B.Ed Hindi Lesson Plan Download PDF (1-30 Activities)
कक्षा 6, 7 व 8 के लिए 18 तथा कक्षा 9 व 10 के लिए 12 (कुल 30) सम्पूर्ण दैनिक पाठ योजनाएं (निर्मितवाद उपागम आधारित)
B.Ed Hindi Lesson Plan: प्रस्तावना एवं निर्देश
इस पेज पर बी.एड. (B.Ed.) और डी.एल.एड. (D.El.Ed. / BTC) के विद्यार्थियों के लिए निर्मितवाद (Constructivism) उपागम पर आधारित B.Ed Hindi Lesson Plan (हिन्दी पाठ योजना) का सर्वश्रेष्ठ संकलन प्रदान किया गया है। यहाँ आपको कक्षा 6, 7, 8, 9 और 10 के गद्य, पद्य और व्याकरण के सभी महत्वपूर्ण अध्यायों के लिए 30 सम्पूर्ण दैनिक पाठ योजनाएं मिलेंगी। इन पाठ योजनाओं (Hindi Lesson Plans) को दैनिक पाठ योजना पुस्तिका एवं इंटर्नशिप डायरी के नवीनतम नियमों के अनुसार तैयार किया गया है।
इंटर्नशिप कार्यक्रम के दौरान अपनी डायरी को बिना किसी गलती के पूरा करने के लिए आप इस B.Ed Hindi Lesson Plan सामग्री का उपयोग कर सकते हैं।
📋 विषय सूची (Table of Contents)
📝 B.Ed Hindi Lesson Plan: 30 दैनिक पाठ योजनाओं की अनुक्रमणिका (Index)
नीचे दी गई डिजिटल अनुक्रमणिका से आप सीधे अपनी पसंदीदा पाठ योजना (Hindi Lesson Plan) पर जा सकते हैं। प्रत्येक पाठ योजना में विस्तृत जानकारी दी गई है:
गतिविधि-11 (प्रथम ब्लॉग शिक्षण अभ्यास): कक्षा 6, 7 और 8 के 18 लेसन प्लान्स
गतिविधि-12 (द्वितीय ब्लॉक शिक्षण अभ्यास): कक्षा 9 और 10 के 12 लेसन प्लान्स
गतिविधि-11: 18 B.Ed Hindi Lesson Plan (प्रथम शिक्षण विषय)
अनिवार्य: कक्षा 6, 7 एवं 8 की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित 18 पाठ योजनाएं
B.Ed Hindi Lesson Plan 1: पाठ योजना क्रमांक – 1
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में हिन्दी भाषा के प्रति रुचि जाग्रत करना।
- विद्यार्थियों के शब्द भंडार में वृद्धि करना।
- विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण एवं कविता पाठ की क्षमता का विकास करना।
- विद्यार्थियों में कल्पना शक्ति एवं सौन्दर्यानुभूति का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | 1. विद्यार्थी ‘वह चिड़िया जो’ कविता में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। 2. विद्यार्थी कविता के रचयिता (केदारनाथ अग्रवाल) का प्रत्याभिज्ञान कर सकेंगे। |
| अवबोध | 1. विद्यार्थी कविता के भावार्थ को अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे। 2. विद्यार्थी संतोषी स्वभाव और अन्न के महत्व को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी कविता से प्राप्त शिक्षा (स्वतंत्रता और प्रकृति प्रेम) का अपने जीवन में उपयोग कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी उचित यति, गति एवं लय के साथ कविता का सस्वर वाचन करने में कुशलता प्राप्त करेंगे। |
| अभिरुचि | विद्यार्थी प्रकृति एवं पक्षियों से संबंधित अन्य कविताएँ पढ़ने में रुचि लेंगे। |
| अभिवृत्ति | विद्यार्थियों में प्रकृति, पक्षियों और स्वतंत्रता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होगा। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, नीले पंखों वाली चिड़िया का आकर्षक चित्र / चार्ट।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी अपने आस-पास पाए जाने वाले सामान्य पक्षियों (चिड़िया, तोता, कौवा) के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | हम सब किस ग्रह पर रहते हैं? | पृथ्वी पर। |
| 2. | पृथ्वी पर कौन-कौन से जीव-जंतु पाए जाते हैं? | गाय, कुत्ता, पक्षी, मनुष्य आदि। |
| 3. | आकाश में उड़ने वाले जीवों को क्या कहते हैं? | पक्षी (खग/विहंग)। |
| 4. | कुछ सामान्य पक्षियों के नाम बताइए। | कौवा, तोता, चिड़िया, कबूतर आदि। |
| 5. | ‘वह चिड़िया जो’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक / निरुत्तर) |
7. उद्देश्य कथन:
“अच्छा तो बच्चों, आज हम केदारनाथ अग्रवाल जी द्वारा रचित कविता ‘वह चिड़िया जो’ का विस्तारपूर्वक रसास्वादन एवं अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन | छात्राध्यापक कक्षा में उचित यति, गति, लय एवं हाव-भाव के साथ कविता का आदर्श वाचन करेगा। | सभी छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | |
| अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक कतिपय छात्रों को कविता का अनुकरण वाचन करने का निर्देश देगा। | निर्देशित छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| अशुद्धि संशोधन व काठिन्य निवारण | छात्राध्यापक छात्रों द्वारा वाचन में की गई अशुद्धियों का संशोधन कराएगा तथा कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट पर लिखेगा। | छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे। | झुंडी = ज्वार की बालियाँ रुचि से = चाव से संतोषी = धीरज वाली |
| भावार्थ / व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: कवि कहता है कि वह नीले पंखों वाली एक छोटी सी चिड़िया है। उसे दूध भरे ज्वार के दाने बहुत पसंद हैं। वह बहुत संतोषी है। उसे अन्न से बहुत प्यार है। वह जंगल में मधुर स्वर में गाती है। वह नदी से चोंच मारकर जल की बूँदें ले जाती है। उसे स्वयं पर गर्व है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा भावार्थ को ग्रहण करेंगे। | चिड़िया नीले पंखों वाली है। उसे अन्न, जंगल और नदी से प्यार है। |
| बोध प्रश्न | 1. चिड़िया के पंख कैसे हैं? 2. चिड़िया को किन दानों से प्यार है? | 1. नीले रंग के। 2. दूध भरे ज्वार (झुंडी) के दानों से। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- कविता के कवि का क्या नाम है?
- चिड़िया मधुर स्वर में कहाँ गाती है?
- ‘संतोषी’ शब्द का अर्थ बताइए।
- रिक्त स्थान भरें: वह चिड़िया जो चोंच मारकर ……. के दाने रुचि से खा लेती है।
10. गृहकार्य (Homework):
आपको कौन-सा पक्षी सबसे अच्छा लगता है और क्यों? उस पक्षी के बारे में 5 वाक्य लिखकर लाएँ।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 2: पाठ योजना क्रमांक – 2
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में गद्य साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
- विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी ‘बचपन’ संस्मरण में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी लेखिका (कृष्णा सोबती) का नाम याद रख सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी लेखिका के बचपन और वर्तमान समय के रहन-सहन में अंतर को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी संस्मरण से प्राप्त जानकारियों की तुलना अपने स्वयं के बचपन से कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्य का उचित आरोह-अवरोह के साथ पठन करने का कौशल प्राप्त करेंगे। |
| अभिरुचि | विद्यार्थी अन्य लेखकों के संस्मरण पढ़ने में रुचि लेंगे। |
| अभिवृत्ति | विद्यार्थियों में बीते समय की स्मृतियों और जीवन के अनुभवों के प्रति सम्मान का भाव विकसित होगा। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, पुराने समय के पहनावे और खाने-पीने की चीजों का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी अपने बचपन की आदतों, खेलों और खाने-पीने की चीजों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | व्यक्ति के जीवन की सबसे पहली अवस्था कौनसी होती है? | बचपन (शैशवावस्था)। |
| 2. | बचपन में बच्चे क्या-क्या करना पसंद करते हैं? | खेलना, कूदना, मिठाई खाना आदि। |
| 3. | आजकल बच्चे मनोरंजन के लिए क्या करते हैं? | मोबाइल देखते हैं, टीवी देखते हैं। |
| 4. | क्या आपके माता-पिता के बचपन में भी मोबाइल था? | नहीं। |
| 5. | ‘बचपन’ नामक पाठ (कृष्णा सोबती) के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक / निरुत्तर) |
7. उद्देश्य कथन:
“अच्छा तो बच्चों, आज हम प्रसिद्ध लेखिका कृष्णा सोबती द्वारा रचित संस्मरण ‘बचपन’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे और जानेंगे कि उनका बचपन कैसा था।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन | छात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे। | |
| अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश का अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र निर्देशानुसार अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | छात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा। | छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे। | शताब्दी = 100 वर्ष फ्रिल = झालर ऑलिव ऑयल = जैतून का तेल कमतर = कम अच्छा |
| व्याख्या एवं भाव विश्लेषण | छात्राध्यापक कथन: लेखिका बताती हैं कि उनका बचपन शिमला में बीता। उनके समय में रंग-बिरंगे कपड़े, फ्रॉक और रिबन पहने जाते थे। शनिवार को उन्हें कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल) पीना पड़ता था जो उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं था। उस समय रेडियो या टीवी नहीं थे, केवल ग्रामोफोन होते थे। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे और लेखिका के बचपन को समझेंगे। | लेखिका के बचपन की यादें: – रंग-बिरंगे कपड़े – शनिवार को कैस्टर ऑयल – ग्रामोफोन का ज़माना |
| बोध प्रश्न | 1. लेखिका बचपन में इतवार की सुबह क्या काम करती थीं? 2. लेखिका को शनिवार को क्या पीना पड़ता था? | 1. अपने मोजे धोती थीं और जूते पॉलिश करती थीं। 2. ऑलिव ऑयल या कैस्टर ऑयल। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- ‘बचपन’ पाठ की लेखिका का क्या नाम है?
- लेखिका के बचपन में घर-घर में मनोरंजन का क्या साधन था?
- लेखिका को चश्मा क्यों लगाना पड़ा?
10. गृहकार्य (Homework):
अपने दादा-दादी या नाना-नानी से उनके बचपन के बारे में पूछकर 10 पंक्तियाँ लिखकर लाएँ।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 3: पाठ योजना क्रमांक – 3
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कहानी विधा के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों के शब्द भंडार में वृद्धि करना।
- विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण एवं अर्थ ग्रहण क्षमता का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी ‘नादान दोस्त’ कहानी के प्रमुख पात्रों (केशव और श्यामा) का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी कहानी की मुख्य घटना और बच्चों की ‘नादानी’ का कारण समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी पशु-पक्षियों के प्रति उचित व्यवहार करना सीखेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी संवादों को भावपूर्ण तरीके से पढ़ने का कौशल प्राप्त करेंगे। |
| अभिरुचि | विद्यार्थी मुंशी प्रेमचंद की अन्य कहानियाँ पढ़ने में रुचि लेंगे। |
| अभिवृत्ति | विद्यार्थियों में जीवों के प्रति संवेदनशीलता एवं बिना जानकारी के हस्तक्षेप न करने की समझ विकसित होगी। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, लपेट फलक, चिड़िया के घोंसले और अण्डों का चित्र या चार्ट।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
कथा-कथन विधि, वाचन विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी चिड़ियों, उनके घोंसलों और अण्डों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | मनुष्य रहने के लिए क्या बनाते हैं? | घर / मकान। |
| 2. | चिड़िया रहने और अंडे देने के लिए क्या बनाती है? | घोंसला। |
| 3. | घोंसले में चिड़िया क्या देती है? | अण्डे। |
| 4. | क्या हमें पक्षियों के अण्डों को छूना चाहिए? | नहीं। |
| 5. | यदि बच्चे अनजाने में अण्डों को छू लें तो क्या होगा? ‘नादान दोस्त’ कहानी के आधार पर बताइए। | (समस्यात्मक / निरुत्तर) |
7. उद्देश्य कथन:
“अच्छा तो बच्चों, आज हम मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा रचित प्रसिद्ध कहानी ‘नादान दोस्त’ का अध्ययन करेंगे और जानेंगे कि केशव और श्यामा ने क्या नादानी की।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन | छात्राध्यापक कहानी के प्रथम गद्यांश का हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | |
| अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक छात्रों को वाचन का निर्देश देगा। | छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | छात्राध्यापक कठिन शब्दों के अर्थ बताएगा। | छात्र शब्दों के अर्थ लिखेंगे। | कार्निस = दीवार का छज्जा फुर्सत = खाली समय तसल्ली = दिलासा हिफाजत = सुरक्षा |
| व्याख्या एवं भाव विश्लेषण | छात्राध्यापक कथन: केशव के घर की कर्निस पर एक चिड़िया ने अण्डे दिए थे। केशव और उसकी बहन श्यामा उन्हें देखने के लिए बहुत उत्सुक थे। उन्होंने सोचा कि अण्डों को धूप से बचाने के लिए छत बनानी चाहिए और उनके लिए दाना-पानी रखना चाहिए। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे और कहानी को समझेंगे। | पात्र: केशव और श्यामा स्थान: घर की कर्निस कार्य: अण्डों की हिफाजत की कोशिश। |
| बोध प्रश्न | 1. अण्डे कहाँ रखे हुए थे? 2. चिड़िया के अण्डों की देखभाल कौन करना चाहता था? | 1. कर्निस पर। 2. केशव और श्यामा। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- ‘नादान दोस्त’ कहानी के लेखक कौन हैं?
- केशव और श्यामा ने अण्डों की सुरक्षा के लिए क्या-क्या प्रबंध किए?
- चिड़िया ने अण्डे कहाँ दिए थे?
10. गृहकार्य (Homework):
केशव और श्यामा की जगह अगर आप होते, तो आप चिड़िया के अण्डों के लिए क्या करते? अपने शब्दों में लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 4: पाठ योजना क्रमांक – 4
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कविता पाठ के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में कल्पना शक्ति का विकास करना।
- विद्यार्थियों को शुद्ध उच्चारण और सस्वर वाचन का अभ्यास कराना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कविता में आए कठिन शब्दों का ज्ञान प्राप्त करेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी छोटी बच्ची की चाँद के प्रति कल्पना को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी प्रकृति की वस्तुओं के प्रति अपनी कल्पनाशक्ति का प्रयोग कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी कविता का उचित हाव-भाव के साथ वाचन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, लपेट फलक, चाँद और तारों वाले आकाश का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी आकाश में दिखने वाले चाँद और तारों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | रात के समय आकाश में क्या-क्या दिखाई देता है? | चाँद, तारे। |
| 2. | चाँद का आकार कैसा होता है? | गोल। |
| 3. | क्या चाँद का आकार हमेशा एक जैसा रहता है? | नहीं, वह घटता-बढ़ता रहता है। |
| 4. | ‘चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम शमशेर बहादुर सिंह द्वारा रचित कविता ‘चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक कविता का सस्वर वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा सस्वर वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | छात्राध्यापक कठिन शब्दों के अर्थ बताएगा। | छात्र अर्थ लिखेंगे। | सिम्त = दिशाएँ गोकि = यद्यपि (हालाँकि) |
| भावार्थ / व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: इस कविता में एक 10-11 साल की बच्ची चाँद से बातें कर रही है। वह कहती है कि चाँद बहुत गोल है लेकिन तिरछा नज़र आता है। उसने तारों जड़ा हुआ आकाश रूपी कपड़ा पहना है। बच्ची कहती है कि चाँद को घटने-बढ़ने की बीमारी है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | बच्ची की कल्पना: चाँद की पोशाक = आकाश बीमारी = घटने-बढ़ने की |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- बच्ची ने चाँद की पोशाक किसे बताया है?
- चाँद को कौनसी बीमारी है?
10. गृहकार्य:
यदि आपको चाँद से बातें करने का मौका मिले, तो आप उससे क्या पूछेंगे? लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 5: पाठ योजना क्रमांक – 5
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में गद्य पठन की क्षमता का विकास करना।
- भाषा के महत्व को समझाना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी अक्षरों के इतिहास और महत्व को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी समझ सकेंगे कि यदि अक्षर नहीं होते तो हमारा जीवन कैसा होता। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी अक्षरों का शुद्ध लेखन कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्य को स्पष्ट रूप से पढ़ने का कौशल प्राप्त करेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, लपेट फलक, प्राचीन लिपियों/चित्रों का चार्ट।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी हिंदी वर्णमाला (क, ख, ग) और शब्दों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | हम अपनी बात दूसरों तक कैसे पहुँचाते हैं? | बोलकर या लिखकर। |
| 2. | लिखने के लिए हम किसका प्रयोग करते हैं? | अक्षरों (वर्णों) का। |
| 3. | अक्षरों की खोज किसने की? | मनुष्य ने। |
| 4. | ‘अक्षरों का महत्व’ पाठ के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम गुणाकर मुले द्वारा रचित निबंध ‘अक्षरों का महत्व’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक स्पष्ट उच्चारण के साथ गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | अनादि काल = जिसका प्रारंभ न हो प्रागैतिहासिक = इतिहास से पहले का समय |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: पुराने ज़माने में लोग सोचते थे कि अक्षरों की खोज ईश्वर ने की है, परंतु अक्षरों की खोज स्वयं मनुष्य ने की है। सबसे पहले मनुष्य ने चित्रों के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किए। अक्षरों की खोज के बाद ही मनुष्य अपने विचारों को लिखकर रखने लगा और इतिहास का आरंभ हुआ। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | अक्षरों की खोज मनुष्य ने की है। अक्षरों से ही इतिहास लिखा गया। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- पुराने ज़माने में लोग अक्षरों की खोज के बारे में क्या सोचते थे?
- मनुष्य ने सबसे पहले अपने भाव कैसे व्यक्त किए?
10. गृहकार्य:
यदि अक्षरों की खोज नहीं होती तो क्या होता? विचार करके लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 6: पाठ योजना क्रमांक – 6
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कहानी विधा के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी ‘पार नज़र के’ कहानी के प्रमुख पात्र (छोटू) के बारे में जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी मंगल ग्रह और अंतरिक्ष यान के बारे में समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी कहानी से प्राप्त वैज्ञानिक तथ्यों का विश्लेषण कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी विज्ञान कथा को रोचक तरीके से पढ़ने का कौशल प्राप्त करेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, मंगल ग्रह और अंतरिक्ष यान का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
कथा-कथन विधि, वाचन विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी अंतरिक्ष, ग्रहों और मशीनों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | हम किस ग्रह पर रहते हैं? | पृथ्वी पर। |
| 2. | पृथ्वी के अलावा सौरमंडल में और कौनसे ग्रह हैं? | मंगल, शुक्र, शनि आदि। |
| 3. | अंतरिक्ष में खोज करने के लिए क्या भेजा जाता है? | अंतरिक्ष यान। |
| 4. | ‘पार नज़र के’ कहानी के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम जयंत विष्णु नार्लीकर द्वारा रचित विज्ञान कथा ‘पार नज़र के’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक स्पष्ट उच्चारण के साथ कहानी का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | सुरंगनुमा = सुरंग के आकार का लाज़िमी = ज़रूरी संदिग्ध = शक के दायरे में |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: छोटू मंगल ग्रह पर जमीन के नीचे एक कॉलोनी में रहता है। उसके पापा एक सुरंगनुमा रास्ते से काम पर जाते थे। एक दिन छोटू ने पापा का सिक्योरिटी पास चुरा लिया और सुरंग में चला गया, लेकिन पकड़ा गया। बाद में मंगल ग्रह पर एक अंतरिक्ष यान आता है, जिससे एक यांत्रिक हाथ बाहर निकलता है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | पात्र: छोटू स्थान: मंगल ग्रह (जमीन के नीचे) |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- छोटू का परिवार कहाँ रहता था?
- छोटू ने सुरंग में जाने के लिए क्या चुराया?
10. गृहकार्य:
छोटू के पापा ने उसे सुरंग में जाने से क्यों मना किया था? लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 7: पाठ योजना क्रमांक – 7
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में पद्य (कविता) के प्रति रुचि जाग्रत करना।
- विद्यार्थियों में स्वतंत्रता के महत्व की भावना का विकास करना।
- विद्यार्थियों को शुद्ध उच्चारण, यति एवं गति के साथ कविता पाठ का अभ्यास कराना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कविता में आए कठिन शब्दों (उन्मुक्त, पिंजरबद्ध) का ज्ञान प्राप्त करेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी पक्षियों की व्यथा और स्वतंत्रता के महत्व को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी अपने जीवन में स्वतंत्रता का मूल्य समझकर जीवों पर दया कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी कविता का उचित हाव-भाव व लय के साथ सस्वर वाचन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, लपेट फलक, पिंजरे में बंद पक्षी और खुले आकाश में उड़ते पक्षी का तुलनात्मक चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी पक्षियों और पिंजरे के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | मनुष्य को सबसे अधिक क्या प्रिय है? | स्वतंत्रता (आज़ादी)। |
| 2. | यदि आपको एक कमरे में बंद कर दिया जाए तो कैसा लगेगा? | बुरा लगेगा / घुटन होगी। |
| 3. | इसी तरह आकाश में उड़ने वाले जीवों को क्या कहते हैं? | पक्षी। |
| 4. | पक्षियों को पिंजरे में बंद करने पर उन्हें कैसा लगता होगा? | दुख होता होगा। |
| 5. | ‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ कविता से आप क्या समझते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ द्वारा रचित कविता ‘हम पंछी उन्मुक्त गगन के’ का रसास्वादन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक उचित लय-ताल के साथ कविता का आदर्श वाचन करेगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | उन्मुक्त = खुला / आज़ाद पिंजरबद्ध = पिंजरे में बंद कनक = सोना |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: कवि कहता है कि पक्षी खुले आकाश में उड़ने वाले जीव हैं। वे पिंजरे में बंद रहकर गा नहीं सकते। सोने के पिंजरे की तीलियों से टकराकर उनके पंख टूट जाएँगे। उन्हें बहता जल पीना पसंद है। पिंजरे में मिलने वाले अच्छे भोजन (मैदा) से उन्हें नीम की कड़वी निबोरी अधिक प्रिय है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | पक्षी खुले आकाश के प्रेमी हैं। गुलामी से आज़ादी बेहतर है। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- पक्षियों को कहाँ उड़ना पसंद है?
- पक्षी सोने की कटोरी की मैदा से अधिक किसे पसंद करते हैं?
10. गृहकार्य:
क्या पक्षियों को पालना उचित है? अपने विचार 5 पंक्तियों में लिखकर लाएँ।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 8: पाठ योजना क्रमांक – 8
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में गद्य साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में बड़ों के प्रति सम्मान और पारिवारिक मूल्यों का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कहानी में आए ग्रामीण शब्दों का ज्ञान प्राप्त करेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी दादी माँ के त्याग, ममता और कठोर स्वभाव के पीछे छिपे प्यार को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी अपने बुजुर्गों के अनुभवों का लाभ उठा सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्यांश को उचित आरोह-अवरोह से पढ़ सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, एक बुजुर्ग महिला (दादी) का वात्सल्यमयी चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
कथा-कथन विधि, वाचन विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी अपने परिवार, दादा-दादी और उनके प्यार के बारे में जानते हैं。
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | हमारे परिवार में कौन-कौन रहता है? | माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी। |
| 2. | हमें कहानियाँ कौन सुनाता है? | दादा या दादी। |
| 3. | पिताजी की माताजी को हम क्या कहते हैं? | दादी माँ। |
| 4. | शिवप्रसाद सिंह की कहानी ‘दादी माँ’ में दादी का स्वभाव कैसा बताया गया है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम शिवप्रसाद सिंह द्वारा रचित अत्यंत मार्मिक कहानी ‘दादी माँ’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | शुभचिंतक = भला चाहने वाला कार-परोजन = काम-काज विशूचिका = हैजा |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: लेखक अपनी दादी माँ को याद करता है। जब लेखक बीमार पड़ता था, तो दादी माँ दिन-रात उसकी सेवा करती थीं। वे स्वभाव से कठोर दिखती थीं, लेकिन अंदर से बहुत दयालु थीं। संकट के समय उन्होंने अपना सोने का कंगन देकर परिवार की मदद की थी। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | दादी माँ का स्वभाव: ऊपर से कठोर, अंदर से कोमल और ममतामयी। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- लेखक के बीमार पड़ने पर दादी माँ क्या करती थीं?
- दादी माँ ने संकट के समय परिवार की मदद कैसे की?
10. गृहकार्य:
आपकी दादी/नानी में आपको कौनसी बात सबसे अच्छी लगती है? लिखिए।
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B.Ed Hindi Lesson Plan 9: पाठ योजना क्रमांक – 9
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम एवं भौगोलिक ज्ञान का विकास करना।
- गद्य पठन की क्षमता का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी हिमालय से निकलने वाली नदियों के नाम जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी नदियों को ‘हिमालय की बेटियां’ कहने के पीछे के भाव को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी प्रकृति और नदियों के संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी मानवीकरण अलंकार को पहचानने का कौशल प्राप्त करेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, भारत का मानचित्र, हिमालय और नदियों का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी भारत की प्रमुख नदियों और पहाड़ों के बारे में जानते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | भारत की सबसे पवित्र नदी कौनसी है? | गंगा। |
| 2. | गंगा नदी कहाँ से निकलती है? | हिमालय से (गंगोत्री से)। |
| 3. | हिमालय से निकलने के कारण नदियां हिमालय की क्या कहलाती हैं? | बेटियां। |
| 4. | नागार्जुन द्वारा रचित ‘हिमालय की बेटियां’ निबंध के बारे में बताइए। | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम नागार्जुन जी द्वारा रचित निबंध ‘हिमालय की बेटियां’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक स्पष्ट उच्चारण के साथ गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | संभ्रांत = कुलीन / सभ्य कौतूहल = जिज्ञासा / आश्चर्य |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: लेखक ने हिमालय को एक पिता और वहाँ से निकलने वाली नदियों (गंगा, यमुना, सतलुज आदि) को उसकी बेटियां माना है। मैदानों में ये नदियां बहुत शांत और गंभीर दिखती हैं, लेकिन हिमालय की गोद में ये बच्चियों की तरह चंचलता से उछलती-कूदती हैं। लेखक ने समुद्र को हिमालय का दामाद कहा है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | नदियां = बेटियां हिमालय = पिता समुद्र = दामाद |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- लेखक ने नदियों को क्या कहा है?
- मैदानों में पहुंचकर नदियों का स्वभाव कैसा हो जाता है?
10. गृहकार्य:
हिमालय से निकलने वाली 5 नदियों के नाम लिखकर लाएँ।
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B.Ed Hindi Lesson Plan 10: पाठ योजना क्रमांक – 10
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कविता पाठ के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में स्वतंत्रता के महत्व की भावना जाग्रत करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कविता के भावार्थ को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी कठपुतली की पीड़ा और उसके विद्रोह को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी दूसरों की आज़ादी का सम्मान करना सीखेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी उचित हाव-भाव से कविता वाचन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, धागों से बंधी कठपुतली का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी कठपुतली के खेल के बारे में जानते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | लकड़ी या कपड़े से बनी गुड़िया जिसे धागों से नचाया जाता है, उसे क्या कहते हैं? | कठपुतली। |
| 2. | कठपुतली किसके इशारों पर नाचती है? | दूसरों के इशारों पर (धागों से)। |
| 3. | क्या दूसरों के इशारों पर नाचना (गुलामी) अच्छी बात है? | नहीं। |
| 4. | ‘कठपुतली’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम भवानी प्रसाद मिश्र द्वारा रचित कविता ‘कठपुतली’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक कविता का सस्वर वाचन करेगा। | छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | छंद छुए = मन की इच्छा पूरी होना गुस्से से उबली = बहुत क्रोधित होना |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: एक कठपुतली धागों से बंधे होने के कारण बहुत दुखी है। वह गुस्से में कहती है कि ये धागे तोड़ दो और मुझे मेरे पैरों पर छोड़ दो। उसकी बात सुनकर अन्य कठपुतलियां भी आज़ादी की मांग करने लगती हैं। तब पहली कठपुतली सोच में पड़ जाती है कि क्या वह सबकी ज़िम्मेदारी उठा पाएगी? | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | कठपुतली की पीड़ा = पराधीनता। इच्छा = स्वाधीनता। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- कठपुतली को गुस्सा क्यों आया?
- पहली कठपुतली की बात सुनकर दूसरी कठपुतलियों ने क्या कहा?
10. गृहकार्य:
स्वाधीनता (आज़ादी) का हमारे जीवन में क्या महत्व है? लिखिए।
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B.Ed Hindi Lesson Plan 11: पाठ योजना क्रमांक – 11
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कहानी विधा के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में वात्सल्य और प्रेम की भावना का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कहानी के प्रमुख पात्र (मिठाईवाले) के बारे में जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी मिठाईवाले के सस्ते दामों पर चीज़ें बेचने के पीछे के कारण को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी दूसरों के दुख को समझकर उनसे सहानुभूति रख सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्यांश को उचित आरोह-अवरोह से पढ़ सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, खिलौने और मिठाई बेचते हुए एक व्यक्ति का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
कथा-कथन विधि, वाचन विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी फेरीवालों और खिलौने बेचने वालों के बारे में जानते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | बच्चों को क्या-क्या पसंद होता है? | खिलौने, मिठाइयाँ आदि। |
| 2. | गलियों में खिलौने या मिठाइयाँ बेचने कौन आता है? | फेरीवाला / मिठाईवाला। |
| 3. | भगवती प्रसाद वाजपेयी द्वारा रचित कहानी ‘मिठाईवाला’ के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम एक बहुत ही भावुक कहानी ‘मिठाईवाला’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | स्मृति = याद विचित्र = अनोखा सौदा = ख़रीद-बिक्री |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: एक व्यक्ति नगर में कभी खिलौनेवाला, कभी मुरलीवाला और कभी मिठाईवाला बनकर आता था। वह बहुत सस्ते दामों में बच्चों को चीज़ें देता था। दरअसल, उसके भी छोटे-छोटे बच्चे थे जिनकी मृत्यु हो गई थी। वह नगर के बच्चों में अपने बच्चों की छवि देखता था और उन्हें खुश देखकर शांति प्राप्त करता था। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे और मिठाईवाले की पीड़ा समझेंगे। | मिठाईवाला बच्चों में अपने मृत बच्चों की छवि देखता था। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- मिठाईवाला नगर में क्या-क्या बनकर आता था?
- वह चीज़ें इतने सस्ते दामों पर क्यों बेचता था?
10. गृहकार्य:
कहानी ‘मिठाईवाला’ से हमें क्या शिक्षा मिलती है? अपने शब्दों में लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 12: पाठ योजना क्रमांक – 12
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जानकारी के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- शरीर विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी रक्त के विभिन्न घटकों (लाल रक्त कण, सफ़ेद कण, प्लाज्मा) के नाम जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी शरीर में रक्त की भूमिका और एनीमिया के कारणों को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी संतुलित आहार लेकर अपने शरीर को स्वस्थ रख सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्य को स्पष्ट रूप से पढ़ने का कौशल प्राप्त करेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, रक्त कणिकाओं (RBC, WBC) का चार्ट।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी खून (रक्त) के रंग और चोट लगने पर खून निकलने के बारे में जानते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | जब हमें चोट लगती है तो शरीर से क्या निकलता है? | खून (रक्त)। |
| 2. | खून का रंग कैसा होता है? | लाल। |
| 3. | खून की कमी से कौनसी बीमारी होती है? | एनीमिया। |
| 4. | ‘रक्त और हमारा शरीर’ पाठ के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम यतीश अग्रवाल द्वारा रचित पाठ ‘रक्त और हमारा शरीर’ का अध्ययन करेंगे और जानेंगे कि खून कैसे काम करता है।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक स्पष्ट उच्चारण के साथ गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | सूक्ष्मदर्शी = छोटी चीज़ों को बड़ा दिखाने वाला यंत्र प्लाज्मा = रक्त का तरल भाग |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: रक्त देखने में लाल द्रव जैसा लगता है, परंतु सूक्ष्मदर्शी से देखने पर यह ‘भानुमती के पिटारे’ जैसा है। इसके तरल भाग को प्लाज्मा कहते हैं। इसमें लाल, सफ़ेद और बेरंग कण (प्लेटलेट्स) होते हैं। सफ़ेद कण हमारे शरीर के ‘वीर सिपाही’ हैं जो रोगों से लड़ते हैं। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | रक्त के भाग: 1. प्लाज्मा 2. लाल कण 3. सफ़ेद कण (वीर सिपाही) 4. प्लेटलेट्स |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- सफ़ेद रक्त कणों को ‘वीर सिपाही’ क्यों कहा गया है?
- रक्त के तरल भाग को क्या कहते हैं?
10. गृहकार्य:
एनीमिया से बचने के लिए हमें कैसा आहार लेना चाहिए? लिखकर लाएँ।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 13: पाठ योजना क्रमांक – 13
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कविता पाठ के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में आशावादी दृष्टिकोण का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कविता के रचयिता और नए शब्दों का ज्ञान प्राप्त करेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी कवि के आशावादी दृष्टिकोण और वसंत ऋतु के प्रभाव को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी जीवन में निराशा को त्यागकर उत्साह के साथ कार्य कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी सस्वर वाचन और भाव-ग्रहण का कौशल प्राप्त करेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, वसंत ऋतु, खिले हुए फूल और कलियों का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी वसंत ऋतु और फूलों के खिलने के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | वर्ष में कितनी ऋतुएँ होती हैं? | छह ऋतुएँ। |
| 2. | ऋतुओं का राजा किसे कहा जाता है? | वसंत ऋतु को। |
| 3. | वसंत ऋतु में प्रकृति कैसी दिखाई देती है? | चारों ओर हरियाली और फूल खिल जाते हैं। |
| 4. | सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता ‘ध्वनि’ के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी द्वारा रचित ‘ध्वनि’ कविता का रसास्वादन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक उचित भाव से कविता का आदर्श वाचन करेगा। | छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | मृदुल = कोमल पात = पत्ते निद्रित = सोए हुए प्रत्यूष = सवेरा |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: कवि कहता है कि अभी उसका अंत नहीं होगा क्योंकि उसके जीवन रूपी वन में अभी-अभी वसंत आया है। वह सोई हुई कलियों (निराश युवाओं) पर अपना हाथ फेरकर उन्हें जगाना चाहता है और उनमें एक नया सवेरा (उत्साह) भरना चाहता है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | कवि का लक्ष्य: निराश युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह भरना। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- कवि को ऐसा विश्वास क्यों है कि उसका अंत अभी नहीं होगा?
- कवि पुष्पों की तंद्रा (नींद) कैसे दूर करना चाहता है?
10. गृहकार्य:
वसंत ऋतु पर 10 पंक्तियों का निबंध लिखकर लाएँ।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 14: पाठ योजना क्रमांक – 14
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कहानी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों को मशीनी युग के प्रभावों से अवगत कराना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कहानी के प्रमुख पात्र ‘बदलू’ के बारे में जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी मशीनीकरण के कारण हस्तशिल्पियों (कारीगरों) की पीड़ा को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी स्वदेशी और हस्तनिर्मित वस्तुओं के महत्व को समझकर उनका आदर करेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्य का भावपूर्ण पठन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, लाख की चूड़ियां बनाने वाले कारीगर का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
कथा-कथन विधि, वाचन विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी कांच और लाख की चूड़ियों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | महिलाएं अपने हाथों में क्या पहनती हैं? | चूड़ियां, कंगन। |
| 2. | चूड़ियां किस-किस चीज़ की बनी होती हैं? | कांच, प्लास्टिक, लाख, सोने आदि की। |
| 3. | लाख की चूड़ियां बनाने वाले को क्या कहते हैं? | मनिहार। |
| 4. | कामतानाथ की कहानी ‘लाख की चूड़ियाँ’ के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम कामतानाथ जी द्वारा रचित कहानी ‘लाख की चूड़ियाँ’ का अध्ययन करेंगे और मशीनी युग के प्रभाव को समझेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | मनिहार = चूड़ी बनाने वाला पैतृक = पूर्वजों का वस्तु-विनिमय = वस्तुओं का लेन-देन |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: लेखक बचपन में अपने मामा के गाँव जाता था। वहाँ बदलू नाम का मनिहार लाख की चूड़ियां बनाता था। बदलू बहुत स्वाभिमानी था। वह कांच की चूड़ियों से नफरत करता था। समय के साथ मशीनों का युग आ गया और कांच की चूड़ियों का चलन बढ़ गया, जिससे बदलू का व्यवसाय छिन गया। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | बदलू की पीड़ा: मशीनी युग ने हस्तशिल्पियों का रोज़गार छीन लिया है। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- बदलू लाख की चूड़ियां कैसे बेचता था?
- मशीनी युग से बदलू के जीवन में क्या बदलाव आया?
10. गृहकार्य:
मशीनों के आने से हमारे जीवन में क्या-क्या नुकसान हुए हैं? कोई तीन नुकसान लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 15: पाठ योजना क्रमांक – 15
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में गद्य और व्यंग्य विधा के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- परिवहन व्यवस्था की वास्तविकता से अवगत कराना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी पाठ में आए हास्य और व्यंग्य पूर्ण वाक्यों को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी लेखक द्वारा की गई परिवहन निगम की पुरानी बसों की आलोचना को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी व्यंग्य रचनाओं को समझने और लिखने का प्रयास कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी उचित हाव-भाव और व्यंग्यात्मक लहजे में पठन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, एक पुरानी, टूटी-फूटी खटारा बस का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी बसों में यात्रा करने के अनुभवों से परिचित हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | हम एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए किन वाहनों का प्रयोग करते हैं? | ट्रेन, बस, कार आदि। |
| 2. | यदि बस बहुत पुरानी और खटारा हो तो यात्रा कैसी होगी? | कष्टदायक / परेशानी वाली। |
| 3. | हरिशंकर परसाई की व्यंग्य रचना ‘बस की यात्रा’ में क्या बताया गया है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम हरिशंकर परसाई जी द्वारा रचित एक हास्य-व्यंग्य रचना ‘बस की यात्रा’ का आनंद लेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक व्यंग्यात्मक स्वर में गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | वयोवृद्ध = बहुत बूढ़ी गोता लगाना = डुबकी लगाना प्राणांत = मृत्यु |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: लेखक और उसके मित्रों को पन्ना से सतना के लिए एक बस पकड़नी थी। बस बहुत पुरानी और जर्जर थी, जिसे देखकर लोग ‘वयोवृद्ध’ कह रहे थे। लेखक को डर था कि बस रास्ते में टूट जाएगी। बस के हिस्से एक-दूसरे से असहयोग कर रहे थे। लेखक व्यंग्य में कहता है कि यह बस ‘पूजा के योग्य’ थी। | छात्र हास्य और व्यंग्य का आनंद लेंगे। | बस की स्थिति: बहुत जर्जर। लेखक का डर: प्राणांत का भय। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- लेखक ने बस को ‘वयोवृद्ध’ क्यों कहा?
- लोगों ने लेखक को शाम वाली बस से सफर न करने की सलाह क्यों दी?
10. गृहकार्य:
क्या आपने कभी ऐसी कोई रोमांचक या डरावनी यात्रा की है? अपने अनुभव लिखिए।
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B.Ed Hindi Lesson Plan 16: पाठ योजना क्रमांक – 16
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कविता पाठ के प्रति रुचि जाग्रत करना।
- विद्यार्थियों में देश प्रेम और त्याग की भावना उत्पन्न करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कविता के भाव और कठिन शब्दों को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी ‘दीवानों’ (स्वाधीनता सेनानियों) के मस्तमौला स्वभाव को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी मातृभूमि के प्रति अपने कर्तव्यों को समझेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी कविता का सस्वर एवं वीर रस के साथ वाचन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, स्वतंत्रता सेनानियों का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी भारत को आज़ाद कराने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | हमारा देश अंग्रेज़ों की गुलामी से कब आज़ाद हुआ? | 15 अगस्त 1947 को। |
| 2. | देश को आज़ाद कराने में किनका योगदान था? | स्वतंत्रता सेनानियों का (भगत सिंह आदि)। |
| 3. | ऐसे देशभक्तों को क्या कहा जाता है जो देश के लिए सब कुछ त्याग देते हैं? | दीवाने / वीर। |
| 4. | भगवतीचरण वर्मा की कविता ‘दीवानों की हस्ती’ से आप क्या समझते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम भगवतीचरण वर्मा द्वारा रचित देशप्रेम की कविता ‘दीवानों की हस्ती’ का रसास्वादन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक उचित लय व भाव से कविता का आदर्श वाचन करेगा। | छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | हस्ती = अस्तित्व स्वच्छंद = स्वतंत्र उल्लास = खुशी |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: कवि ने स्वतंत्रता सेनानियों को ‘दीवाना’ कहा है। उनका कोई एक ठिकाना नहीं होता, वे जहाँ जाते हैं वहाँ खुशियां बाँटते हैं। उन्हें अपने अस्तित्व का घमंड नहीं है। उनका लक्ष्य देशवासियों के दुखों को दूर कर देश को आज़ाद कराना है। वे असफलताओं का बोझ स्वयं लेते हैं। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | दीवानों का लक्ष्य: देश के लिए मर-मिटना और खुशियां बाँटना। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- कवि ने अपने आने को उल्लास और जाने को आँसू बनकर बह जाना क्यों कहा है?
- दीवानों की हस्ती कैसी होती है?
10. गृहकार्य:
अपने किसी पसंदीदा स्वतंत्रता सेनानी के बारे में 5 पंक्तियाँ लिखकर लाएँ।
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B.Ed Hindi Lesson Plan 17: पाठ योजना क्रमांक – 17
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में निबंध लेखन एवं पठन के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- संचार के साधनों का ज्ञान प्रदान करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी पत्रों (चिट्ठियों) के महत्व और इतिहास को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी फोन/एसएमएस और पत्रों की उपयोगिता में अंतर समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी अपने सगे-संबंधियों को पत्र लिखने का प्रयास करेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्य का भावपूर्ण पठन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, पुरानी चिट्ठियां, पोस्टकार्ड और अंतर्देशीय पत्र, एक मोबाइल फोन।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी डाकिया और चिट्ठी भेजने के तरीके के बारे में जानते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | आजकल हम दूर बैठे लोगों से कैसे बात करते हैं? | मोबाइल से, व्हाट्सएप से। |
| 2. | जब मोबाइल नहीं थे, तब संदेश कैसे भेजे जाते थे? | चिट्ठी (पत्र) लिखकर। |
| 3. | चिट्ठियां हमारे घर कौन पहुंचाता है? | डाकिया (Postman)। |
| 4. | अरविन्द कुमार सिंह के निबंध ‘चिट्ठियों की अनूठी दुनिया’ में क्या बताया गया है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम अरविन्द कुमार सिंह द्वारा रचित पाठ ‘चिट्ठियों की अनूठी दुनिया’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक स्पष्ट उच्चारण के साथ गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | अज़ीबो-ग़रीब = अनोखा सिलसिला = क्रम धरोहर = अमानत |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: लेखक बताता है कि पत्रों की दुनिया बहुत अनोखी है। जो संतोष और अपनापन एक पत्र में मिलता है, वह फोन या एसएमएस में नहीं मिलता। महान हस्तियों (जैसे महात्मा गांधी) के पत्र आज भी संग्रहालयों में धरोहर के रूप में सहेज कर रखे गए हैं। पत्र लेखन एक कला है। | छात्र पत्रों के महत्व को समझेंगे। | पत्रों का महत्व: अपनापन, स्थायी धरोहर, और कला। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- पत्र जैसा संतोष फोन या एसएमएस का संदेश क्यों नहीं दे सकता?
- महात्मा गांधी के पत्र किस नाम से आते थे?
10. गृहकार्य:
अपने मित्र को एक पत्र लिखिए जिसमें आपने अपनी गर्मियों की छुट्टियों का वर्णन किया हो।
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B.Ed Hindi Lesson Plan 18: पाठ योजना क्रमांक – 18
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कविता पाठ के प्रति रुचि जाग्रत करना।
- विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम और विश्व-बंधुत्व की भावना उत्पन्न करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कविता के भावार्थ और कवि (रामधारी सिंह दिनकर) के बारे में जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी प्रकृति (पक्षी और बादल) द्वारा दिए जाने वाले संदेश (प्रेम और एकता) को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी मानव निर्मित सीमाओं (भेदभाव) को त्यागकर विश्व-बंधुत्व की भावना अपना सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी उचित लय-ताल के साथ कविता का सस्वर वाचन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, आकाश में उड़ते पक्षियों और घने बादलों का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी डाकिया के कार्य और बादलों से होने वाली बारिश के बारे में जानते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | हमारे पत्र और संदेश कौन लाता है? | डाकिया। |
| 2. | वर्षा कौन करता है? | बादल। |
| 3. | प्रकृति (भगवान) के संदेश हम तक कौन लाता है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित कविता ‘भगवान के डाकिए’ का रसास्वादन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक उचित लय-ताल के साथ कविता का आदर्श वाचन करेगा। | छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | बाँचना = पढ़ना / सस्वर पढ़ना आँकना = अनुमान लगाना सौरभ = सुगंध |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: कवि कहता है कि पक्षी और बादल भगवान के डाकिए हैं, जो एक देश से दूसरे देश (महादेश) में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश ले जाते हैं। मनुष्य इनकी लाई चिट्ठियों को नहीं पढ़ सकता, परंतु पेड़, पौधे, पानी और पहाड़ इन्हें पढ़ लेते हैं। प्रकृति कोई भेदभाव नहीं करती; एक देश का भाप दूसरे देश में पानी बनकर बरसता है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | पक्षी और बादल भगवान के डाकिए हैं। प्रकृति किसी से भेदभाव नहीं करती। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए क्यों बताया है?
- पक्षी और बादल की लाई चिट्ठियों को कौन बाँचते (पढ़ते) हैं?
10. गृहकार्य:
पक्षी और बादल की तरह क्या हमें भी आपस में भेदभाव भूलकर रहना चाहिए? अपने विचार लिखिए।
गतिविधि-12: 12 B.Ed Hindi Lesson Plan (द्वितीय शिक्षण विषय)
अनिवार्य: कक्षा 9 एवं 10 की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित 12 पाठ योजनाएं
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 19: पाठ योजना क्रमांक – 19 (द्वितीय विषय – 1)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में गद्य साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में पशुओं के प्रति प्रेम और संवेदनशीलता का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कहानी के प्रमुख पात्रों (हीरा, मोती, झूरी) का ज्ञान प्राप्त करेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी हीरा और मोती की मित्रता तथा स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी पशुओं के प्रति क्रूरता का विरोध कर सकेंगे और मित्रता का महत्व समझेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी कहानी को उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ पढ़ सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, दो बैलों (हीरा-मोती) और किसान का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
कथा-कथन विधि, वाचन विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी खेती-किसानी और बैलों के उपयोग के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | किसान खेती करने के लिए खेतों में क्या चलाता है? | हल। |
| 2. | हल खींचने का काम प्राचीन काल में कौनसे पशु करते थे? | बैल। |
| 3. | यदि बैलों को मारा-पीटा जाए तो उन्हें कैसा लगेगा? | उन्हें भी दर्द होगा और बुरा लगेगा। |
| 4. | मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘दो बैलों की कथा’ के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम मुंशी प्रेमचंद जी द्वारा रचित प्रसिद्ध कहानी ‘दो बैलों की कथा’ का अध्ययन करेंगे और हीरा-मोती की बहादुरी के बारे में जानेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | निरापद = सुरक्षित सहिष्णुता = सहनशीलता विषाद = दुख |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: झूरी नाम के किसान के पास हीरा और मोती नाम के दो बैल थे। दोनों में बहुत गहरी मित्रता थी। एक बार झूरी ने उन्हें अपने साले गया के पास भेज दिया। गया उन्हें बहुत मारता था और सूखा भूसा देता था। आज़ादी पाने के लिए दोनों बैल रात को रस्सियां तुड़ाकर भाग गए। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | पात्र: झूरी (किसान), हीरा-मोती (बैल), गया (झूरी का साला)। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- झूरी के दोनों बैलों के क्या नाम थे?
- बैलों ने गया के घर से भागने का फैसला क्यों किया?
10. गृहकार्य:
पशुओं के प्रति हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए? 5 पंक्तियों में लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 20: पाठ योजना क्रमांक – 20 (द्वितीय विषय – 2)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में यात्रा-वृत्तांत विधा के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों के भौगोलिक ज्ञान में वृद्धि करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी तिब्बत और ल्हासा की भौगोलिक स्थिति और संस्कृति को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी लेखक राहुल सांकृत्यायन की तिब्बत यात्रा के अनुभवों को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी विभिन्न स्थानों की यात्रा करने और वहाँ की संस्कृति को जानने के लिए प्रेरित होंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्य को स्पष्ट और शुद्ध उच्चारण के साथ पढ़ सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, तिब्बत और हिमालय का मानचित्र, भिक्षु के वेश में लेखक का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी पहाड़ी इलाकों और यात्रा करने के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | छुट्टियों में हम घूमने के लिए कहाँ-कहाँ जाते हैं? | पहाड़ों पर, ऐतिहासिक स्थानों पर। |
| 2. | घूमने-फिरने से संबंधित लेखों को क्या कहते हैं? | यात्रा-वृत्तांत। |
| 3. | भारत के उत्तर में कौन-सा पड़ोसी देश/क्षेत्र है जहाँ बर्फ रहती है? | तिब्बत / नेपाल। |
| 4. | राहुल सांकृत्यायन के यात्रा-वृत्तांत ‘ल्हासा की ओर’ के बारे में आप क्या जानते हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम राहुल सांकृत्यायन द्वारा रचित यात्रा-वृत्तांत ‘ल्हासा की ओर’ का अध्ययन करेंगे और जानेंगे कि उनकी तिब्बत यात्रा कैसी रही।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | व्यापारिक = व्यापार से संबंधित छद्म = बनावटी डाँड़ा = ऊँची पहाड़ी |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: लेखक ने अपनी तिब्बत यात्रा 1929-30 में नेपाल के रास्ते से की थी। उस समय भारतीयों को तिब्बत जाने की मनाही थी, इसलिए लेखक ने भिखमंगे (भिक्षु) का बनावटी रूप धारण किया था। रास्ते में डाकुओं का डर था। उनके साथ सुमति नाम का एक मंगोल भिक्षु भी था, जिसकी वहाँ अच्छी जान-पहचान थी। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | तिब्बत यात्रा: 1929-30 लेखक का वेश: भिखमंगे का सहयात्री: सुमति |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- लेखक ने तिब्बत की यात्रा किस वेश में की और क्यों?
- तिब्बत की यात्रा में लेखक का मार्गदर्शक (सहयात्री) कौन था?
10. गृहकार्य:
आपने यदि कभी पहाड़ी इलाके की यात्रा की है, तो उसके बारे में लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 21: पाठ योजना क्रमांक – 21 (द्वितीय विषय – 3)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में काव्य पठन के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कबीरदास जी के जीवन और उनकी साखियों के शब्दों का ज्ञान प्राप्त करेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी साखियों के माध्यम से ज्ञान, भक्ति और बाह्याडंबरों के विरोध को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी दिखावे को छोड़कर सच्चे मन से ईश्वर की भक्ति और अच्छे कर्म कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी दोहों (साखियों) का सस्वर और लयबद्ध गायन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, संत कबीरदास जी का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी ईश्वर, भक्ति और संतों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | हम अच्छे मार्ग पर चलने की शिक्षा किनसे लेते हैं? | गुरु और संतों से। |
| 2. | भारत के कुछ प्रमुख संतों के नाम बताइए। | तुलसीदास, सूरदास, कबीरदास आदि। |
| 3. | कबीरदास जी अपनी शिक्षाएं किस रूप में देते थे? | दोहों या साखियों के रूप में। |
| 4. | कबीर की साखियों से हमें क्या ज्ञान मिलता है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम भक्तिकाल के महान संत कबीरदास जी द्वारा रचित ‘साखियाँ’ का अध्ययन करेंगे और उनके गुढ़ अर्थ को समझेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक साखियों का सस्वर एवं लयबद्ध वाचन करेगा। | छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | मानरोवर = मन रूपी सरोवर मुकताफल = मोती पखापखी = पक्ष-विपक्ष |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: कबीरदास जी कहते हैं कि जिस प्रकार हंस मानसरोवर में मोती चुगते हैं और कहीं नहीं जाते, उसी प्रकार भक्त का मन जब ईश्वर की भक्ति में लीन हो जाता है, तो वह सांसारिक मोह-माया से दूर हो जाता है। कबीर ने हिन्दू-मुस्लिम के भेदभाव (पखापखी) को दूर कर निस्पक्ष होकर हरि-भजन करने की सलाह दी है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | ईश्वर एक है। बाह्य आडंबर व्यर्थ हैं। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- हंस मानसरोवर को छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते?
- कबीर ने ‘सच्चा संत’ किसे कहा है?
10. गृहकार्य:
कबीरदास जी के कोई दो अन्य दोहे (साखियाँ) याद करके और उनका अर्थ कॉपी में लिखकर लाएँ।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 22: पाठ योजना क्रमांक – 22 (द्वितीय विषय – 4)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में कविता पाठ के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में ईश्वर प्रेम और समानता की भावना विकसित करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी कश्मीरी कवयित्री ललद्यद और उनकी रचना ‘वाख’ के बारे में जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी सांसारिक नश्वरता और ईश्वर प्राप्ति के सच्चे मार्ग को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी धर्म और जाति के भेदभाव से ऊपर उठकर मानव मात्र से प्रेम कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी वाख शैली का सस्वर वाचन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, कच्चे धागे की नाव का प्रतीकात्मक चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी ईश्वर भक्ति और धार्मिक आडंबरों के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | लोग मोक्ष (मुक्ति) पाने के लिए किसकी पूजा करते हैं? | ईश्वर (भगवान) की। |
| 2. | क्या केवल दिखावे की पूजा से ईश्वर मिलते हैं? | नहीं, सच्चे मन से मिलते हैं। |
| 3. | कश्मीरी भाषा की संत कवयित्री ललद्यद की रचनाओं को क्या कहते हैं? | वाख। |
| 4. | ‘वाख’ में ललद्यद ने क्या संदेश दिया है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम कश्मीरी संत कवयित्री ललद्यद द्वारा रचित ‘वाख’ का अध्ययन करेंगे और उनके जीवन दर्शन को समझेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक उचित लय-ताल के साथ वाख का आदर्श वाचन करेगा। | छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | कच्चे सकोरे = मिट्टी के कच्चे बर्तन सम खा = समानता का भाव रख भवसागर = संसार रूपी समुद्र |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: कवयित्री कहती है कि वह कच्चे धागे की रस्सी से जीवन रूपी नाव को खींच रही है। न जाने ईश्वर कब उसकी पुकार सुनेंगे। वह मिट्टी के कच्चे बर्तन के समान है, जिससे पानी टपक रहा है अर्थात् उसकी उम्र घट रही है। वह कहती है कि ईश्वर हर जगह बसा है, इसलिए हिन्दू-मुसलमान में भेद मत करो। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | कवयित्री की इच्छा: भवसागर पार करके ईश्वर से मिलना। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- ‘रस्सी कच्चे धागे की’ का प्रयोग कवयित्री ने किसके लिए किया है?
- कवयित्री के अनुसार ईश्वर कहाँ निवास करता है?
10. गृहकार्य:
कवयित्री ललद्यद ने हिन्दू और मुसलमान में भेदभाव करने से क्यों मना किया है? स्पष्ट कीजिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 23: पाठ योजना क्रमांक – 23 (द्वितीय विषय – 5)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में ब्रजभाषा काव्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में ईश्वर (श्रीकृष्ण) के प्रति सगुण भक्ति भाव जाग्रत करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी रसखान कवि के जीवन और उनके सवैयों में आए ब्रजभाषा के शब्दों का ज्ञान प्राप्त करेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी कवि रसखान के श्रीकृष्ण और ब्रजभूमि के प्रति अनन्य प्रेम को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी अपने इष्टदेव और जन्मभूमि से निस्वार्थ प्रेम कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी सवैयों का सस्वर, लयबद्ध एवं मधुर गायन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, भगवान श्रीकृष्ण और ब्रजभूमि (गोकुल) का मनमोहक चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी भगवान श्रीकृष्ण, उनकी मुरली और वृंदावन के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | मथुरा और वृंदावन (ब्रजभूमि) किस भगवान के लिए प्रसिद्ध हैं? | श्रीकृष्ण के लिए। |
| 2. | श्रीकृष्ण बचपन में क्या चराते थे और क्या बजाते थे? | गायों को चराते थे और मुरली बजाते थे। |
| 3. | श्रीकृष्ण के अनन्य मुस्लिम भक्त कवि का क्या नाम था? | रसखान। |
| 4. | रसखान के ‘सवैये’ में कवि ने क्या कामना की है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम कृष्णभक्त कवि रसखान द्वारा रचित ‘सवैये’ का रसास्वादन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक उचित लय-ताल के साथ सवैयों का आदर्श वाचन करेगा। | छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | मानुष = मनुष्य पाहन = पत्थर कालिंदी = यमुना नदी |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: कवि रसखान कहते हैं कि यदि मुझे अगले जन्म में मनुष्य का शरीर मिले, तो गोकुल का ग्वाला बनूँ। पशु बनूँ तो नंद की गायों के बीच चरूँ। पत्थर बनूँ तो गोवर्धन पर्वत का बनूँ, और पक्षी बनूँ तो यमुना किनारे कदंब के पेड़ पर बसेरा करूँ। कवि हर हाल में श्रीकृष्ण का सामीप्य (साथ) चाहता है। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | कवि की कामना: हर जन्म में श्रीकृष्ण और ब्रजभूमि का साथ। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- रसखान अगले जन्म में पत्थर बनकर किस पर्वत का हिस्सा बनना चाहते हैं?
- कवि पक्षी बनकर कहाँ बसेरा करना चाहते हैं?
10. गृहकार्य:
रसखान ने ब्रजभूमि के प्रति अपना प्रेम किस प्रकार व्यक्त किया है? अपने शब्दों में लिखिए।
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B.Ed Hindi Lesson Plan 24: पाठ योजना क्रमांक – 24 (द्वितीय विषय – 6)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में गद्य साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में देशभक्ति और बलिदान की भावना का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी 1857 की क्रांति और नाना साहब के योगदान को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी बालिका मैना के साहस और अंग्रेज़ों की क्रूरता को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी अपने देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले शहीदों का सम्मान करेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्यांश को उचित आरोह-अवरोह और वीर रस के साथ पढ़ सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, 1857 की क्रांति का दृश्य, बालिका मैना और अंग्रेज़ अधिकारी का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
कथा-कथन विधि, वाचन विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी भारत की आज़ादी और अंग्रेज़ों के शासन के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | भारत पर लगभग 200 वर्षों तक किसने शासन किया? | अंग्रेज़ों ने। |
| 2. | अंग्रेज़ों को भारत से भगाने के लिए सबसे पहली बड़ी क्रांति कब हुई? | सन् 1857 में। |
| 3. | 1857 की क्रांति के कुछ प्रमुख नेताओं के नाम बताइए। | रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, नाना साहब आदि। |
| 4. | नाना साहब की पुत्री मैना के बलिदान की कहानी क्या है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम चपला देवी द्वारा रचित ऐतिहासिक रिपोर्ताज ‘नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | भस्म = राख (जला देना) निर्मम = दयाहीन प्रासाद = महल |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: 1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेज़ों ने नाना साहब के बिठूर स्थित महल को तोड़ने का आदेश दिया। नाना साहब की छोटी बेटी मैना उस महल में अकेली रह गई थी। उसने अंग्रेज़ सेनापति ‘हे’ से महल न तोड़ने की विनती की, क्योंकि महल निर्जीव है। परंतु क्रूर अंग्रेज़ जनरल आउट्रम ने मैना को बंदी बना लिया और उसे आग में जलाकर भस्म कर दिया। | छात्र कहानी सुनकर भावुक होंगे और वीरांगना के साहस को समझेंगे। | मैना का बलिदान: देश की आज़ादी के लिए। अंग्रेज़ों का व्यवहार: क्रूर और निर्मम। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- बालिका मैना ने सेनापति ‘हे’ से क्या प्रार्थना की?
- मैना को किस अंग्रेज़ अधिकारी ने जलाकर भस्म कर दिया?
10. गृहकार्य:
बालिका मैना के बलिदान से आपको क्या प्रेरणा मिलती है? अपने शब्दों में लिखिए।
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B.Ed Hindi Lesson Plan 25: पाठ योजना क्रमांक – 25 (द्वितीय विषय – 7)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में व्यंग्य विधा के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में सादा जीवन उच्च विचार की भावना का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी मुंशी प्रेमचंद के व्यक्तित्व और पाठ के व्यंग्यात्मक शब्दों को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी लेखक द्वारा समाज के ‘दिखावे’ (शो-ऑफ) पर किए गए व्यंग्य को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी दिखावे की प्रवृत्ति से बचकर वास्तविकता को स्वीकार कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी व्यंग्यात्मक गद्य का उचित आरोह-अवरोह के साथ पठन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, मुंशी प्रेमचंद का वह प्रसिद्ध चित्र जिसमें उनके जूते फटे हुए हैं।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी मुंशी प्रेमचंद और उनकी रचनाओं के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | हिन्दी साहित्य के ‘उपन्यास सम्राट’ किसे कहा जाता है? | मुंशी प्रेमचंद को। |
| 2. | लोग फोटो खिंचवाते समय कैसे कपड़े पहनते हैं? | अच्छे और नए कपड़े। |
| 3. | यदि कोई फटे जूते पहनकर फोटो खिंचवाए तो आप क्या सोचेंगे? | कि वह बहुत गरीब या सादा व्यक्ति है। |
| 4. | हरिशंकर परसाई के व्यंग्य ‘प्रेमचंद के फटे जूते’ में लेखक ने क्या बताया है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम हरिशंकर परसाई जी द्वारा रचित प्रसिद्ध व्यंग्य ‘प्रेमचंद के फटे जूते’ का अध्ययन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक व्यंग्यात्मक स्वर में गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | व्यंग्य = ताना मारना पुरखे = पूर्वज क्लेश = दुख / पीड़ा |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: लेखक प्रेमचंद की एक तस्वीर देख रहा है जिसमें उनके जूते फटे हुए हैं और उंगली बाहर निकल रही है। लेखक को आश्चर्य है कि महान साहित्यकार फोटो खिंचवाने के लिए भी जूते नहीं मांग पाया। लेखक समाज पर व्यंग्य करता है कि लोग फोटो खिंचवाने के लिए कोट, मोटर यहाँ तक कि बीवी भी मांग लेते हैं, पर प्रेमचंद दिखावा नहीं करते थे। | छात्र हास्य और व्यंग्य का आनंद लेंगे। | प्रेमचंद का स्वभाव: दिखावे से दूर, यथार्थवादी। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- प्रेमचंद के फटे जूते से कौनसी उंगली बाहर निकल रही थी?
- लेखक के अनुसार लोग फोटो खिंचवाने के लिए क्या-क्या मांग कर लाते हैं?
10. गृहकार्य:
आजकल के लोगों के ‘दिखावे की प्रवृत्ति’ पर अपने विचार लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 26: पाठ योजना क्रमांक – 26 (द्वितीय विषय – 8)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में ब्रजभाषा काव्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में सगुण भक्ति और प्रेम की भावना का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी सूरदास जी के पदों और ‘भ्रमरगीत’ के प्रसंग को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी गोपियों के श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम और उद्धव पर किए गए व्यंग्य को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी सच्चे प्रेम और भक्ति के महत्व को जीवन में उतार सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी पदों का सस्वर, लयबद्ध गायन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, उद्धव और गोपियों के संवाद का चित्र (भ्रमरगीत प्रसंग)।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी श्रीकृष्ण, गोपियों और उनके मथुरा चले जाने के प्रसंग के बारे में जानते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | श्रीकृष्ण जन्म के बाद कहाँ पले-बढ़े थे? | गोकुल / वृंदावन में। |
| 2. | वृंदावन में श्रीकृष्ण किसके साथ रास-लीला करते थे? | गोपियों के साथ। |
| 3. | जब श्रीकृष्ण मथुरा चले गए, तो गोपियों को समझाने किसे भेजा? | उद्धव को। |
| 4. | सूरदास के पदों (भ्रमरगीत) में गोपियों ने उद्धव से क्या कहा? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम कृष्णभक्त कवि सूरदास द्वारा रचित ‘पद’ (भ्रमरगीत) का रसास्वादन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक उचित लय-ताल के साथ पदों का गायन करेगा। | छात्र अनुकरण गायन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | बड़भागी = भाग्यवान पुरइनि पात = कमल का पत्ता अपरास = अछूता |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: गोपियां उद्धव पर व्यंग्य करते हुए कहती हैं कि हे उद्धव! तुम बहुत भाग्यशाली हो जो कृष्ण के पास रहकर भी उनके प्रेम में नहीं पड़े। तुम कमल के उस पत्ते के समान हो जो पानी में रहकर भी गीला नहीं होता। हमने तो कृष्ण से वैसा ही प्रेम किया है जैसे चींटियाँ गुड़ से चिपट जाती हैं। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | गोपियों का व्यंग्य: उद्धव प्रेम से अछूते हैं। गोपियों का प्रेम: गुड़ और चींटी के समान। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- गोपियों ने उद्धव की तुलना किससे की है?
- गोपियों ने अपने प्रेम को किसके समान बताया है?
10. गृहकार्य:
गोपियों ने उद्धव को ‘बड़भागी’ (भाग्यवान) क्यों कहा? व्यंग्य स्पष्ट कीजिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 27: पाठ योजना क्रमांक – 27 (द्वितीय विषय – 9)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में अवधी भाषा एवं रामचरितमानस के प्रति रुचि जाग्रत करना।
- विद्यार्थियों में साहस, विनय और वीरता के गुणों का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी गोस्वामी तुलसीदास के जीवन और सीता-स्वयंवर के प्रसंग को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी राम की विनयशीलता, लक्ष्मण की उग्रता और परशुराम के क्रोध को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी क्रोध के दुष्परिणामों को समझकर विनय और धैर्य का आचरण अपनाएंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी चौपाई और दोहा छंद का सस्वर वाचन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, शिव धनुष टूटने और परशुराम के क्रोधित होने का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी रामायण, भगवान राम और सीता-स्वयंवर के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | मर्यादा पुरुषोत्तम किसे कहा जाता है? | भगवान श्रीराम को। |
| 2. | राम का विवाह किसके साथ हुआ था? | माता सीता के साथ। |
| 3. | सीता-स्वयंवर में राम ने किसका धनुष तोड़ा था? | भगवान शिव का। |
| 4. | शिव धनुष टूटने पर कौनसे ऋषि क्रोधित होकर सभा में आए? | परशुराम जी। (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस से ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ का रसास्वादन करेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक चौपाई और दोहे का उचित लय, यति, गति और भाव से आदर्श वाचन करेगा। | छात्र अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | भंजनिहारा = तोड़ने वाला रिपु = शत्रु बिलगाउ = अलग होना |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: शिव धनुष टूटने पर परशुराम अत्यंत क्रोधित होकर आते हैं। श्रीराम अत्यंत विनयपूर्वक कहते हैं कि “नाथ! शिव धनुष तोड़ने वाला आपका ही कोई दास होगा।” परंतु परशुराम क्रोधित होकर कहते हैं कि सेवक वह है जो सेवा करे, जिसने यह धनुष तोड़ा है, वह मेरा शत्रु है। लक्ष्मण भी क्रोधित होकर परशुराम से व्यंग्यपूर्ण तर्क-वितर्क करने लगते हैं। | छात्र संवाद को ध्यान से सुनेंगे। | श्रीराम: विनयशील व शांत। लक्ष्मण और परशुराम: क्रोधी और उग्र। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- परशुराम के क्रोध करने पर श्रीराम ने क्या उत्तर दिया?
- परशुराम ने सेवक किसे कहा है?
10. गृहकार्य:
लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएं बताई हैं? अपने शब्दों में लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 28: पाठ योजना क्रमांक – 28 (द्वितीय विषय – 10)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में गद्य साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी लेखक स्वयं प्रकाश और कहानी के मुख्य पात्र (कैप्टन, हालदार साहब) को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी एक साधारण चश्मे वाले (कैप्टन) की देशभक्ति की भावना को समझ सकेंगे। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी अपने देश और देश के महापुरुषों के प्रति आदर भाव रख सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी कहानी का शुद्ध उच्चारण के साथ पठन कर सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बिना चश्मे वाली मूर्ति और कैप्टन चश्मे वाले का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके योगदान के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” यह नारा किसने दिया? | सुभाष चंद्र बोस ने। |
| 2. | सुभाष चंद्र बोस को लोग प्यार से क्या कहते थे? | नेताजी। |
| 3. | नेताजी के चित्र या मूर्ति में उनके चेहरे पर क्या खास होता है? | गोल चश्मा। |
| 4. | कहानी ‘नेताजी का चश्मा’ में क्या बताया गया है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम स्वयं प्रकाश जी द्वारा रचित कहानी ‘नेताजी का चश्मा’ पढ़ेंगे और एक साधारण नागरिक की देशभक्ति को समझेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | कस्बा = छोटा शहर संगमरमर = सफेद पत्थर दरकार = ज़रूरत |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: हालदार साहब हर पंद्रहवें दिन एक कस्बे से गुज़रते थे। वहाँ चौराहे पर नेताजी की संगमरमर की मूर्ति थी, लेकिन उस पर असली चश्मा लगा रहता था। पूछने पर पता चला कि ‘कैप्टन’ नाम का एक चश्मे वाला लँगड़ा व्यक्ति, नेताजी की बिना चश्मे वाली मूर्ति देखकर आहत होता था, इसलिए वह अपनी दुकान से एक चश्मा मूर्ति पर लगा देता था। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | मूर्ति: संगमरमर की (बिना चश्मे की)। कैप्टन की भावना: सच्ची देशभक्ति। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- नेताजी की मूर्ति पर असली चश्मा कौन लगाता था?
- कैप्टन चश्मे वाले को लोग पागल क्यों कहते थे?
10. गृहकार्य:
कैप्टन चश्मे वाले का चरित्र-चित्रण (Character sketch) अपने शब्दों में लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 29: पाठ योजना क्रमांक – 29 (द्वितीय विषय – 11)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में गद्य (रेखाचित्र) विधा के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों, सरलता और सादगी का विकास करना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी बालगोबिन भगत की दिनचर्या, उनके पहनावे और कबीर-भक्ति को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी यह समझ सकेंगे कि संन्यास बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि कर्मों और विचारों से होता है। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी समाज की रूढ़िवादी परंपराओं का विरोध कर प्रगतिशील सोच अपना सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी गद्यांश को उचित हाव-भाव और ठहराव के साथ पढ़ सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, कबीरपंथी साधु (बालगोबिन भगत) का खंजड़ी बजाते हुए चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
कथा-कथन विधि, वाचन विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी साधु-संतों के जीवन और ग्रामीण खेती-किसानी के बारे में जानते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | गाँवों में लोग अपना पेट भरने के लिए मुख्य रूप से क्या काम करते हैं? | खेती / कृषि। |
| 2. | जो लोग भगवान का भजन करते हैं और सादा जीवन जीते हैं, उन्हें क्या कहते हैं? | साधु या संत। |
| 3. | क्या गृहस्थ (खेती करने वाला) व्यक्ति भी संत हो सकता है? | हाँ, अपने कर्मों से। |
| 4. | रामवृक्ष बेनीपुरी के रेखाचित्र ‘बालगोबिन भगत’ में क्या बताया गया है? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम रामवृक्ष बेनीपुरी जी द्वारा रचित रेखाचित्र ‘बालगोबिन भगत’ का अध्ययन करेंगे और एक गृहस्थ संत के जीवन को जानेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | मँझोला = बीच का (न बहुत बड़ा न बहुत छोटा) रोपनी = धान रोपना खंजड़ी = ढपली जैसा वाद्य यंत्र |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: बालगोबिन भगत करीब साठ वर्ष के गोरे-चिट्टे आदमी थे। वे गृहस्थ थे लेकिन उनका आचरण संतों जैसा था। वे कबीर को अपना ‘साहब’ मानते थे। उनके खेत में जो भी पैदा होता, उसे वे कबीर के दरबार (मठ) में ले जाते और प्रसाद रूप में जो मिलता, उसी से गुजारा करते। आषाढ़ की रिमझिम में वे कीचड़ में लथपथ होकर धान रोपते हुए कबीर के गीत गाते थे। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे। | बालगोबिन भगत की पहचान: गृहस्थ होते हुए भी सच्चे संत। आदर्श: संत कबीर। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- बालगोबिन भगत की वेशभूषा कैसी थी?
- भगत जी अपने खेत की पैदावार का क्या करते थे?
10. गृहकार्य:
बालगोबिन भगत के गायन की क्या विशेषताएं थीं? पाठ के आधार पर लिखिए।
📌 नोट: यह B.Ed Hindi Lesson Plan दैनिक पाठ योजना पुस्तिका के लिए पूरी तरह से तैयार है।
B.Ed Hindi Lesson Plan 30: पाठ योजना क्रमांक – 30 (द्वितीय विषय – 12)
1. सामान्य उद्देश्य:
- विद्यार्थियों में गद्य की व्यंग्य विधा के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- विद्यार्थियों को समाज में फैले दिखावे (पतनशील सामंती वर्ग) से परिचित कराना।
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | आपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी नवाब साहब के हाव-भाव और उनकी दिखावटी जीवन-शैली को जान सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी लेखक यशपाल के इस विचार को समझेंगे कि बिना विचार और घटनाओं के कहानी नहीं लिखी जा सकती। |
| अनुप्रयोग | विद्यार्थी झूठी शान-ओ-शौकत से बचेंगे और यथार्थ (सच्चाई) का जीवन जिएंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी व्यंग्यात्मक रचनाओं को उचित लहजे में पढ़ सकेंगे। |
3. शिक्षण सहायक सामग्री:
चॉक, डस्टर, ट्रेन के डिब्बे में बैठे नवाब साहब (सामने खीरे रखे हुए) का चित्र।
4. शिक्षण विधि/प्रविधि:
वाचन विधि, व्याख्यान विधि, प्रश्नोत्तर प्रविधि।
5. पूर्व ज्ञान:
विद्यार्थी रेल यात्रा और नवाबों (रईसों) की शान-ओ-शौकत के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
6. प्रस्तावना प्रश्न:
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ |
|---|---|---|
| 1. | पुराने समय में लखनऊ, अवध आदि में कौन राज करते थे? | नवाब। |
| 2. | नवाबों का रहन-सहन कैसा होता था? | बहुत शान-ओ-शौकत (दिखावे) वाला। |
| 3. | जो लोग झूठी शान दिखाते हैं, उन पर रची गई रचना को क्या कहते हैं? | व्यंग्य। |
| 4. | यशपाल के व्यंग्य ‘लखनवी अंदाज़’ में नवाब साहब क्या कर रहे हैं? | (समस्यात्मक) |
7. उद्देश्य कथन:
“बच्चों, आज हम यशपाल जी द्वारा रचित एक रोचक व्यंग्य ‘लखनवी अंदाज़’ का आनंद लेंगे और दिखावटी संस्कृति को समझेंगे।”
8. प्रस्तुतीकरण:
| शिक्षण बिंदु | छात्राध्यापक क्रियाएँ | छात्र क्रियाएँ | श्यामपट्ट सार |
|---|---|---|---|
| आदर्श वाचन व अनुकरण वाचन | छात्राध्यापक व्यंग्यात्मक स्वर में गद्यांश का आदर्श वाचन करेगा तथा छात्रों से अनुकरण वाचन करवाएगा। | छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अनुकरण वाचन करेंगे। | |
| काठिन्य निवारण | कठिन शब्दों के अर्थ। | अर्थ लिखेंगे। | मुफस्सिल = केंद्र के आस-पास का स्थान करीना = सलीका (तरीका) मेद = आमाशय (पेट) |
| व्याख्या | छात्राध्यापक कथन: लेखक सेकेंड क्लास के डिब्बे में चढ़ता है, जहाँ एक लखनवी नवाब साहब पहले से बैठे थे। नवाब साहब के सामने तौलिये पर दो ताज़े खीरे रखे थे। नवाब साहब ने खीरों को बहुत सलीके से काटा, नमक-मिर्च लगाया, पर खाया नहीं! उन्होंने खीरे की फाँकों को सूँघा और अपनी झूठी शान (दिखावा) बनाए रखने के लिए उन्हें खिड़की से बाहर फेंक दिया और पेट भर जाने का डकार लिया। | छात्र हास्य और व्यंग्य का आनंद लेंगे। | नवाब की शान: खीरा खाना आम लोगों का काम है, इसलिए केवल सूँघकर फेंक दिया। |
9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:
- लेखक ने सेकेंड क्लास का टिकट क्यों लिया था?
- नवाब साहब ने खीरे की फाँकों को खिड़की से बाहर क्यों फेंक दिया?
10. गृहकार्य:
क्या बिना खीरा खाए पेट भर जाने की डकार आ सकती है? लेखक ने इस घटना के माध्यम से क्या व्यंग्य किया है?
❓ B.Ed Hindi Lesson Plan FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: क्या ये B.Ed Hindi Lesson Plan सभी विश्वविद्यालयों के लिए उपयोगी हैं?
उत्तर: हाँ, ये B.Ed Hindi Lesson Plan (हिन्दी पाठ योजनाएं) NCERT/CBSE सिलेबस पर आधारित हैं और VMOU, Rajasthan University (RU), MDSU, MLSU, CCSU, MGSU, DDU और अन्य सभी प्रमुख विश्वविद्यालयों के B.Ed और D.El.Ed / BTC इंटर्नशिप कार्यक्रमों के लिए 100% मान्य हैं।
Q2: निर्मितवाद (Constructivism) उपागम पर आधारित B.Ed Hindi Lesson Plan कैसे बनाएं?
उत्तर: निर्मितवाद उपागम आधारित B.Ed Hindi Lesson Plan में छात्र स्वयं सक्रिय भागीदारी द्वारा ज्ञान का सृजन करते हैं। इसमें प्रस्तावना प्रश्न, शिक्षण बिंदु, छात्राध्यापक क्रियाएं, छात्र क्रियाएं, श्यामपट्ट सार और मूल्यांकन प्रश्नों का क्रमवार समावेश होता है, जो इस संकलन में दी गई सभी 30 पाठ योजनाओं में पूर्णतः उपलब्ध है।
Q3: क्या हम इन हिन्दी पाठ योजनाओं को PDF में डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, आप इस पेज पर दिए गए सभी 30 B.Ed Hindi Lesson Plan प्रारूपों का उपयोग करके अपनी इंटर्नशिप डायरी बना सकते हैं, या ब्राउज़र के प्रिंट (Ctrl + P) विकल्प से इसे सीधे PDF में सेव कर सकते हैं।
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