता है?
(अ) ठोस (ब) द्रव (स) गैस (द) प्लाज्मा [ ]
(ii) ठोस का सीधे गैस में बदलना क्या कहलाता है?
(अ) वाष्पीकरण (ब) संघनन (Condensation) (स) ऊर्ध्वपातन (Sublimation) (द) गलन [ ]
(iii) गर्मियों में हमें किस प्रकार के कपड़े पहनने चाहिए?
(अ) ऊनी (ब) नायलॉन (स) सूती (Cotton) (द) रेशमी [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (प्रक्रिया और अवस्था परिवर्तन): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) गलन (Melting) [ द्रव से गैस / ठोस से द्रव ]
(ख) संघनन (Condensation) [ गैस से द्रव / द्रव से ठोस ]
(ग) वाष्पीकरण (Evaporation) [ ठोस से द्रव / द्रव से गैस ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) तापमान बढ़ने पर कणों की गतिज ऊर्जा (Kinetic energy) ____________ है। (बढ़ती / घटती)
(b) गैसों को दबाने की क्षमता (Compressibility) ____________ होती है। (न्यूनतम / अधिकतम)
(c) वाष्पीकरण से ____________ उत्पन्न होती है। (गर्मी / ठंडक)
(d) जल का क्वथनांक (Boiling point) ____________ °C होता है। (0 / 100)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं कारणात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): गर्मियों में घड़े का जल ठंडा क्यों हो जाता है? (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) वाष्पीकरण हर तापमान पर हो सकता है। [ ]
(ii) बर्फ का गलनांक (Melting point) 100°C होता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) अ (ठोस), (ii) स (ऊर्ध्वपातन), (iii) स (सूती)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) ठोस से द्रव, (ख) गैस से द्रव, (ग) द्रव से गैस।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) बढ़ती, (b) अधिकतम, (c) ठंडक, (d) 100।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) ठोस में कण बहुत पास-पास होते हैं, द्रव में थोड़ी दूरी पर और गैस में बहुत दूर-दूर होते हैं। (2) ठोस का आकार निश्चित होता है, जबकि द्रव और गैस का नहीं।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: घड़े के छोटे छिद्रों से पानी रिसकर बाहर आता है और वाष्पीकृत होता है। वाष्पीकरण के लिए आवश्यक ऊष्मा (Latent heat) घड़े के अंदर के पानी से ली जाती है, जिससे वह ठंडा हो जाता है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) असत्य (0°C होता है)।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 06 छात्र | अवस्था परिवर्तन और वाष्पीकरण के कारण को अच्छी तरह समझते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 06 छात्र | ठोस, द्रव, गैस पहचानते हैं लेकिन गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) और ठंडक के संबंध में अटकते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 08 छात्र | उबलने (Boiling) और वाष्पीकरण (Evaporation) को एक ही मानते हैं, ऊर्ध्वपातन का ज्ञान नहीं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| वाष्पीकरण (Evaporation) और क्वथन (Boiling) को समान समझना। | क्वथन एक निश्चित तापमान (Boiling point) पर होता है, जबकि वाष्पीकरण किसी भी तापमान पर सतह से होता है। | प्रक्रिया भ्रम (Process Confusion) | सतही प्रक्रिया और संपूर्ण प्रक्रिया (Bulk phenomenon) का अंतर न जानना। |
| वाष्पीकरण से गर्मी पैदा होना मानना। | वाष्पीकरण में द्रव गैस बनने के लिए सतह से ऊष्मा खींचता है, जिससे सतह ठंडी हो जाती है (Cooling effect)। | ऊर्जा प्रवाह भ्रम (Energy Flow Misconception) | वाष्प (गर्म) और वाष्पीकरण की प्रक्रिया (ऊष्मा सोखने वाली) के बीच भ्रम। |
| गैसों में आकर्षण बल को अधिकतम मानना। | गैसों में कण दूर-दूर होते हैं, इसलिए आकर्षण बल न्यूनतम (Minimum) होता है। | तथ्यात्मक विपरीतता (Factual Reversal) | कणों की गति और बल के व्युत्क्रमानुपाती (Inverse) संबंध की समझ का अभाव। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 08 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): कपूर, नेल पॉलिश रिमूवर (Acetone), स्पंज, पानी, अगरबत्ती।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | कणों का नाटक (Role Play) छात्रों को पास-पास खड़ा करके (ठोस), थोड़ा दूर (द्रव) और दौड़ते हुए (गैस) अवस्थाओं का प्रदर्शन। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | ठंडक का अहसास (Evaporation Cooling) छात्रों की हथेली पर एक बूंद एसीटोन (नेल पॉलिश रिमूवर) या सैनिटाइजर रखकर वाष्पीकरण से ठंडक महसूस कराना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | गायब होने वाला पदार्थ (Sublimation) कपूर को जलाकर सीधा ठोस से गैस में बदलने (ऊर्ध्वपातन) का लाइव प्रदर्शन। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | वाष्पीकरण vs उबलना फर्श पर पानी का सूखना (वाष्पीकरण) और स्टोव पर पानी उबलना (क्वथन) के बीच अंतर पर चर्चा। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | दैनिक जीवन के प्रश्न सूती कपड़े क्यों पहनते हैं, पसीना कैसे सुखाता है आदि दैनिक जीवन के अनुप्रयोगों पर क्विज़। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) हथेली पर सैनिटाइजर डालने पर ठंडक क्यों लगती है? — (वाष्पीकरण के कारण / संघनन के कारण) [ ]
(ii) कपूर का गायब होना — (गलन / ऊर्ध्वपातन) [ ]
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) वाष्पीकरण केवल सतह से होता है, जबकि उबलना ____________ प्रक्रिया है। (संपूर्ण / सतही)
(ख) ठोस अवस्था में कणों के बीच स्थान ____________ होता है। (न्यूनतम / अधिकतम)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
हथेली पर सैनिटाइजर रखकर ठंडक महसूस करने की गतिविधि ने ‘वाष्पीकरण से ठंडक’ की अवधारणा को एक ही बार में स्पष्ट कर दिया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 03 (कक्षा 9) | 05 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | वाष्पीकरण और उबलने का अंतर स्पष्ट हुआ। |
| छात्र 07 (कक्षा 9) | 04 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | ऊर्ध्वपातन (Sublimation) का अर्थ सीख गया। |
| छात्र 14 (कक्षा 9) | 06 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | कणों की व्यवस्था और आकर्षण बल का सिद्धांत समझ गया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“विज्ञान के सिद्धांत जब बच्चों को खुद के शरीर पर (जैसे हथेली पर ठंडक) महसूस कराए जाते हैं, तो वे कभी भूलते नहीं हैं।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 20: सिंथेटिक फाइबर एवं प्लास्टिक (Synthetic Fibres & Plastics) – For Class 8
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, टोंक | कक्षा (Target Class): | कक्षा 8 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | दैनिक जीवन की वस्तुओं का वर्गीकरण, गुणधर्म पहचान एवं चित्रात्मक परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- प्राकृतिक (Natural) और कृत्रिम (Synthetic) रेशों के बीच अंतर समझाना।
- थर्मोप्लास्टिक (Thermoplastic) और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (Thermosetting plastic) के गुणों एवं उपयोग में अंतर करना।
- प्लास्टिक के पर्यावरण पर प्रभाव (Non-biodegradable) और 4R सिद्धांत (Reduce, Reuse, Recycle, Recover) को समझाना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) इनमें से कौन सा एक प्राकृतिक रेशा (Natural fibre) है?
(अ) नायलॉन (ब) रेयॉन (स) कपास (Cotton) (द) पॉलिएस्टर [ ]
(ii) जो प्लास्टिक गर्म करने पर आसानी से मुड़ जाता है, उसे क्या कहते हैं?
(अ) थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (ब) थर्मोप्लास्टिक (स) बैकेलाइट (द) मेलामाइन [ ]
(iii) कृत्रिम रेशम (Artificial silk) किसे कहा जाता है?
(अ) नायलॉन (ब) रेयॉन (स) ऐक्रिलिक (द) पॉलिएस्टर [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए (प्लास्टिक और उसका उपयोग): (3 × 1 = 3 अंक)
(क) बैकेलाइट (Bakelite) [ पानी की बोतलें / बिजली के स्विच ]
(ख) पॉलीथीन (Polythene) [ थैलियां (Bags) / बिजली के स्विच ]
(ग) मेलामाइन (Melamine) [ आग बुझाने वाले कपड़े / थैलियां ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) नायलॉन का निर्माण कोयला, जल और ____________ से होता है। (वायु / मिट्टी)
(b) थर्मोसेटिंग प्लास्टिक को गर्म करके दोबारा ____________ नहीं जा सकता। (मुलायम किया / कठोर किया)
(c) प्लास्टिक पर्यावरण के लिए ____________ है। (जैव निम्नीकरणीय / अजैव निम्नीकरणीय)
(d) रसोई के बर्तनों के हत्थे (Handles) ____________ प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। (थर्मोसेटिंग / थर्मोप्लास्टिक)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं कारणात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): हमें पर्यावरण को बचाने के लिए प्लास्टिक का उपयोग कम क्यों करना चाहिए? (4R सिद्धांत का उल्लेख करें) (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) सिंथेटिक फाइबर पसीना बहुत अच्छे से सोखते हैं। [ ]
(ii) मेलामाइन आग का प्रतिरोध करता है (Fire resistant)। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) स (कपास), (ii) ब (थर्मोप्लास्टिक), (iii) ब (रेयॉन)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) बिजली के स्विच, (ख) थैलियां, (ग) आग बुझाने वाले कपड़े।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) वायु, (b) मुलायम किया, (c) अजैव निम्नीकरणीय, (d) थर्मोसेटिंग।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) थर्मोप्लास्टिक गर्म करने पर पिघल/मुड़ जाता है, थर्मोसेटिंग एक बार सेट होने के बाद नहीं पिघलता। (2) थर्मोप्लास्टिक को रीसायकल (Recycle) किया जा सकता है, थर्मोसेटिंग को आसानी से नहीं।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: क्योंकि प्लास्टिक अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable) है, यह गलता नहीं है। हमें 4R: Reduce (कम उपयोग), Reuse (पुनः उपयोग), Recycle (पुनर्चक्रण) और Recover (पुनः प्राप्त करना) अपनाना चाहिए।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य (वे पसीना नहीं सोखते), (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 07 छात्र | प्लास्टिक के प्रकार और उनके पर्यावरण पर प्रभाव को अच्छे से समझते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 05 छात्र | रेशों के नाम जानते हैं, लेकिन थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग के उपयोगों में भ्रमित हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 08 छात्र | प्लास्टिक की दोनों श्रेणियों (Thermoplastic/Thermosetting) के नाम और गुण पूरी तरह उलझ गए हैं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| बिजली के स्विच को थर्मोप्लास्टिक मानना। | बिजली के स्विच बैकेलाइट (थर्मोसेटिंग) से बनते हैं ताकि वे गर्मी से पिघलें नहीं। | अनुप्रयोग त्रुटि (Application Gap) | प्लास्टिक के प्रकारों को उनके ताप-सहनशीलता (Heat resistance) गुण से न जोड़ पाना। |
| रेयॉन को पूरी तरह कृत्रिम (Synthetic) मानना। | रेयॉन को वुड पल्प (Wood pulp – प्राकृतिक स्रोत) से बनाया जाता है, इसलिए यह अर्ध-कृत्रिम (Semi-synthetic) है। | स्रोत आधारित भ्रम (Source Confusion) | कच्चे माल के स्रोत की जानकारी का अभाव। |
| सभी प्लास्टिक को रीसायकल (Recycle) योग्य मानना। | केवल थर्मोप्लास्टिक रीसायकल होते हैं, थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (जैसे बैकेलाइट) नहीं। | अति-सामान्याकरण (Overgeneralization) | प्लास्टिक कचरे की विविधता की समझ न होना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-C के 08 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): पानी की बोतल, बिजली का स्विच, प्लास्टिक की थैली, कुकर का हैंडल, गर्म पानी।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | मुड़ने वाला vs न मुड़ने वाला गर्म पानी में पानी की बोतल (थर्मोप्लास्टिक) डालकर सिकुड़ते हुए दिखाना, फिर कुकर का हैंडल (थर्मोसेटिंग) डालकर दिखाना कि वह नहीं पिघलता। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | रेशों की पहचान (Touch and Feel) सूती, रेशमी कपड़े और पॉलिएस्टर के कपड़े को छूकर और पानी में भिगोकर (सोखने की क्षमता) तुलना करना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | नामों का खेल (Plastics Matching) दैनिक जीवन की वस्तुओं को ‘थर्मोप्लास्टिक’ और ‘थर्मोसेटिंग’ बॉक्स में छांटने की गतिविधि। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | आग और प्लास्टिक (Safety rule) चर्चा: रसोई में सिंथेटिक कपड़े (नायलॉन) क्यों नहीं पहनने चाहिए? (क्योंकि वे पिघलकर चिपक जाते हैं)। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | 4R पर्यावरण रक्षक (Eco-Warriors) प्लास्टिक प्रदूषण रोकने के 4R (Reduce, Reuse, Recycle, Recover) पर पोस्टर बनवाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) पानी की बोतल (मुड़ जाती है) — ____________
(ii) कुकर का हत्था (नहीं पिघलता) — ____________
प्रश्न 2. सही कारण चुनें:
(क) रसोई में पॉलिएस्टर कपड़े पहनना — (सुरक्षित है / खतरनाक है)
(ख) पर्यावरण के लिए कपड़े का थैला — (अच्छा है / हानिकारक है)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
गर्म पानी में बोतल सिकुड़ने और हैंडल के न पिघलने का सीधा प्रदर्शन (Live demo) देखने के बाद छात्रों का थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग का भ्रम पूरी तरह मिट गया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 01 (कक्षा 8) | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | प्लास्टिक के दोनों प्रकारों का अंतर सीख गया। |
| छात्र 11 (कक्षा 8) | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | रेयॉन और नायलॉन का अंतर स्पष्ट हुआ। |
| छात्र 18 (कक्षा 8) | 04 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | 4R सिद्धांत और पर्यावरण सुरक्षा के नियम समझ गया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“प्लास्टिक की जटिल शब्दावली (Thermoplastic/Thermosetting) बच्चों को डराती है। लेकिन ‘मुड़ने वाले और न मुड़ने वाले’ व्यावहारिक उदाहरणों से इसे जोड़ते ही विषय सरल हो गया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 21: प्रकाश: परावर्तन एवं अपवर्तन (Light: Reflection & Refraction) – For Class 10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 25 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | किरण आरेख (Ray Diagram) एवं संख्यात्मक (Numerical) प्रश्नों पर आधारित विश्लेषणात्मक मूल्यांकन। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- परावर्तन और अपवर्तन के नियमों को समझना और किरण आरेख (Ray Diagram) खींचना।
- दर्पण (Mirror) और लेंस (Lens) सूत्र का उपयोग करके संख्यात्मक (Numerical) प्रश्न हल करना।
- वास्तविक (Real) और आभासी (Virtual) प्रतिबिंबों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) वाहनों के पश्च-दृश्य (Rear-view) के लिए कौन सा दर्पण उपयोग होता है?
(अ) समतल (ब) अवतल (स) उत्तल (द) परवलयाकार [ ]
(ii) किसी अवतल दर्पण द्वारा वस्तु का सीधा और आवर्धित प्रतिबिंब बनता है, वस्तु की स्थिति होगी?
(अ) वक्रता केंद्र पर (ब) फोकस पर (स) फोकस और ध्रुव के बीच (द) अनंत पर [ ]
(iii) लेंस की क्षमता (Power of Lens) का SI मात्रक क्या है?
(अ) मीटर (ब) डाइऑप्टर (Dioptre) (स) जूल (द) वाट [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) अवतल लेंस [ आभासी व छोटा प्रतिबिंब / हमेशा वास्तविक प्रतिबिंब ]
(ख) उत्तल लेंस [ प्रकाश का अभिसरण (Converging) / अपसरण (Diverging) ]
(ग) स्नेल का नियम [ परावर्तन / अपवर्तन ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) निर्वात में प्रकाश की चाल ____________ m/s होती है।
(b) आपतन कोण हमेशा ____________ कोण के बराबर होता है।
(c) पानी में रखा सिक्का ____________ के कारण ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है।
(d) उत्तल लेंस को ____________ लेंस भी कहा जाता है।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): एक अवतल दर्पण की फोकस दूरी 15 cm है। इसके सामने 30 cm की दूरी पर रखी वस्तु के प्रतिबिंब की स्थिति (v) ज्ञात कीजिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) अवतल लेंस हमेशा आभासी प्रतिबिंब बनाता है। [ ]
(ii) प्रकाश की किरण विरल से सघन माध्यम में जाने पर अभिलंब से दूर हटती है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) स (उत्तल), (ii) स (फोकस और ध्रुव के बीच), (iii) ब (डाइऑप्टर)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) आभासी व छोटा प्रतिबिंब, (ख) प्रकाश का अभिसरण, (ग) अपवर्तन।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) 3 × 10⁸, (b) परावर्तन, (c) अपवर्तन, (d) अभिसारी।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: किरण आरेख जिसमें प्रतिबिंब दूसरी ओर 2F पर बनता है (समान आकार, वास्तविक और उल्टा)।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: दर्पण सूत्र 1/f = 1/v + 1/u से। u = -30 cm, f = -15 cm. हल करने पर v = -30 cm (वक्रता केंद्र पर)।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) असत्य (पास आती है)।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | किरण आरेख और दर्पण/लेंस सूत्र (Numericals) में निपुण हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 09 छात्र | सिद्धान्त स्पष्ट हैं, लेकिन चिह्न परिपाटी (Sign Convention) में गलतियां करते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 11 छात्र | रे डायग्राम बनाने और न्यूमेरिकल हल करने में गंभीर कठिनाई का सामना कर रहे हैं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| दर्पण और लेंस के सूत्र में चिह्न (+, -) की गलती करना। | u हमेशा ऋणात्मक (-) होता है; अवतल की f ऋणात्मक, उत्तल की f धनात्मक होती है। | गणितीय/चिह्न भ्रम (Sign Convention Error) | निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) के नियमों का सही अनुप्रयोग न कर पाना। |
| अपवर्तन में प्रकाश किरण को अभिलंब से दूर या पास मोड़ने में भ्रम। | विरल (Rare) से सघन (Dense) में जाने पर किरण अभिलंब की ओर झुकती है। | संप्रत्ययात्मक भ्रम (Conceptual Gap) | माध्यमों के अपवर्तनांक (Refractive Index) को भौतिक रूप से न समझना। |
| उत्तल दर्पण को अभिसारी मान लेना। | उत्तल लेंस अभिसारी (Converging) होता है, जबकि उत्तल दर्पण अपसारी (Diverging) होता है। | पारिभाषिक त्रुटि (Terminological Error) | दर्पण और लेंस की प्रकृति में अंतर स्पष्ट न होना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 20 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): लेजर पॉइंटर, काँच का स्लैब, अवतल/उत्तल दर्पण व लेंस सेट, ग्राफ पेपर, स्मार्टबोर्ड एनिमेशन।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | प्रकाश का परावर्तन और अपवर्तन (Practical) लेजर लाइट और दर्पण/काँच स्लैब की मदद से किरणों का पथ दिखाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | दर्पण और लेंस की पहचान छात्रों को विभिन्न दर्पण और लेंस छूकर और देखकर उनकी प्रकृति (अभिसारी/अपसारी) समझाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | किरण आरेख (Ray Diagram) का अभ्यास ग्राफ पेपर पर स्केल और पेंसिल की मदद से फोकस, वक्रता केंद्र और प्रतिबिंब की स्थिति बनाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | चिह्न परिपाटी (Sign Convention) गेम XY अक्ष के माध्यम से u, v, f के धनात्मक और ऋणात्मक मानों की ड्रिलिंग (Drilling) करना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | न्यूमेरिकल हल करने की ट्रिक दर्पण सूत्र और लेंस सूत्र के आसान स्टेप्स (सूत्र लिखना, चिह्न लगाना, मान रखना) का अभ्यास। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) शेविंग (दाढ़ी बनाने) के लिए ____________ दर्पण का उपयोग होता है।
(ii) ____________ लेंस बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है।
प्रश्न 2. चिह्न परिपाटी के अनुसार मान लिखिए (+ या -):
(क) वस्तु की दूरी (u) हमेशा = ______
(ख) अवतल लेंस की फोकस दूरी (f) = ______
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
लेजर पॉइंटर से प्रैक्टिकल और ग्राफ पेपर पर अभ्यास के बाद छात्रों की चिह्न परिपाटी की गलतियां काफी कम हो गईं और उन्होंने न्यूमेरिकल्स सही हल किए।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 05 (कक्षा 10) | 04 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | चिह्न परिपाटी (Sign Convention) स्पष्ट हुई। |
| छात्र 11 (कक्षा 10) | 08 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | Ray diagram बनाने में सुधार। |
| छात्र 19 (कक्षा 10) | 06 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | दर्पण और लेंस में अंतर समझ गया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“प्रकाशिकी (Optics) केवल ब्लैकबोर्ड पर रटाने से समझ नहीं आती। जब बच्चों ने खुद लेजर से किरण को मुड़ते देखा, तो अपवर्तन का सिद्धांत उनके दिमाग में स्थायी हो गया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 22: मानव नेत्र एवं रंगबिरंगा संसार (Human Eye & Colourful World) – For Class 10
Reflective Diary
मननशील रिपोर्ट: इंटर्नशिप के दौरान स्कूल के दैनिक अनुभवों और स्वयं के शिक्षण कौशल पर आपका व्यक्तिगत चिंतन-मनन।
Achievement Test & Blueprint
उपलब्धि परीक्षण: छात्रों के मूल्यांकन हेतु ब्लूप्रिंट (Table of Specifications), प्रश्न-पत्र और मार्किंग स्कीम का निर्माण।
Diagnostic Test & Remedial Teaching
निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण: छात्रों की कठिनाइयों का पता लगाना और उन्हें दूर करने के लिए विशेष शिक्षण फाइल।
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 25 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | दृष्टि दोष (Eye Defects) व उनके निवारण तथा प्राकृतिक प्रकाशीय घटनाओं पर आधारित परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- मानव नेत्र की संरचना और इसके विभिन्न भागों के कार्यों को समझना।
- दृष्टि दोषों (Myopia, Hypermetropia) के कारण और उनके उचित लेंस द्वारा निवारण को पहचानना।
- प्रिज्म द्वारा वर्ण-विक्षेपण (Dispersion) और वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction) की घटनाओं की व्याख्या करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) सामान्य नेत्र के लिए निकट बिंदु (Near Point) की दूरी कितनी होती है?
(अ) अनंत (ब) 25 cm (स) 2.5 cm (द) 25 m [ ]
(ii) निकट दृष्टि दोष (Myopia) के निवारण के लिए किस लेंस का उपयोग किया जाता है?
(अ) उत्तल लेंस (ब) बेलनाकार लेंस (स) अवतल लेंस (द) द्विफोकसी लेंस [ ]
(iii) तारों का टिमटिमाना किस घटना पर आधारित है?
(अ) प्रकाश का प्रकीर्णन (ब) वायुमंडलीय अपवर्तन (स) प्रकाश का परावर्तन (द) वर्ण-विक्षेपण [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) [ वर्ण-विक्षेपण / उत्तल लेंस ]
(ख) आकाश का नीला रंग [ प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering) / वायुमंडलीय अपवर्तन ]
(ग) इन्द्रधनुष का बनना [ वर्ण-विक्षेपण (Dispersion) / अवतल लेंस ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) मानव नेत्र में प्रतिबिंब ____________ पर बनता है।
(b) पुतली (Pupil) के आकार को ____________ नियंत्रित करता है।
(c) श्वेत प्रकाश का सात रंगों में बटना ____________ कहलाता है।
(d) सबसे अधिक तरंगदैर्ध्य (Wavelength) ____________ रंग की होती है।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): अंतरिक्ष यात्रियों को आकाश नीले की बजाय काला क्यों दिखाई देता है? (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) दूर दृष्टि दोष में दूर की वस्तुएं स्पष्ट दिखाई नहीं देतीं। [ ]
(ii) खतरे के निशान लाल रंग के बनाए जाते हैं क्योंकि लाल रंग का प्रकीर्णन सबसे कम होता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (25 cm), (ii) स (अवतल लेंस), (iii) ब (वायुमंडलीय अपवर्तन)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) उत्तल लेंस, (ख) प्रकाश का प्रकीर्णन, (ग) वर्ण-विक्षेपण।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) रेटिना (दृष्टिपटल), (b) परितारिका (Iris), (c) वर्ण-विक्षेपण, (d) लाल।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: चित्र जिसमें मायोपिक आंख में रेटिना से पहले प्रतिबिंब बनता है, और अवतल लेंस लगाने पर रेटिना पर बनता है।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: अंतरिक्ष में वायुमंडल नहीं होता, इसलिए प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering) नहीं हो पाता है, जिससे आकाश काला दिखता है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य (दूर दृष्टि में पास की वस्तुएं स्पष्ट नहीं दिखतीं), (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 06 छात्र | नेत्र दोषों और प्रकाशीय घटनाओं को भली-भांति समझते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 10 छात्र | प्रकाशीय घटनाओं (प्रकीर्णन vs अपवर्तन) के कारण में भ्रमित होते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 09 छात्र | मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया के लक्षण व निवारक लेंस में भारी कन्फ्यूजन है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| निकट दृष्टि दोष (Myopia) में पास की वस्तुएं नहीं दिखतीं, ऐसा मानना। | निकट दृष्टि दोष में पास की वस्तुएं स्पष्ट दिखती हैं, दूर की नहीं। | पारिभाषिक भ्रम (Name-Meaning Contradiction) | दोष के नाम और उसके अर्थ के बीच विरोधाभास को न समझ पाना। |
| मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया के निवारक लेंस को आपस में बदल देना। | मायोपिया के लिए अवतल (Concave) और हाइपरमेट्रोपिया के लिए उत्तल (Convex) लेंस। | स्मृति एवं संप्रत्यय भ्रम | लेंस की अभिसारी/अपसारी प्रकृति का नेत्र दोष के साथ संबंध न जोड़ पाना। |
| तारों के टिमटिमाने का कारण प्रकाश का प्रकीर्णन (Scattering) बताना। | तारों का टिमटिमाना वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction) के कारण होता है। | कारण-प्रभाव त्रुटि | विभिन्न प्रकाशीय घटनाओं के सिद्धांतों के बीच अंतर स्पष्ट न होना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 19 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): मानव नेत्र का 3D मॉडल, चश्मे के लेंस (अवतल/उत्तल), कांच का प्रिज्म, टॉर्च, स्मार्टबोर्ड।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | मानव नेत्र की संरचना 3D मॉडल से रेटिना, पुतली, और लेंस की कार्यप्रणाली समझाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | दृष्टि दोष का भ्रम दूर करना (Trick & Tips) दोष के नाम के अर्थ को समझाने के लिए शॉर्टकट ट्रिक: ‘निकट दृष्टि = निकट का दिखता है’। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | लेंस और चश्मे (Practical) छात्रों को असली चश्मे (मायोपिया वाले) पहनाकर अवतल लेंस की पहचान कराना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | प्रिज्म का जादू (वर्ण-विक्षेपण) धूप में प्रिज्म से श्वेत प्रकाश को 7 रंगों (VIBGYOR) में विभक्त होते दिखाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | प्रकाशीय घटनाओं की प्रश्नोत्तरी प्रकीर्णन (नीला आकाश) और अपवर्तन (तारों का टिमटिमाना) के उदाहरणों पर क्विज़। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(1) निकट दृष्टि दोष — (उत्तल लेंस / अवतल लेंस)
(2) तारों का टिमटिमाना — (अपवर्तन / प्रकीर्णन)
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) स्वस्थ नेत्र के लिए निकट बिंदु _________ cm होता है।
(ख) इन्द्रधनुष प्रकाश के _________ के कारण बनता है।
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
प्रिज्म प्रयोग और 3D मॉडल के बाद छात्रों ने दृष्टि दोषों और उनके लेंसों को सही-सही मिलाना सीख लिया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 08 (कक्षा 10) | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया का अंतर समझा। |
| छात्र 14 (कक्षा 10) | 07 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | प्रकाशीय घटनाओं (अपवर्तन/प्रकीर्णन) में भ्रम दूर हुआ। |
| छात्र 22 (कक्षा 10) | 03 / 20 | 13 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | नेत्र संरचना को मॉडल से बेहतर समझा। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“नेत्र दोषों के नामों का शाब्दिक अर्थ बच्चों को भ्रमित करता है। ‘निकट दृष्टि दोष मतलब निकट का साफ दिखना’ यह ट्रिक रटने से ज्यादा प्रभावी रही।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 23: विद्युत (Electricity) – For Class 10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 25 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | परिपथ आरेख (Circuit Diagram) और ओम के नियम पर आधारित गणनात्मक परीक्षा। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- विद्युत धारा, विभवांतर और प्रतिरोध के बीच ओम के नियम (Ohm’s Law) द्वारा संबंध स्थापित करना।
- श्रेणीक्रम (Series) और पार्श्वक्रम (Parallel) संयोजन के परिपथ में तुल्य प्रतिरोध ज्ञात करना।
- परिपथ आरेख में एमीटर और वोल्टमीटर का सही संयोजन करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) विद्युत धारा का SI मात्रक क्या है?
(अ) वोल्ट (ब) एम्पियर (स) ओम (द) जूल [ ]
(ii) परिपथ में वोल्टमीटर (Voltmeter) को हमेशा किस क्रम में जोड़ा जाता है?
(अ) श्रेणीक्रम (ब) पार्श्वक्रम (समांतर) (स) दोनों में (द) किसी में नहीं [ ]
(iii) ओम के नियम का सही गणितीय रूप है?
(अ) I = VR (ब) V = I/R (स) V = IR (द) R = VI [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) प्रतिरोध (Resistance) का मात्रक [ वोल्ट / ओम ]
(ख) श्रेणीक्रम संयोजन का सूत्र [ R = R1 + R2 / 1/R = 1/R1 + 1/R2 ]
(ग) विद्युत शक्ति (Power) का मात्रक [ वाट (Watt) / जूल (Joule) ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) एमीटर को परिपथ में हमेशा ____________ क्रम में जोड़ा जाता है।
(b) किसी चालक का प्रतिरोध उसकी ____________ के अनुक्रमानुपाती होता है।
(c) 1 किलोवाट घंटा (kWh) = ____________ जूल (Joule) होता है।
(d) विद्युत आवेश के प्रवाह की दर को ____________ कहते हैं।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): किसी विद्युत बल्ब के तंतु से 0.5 A की विद्युत धारा 10 मिनट तक प्रवाहित होती है। परिपथ में प्रवाहित विद्युत आवेश (Q) ज्ञात कीजिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) प्रतिरोध चालक की अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल (Area) पर निर्भर नहीं करता। [ ]
(ii) पार्श्वक्रम (Parallel) में जुड़े सभी प्रतिरोधकों पर विभवांतर (Voltage) समान रहता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (एम्पियर), (ii) ब (पार्श्वक्रम), (iii) स (V = IR)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) ओम, (ख) R = R1 + R2, (ग) वाट।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) श्रेणीक्रम, (b) लंबाई, (c) 3.6 × 10⁶, (d) विद्युत धारा।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: तीनों को पार्श्वक्रम (Parallel) में जोड़कर। 1/R = 1/2 + 1/3 + 1/6 = (3+2+1)/6 = 6/6 = 1. अतः R = 1Ω.
भाग ब – q5: प्रश्न 5: I = 0.5 A, t = 10 min = 600 s. Q = I × t = 0.5 × 600 = 300 C.
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य (निर्भर करता है, व्युत्क्रमानुपाती), (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 04 छात्र | ओम का नियम और परिपथ के न्यूमेरिकल्स को आसानी से हल कर रहे हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | सूत्र याद हैं, लेकिन श्रेणी व पार्श्वक्रम संयोजन की गणना (भिन्न का जोड़) में गलती करते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 13 छात्र | एमीटर/वोल्टमीटर के संयोजन और V=IR के अनुप्रयोग में गंभीर भ्रम है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| श्रेणीक्रम (Series) और पार्श्वक्रम (Parallel) के सूत्रों को आपस में मिलाना। | Series में सीधा जोड़ (R=R1+R2), Parallel में भिन्न का जोड़ (1/R = 1/R1+1/R2) होता है। | सूत्र का गलत अनुप्रयोग (Formula Interchanging) | परिपथ में धारा के बंटने की अवधारणा (Current Division) का ज्ञान न होना। |
| वोल्टमीटर को श्रेणीक्रम में और एमीटर को पार्श्वक्रम में जोड़ देना। | एमीटर धारा मापता है इसलिए Series में, वोल्टमीटर विभवांतर मापता है इसलिए Parallel में जुड़ता है। | प्रायोगिक/सैद्धांतिक भ्रम | वास्तविक परिपथ बनाकर उपकरणों को जोड़ने का अनुभव न होना। |
| विद्युत आवेश (Q = It) निकालते समय समय (t) को मिनट में ही रखना। | समय को हमेशा सेकंड (s) में बदलना चाहिए। | मात्रक परिवर्तन त्रुटि (Unit Conversion Error) | SI मात्रकों के प्रति असावधानी। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 21 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): बैटरी एलिमिनेटर, बल्ब, कनेक्टिंग वायर, एमीटर, वोल्टमीटर, प्रतिरोधक (Resistors)।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | वास्तविक परिपथ (Circuit) बनाना बैटरी, तार और बल्ब से परिपथ बनाना और स्विच का कार्य समझना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | एमीटर और वोल्टमीटर कनेक्शन उपकरणों को परिपथ में श्रेणी और समांतर क्रम में जोड़कर रीडिंग लेना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | ओम के नियम का सत्यापन V और I की रीडिंग लेकर V/I का अनुपात (R) निकालना और ग्राफ बनाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | Series vs Parallel गतिविधि सजावटी झालर (Series) और घर की वायरिंग (Parallel) के उदाहरण से धारा का बंटना समझाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | भिन्न के जोड़ की प्रैक्टिस (Maths Drill) पार्श्वक्रम के न्यूमेरिकल्स के लिए भिन्न (Fractions) और LCM हल करने की प्रैक्टिस। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) एमीटर जुड़ता है — (श्रेणीक्रम / समांतर क्रम)
(ii) ओम का नियम — (V = I/R या V = I×R)
प्रश्न 2. 10Ω और 20Ω के दो प्रतिरोधक श्रेणीक्रम (Series) में जुड़े हैं, कुल प्रतिरोध (R) = ______ Ω होगा।
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
वायरिंग का मॉडल और एमीटर जोड़ने के व्यावहारिक अनुभव के बाद बच्चों में परिपथ आरेख बनाने की समझ विकसित हुई।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 03 (कक्षा 10) | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | एमीटर और वोल्टमीटर का कनेक्शन सही किया। |
| छात्र 16 (कक्षा 10) | 04 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | भिन्न (LCM) की गलतियों में सुधार। |
| छात्र 25 (कक्षा 10) | 08 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | Series और Parallel का अंतर समझ गया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“विद्युत अध्याय को गणितीय सूत्रों से शुरू करने की बजाय, एक छोटा सा बल्ब और बैटरी देकर सर्किट बनाने से बच्चों की रुचि और समझ दोनों बढ़ी।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 24: बल एवं गति के नियम (Force & Laws of Motion) – For Class 9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | न्यूटन के नियमों के दैनिक जीवन में अनुप्रयोग और F=ma आधारित गणना। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- न्यूटन के गति के तीनों नियमों (जड़त्व, संवेग, क्रिया-प्रतिक्रिया) को समझना।
- दैनिक जीवन के उदाहरणों (जैसे- बस का रुकना, बंदूक का प्रतिक्षेप) में नियमों की पहचान करना।
- द्रव्यमान, त्वरण और बल के बीच संबंध (F = ma) पर आधारित प्रश्न हल करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) किसी वस्तु का जड़त्व (Inertia) किस पर निर्भर करता है?
(अ) उसके वेग पर (ब) उसके द्रव्यमान पर (स) उसके आकार पर (द) उसके त्वरण पर [ ]
(ii) संवेग (Momentum) का मात्रक क्या है?
(अ) kg m/s² (ब) kg m/s (स) Newton (द) Joule [ ]
(iii) क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा कार्य करते हैं:
(अ) एक ही वस्तु पर (ब) दो अलग-अलग वस्तुओं पर (स) समान दिशा में (द) असमान परिमाण में [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) गति का प्रथम नियम [ F = ma / जड़त्व का नियम ]
(ख) गति का द्वितीय नियम [ क्रिया-प्रतिक्रिया / संवेग परिवर्तन की दर (F = ma) ]
(ग) गति का तृतीय नियम [ जड़त्व / क्रिया-प्रतिक्रिया ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) बल का SI मात्रक ____________ है।
(b) द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को ____________ कहते हैं।
(c) चलती बस के अचानक रुकने पर यात्री ____________ की ओर झुकते हैं।
(d) रॉकेट का प्रक्षेपण न्यूटन के ____________ नियम पर आधारित है।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं गणनात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (न्यूमेरिकल): एक 5 kg द्रव्यमान की वस्तु पर 10 N का बल लगाया जाता है। वस्तु में उत्पन्न त्वरण (a) ज्ञात कीजिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) संतुलित बल (Balanced Forces) किसी वस्तु की गति की अवस्था में परिवर्तन कर सकते हैं। [ ]
(ii) भारी वस्तु का जड़त्व हल्की वस्तु से अधिक होता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (द्रव्यमान पर), (ii) ब (kg m/s), (iii) ब (दो अलग-अलग वस्तुओं पर)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) जड़त्व का नियम, (ख) संवेग परिवर्तन की दर (F = ma), (ग) क्रिया-प्रतिक्रिया।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) न्यूटन (N), (b) संवेग (Momentum), (c) आगे, (d) तृतीय।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: न्यूटन के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) के अनुसार, जब बंदूक गोली पर आगे की ओर बल (क्रिया) लगाती है, तो गोली बंदूक पर समान परिमाण में पीछे की ओर बल (प्रतिक्रिया) लगाती है।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: F = ma, 10 = 5 × a, a = 10/5 = 2 m/s².
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य (असंतुलित बल परिवर्तन करते हैं), (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | नियमों की अच्छी समझ है और F=ma के न्यूमेरिकल्स सही हल करते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | दैनिक जीवन के उदाहरणों को नियमों से जोड़ने में कभी-कभी गलती करते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | जड़त्व और क्रिया-प्रतिक्रिया के बुनियादी सिद्धांतों में स्पष्टता का अभाव है। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| क्रिया और प्रतिक्रिया बल को एक ही वस्तु पर कार्य करते हुए मानना। | क्रिया और प्रतिक्रिया हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर विपरीत दिशा में कार्य करते हैं। | संप्रत्ययात्मक भ्रम (Conceptual Error) | बलों की दिशा और उनके लगने वाले बिंदु का सही विज़ुअलाइज़ेशन न होना। |
| जड़त्व को वस्तु का भार (Weight) मान लेना। | जड़त्व वस्तु के द्रव्यमान (Mass) की माप है, भार की नहीं। | पारिभाषिक भ्रम | द्रव्यमान और भार के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से न समझना। |
| संवेग (Momentum) और बल (Force) को एक ही समझना। | संवेग = द्रव्यमान × वेग, जबकि बल = संवेग में परिवर्तन की दर। | सूत्र आधारित त्रुटि | न्यूटन के द्वितीय नियम की गणितीय व्युत्पत्ति (Derivation) को न समझना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 15 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): कैरम बोर्ड, पानी का गिलास और कार्डबोर्ड, गुब्बारा (रॉकेट), खिलौना कार, स्प्रिंग बैलेंस।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | जड़त्व का जादू (Activity) गिलास पर रखे कार्डबोर्ड को तेजी से फ्लिक कर सिक्के को गिलास में गिराने का प्रयोग। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | कैरम बोर्ड से प्रथम नियम स्ट्राइकर से गोटियों के ढेर के सबसे निचले हिस्से को मारना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | F = ma के न्यूमेरिकल्स समीकरण F=ma में मान रखने और मात्रक (Unit) लिखने का अभ्यास। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | गुब्बारा-रॉकेट (तृतीय नियम) हवा भरे गुब्बारे को छोड़कर क्रिया (हवा का पीछे जाना) और प्रतिक्रिया (गुब्बारे का आगे जाना) दिखाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | रोल प्ले और उदाहरण छात्रों द्वारा दैनिक जीवन के उदाहरण (तैरना, चलना, बस में खड़े होना) का रोल प्ले। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(क) तैरते समय पानी को पीछे धकेलना — ____________ नियम
(ख) पेड़ हिलाने पर फलों का गिरना — ____________ नियम
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें: एक भारी पत्थर का जड़त्व एक छोटी गेंद की तुलना में ____________ (अधिक/कम) होता है।
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
गुब्बारे के रॉकेट और कार्डबोर्ड-सिक्के वाले प्रयोग के बाद, छात्रों ने जड़त्व और क्रिया-प्रतिक्रिया को बहुत अच्छी तरह समझ लिया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 02 (कक्षा 9) | 05 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | तृतीय नियम के प्रयोग (गुब्बारा) से कांसेप्ट साफ हुआ। |
| छात्र 09 (कक्षा 9) | 07 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | F=ma न्यूमेरिकल्स में गणितीय सुधार। |
| छात्र 14 (कक्षा 9) | 04 / 20 | 13 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | जड़त्व के उदाहरण अब सही पहचानता है। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“भौतिक विज्ञान के नियमों को रटाने के बजाय, कक्षा में छोटे-छोटे प्रयोग (जैसे कैरम या सिक्का) करवाने से अवधारणाएं लंबे समय तक याद रहती हैं।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 25: कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति (Work, Energy & Power) – For Class 9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | गतिज ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा और शक्ति के सूत्रों पर आधारित सैद्धांतिक एवं आंकिक परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ‘कार्य’ (Work) की अवधारणा और शून्य कार्य की स्थिति को समझना।
- गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) और स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) में अंतर करना।
- ऊर्जा संरक्षण के नियम को समझना तथा कार्य, ऊर्जा और शक्ति के आंकिक प्रश्न हल करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) किसी वस्तु पर किया गया कार्य शून्य (Zero) होगा यदि विस्थापन और बल के बीच का कोण हो:
(अ) 0° (ब) 45° (स) 90° (द) 180° [ ]
(ii) गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) का सूत्र क्या है?
(अ) mgh (ब) 1/2 mv² (स) F.s (द) W/t [ ]
(iii) कार्य करने की दर को क्या कहते हैं?
(अ) ऊर्जा (ब) बल (स) शक्ति (Power) (द) संवेग [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) शक्ति का मात्रक [ जूल (Joule) / वाट (Watt) ]
(ख) ऊर्जा का मात्रक [ वाट (Watt) / जूल (Joule) ]
(ग) स्थितिज ऊर्जा (P.E.) [ mgh / 1/2 mv² ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) खींचे हुए धनुष में ____________ ऊर्जा संचित होती है।
(b) ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है, न ही नष्ट, इसे ____________ का नियम कहते हैं।
(c) 1 किलोवाट (kW) = ____________ वाट (W) होता है।
(d) यदि विस्थापन शून्य है, तो किया गया कार्य ____________ होगा।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं गणनात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (अंतर स्पष्ट करें): गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा में कोई दो अंतर लिखिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) किसी वस्तु का द्रव्यमान दोगुना करने पर उसकी गतिज ऊर्जा भी दोगुनी हो जाती है। [ ]
(ii) कार्य एक सदिश (Vector) राशि है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) स (90°), (ii) ब (1/2 mv²), (iii) स (शक्ति)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) वाट (Watt), (ख) जूल (Joule), (ग) mgh।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) स्थितिज, (b) ऊर्जा संरक्षण, (c) 1000, (d) शून्य।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: कार्य (W) = स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन = mgh = 15 × 10 × 1.5 = 225 J.
भाग ब – q5: प्रश्न 5: गतिज ऊर्जा वस्तु की गति के कारण होती है, स्थितिज ऊर्जा उसकी स्थिति/आकार के कारण। KE = 1/2 mv², PE = mgh.
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य (KE ∝ m), (ii) असत्य (कार्य अदिश/Scalar राशि है)।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 06 छात्र | कार्य और ऊर्जा के सूत्र अच्छे से लागू कर पाते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | सिद्धांत स्पष्ट हैं, पर गतिज ऊर्जा में वेग (v) का वर्ग (square) करना भूल जाते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 06 छात्र | वैज्ञानिक कार्य (Work) और आम बोलचाल के कार्य में अंतर नहीं कर पाते (शून्य कार्य का भ्रम)। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| दीवार को धक्का देने पर थकावट को ‘कार्य’ मान लेना। | विज्ञान में, कार्य = बल × विस्थापन। दीवार नहीं खिसकी (विस्थापन शून्य), अतः कार्य शून्य। | दैनिक जीवन vs वैज्ञानिक अवधारणा | शारीरिक श्रम और भौतिक विज्ञान के कार्य में भ्रम। |
| शक्ति (Power) और ऊर्जा (Energy) को समान समझना। | ऊर्जा कार्य करने की क्षमता है (जूल), जबकि शक्ति कार्य करने की दर है (वाट)। | पारिभाषिक भ्रम | दैनिक जीवन में इन शब्दों के पर्यायवाची के रूप में उपयोग। |
| गतिज ऊर्जा (1/2 mv²) की गणना में ‘v’ का वर्ग (Square) न करना। | v² का अर्थ है वेग को उसी संख्या से गुणा करना (v × v)। | गणितीय त्रुटि | बीजगणितीय गणना (Algebraic Calculation) में लापरवाही। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 14 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): स्प्रिंग, धनुष-बाण खिलौना, पेंडुलम, रबर बैंड, चार्ट (कार्य के प्रकार)।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | कार्य क्या है? (वैज्ञानिक दृष्टिकोण) दीवार को धक्का देने और डस्टर को खिसकाने का लाइव डेमो देकर शून्य और धनात्मक कार्य समझाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | स्थितिज ऊर्जा का प्रदर्शन स्प्रिंग को दबाने और रबर बैंड को खींचने पर संचित ऊर्जा (PE) दिखाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | गतिज ऊर्जा के न्यूमेरिकल्स 1/2 mv² सूत्र में वर्ग (Square) करने की गणितीय प्रैक्टिस। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | ऊर्जा रूपांतरण (Energy Conversion) पेंडुलम के दोलन से स्थितिज से गतिज और गतिज से स्थितिज ऊर्जा का रूपांतरण समझाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | शक्ति (Power) vs ऊर्जा सीढ़ियां धीरे चढ़ने और दौड़कर चढ़ने का उदाहरण देकर शक्ति का कॉन्सेप्ट (समय का महत्व) समझाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) पानी के बांध में संचित पानी में ____________ ऊर्जा होती है। (स्थितिज / गतिज)
(ii) 10 kg का बक्सा सिर पर रखकर खड़े रहने पर किया गया कार्य ____________ होगा। (अधिक / शून्य)
प्रश्न 2. सूत्र लिखिए:
(क) शक्ति (P) = ________ / समय (t)
(ख) किया गया कार्य (W) = बल (F) × ________
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
दीवार को धक्का देने वाले डेमो से बच्चों का ‘कार्य’ को लेकर भ्रम दूर हुआ और गतिज ऊर्जा के न्यूमेरिकल्स में सुधार हुआ।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 05 (कक्षा 9) | 06 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | शून्य कार्य की अवधारणा समझ गया। |
| छात्र 11 (कक्षा 9) | 08 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | गतिज ऊर्जा के सूत्र में वर्ग (square) की गलती सुधरी। |
| छात्र 19 (कक्षा 9) | 05 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | स्थितिज और गतिज ऊर्जा में अंतर कर पा रहा है। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“भौतिकी के पारिभाषिक शब्दों (जैसे कार्य, शक्ति) का दैनिक जीवन के शब्दों के अर्थ से अलग होना छात्रों को भ्रमित करता है। सरल उदाहरणों ने इस गैप को भर दिया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 26: ध्वनि (Sound) – For Class 9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | ध्वनि तरंगों के गुणों (आवृत्ति, आयाम) और प्रतिध्वनि (Echo) पर आधारित परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- ध्वनि के संचरण और तरंग प्रकृति (अनुदैर्ध्य तरंग) को समझना।
- आवृत्ति (Frequency) और आयाम (Amplitude) का ध्वनि के तारत्व (Pitch) व प्रबलता (Loudness) से संबंध जानना।
- प्रतिध्वनि (Echo) और सोनार (SONAR) की अवधारणा को आंकिक प्रश्नों सहित हल करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) ध्वनि तरंगें किस माध्यम में संचरण नहीं कर सकतीं?
(अ) ठोस (ब) द्रव (स) गैस (द) निर्वात (Vacuum) [ ]
(ii) आवृत्ति (Frequency) का SI मात्रक क्या है?
(अ) हर्ट्ज (Hz) (ब) मीटर/सेकंड (स) डेसिबल (dB) (द) जूल [ ]
(iii) मानव के लिए श्रव्य ध्वनि (Audible Range) की आवृत्ति परास कितनी है?
(अ) 20 Hz से कम (ब) 20 Hz से 20,000 Hz (स) 20,000 Hz से अधिक (द) 200 Hz से 2000 Hz [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) तारत्व (Pitch) [ आयाम (Amplitude) / आवृत्ति (Frequency) ]
(ख) प्रबलता (Loudness) [ परावर्तन / आयाम (Amplitude) ]
(ग) प्रतिध्वनि (Echo) [ आवृत्ति (Frequency) / ध्वनि का परावर्तन ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) ध्वनि तरंगें ____________ तरंगें होती हैं। (अनुदैर्ध्य / अनुप्रस्थ)
(b) वायु में ध्वनि की चाल लगभग ____________ m/s होती है।
(c) चमगादड़ रात में उड़ने के लिए ____________ तरंगों का उपयोग करते हैं। (पराश्रव्य / अवश्रव्य)
(d) प्रतिध्वनि सुनने के लिए मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच कम से कम ____________ सेकंड का समय अंतराल होना चाहिए।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं गणनात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (अंतर स्पष्ट करें): ध्वनि के तारत्व (Pitch) और प्रबलता (Loudness) में क्या अंतर है? (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) ध्वनि की चाल हवा की तुलना में लोहे (ठोस) में अधिक होती है। [ ]
(ii) महिलाओं की आवाज़ का तारत्व (Pitch) पुरुषों की तुलना में कम होता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) द (निर्वात), (ii) अ (हर्ट्ज), (iii) ब (20 Hz से 20,000 Hz)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) आवृत्ति, (ख) आयाम, (ग) ध्वनि का परावर्तन।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) अनुदैर्ध्य (Longitudinal), (b) 344 (या 332), (c) पराश्रव्य (Ultrasonic), (d) 0.1।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: 2d = v × t. 2d = 1530 × 4. 2d = 6120. d = 3060 m.
भाग ब – q5: प्रश्न 5: तारत्व ध्वनि की तीक्ष्णता/आवृत्ति पर निर्भर करता है, प्रबलता ध्वनि के तेज़पन/आयाम पर निर्भर करती है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) असत्य (महिलाओं की आवाज़ का तारत्व/तीक्ष्णता अधिक होता है)।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | प्रतिध्वनि (Echo) के सूत्र (2d=vt) का सही उपयोग करते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | तारत्व और प्रबलता में भ्रमित होते हैं, लेकिन SONAR का उपयोग जानते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | Echo के न्यूमेरिकल में दूरी (d) को दोगुना (2d) करना भूल जाते हैं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| Echo के न्यूमेरिकल में सूत्र d = v × t लगाना। | ध्वनि जाती है और वापस आती है, इसलिए कुल दूरी 2d होती है (2d = v × t)। | सूत्र का अधूरा प्रयोग | परावर्तन में ध्वनि द्वारा तय की गई दोहरी यात्रा को न समझना। |
| तारत्व (Pitch) और प्रबलता (Loudness) को एक ही मानना। | तारत्व (पतली/मोटी आवाज़) आवृत्ति पर निर्भर है; प्रबलता (तेज़/धीमी आवाज़) आयाम पर। | संप्रत्ययात्मक भ्रम | आवाज़ की विशेषताओं को वैज्ञानिक रूप से अलग न कर पाना। |
| मानना कि ध्वनि निर्वात (Vacuum) में भी चल सकती है। | ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, इसे चलने के लिए माध्यम (हवा, पानी, ठोस) चाहिए। | मूलभूत भौतिक भ्रम | ध्वनि और प्रकाश तरंगों के गुणों में अंतर न कर पाना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 15 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): स्लिंकी (Slinky toy), ट्यूनिंग फोर्क, पानी का टब, गिटार/रबर बैंड, स्मार्टफोन का टोन जनरेटर।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | तरंग क्या है? (Slinky Activity) स्लिंकी खिलौने से संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) दिखाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | ध्वनि को माध्यम चाहिए (Bell Jar Demo) निर्वात का वीडियो/एनिमेशन दिखाकर समझाना कि अंतरिक्ष में आवाज़ क्यों नहीं आती। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | Pitch vs Loudness गतिविधि रबर बैंड को कसकर/ढीला खींचकर तारत्व (Pitch) और धीरे/जोर से बजाकर प्रबलता समझाना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | Echo और 2d का सिद्धांत गेंद को दीवार पर मारकर वापस कैच करने का उदाहरण देकर 2d दूरी की संकल्पना स्पष्ट करना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | SONAR न्यूमेरिकल्स अभ्यास 2d = v × t के सूत्र पर आधारित अलग-अलग प्रश्नों की प्रैक्टिस। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(1) शेर की दहाड़ — (अधिक तारत्व / अधिक प्रबलता)
(2) मच्छर की भिनभिनाहट — (अधिक तारत्व / अधिक प्रबलता)
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें:
(क) प्रतिध्वनि (Echo) के लिए दीवार और हमारे बीच की दूरी कम से कम _________ मीटर होनी चाहिए। (17.2 / 10.2)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
गेंद के उदाहरण से बच्चों ने ‘2d’ का कांसेप्ट पकड़ लिया और SONAR के न्यूमेरिकल्स सही करने लगे।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 04 (कक्षा 9) | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | प्रतिध्वनि के सूत्र (2d) में सुधार। |
| छात्र 12 (कक्षा 9) | 07 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | Pitch और Loudness का अंतर समझ गया। |
| छात्र 18 (कक्षा 9) | 06 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | ध्वनि संचरण के माध्यम की अवधारणा स्पष्ट हुई। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“तरंगों को बोर्ड पर बनाना कठिन है, लेकिन स्लिंकी (Slinky) खिलौने ने अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) को विज़ुअलाइज़ करने में जादू सा काम किया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 27: गुरुत्वाकर्षण (Gravitation) – For Class 9
All EPC Files
ईपीसी डायरियाँ: Reading and Reflecting, Art & Drama, ICT, और Understanding the Self पर संपूर्ण कार्य।
D.El.Ed / BSTC Lesson Plans
D.El.Ed 1st & 2nd Year: BSTC (डी.एल.एड) प्रथम और द्वितीय वर्ष के लिए सभी विषयों की दैनिक पाठ योजनाएँ (Lesson Plans)।
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम, G तथा g में अंतर एवं द्रव्यमान/भार के प्रश्नों पर आधारित। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम (Universal Law) को समझना और लागू करना।
- सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक (G) और गुरुत्वीय त्वरण (g) के बीच स्पष्ट अंतर करना।
- द्रव्यमान (Mass) और भार (Weight) के बीच भेद करना एवं आंकिक प्रश्न हल करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) सार्वत्रिक गुरुत्वीय नियतांक (G) का मान कितना होता है?
(अ) 9.8 m/s² (ब) 6.67 × 10⁻¹¹ Nm²/kg² (स) 9.8 N (द) शून्य [ ]
(ii) किसी वस्तु का द्रव्यमान (Mass) पृथ्वी पर 60 kg है, तो चंद्रमा पर उसका द्रव्यमान क्या होगा?
(अ) 10 kg (ब) 60 kg (स) 360 kg (द) शून्य [ ]
(iii) गुरुत्वाकर्षण बल दो पिंडों के बीच की दूरी (d) के साथ कैसे बदलता है?
(अ) d के अनुक्रमानुपाती (ब) d² के अनुक्रमानुपाती (स) d के व्युत्क्रमानुपाती (द) d² के व्युत्क्रमानुपाती [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) भार (Weight) का मात्रक [ किलोग्राम (kg) / न्यूटन (N) ]
(ख) पृथ्वी पर गुरुत्वीय त्वरण (g) [ 9.8 m/s² / 6.67 × 10⁻¹¹ ]
(ग) चंद्रमा पर वस्तु का भार [ पृथ्वी के भार का 1/6 / पृथ्वी के भार का 6 गुना ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) G का मान ब्रह्मांड में सभी जगह ____________ रहता है।
(b) वस्तु का भार भूमध्य रेखा (Equator) की तुलना में ध्रुवों (Poles) पर ____________ होता है।
(c) मुक्त पतन (Free Fall) के समय वस्तु का आभासी भार ____________ होता है।
(d) गुरुत्वाकर्षण का नियम ____________ ने दिया था।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं गणनात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम (Universal Law of Gravitation) लिखिए तथा इसका सूत्र (F) भी बताइए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) दो पिंडों के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए, तो गुरुत्वाकर्षण बल चौथाई (1/4) रह जाता है। [ ]
(ii) g का मान पृथ्वी के केंद्र पर शून्य होता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (6.67 × 10⁻¹¹), (ii) ब (60 kg – द्रव्यमान बदलता नहीं), (iii) द (d² के व्युत्क्रमानुपाती)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) न्यूटन (N), (ख) 9.8 m/s², (ग) पृथ्वी के भार का 1/6।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) समान (नियत), (b) अधिक, (c) शून्य, (d) न्यूटन।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) द्रव्यमान पदार्थ की मात्रा है, भार गुरुत्वीय बल है। (2) द्रव्यमान का मात्रक kg, भार का N है। (3) द्रव्यमान हर जगह समान रहता है, भार स्थान के साथ (g बदलने पर) बदलता है।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: ब्रह्मांड का हर पिंड दूसरे पिंड को आकर्षित करता है, जो उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती और दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। F = G(m1.m2)/d².
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य, (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 04 छात्र | G और g के कांसेप्ट और दूरी वर्ग के नियम (Inverse Square Law) में निपुण हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 09 छात्र | सूत्र याद हैं, पर चंद्रमा पर ‘द्रव्यमान’ और ‘भार’ के अंतर के ट्रिकी सवालों में फंस जाते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | G और g को एक ही मानते हैं और d² के न्यूमेरिकल्स हल नहीं कर पाते। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| चंद्रमा पर ले जाने पर ‘द्रव्यमान’ (Mass) को भी 1/6 कर देना। | द्रव्यमान (पदार्थ की मात्रा) कहीं नहीं बदलता, केवल भार (Weight = m×g) 1/6 होता है। | संप्रत्ययात्मक भ्रम (Conceptual Gap) | दैनिक जीवन में ‘भार’ शब्द का प्रयोग द्रव्यमान (kg) के लिए करने की आदत। |
| कैपिटल G और स्मॉल g को एक समझना। | G सार्वत्रिक नियतांक है (मान स्थिर रहता है), g गुरुत्वीय त्वरण है (स्थान के साथ बदलता है)। | प्रतीकात्मक भ्रम (Symbolic Confusion) | अंग्रेजी वर्णमाला के एक ही अक्षर के दो रूपों का अलग अर्थ होना। |
| दूरी दोगुनी करने पर बल को आधा कर देना। | सूत्र में d² नीचे है, इसलिए दूरी दोगुनी करने पर बल 1/4 हो जाता है। | गणितीय त्रुटि (Inverse Square Error) | व्युत्क्रमानुपाती वर्ग नियम (Inverse Square Law) की समझ का अभाव। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 16 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): वजन तोलने की मशीन, स्प्रिंग बैलेंस, चुंबक, चार्ट (G vs g), ग्लोब।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | Mass vs Weight (गतिविधि) स्प्रिंग बैलेंस (न्यूटन में भार) और तराजू (kg में द्रव्यमान) से अंतर स्पष्ट करना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | G और g की कहानी चार्ट के माध्यम से बताना कि G पूरे ब्रह्मांड का ‘बॉस’ है (बदलता नहीं), और g बदलता रहता है। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | चंद्रमा पर भार (Trick) छात्रों को अपना भार 6 से भाग देकर चंद्रमा पर उनका भार निकालने की मनोरंजक गतिविधि। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | दूरी के वर्ग का नियम (d²) चुंबक को दूर ले जाने पर बल का तेजी से कम होना दिखाकर व्युत्क्रमानुपाती वर्ग नियम समझाना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | न्यूमेरिकल्स हल करना F = G(m1m2)/d² पर आधारित सरल गणितीय अभ्यास। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) मेरा द्रव्यमान (Mass) मंगल ग्रह पर बदल जाएगा। (सही / गलत)
(ii) मेरा भार (Weight) मंगल ग्रह पर बदल जाएगा। (सही / गलत)
प्रश्न 2. मान लीजिए आपका भार पृथ्वी पर 600 N है, तो चंद्रमा पर यह ________ N होगा।
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
स्प्रिंग बैलेंस और तराजू के प्रैक्टिकल के बाद बच्चों ने दैनिक जीवन के ‘वजन’ (Mass) और विज्ञान के ‘भार’ (Weight) का अंतर पकड़ लिया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 07 (कक्षा 9) | 04 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | G और g का अंतर स्पष्ट हुआ। |
| छात्र 15 (कक्षा 9) | 08 / 20 | 18 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | द्रव्यमान कभी नहीं बदलता, यह तथ्य याद हो गया। |
| छात्र 19 (कक्षा 9) | 06 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | d² वाले न्यूमेरिकल्स में गलती सुधरी। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“आम भाषा में हम ‘मेरा वजन 50 किलो है’ कहते हैं, यही वाक्य विज्ञान की कक्षा में सबसे बड़ा भ्रम पैदा करता है। इस भाषाई त्रुटि को सुधारना सबसे जरूरी था।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 28: विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव (Magnetic Effects of Electric Current) – For Class 10
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 10 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 25 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं, दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम और फ्लेमिंग के नियमों पर आधारित परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों और दिशा को समझना।
- विद्युत धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र (दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम) ज्ञात करना।
- फ्लेमिंग के वाम-हस्त (Left-Hand) नियम और विद्युत मोटर के सिद्धांत को समझना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) चुंबक के बाहर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा क्या होती है?
(अ) दक्षिण से उत्तर ध्रुव (ब) उत्तर से दक्षिण ध्रुव (स) केंद्र से बाहर (द) बाहर से केंद्र [ ]
(ii) किसी सीधे धारावाही चालक तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा किस नियम से ज्ञात की जाती है?
(अ) ओम का नियम (ब) फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम (स) दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम (Right Hand Thumb Rule) (द) फैराडे का नियम [ ]
(iii) विद्युत मोटर किस ऊर्जा को किसमें बदलती है?
(अ) यांत्रिक को विद्युत में (ब) विद्युत को यांत्रिक में (स) रासायनिक को विद्युत में (द) ताप को विद्युत में [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) विद्युत जनित्र (Generator) [ वाम-हस्त नियम / विद्युत चुंबकीय प्रेरण (EMI) ]
(ख) फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम [ चुंबकीय बल की दिशा / चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ]
(ग) कंपास सुई (Compass) [ विद्युत क्षेत्र / चुंबकीय क्षेत्र ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं एक दूसरे को कभी ____________ नहीं करतीं।
(b) परिनालिका (Solenoid) के भीतर चुंबकीय क्षेत्र ____________ होता है। (समान / असमान)
(c) फ्लेमिंग के वाम-हस्त नियम में तर्जनी (Forefinger) ____________ की दिशा बताती है।
(d) विद्युत चुंबकीय प्रेरण की खोज ____________ ने की थी। (न्यूटन / फैराडे)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं चित्रात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (नियम लिखिए): फ्लेमिंग का वाम-हस्त (Left-Hand) नियम लिखिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) चुंबकीय क्षेत्र एक अदिश राशि है जिसमें केवल परिमाण होता है। [ ]
(ii) किसी धारावाही चालक को चुंबकीय क्षेत्र में रखने पर वह एक बल का अनुभव करता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (उत्तर से दक्षिण), (ii) स (दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम), (iii) ब (विद्युत को यांत्रिक)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) विद्युत चुंबकीय प्रेरण (EMI), (ख) चुंबकीय बल की दिशा, (ग) चुंबकीय क्षेत्र।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) प्रतिच्छेद (काटती), (b) समान, (c) चुंबकीय क्षेत्र, (d) फैराडे।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: N ध्रुव से निकलकर S ध्रुव में प्रवेश करती हुई बंद वक्र रेखाओं का चित्र।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: यदि बाएँ हाथ की तर्जनी, मध्यमा और अंगूठे को परस्पर लंबवत फैलाएं, तो तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा, मध्यमा धारा की दिशा, तो अंगूठा चालक पर लगने वाले बल की दिशा बताएगा।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य (यह सदिश राशि है, दिशा भी होती है), (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 06 छात्र | सभी नियमों को सही तरीके से लागू कर पाते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 09 छात्र | अंगूठे और उंगलियों के नियमों में कभी-कभी कंफ्यूज होते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 10 छात्र | लेफ्ट हैंड और राइट हैंड नियम को मिला देते हैं, क्षेत्र रेखाओं की दिशा गलत बनाते हैं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| फ्लेमिंग के वाम-हस्त (Left Hand) और दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ (Right Hand Thumb) नियम को मिला देना। | Thumb Rule केवल सीधे तार में क्षेत्र की दिशा बताता है, जबकि Left Hand Rule मोटर (चुंबकीय बल) के लिए है। | नियमों का घालमेल (Rule Confusion) | विभिन्न हस्त नियमों (Hand Rules) का एक साथ बिना प्रैक्टिकल के पढ़ना। |
| चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को N से S की बजाय S से N बनाना। | चुंबक के बाहर N से S, और अंदर S से N होती हैं। | दिशात्मक त्रुटि | कंपास रखकर क्षेत्र रेखाएं न खींचने का अनुभव। |
| चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं को आपस में काटते हुए बना देना। | वे कभी नहीं काटतीं, क्योंकि कटान बिंदु पर दिशा के दो मान हो जाएंगे जो असंभव है। | चित्रण त्रुटि (Drawing Error) | बिना समझे केवल रफ डायग्राम खींचने की आदत। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 19 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): छड़ चुंबक, लोहे का बुरादा, दिक्-सूचक (Compass), तांबे का तार, बैटरी, 3D उंगलियों का चार्ट।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | जादुई रेखाएं (Iron Filing Activity) चुंबक पर कागज रखकर लोहे का बुरादा छिड़कना और क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न दिखाना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | कंपास से दिशा खोजना N से S ध्रुव तक कंपास की सुई की दिशा बदलते हुए रेखाएं खींचना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | Right Hand Thumb Rule (Drill) हाथ में पेन (तार) पकड़कर अंगूठे को धारा की दिशा में रखकर उंगलियों के घूमने की दिशा (चुंबकीय क्षेत्र) समझना। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | फ्लेमिंग लेफ्ट हैंड रूल (FBI Trick) अंगूठा = Force (F), तर्जनी = Magnetic Field (B), मध्यमा = Current (I) – FBI ट्रिक का अभ्यास। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | मोटर कैसे घूमती है? (वर्किंग मॉडल) सरल DC मोटर के वर्किंग मॉडल से बल (Force) की दिशा दिखाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(क) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा = ____________ (तर्जनी / मध्यमा)
(ख) बल की दिशा = ____________ (अंगूठा / तर्जनी)
प्रश्न 2. चित्र देखकर बताएं: यदि धारा ऊपर जा रही है, तो चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा ____________ होगी। (वामावर्त/Anti-clockwise या दक्षिणावर्त/Clockwise)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
FBI (Force, Magnetic field, Current) ट्रिक से छात्रों ने फ्लेमिंग के नियम को आसानी से याद कर लिया और उंगलियों का सही उपयोग किया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 08 (कक्षा 10) | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | Left और Right hand नियम का कन्फ्यूजन दूर हुआ। |
| छात्र 13 (कक्षा 10) | 07 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | क्षेत्र रेखाओं का चित्र सही बनाने लगा। |
| छात्र 21 (कक्षा 10) | 04 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | FBI ट्रिक से उंगलियों के कार्य याद हुए। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“हाथ के नियमों (Hand Rules) को सिर्फ किताब से पढ़ने पर बच्चे अपनी उंगलियां गलत घुमाते हैं। क्लास में FBI शॉर्टकट और फिजिकल ड्रिल करवाना बहुत असरदार रहा।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 29: गति (Motion) – For Class 9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | दूरी-विस्थापन के अंतर, ग्राफीय प्रदर्शन (Graphs) और गति के समीकरणों पर आधारित परीक्षण। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- दूरी (Distance) और विस्थापन (Displacement) तथा चाल (Speed) और वेग (Velocity) में अंतर स्पष्ट करना।
- दूरी-समय (Distance-time) और वेग-समय (Velocity-time) ग्राफ पढ़ना और उनका विश्लेषण करना।
- गति के तीनों समीकरणों का उपयोग करके त्वरण (Acceleration) और दूरी से संबंधित आंकिक प्रश्न हल करना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) किसी वस्तु द्वारा तय किया गया विस्थापन (Displacement) हो सकता है:
(अ) केवल धनात्मक (ब) धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य (स) केवल शून्य (द) दूरी से हमेशा अधिक [ ]
(ii) वेग-समय ग्राफ (v-t graph) का ढाल (Slope) क्या दर्शाता है?
(अ) दूरी (ब) विस्थापन (स) त्वरण (Acceleration) (द) चाल [ ]
(iii) वाहनों में लगा ओडोमीटर (Odometer) क्या मापता है?
(अ) चाल (ब) त्वरण (स) तय की गई दूरी (द) औसत वेग [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) गति का प्रथम समीकरण [ v² – u² = 2as / v = u + at ]
(ख) गति का द्वितीय समीकरण [ s = ut + 1/2 at² / v = u + at ]
(ग) गति का तृतीय समीकरण [ v² – u² = 2as / s = ut + 1/2 at² ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) वेग में परिवर्तन की दर को ____________ कहते हैं।
(b) यदि कोई वस्तु वृत्ताकार पथ पर एक चक्कर पूरा करती है, तो उसका विस्थापन ____________ होगा।
(c) त्वरण का SI मात्रक ____________ है।
(d) एकसमान गति (Uniform motion) के लिए दूरी-समय ग्राफ एक ____________ रेखा होती है।
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक एवं ग्राफीय प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (न्यूमेरिकल): एक रेलगाड़ी विरामावस्था (u=0) से चलना प्रारंभ करती है और 5 मिनट में 72 km/h का वेग प्राप्त कर लेती है। उसका त्वरण (a) ज्ञात कीजिए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) किसी वस्तु की चाल शून्य होने पर भी उसका त्वरण हो सकता है। [ ]
(ii) मंदन (Retardation) का अर्थ ऋणात्मक त्वरण होता है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) ब (धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य), (ii) स (त्वरण), (iii) स (तय की गई दूरी)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) v = u + at, (ख) s = ut + 1/2 at², (ग) v² – u² = 2as।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) त्वरण (Acceleration), (b) शून्य, (c) m/s², (d) सरल/सीधी।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: (1) दूरी रास्ते की कुल लंबाई है, विस्थापन प्रारंभिक और अंतिम बिंदु की न्यूनतम दूरी है। (2) दूरी अदिश है, विस्थापन सदिश है। (3) विस्थापन शून्य हो सकता है, दूरी नहीं (चलने पर)।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: u=0, v=72 km/h = 72×(5/18) = 20 m/s. t=5 min = 300 s. a = (v-u)/t = (20-0)/300 = 1/15 m/s².
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) सत्य (जैसे हवा में उछाली गई गेंद उच्चतम बिंदु पर), (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | समीकरणों और ग्राफ की अच्छी समझ है, मात्रक परिवर्तन (km/h से m/s) सही करते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 08 छात्र | दूरी-विस्थापन समझते हैं, पर न्यूमेरिकल्स में u, v, a के मान पहचानने में गलती करते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 07 छात्र | ग्राफ ढाल (Slope) और क्षेत्रफल (Area) के अर्थ में पूरी तरह भ्रमित हैं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| विस्थापन को रास्ते की कुल लंबाई मान लेना। | विस्थापन हमेशा प्रारंभिक और अंतिम बिंदु के बीच की न्यूनतम (सीधी) दूरी है। | संप्रत्ययात्मक भ्रम (Conceptual Gap) | सदिश (Vector) राशियों में दिशा के महत्व को न समझना। |
| न्यूमेरिकल में 72 km/h को बिना m/s में बदले सीधे फॉर्मूले में रख देना। | SI मात्रक प्रणाली के अनुसार वेग को m/s और समय को सेकंड (s) में बदलना अनिवार्य है। | मात्रक परिवर्तन त्रुटि (Unit Conversion Error) | आंकिक प्रश्नों में जल्दबाजी और मात्रकों की चेकिंग न करना। |
| वेग-समय ग्राफ के नीचे के क्षेत्रफल को त्वरण मान लेना। | वेग-समय ग्राफ का ढाल (Slope) त्वरण देता है, जबकि क्षेत्रफल (Area) दूरी/विस्थापन देता है। | ग्राफीय विश्लेषण त्रुटि | गणितीय रेखांकन (Graph Plotting) का अभ्यास न होना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 15 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): कक्षा का फर्श, नापने वाला फीता (Measuring Tape), ग्राफ पेपर, स्मार्टबोर्ड एनिमेशन।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | दूरी vs विस्थापन (Physical Activity) छात्रों को कक्षा में एक कोने से दूसरे कोने तक घुमाकर और सीधा चलाकर दोनों नापना। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | मात्रक परिवर्तन (5/18 की ट्रिक) km/h को m/s में बदलने के लिए 5/18 से गुणा करने की ट्रिक और उसका अभ्यास। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | ग्राफ का रहस्य (Slope & Area) ग्राफ पेपर पर त्रिकोण और आयत बनाकर समझाना कि क्षेत्रफल का मतलब दूरी कैसे है। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | समीकरणों के दोस्त (u, v, a, t, s) प्रश्न पढ़ते ही ‘विरामावस्था’ (u=0) या ‘ब्रेक लगाने’ (v=0) जैसी हिंट (Given Data) छांटना सीखना। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | समीकरण चुनने का खेल प्रश्न में दिए गए डेटा के आधार पर सही समीकरण (1, 2 या 3) चुनने की क्विज़। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(i) ट्रेन ब्रेक लगाकर रुकती है, तो v = ______ (0 / 100)
(ii) 36 km/h = ______ m/s (10 / 20)
प्रश्न 2. खाली स्थान भरें: वेग-समय ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल वस्तु द्वारा तय की गई ____________ बताता है।
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
भौतिक गतिविधि (क्लास में चलना) और ‘हिंट वर्ड्स’ (विरामावस्था, ब्रेक) पहचानने की ड्रिल से छात्रों ने न्यूमेरिकल हल करने में भारी सुधार दिखाया।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 03 (कक्षा 9) | 06 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | दूरी और विस्थापन का अंतर स्पष्ट हुआ (शून्य विस्थापन समझा)। |
| छात्र 10 (कक्षा 9) | 05 / 20 | 14 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | 5/18 की ट्रिक से मात्रक सही बदलने लगा। |
| छात्र 17 (कक्षा 9) | 08 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | ग्राफ से त्वरण निकालना आ गया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“गति के न्यूमेरिकल्स बच्चों को डराते हैं क्योंकि वे डेटा (u,v,a) छांटना नहीं जानते। वर्ड प्रॉब्लम से डेटा निकालने की ‘जासूसी गतिविधि’ ने उनके डर को खत्म कर दिया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
📘 Topic 30: ऊष्मा एवं ऊष्मा का संचरण (Heat & Heat Transfer) – For Class 7-9
1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
| विद्यालय का नाम: | राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर | कक्षा (Target Class): | कक्षा 7 से 9 |
| परीक्षण के लिए चयनित छात्र: | 20 छात्र | परीक्षण की प्रकृति: | ऊष्मा और तापमान के अंतर तथा चालन, संवहन और विकिरण (Conduction, Convection, Radiation) पर आधारित। |
2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
- ऊष्मा (Heat) एक ऊर्जा है और तापमान (Temperature) उसकी माप है—इस अंतर को समझना।
- ऊष्मा संचरण की तीन विधियों (चालन, संवहन, विकिरण) को दैनिक जीवन के उदाहरणों से जोड़ना।
- विभिन्न प्रकार के थर्मामीटर (क्लीनिकल एवं प्रयोगशाला) के उपयोग और परास (Range) को जानना।
3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।
भाग ‘अ’ — वस्तुनिष्ठ एवं मिलान आधारित प्रश्न — [अंक: 10]
(i) ठोस पदार्थों में ऊष्मा का संचरण किस विधि द्वारा होता है?
(अ) चालन (Conduction) (ब) संवहन (Convection) (स) विकिरण (Radiation) (द) उबलना [ ]
(ii) सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा किस विधि से पहुंचती है? (जिसमें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती)
(अ) चालन (ब) संवहन (स) विकिरण (द) वाष्पन [ ]
(iii) स्वस्थ मनुष्य के शरीर का सामान्य तापमान कितना होता है?
(अ) 37°C (ब) 100°C (स) 98.6°C (द) अ और स दोनों [ ]
प्रश्न 2. मिलान कीजिए: (3 × 1 = 3 अंक)
(क) समुद्री समीर (Sea Breeze) का बहना [ विकिरण / संवहन (Convection) ]
(ख) चम्मच का गर्म चाय में गर्म होना [ चालन (Conduction) / विकिरण ]
(ग) अलाव (Campfire) से गर्मी महसूस होना [ विकिरण (Radiation) / चालन ]
प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (4 × 1 = 4 अंक)
(a) ऊष्मा सदैव ____________ वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर बहती है।
(b) क्लीनिकल थर्मामीटर का परास 35°C से ____________°C तक होता है।
(c) गहरे रंग के कपड़े ऊष्मा के अच्छे ____________ होते हैं। (अवशोषक / परावर्तक)
(d) ऊष्मा ऊर्जा का मात्रक ____________ है। (जूल / डिग्री सेल्सियस)
भाग ‘ब’ — लघुत्तरात्मक प्रश्न — [अंक: 10]
प्रश्न 5. (लघु उत्तर): तटीय क्षेत्रों में दिन के समय ‘समुद्री समीर’ (Sea Breeze) क्यों चलती है? समझाइए। (4 अंक)
प्रश्न 6. (सत्य/असत्य कथन पहचानिए): (2 × 1 = 2 अंक)
(i) प्रयोगशाला थर्मामीटर से शरीर का बुखार नापा जा सकता है। [ ]
(ii) संवहन विधि गैसों और द्रवों में होती है। [ ]
4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
भाग अ – q1: प्रश्न 1: (i) अ (चालन), (ii) स (विकिरण), (iii) द (अ और स दोनों)।
भाग अ – q2: प्रश्न 2: (क) संवहन (Convection), (ख) चालन (Conduction), (ग) विकिरण (Radiation)।
भाग अ – q3: प्रश्न 3: (a) गर्म, (b) 42, (c) अवशोषक, (d) जूल।
भाग ब – q4: प्रश्न 4: ऊष्मा एक प्रकार की ऊर्जा है (मात्रक जूल), जबकि तापमान वस्तु के गर्म या ठंडे होने की माप है (मात्रक °C या K)।
भाग ब – q5: प्रश्न 5: दिन में ज़मीन पानी की तुलना में जल्दी गर्म होती है, ज़मीन के ऊपर की हवा गर्म होकर ऊपर उठती है (संवहन), और उसकी जगह लेने समुद्र से ठंडी हवा ज़मीन की ओर बहती है।
भाग ब – q6: प्रश्न 6: (i) असत्य (उसका परास अलग होता है और उसमें किंक नहीं होता), (ii) सत्य।
5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:
| श्रेणी (Category) | प्राप्तांक का दायरा | छात्रों की संख्या | अधिगम स्तर की स्थिति |
|---|---|---|---|
| उच्च श्रेणी (A) | 16 से 20 अंक | 05 छात्र | ऊष्मा संचरण की तीनों विधियों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग कर पाते हैं। |
| मध्यम श्रेणी (B) | 11 से 15 अंक | 09 छात्र | संवहन और विकिरण के उदाहरणों (जैसे समुद्री समीर और अलाव) में कंफ्यूज होते हैं। |
| निम्न श्रेणी (C) | 10 अंक या कम | 06 छात्र | ऊष्मा और तापमान को एक ही चीज़ मानते हैं और मात्रक गलत लिखते हैं। |
6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
| अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error) | शुद्ध तथ्य (Correct Fact) | त्रुटि का प्रकार (Nature of Error) | कारण (Cause) |
|---|---|---|---|
| ऊष्मा (Heat) और तापमान (Temperature) को पर्यायवाची मानना। | ऊष्मा ऊर्जा है (कारण), और तापमान उसका प्रभाव (Effect) है, जिससे पता चलता है कि वस्तु कितनी गर्म है। | पारिभाषिक एवं संप्रत्ययात्मक भ्रम | आम बोलचाल में ‘गर्मी’ शब्द का दोनों के लिए उपयोग। |
| संवहन (Convection) और विकिरण (Radiation) में अंतर न कर पाना। | संवहन में माध्यम (हवा/पानी) के कण खुद गति करते हैं, जबकि विकिरण बिना किसी माध्यम के सीधे तरंगों रूप में चलता है। | विभेदीकरण त्रुटि (Differentiation Error) | अदृश्य माध्यमों (गैस/तरंग) का विज़ुअलाइज़ेशन न होना। |
| बुखार नापने वाले थर्मामीटर को उबलते पानी में डाल देना (काल्पनिक रूप से)। | क्लीनिकल थर्मामीटर केवल 42°C तक नापता है, उबलते पानी (100°C) में वह टूट जाएगा। | उपकरण अनुप्रयोग त्रुटि | विभिन्न थर्मामीटरों के परास (Range) और उपयोग का प्रायोगिक ज्ञान न होना। |
7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
उपचारात्मक समूह: श्रेणी-B एवं C के 15 छात्र।
शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): मोमबत्ती, धातु की छड़, मोम, कांच का बीकर, पोटेशियम परमैंगनेट, थर्मामीटर।
| दिन (Day) | समय | शिक्षण गतिविधि (Teaching Activity) |
|---|---|---|
| प्रथम दिवस | 30 मिनट | चालन का दृश्य (Metal Rod & Wax) धातु की छड़ पर मोम से कीलें चिपकाकर एक सिरा गर्म करना, कीलों का गिरना दिखाना (चालन)। |
| द्वितीय दिवस | 30 मिनट | संवहन का रंग (Potassium Permanganate) पानी में रंग डालकर गर्म करना, रंगीन धाराओं (Convection currents) को ऊपर उठते दिखाना। |
| तृतीय दिवस | 30 मिनट | विकिरण का अनुभव मोमबत्ती के पास साइड में हाथ रखकर गर्माहट महसूस करना (हवा ऊपर उठती है, साइड में विकिरण से गर्मी लगती है)। |
| चतुर्थ दिवस | 30 मिनट | Heat vs Temperature (बकेट प्रयोग) एक कप खौलता पानी और एक बाल्टी गुनगुना पानी – किसमें ऊष्मा ज्यादा है और किसका तापमान ज्यादा है? यह चर्चा। |
| पंचम दिवस | 30 मिनट | थर्मामीटर पढ़ना क्लिनिकल और प्रयोगशाला थर्मामीटर बच्चों के हाथ में देकर उनकी रीडिंग और ‘किंक’ दिखाना। |
8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):
(क) धूप में रखी साइकिल की सीट का गर्म होना — ____________
(ख) गैस पर रखे बर्तन के हैंडल का गर्म होना — ____________
प्रश्न 2. सही या गलत:
(i) ऊष्मा का मात्रक डिग्री सेल्सियस (°C) है। (सही / गलत)
9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
पोटेशियम परमैंगनेट के रंगीन धाराओं वाले प्रयोग से बच्चों ने संवहन (Convection) को अपनी आंखों से देखा, जिससे उनके सारे डाउट क्लियर हो गए।
10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
| छात्र का नाम/कोड | प्री-टेस्ट | पॉस्ट-टेस्ट | ग्राफ़ (Progress) | वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks) |
|---|---|---|---|---|
| छात्र 01 (कक्षा 8) | 05 / 20 | 16 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | चालन, संवहन और विकिरण के उदाहरण सही पहचानने लगा। |
| छात्र 12 (कक्षा 7) | 07 / 20 | 15 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | ऊष्मा (जूल) और तापमान (°C) का मात्रक सही लिखने लगा। |
| छात्र 18 (कक्षा 9) | 06 / 20 | 17 / 20 | 🔴 Pre | 🟢 Post | थर्मामीटर का सही उपयोग समझ गया। |
11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)
शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:
“ऊष्मा संचरण हवा और पानी में अदृश्य रूप से होता है। पानी में पोटेशियम परमैंगनेट डालकर रंगीन धाराएं दिखाने से ‘संवहन’ का अमूर्त कांसेप्ट मूर्त (Concrete) हो गया।”
* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Science Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. Science निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test) क्या है?
Science निदानात्मक परीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शिक्षक यह पता लगाते हैं कि छात्रों को भौतिक विज्ञान (Physics), रसायन विज्ञान (Chemistry) और जीव विज्ञान (Biology) के किन टॉपिक्स में कठिनाई आ रही है और उनके मूल कारण क्या हैं।
Q2. उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) क्यों आवश्यक है?
निदानात्मक परीक्षण से प्राप्त कमियों (Learning Gaps) को दूर करने और छात्र के अधिगम स्तर को सुधारने के लिए उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) आवश्यक है。
Q3. B.Ed / D.El.Ed की इस फाइल में कितने Topics शामिल हैं?
इस मास्टर फाइल में विज्ञान के 30 सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स (इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र) शामिल हैं। हर टॉपिक को 11 पॉइंट्स में विस्तार से समझाया गया है。
Q4. How to download Science Diagnostic Test PDF?
You can easily download the fully solved 100% accurate PDF for the Science Diagnostic Test and Remedial Teaching file by clicking the green download button in the download section above.
Q5. Is this Science Remedial Teaching Diary useful for both B.Ed and D.El.Ed/BSTC students?
Yes, this diagnostic and remedial teaching diary is carefully designed to meet the internship requirements of both B.Ed and D.El.Ed (BSTC) students, covering the complete primary and secondary school syllabus.
Q6. B.Ed डायरी में उपचारात्मक शिक्षण के लिए कौन-कौन सी गतिविधियाँ शामिल की जा सकती हैं?
उपचारात्मक शिक्षण में छात्रों के स्तर के अनुसार प्रायोगिक कार्य (Lab Experiments), 3D मॉडल मेकिंग, विज्ञान प्रदर्शनियाँ (Science Exhibitions) और वास्तविक जीवन के उदाहरणों जैसी गतिविधियाँ शामिल की जाती हैं ताकि वे अपनी कमजोरियों को आसानी से दूर कर सकें।
Q7. How to write Error Analysis (त्रुटि विश्लेषण) in Science Remedial Diary?
In the Error Analysis section, you need to write the incorrect facts or concepts produced by students, identify the exact type of error (e.g., conceptual misunderstanding in physics or chemistry), and explain the reason why the student made that mistake.
Official Study Material Reference
This Science Diagnostic Test & Remedial Teaching practical file has been meticulously prepared in strict adherence to the latest curriculum and syllabus guidelines prescribed by RBSE and NCERT.

