B.Ed Daily Lesson Plan Diary
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B.Ed प्रथम वर्ष (1st Year) और BSTC इंटर्नशिप के दौरान प्रशिक्षु शिक्षकों को अपनी दैनिक पाठ योजना (Daily Lesson Plan) डायरी में लगभग 20 लेसन प्लान बनाने होते हैं।
लेकिन आपकी सुविधा और अधिक विकल्पों के लिए, हमारे इस प्लेटफॉर्म पर सभी विषयों (Hindi, English, Science, Maths, SST, Sanskrit) के लिए 30-30 लेसन प्लान तैयार किए गए हैं (कक्षा 6 से 8 के लिए 18 लेसन प्लान और कक्षा 9 से 10 के लिए 12 लेसन प्लान)। आप इनमें से अपने पसंदीदा 20 टॉपिक चुनकर अपनी डायरी आसानी से बना सकते हैं और कम्पलीट PDF भी डाउनलोड कर सकते हैं। एक आदर्श दैनिक पाठ योजना कैसे तैयार की जाती है और उसका सही मास्टर फॉर्मेट (Master Format) क्या होता है, इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है।
📑 Table of Contents (विषय सूची)
📝 अनुक्रमणिका (Index) में भरी जाने वाली आवश्यक प्रविष्टियाँ
बी.एड. इंटर्नशिप डायरी में पाठ योजनाओं को लिखने के साथ-साथ उनके प्रारंभ में दी गई अनुक्रमणिका (Index Page) को सही ढंग से भरना अत्यंत आवश्यक है। सामान्यतः इंडेक्स के कॉलम इस प्रकार होते हैं:
- 1. क्रम संख्या (S.No.): यहाँ पाठों की क्रमानुसार संख्या लिखी जाती है।
- 2. पाठ योजना संख्या: यहाँ पाठ योजना का क्रमांक अंकित करें (जैसे—पाठ योजना–1)।
- 3. कक्षा (Class): जिस कक्षा (6, 7, 8 या 9) में आपने वह पाठ पढ़ाया है, उसे दर्ज करें।
- 4. विषय एवं उपविषय (Subject/Sub-subject): आपका मुख्य शिक्षण विषय और उपविषय लिखें।
- 5. प्रकरण / पाठ का नाम (Topic): इसमें प्रकरण (Topic) का नाम लिखना होता है।
- 6. दिनांक (Date): जिस तिथि को आपने वह पाठ विद्यालय में पढ़ाया है, उसे लिखें।
- 7. पृष्ठ संख्या (Page Number): पाठ योजना किस पृष्ठ से किस पृष्ठ तक है, उसकी रेंज लिखें।
- 8. शिक्षक हस्ताक्षर (Signature): यहाँ संबंधित विषय अध्यापक के हस्ताक्षर होने चाहिए।
💡 अनुक्रमणिका तैयार करते समय ध्यान रखने योग्य 5 स्वर्ण नियम
- अंदर के पृष्ठों से सटीक मिलान: इंडेक्स में लिखी गई प्रत्येक जानकारी डायरी के अंदर लिखे गए पाठ से 100% मेल खानी चाहिए।
- काट-छाँट से बचें: इंडेक्स पेज आपकी डायरी का मुख्य प्रवेश द्वार है। इसमें कटिंग या व्हाइटनर का उपयोग करने से बचें। यदि कोई त्रुटि हो, तो उसे बहुत सफाई से ठीक करें।
- तिथियों की क्रमबद्धता (Date Chronology): तिथियाँ निरंतर बढ़ते हुए क्रम में होनी चाहिए। अवकाश या रविवार की तिथि दर्ज नहीं होनी चाहिए।
- प्रकरण को रेखांकित (Underline) करें: इंडेक्स में भी प्रकरण का नाम लिखकर उसे रेखांकित करने से परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
- सुलेख और स्पष्टता: इंडेक्स को भरने के लिए नीले या काले अच्छे पेन का उपयोग करें। सभी अक्षर स्पष्ट होने चाहिए।
5E मॉडल पाठ योजना: निर्मितवादी उपागम आधारित दैनिक पाठ योजना कैसे बनाएं?
Constructivism 5E Model (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate) Lesson Plan Guide
NCTE के नवीनतम पाठ्यचर्या ढांचे के अनुसार, वर्तमान में पूरे भारत (All over India) के सभी राज्यों के लगभग सभी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों (B.Ed/D.El.Ed Colleges) में निर्मितवादी उपागम (Constructivist Approach) के तहत 5E मॉडल पर आधारित पाठ योजनाएं बनाने पर ज़ोर दिया जाता है। विशेष रूप से हिंदी भाषी राज्यों के प्रमुख विश्वविद्यालयों जैसे— राजस्थान विश्वविद्यालय (UNIRAJ), पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय (PDUSU), चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU Meerut, UP), बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (BU Bhopal, MP), पटना विश्वविद्यालय (Patna, Bihar), इग्नू (IGNOU) और वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) आदि में यह मॉडल अनिवार्य रूप से लागू है।
इस विधि में ज्ञान छात्र पर थोपा नहीं जाता, बल्कि छात्र स्वयं अपने पूर्व अनुभव और खोज के आधार पर ज्ञान का निर्माण करता है। 5E मॉडल के 5 मुख्य चरण निम्नलिखित हैं:
- 1. Engage (व्यस्त करना/संलग्न करना): पाठ की शुरुआत में छात्रों के पूर्व ज्ञान को जागृत करने के लिए आकर्षक प्रश्न, कहानी या चित्र दिखाए जाते हैं। इसमें प्रस्तावना प्रश्न (Introduction Questions) पूछे जाते हैं, जो कि जिग-जैग (Z-pattern) प्रारूप में होने चाहिए।
- 2. Explore (खोजबीन करना): छात्र को पाठ के प्रकरण (Topic) से जुड़े उदाहरण या सामग्री देकर स्वयं सोचने और चर्चा करने का अवसर दिया जाता है। शिक्षक यहाँ केवल मार्गदर्शक की भूमिका में होता है।
- 3. Explain (व्याख्या करना): छात्र द्वारा की गई खोज के आधार पर शिक्षक प्रत्ययों और सिद्धांतों को स्पष्ट करता है तथा कठिन शब्दों का निवारण करता है (उद्देश्य कथन एवं प्रस्तुतीकरण)।
- 4. Elaborate (विस्तृत करना): सीखे गए नए ज्ञान को छात्र दैनिक जीवन की अन्य परिस्थितियों में लागू करना सीखता है। इसके अंतर्गत व्यावहारिक उदाहरण और अतिरिक्त गतिविधियाँ दी जाती हैं।
- 5. Evaluate (मूल्यांकन करना): पाठ के अंत में यह जांचने के लिए कि छात्रों ने कितना सीखा, मूल्यांकन प्रश्न (Evaluation Questions) जैसे बहुविकल्पीय, रिक्त स्थान, अतिलघुत्तरात्मक और गृहकार्य (Homework) प्रश्न पूछे जाते हैं।
विद्यालय एवं विषय जानकारी
दैनिक पाठ योजना डायरी के हर पृष्ठ पर सबसे पहले सामान्य जानकारी लिखनी होती है। इसमें इंटर्नशिप विद्यालय का नाम, कक्षा, दिनांक, विषय और समयावधि (Period) का विवरण दिया जाता है।
दैनिक पाठ योजना (Daily Lesson Plan)
दिनांक: ………………………… कक्षा: ………………………… कालांश: …………………………
विषय: ………………………… उपविषय: ………………………… प्रकरण (Topic): ………………………… समय: 35-40 मिनट
शिक्षण उद्देश्य (Teaching Objectives)
यह पाठ योजना का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। इसमें हम निर्धारित करते हैं कि पाठ पढ़ाने के बाद विद्यार्थियों में क्या अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन (Expected Behavioral Changes) आएंगे। इसमें 6 मुख्य उद्देश्य होते हैं: ज्ञानात्मक, अवबोधात्मक, ज्ञानोपयोग, कौशल, अभिरुचि, और अभिवृत्ति।
1. सामान्य उद्देश्य: (विषय के प्रति रुचि उत्पन्न करना, वैज्ञानिक/तार्किक दृष्टिकोण का विकास करना आदि।)
2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:
| विशिष्ट उद्देश्य | अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन |
|---|---|
| ज्ञानात्मक | विद्यार्थी प्रकरण का प्रत्यास्मरण एवं प्रत्यभिज्ञान कर सकेंगे। |
| अवबोध | विद्यार्थी प्रकरण की व्याख्या कर सकेंगे तथा उदाहरण दे सकेंगे। |
| अनुप्रयोग/ज्ञानोपयोग | विद्यार्थी प्राप्त ज्ञान का उपयोग दैनिक जीवन में कर सकेंगे। |
| कौशल | विद्यार्थी चित्र, चार्ट या मॉडल बनाने में कुशलता प्राप्त करेंगे। |
| अभिरुचि | विद्यार्थी विषय से संबंधित अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने में रुचि लेंगे। |
| अभिवृत्ति | विद्यार्थियों में सकारात्मक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होगा। |
सहायक सामग्री व पूर्व ज्ञान (Teaching Aids & Previous Knowledge)
पाठ पढ़ाने के लिए शिक्षक जिन उपकरणों (जैसे- चॉक, डस्टर, चार्ट, मॉडल) का उपयोग करता है, उसे शिक्षण सहायक सामग्री कहते हैं। साथ ही, नए टॉपिक को पढ़ाने से पहले विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान का उल्लेख करना होता है।
शिक्षण सहायक सामग्री (Teaching Aids): श्वेत वर्तिका (Chalk), झाड़न (Duster), लपेट फलक (Roll-up board), संकेतक (Pointer), एवं प्रकाश संश्लेषण को दर्शाता हुआ एक रंगीन चार्ट।
शिक्षण विधि (Teaching Method): व्याख्यान एवं प्रदर्शन विधि (Lecture & Demonstration Method)।
पूर्व ज्ञान (Previous Knowledge): विद्यार्थी पेड़-पौधों एवं सजीवों के भोजन ग्रहण करने की सामान्य जानकारी रखते हैं।
प्रस्तावना प्रश्न (Introduction Questions)
प्रस्तावना में 4-5 प्रश्न पूछे जाते हैं। ये प्रश्न एक-दूसरे से जुड़े होते हैं (Zig-Zag pattern) और अंतिम प्रश्न हमेशा मुख्य टॉपिक (प्रकरण) पर लाकर खत्म होता है जिसका उत्तर छात्र नहीं दे पाते (समस्यात्मक)।
प्रस्तावना प्रश्न
| क्र.सं. | छात्राध्यापक क्रिया (Teacher Activity) | छात्र क्रिया (Student Activity) |
|---|---|---|
| 1 | सजीवों को कार्य करने के लिए किसकी आवश्यकता होती है? | ऊर्जा की। |
| 2 | ऊर्जा हमें किससे प्राप्त होती है? | भोजन से। |
| 3 | मनुष्य अपना भोजन कहाँ से प्राप्त करता है? | पेड़-पौधों और जंतुओं से। |
| 4 | पेड़-पौधे अपना भोजन किस प्रक्रिया द्वारा बनाते हैं? | प्रकाश संश्लेषण द्वारा। |
| 5 | प्रकाश संश्लेषण के बारे में आप विस्तार से क्या जानते हैं? | निरुत्तर / समस्यात्मक प्रश्न (Problematic)। |
उद्देश्य कथन एवं प्रस्तुतीकरण (Presentation)
समस्यात्मक प्रश्न के बाद शिक्षक उद्देश्य कथन बोलता है। उसके बाद पाठ का मुख्य प्रस्तुतीकरण (Presentation) शुरू होता है। इसमें एक टॉपिक को 2-3 शिक्षण बिंदुओं (Teaching Points) में बाँटकर पढ़ाया जाता है। प्रत्येक शिक्षण बिंदु से पहले विकासात्मक प्रश्न (Developmental Questions) पूछे जाते हैं।
उद्देश्य कथन (Statement of Aim): “विद्यार्थियों! आज हम प्रकाश संश्लेषण के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”
प्रस्तुतीकरण (Presentation) – शिक्षण बिंदु 1
| शिक्षण बिंदु (Teaching Point) | छात्राध्यापक क्रिया (Teacher Activity) | छात्र क्रिया (Student Activity) |
|---|---|---|
| 1. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया |
विकासात्मक प्रश्न: 1. पौधे अपना भोजन कहाँ बनाते हैं? (पत्तियों में) 2. पत्तियों का रंग हरा क्यों होता है? (क्लोरोफिल के कारण) 3. यह प्रक्रिया कैसे होती है? (निरुत्तर) | विद्यार्थी उत्तर देने का प्रयास करते हैं। |
|
छात्राध्यापक कथन (Explanation): हरे पौधे सूर्य के प्रकाश और क्लोरोफिल की उपस्थिति में जल और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का उपयोग करके अपना भोजन (कार्बोहाइड्रेट) बनाते हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश संश्लेषण कहते हैं। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन (O2) गैस मुक्त होती है। | विद्यार्थी ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा मुख्य बिंदुओं को अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखेंगे। |
पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (Recapitulation & Evaluation)
पूरा पाठ पढ़ाने के बाद, शिक्षक यह जानने के लिए कि छात्रों ने कितना सीखा, पुनरावृत्ति (Recapitulation) और मूल्यांकन (Evaluation) प्रश्न पूछता है। इसमें बहुविकल्पीय (MCQ), रिक्त स्थान (Fill in the blanks) और अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न शामिल होते हैं।
मूल्यांकन प्रश्न (Evaluation Questions)
| प्रश्न (Questions) |
|---|
| Q1. (वस्तुनिष्ठ): प्रकाश संश्लेषण में कौनसी गैस उपयोग में ली जाती है? (A) ऑक्सीजन (B) नाइट्रोजन (C) कार्बन डाइऑक्साइड (D) आर्गन |
| Q2. (रिक्त स्थान): पत्तियों का हरा रंग ________ के कारण होता है। |
| Q3. (सत्य/असत्य): प्रकाश संश्लेषण के दौरान ऑक्सीजन गैस बाहर निकलती है। (सत्य/असत्य) |
| Q4. (अतिलघुत्तरात्मक): पौधों का रसोईघर किसे कहा जाता है? |
श्यामपट्ट सार एवं गृहकार्य (Blackboard Summary & Homework)
पाठ के अंत में, शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाए गए मुख्य बिंदुओं का सार (Summary) लिखता है। उसके बाद विद्यार्थियों को अभ्यास के लिए एक बड़ा निबंधात्मक प्रश्न गृहकार्य (Homework) के रूप में दिया जाता है।
गृहकार्य (Homework)
प्रश्न: प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को सचित्र (Diagram के साथ) विस्तार से समझाइए। इसका रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
B.Ed / BSTC Lesson Plans (सभी विषय)
विशेषज्ञों द्वारा तैयार कम्पलीट दैनिक पाठ योजनाएं: इस पेज पर उदाहरण के लिए केवल एक विज्ञान का लेसन प्लान दिया गया है। आप नीचे दिए गए सभी विषयों (Science, Maths, SST, Hindi, English, Sanskrit) के लिए B.Ed / D.El.Ed / BSTC इंटर्नशिप हेतु कुल 30-30 लेसन प्लान (NCERT/RBSE पुस्तकों पर आधारित) प्राप्त कर सकते हैं:
- कक्षा 6 से 8 के लिए: 18 लेसन प्लान
- कक्षा 9 से 10 के लिए: 12 लेसन प्लान
आप इन सभी पाठ योजनाओं को संबंधित विषय के पेज पर सीधा पढ़ सकते हैं और अपनी सुविधा के लिए उनकी कम्पलीट PDF भी डाउनलोड कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. B.Ed फर्स्ट ईयर इंटर्नशिप में कितने लेसन प्लान बनाने होते हैं?
Ans: B.Ed प्रथम वर्ष (1st Year) की इंटर्नशिप में प्रशिक्षु शिक्षकों को अपनी दैनिक पाठ योजना (Daily Lesson Plan) डायरी में लगभग 20 लेसन प्लान बनाने होते हैं।
Q2. क्या मैं B.Ed की दैनिक पाठ योजना को PDF में डाउनलोड कर सकता हूँ?
Ans: जी हाँ, आप Schorbit पर साइंस, मैथ्स, SST, हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत जैसे सभी विषयों के 5E मॉडल आधारित B.Ed लेसन प्लान की PDF आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
Q3. दैनिक पाठ योजना (Daily Lesson Plan) के मुख्य 5E चरण क्या हैं?
Ans: 5E मॉडल के अंतर्गत 5 मुख्य चरण होते हैं: Engage (संलग्न करना), Explore (खोजबीन), Explain (व्याख्या), Elaborate (विस्तृत करना), और Evaluate (मूल्यांकन)।
Q4. दैनिक पाठ योजना और माइक्रो टीचिंग में क्या अंतर है?
Ans: माइक्रो टीचिंग केवल 5-7 मिनट का एक छोटा अभ्यास है जिसमें एक बार में एक ही कौशल (जैसे प्रस्तावना) सिखाया जाता है। जबकि दैनिक पाठ योजना 35-40 मिनट की होती है जिसमें पूरे पाठ को विस्तार से पढ़ाया जाता है।
Q5. What is the format of a B.Ed Daily Lesson Plan?
Ans: The ideal format of a B.Ed Daily Lesson Plan includes School details, Teaching Objectives, Teaching Aids, Introduction Questions, Presentation, Evaluation, and Blackboard Summary.
Q6. How to write an index for an internship diary?
Ans: A good index should match exactly with your inner pages, clearly stating the serial number, date, class, subject, topic, and page number without any overwriting or cutting.
Q7. Are these B.Ed lesson plans based on the NCERT syllabus?
Ans: Yes, all our B.Ed Daily Lesson Plans for subjects like Science, Maths, and Social Studies are strictly based on the latest NCERT and RBSE textbooks for classes 6 to 10.
हमारा स्टडी मटेरियल और डायरी फॉर्मेट विश्वसनीय क्यों है?
Schorbit पर उपलब्ध कराई गई B.Ed और BSTC (D.El.Ed) की इंटर्नशिप डायरी, लेसन प्लान और विद्यालय अवलोकन रिपोर्ट (School Observation Report) पूर्ण रूप से शिक्षा विशेषज्ञों (Education Experts) और अनुभवी शिक्षकों द्वारा तैयार की गई है। हमारा उद्देश्य प्रशिक्षु शिक्षकों (Pupil Teachers) को सटीक और उच्च गुणवत्ता वाला b.ed daily lesson plan स्टडी मटेरियल प्रदान करना है।
यह सभी फॉर्मेट्स और पीडीएफ NCTE (National Council for Teacher Education) की नवीनतम गाइडलाइन्स को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। इसके अलावा, जो विद्यार्थी राजस्थान से जुड़े हैं, उनके लिए हमने RBSE (Board of Secondary Education, Rajasthan) के पाठ्यक्रम को आधार बनाया है। साथ ही, केंद्रीय और अन्य राज्य स्तरीय शिक्षा नीतियों के लिए NCERT (National Council of Educational Research and Training) के मानकों का पूर्णतः पालन किया गया है। आप बेझिझक इन फॉर्मेट्स का उपयोग अपनी आधिकारिक इंटर्नशिप फाइल तैयार करने के लिए कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक्स (Quick Links)
B.Ed 1st Year Internship की अन्य डायरियाँ

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Preparing for your 1st year internship requires accurate and up-to-date resources. At Schorbit, we have designed the ultimate b.ed daily lesson plan format in hindi to help pupil teachers excel in their practical teaching. Our material simplifies the complex 5E Model (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate) and provides complete guidance on creating a structured diary.
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