Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching (Class 1–10) | B.Ed., D.El.Ed. & BSTC Practical Files

Sanskrit Diagnostic Test and Remedial Teaching (B.Ed/D.El.Ed PDF)

Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching

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प्रत्येक टॉपिक (Topic) को एक अत्यंत विस्तृत 11-बिंदुओं वाले प्रारूप (11-Point Structure) में प्रस्तुत किया गया है, जो कि बाह्य परीक्षक (External Examiner) की सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है:

  • 1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)
  • 2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)
  • 3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)
  • 4. उत्तर कुंजी (Answer Key)
  • 5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)
  • 6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)
  • 7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)
  • 8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)
  • 9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)
  • 10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)
  • 11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

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📑 Table of Contents

📚 All Topics

📥 Important Links

📘 Topic 1: संस्कृत वर्णमाला – For Class कक्षा 1-5

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 3
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत वर्णमाला के अक्षरों को पहचान सकेंगे।
  • छात्र स्वर और व्यंजन में अंतर कर सकेंगे।
  • छात्र संस्कृत वर्णों का सही उच्चारण कर सकेंगे।
  • छात्र देवनागरी लिपि में अक्षरों को सही प्रकार से लिख सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1: इनमें से स्वर कौन सा है? (अ) क् (ब) अ (स) च (द) त्

प्रश्न 2: ‘क’ वर्ग का पहला वर्ण क्या है? (अ) च् (ब) ट् (स) क् (द) प्

प्रश्न 3: इनमें से व्यंजन कौन सा है? (अ) इ (ब) उ (स) ए (द) म्

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 4: किन्हीं दो स्वरों के नाम लिखिए।

प्रश्न 5: ‘प’ वर्ग के सभी वर्ण लिखिए।

प्रश्न 6: संस्कृत वर्णमाला में कुल कितने स्वर होते हैं?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) अ

भाग अ – q2: (स) क्

भाग अ – q3: (द) म्

भाग ब – q4: अ, इ

भाग ब – q5: प्, फ्, ब्, भ्, म्

भाग ब – q6: 13

part_c_q7: च वर्ग: च्, छ्, ज्, झ्, ञ्। ट वर्ग: ट्, ठ्, ड्, ढ्, ण्।

part_c_q8: स्वर: अ, इ, ऋ। व्यंजन: क्, प्, य्।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-158औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
च् को स्वर माननाच् एक व्यंजन हैअवधारणात्मकस्वर और व्यंजन की स्पष्ट समझ का अभाव
ऋ को पहचान न पानाऋ संस्कृत का एक महत्वपूर्ण स्वर हैज्ञानात्मकअभ्यास की कमी
हलन्त (्) न लगानाव्यंजन मूल रूप से हलन्त के साथ लिखे जाते हैं (जैसे क्)व्याकरणीयलेखन अभ्यास की त्रुटि

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): वर्णमाला फ्लैशकार्ड्स, वर्ण-चार्ट, ऑडियो क्लिप्स (सही उच्चारण हेतु)

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनटस्वर ज्ञान
फ्लैशकार्ड्स के माध्यम से स्वरों की पहचान और उच्चारण का अभ्यास।
दिन 245 मिनटव्यंजन ज्ञान (क-वर्ग से प-वर्ग)
चार्ट के माध्यम से व्यंजनों की पहचान एवं लेखन अभ्यास।
दिन 345 मिनटअंतस्थ और ऊष्म व्यंजन
य्, र्, ल्, व् तथा श्, ष्, स्, ह् का उच्चारण एवं पहचान।
दिन 445 मिनटस्वर एवं व्यंजन का वर्गीकरण
वर्णों को स्वर और व्यंजन की अलग-अलग सूची में छाँटने का अभ्यास।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
वर्णमाला पर आधारित एक छोटी सी अभ्यास परीक्षा।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

दिए गए वर्णों में से स्वर और व्यंजन को अलग-अलग कीजिए: उ, ख्, त्, ओ।

रिक्त स्थान भरें: क्, _, ग्, _, ङ्।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

उपचारात्मक शिक्षण के पश्चात् 20 अंकों का एक नया परीक्षण लिया गया जिसमें वर्णों की पहचान एवं वर्गीकरण से संबंधित प्रश्न थे।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
रोहित6/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
कविता5/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“फ्लैशकार्ड्स और चार्ट्स के प्रयोग से छात्रों को वर्णों को पहचानने में बहुत मदद मिली। हलन्त लगाने की अवधारणा को समझाने के लिए अधिक लेखन अभ्यास उपयोगी रहा।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 2: स्वर एवं व्यंजन पहचान – For Class कक्षा 1-5

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 4
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:25परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र स्वर और व्यंजन ध्वनियों के बीच स्पष्ट भेद कर सकेंगे।
  • छात्र संयुक्त व्यंजनों को पहचान सकेंगे।
  • छात्र अयोगवाह (अनुस्वार और विसर्ग) का ज्ञान प्राप्त करेंगे।
  • छात्र शब्दों में प्रयुक्त स्वर और व्यंजन को अलग कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1: अनुस्वार का चिह्न कौन सा है? (अ) ः (ब) ं (स) ् (द) ा

प्रश्न 2: विसर्ग का उच्चारण किस ध्वनि के समान होता है? (अ) ह (ब) क (स) म (द) र

प्रश्न 3: इनमें से संयुक्त व्यंजन कौन सा है? (अ) क (ब) क्ष (स) प (द) न

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 4: दो संयुक्त व्यंजनों के नाम लिखिए।

प्रश्न 5: अयोगवाह किसे कहते हैं? (संक्षेप में)

प्रश्न 6: ‘बालकः’ शब्द में कौन सा चिह्न लगा है?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) ं

भाग अ – q2: (अ) ह

भाग अ – q3: (ब) क्ष

भाग ब – q4: क्ष, त्र

भाग ब – q5: अनुस्वार (ं) और विसर्ग (ः) को अयोगवाह कहते हैं।

भाग ब – q6: विसर्ग (ः)

part_c_q7: क्ष = क् + ष् + अ, त्र = त् + र् + अ

part_c_q8: अनुस्वार: रामं, जलं। विसर्ग: रामः, बालकः।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-2010उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-1510औसत (Average)
C (Below 50%)0-95उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
क्ष को एक मूल व्यंजन माननाक्ष एक संयुक्त व्यंजन है (क् + ष्)अवधारणात्मकसंयुक्त व्यंजनों की बनावट का ज्ञान न होना
विसर्ग का उच्चारण म् करनाविसर्ग का उच्चारण ‘ह’ जैसा होता हैउच्चारणध्वनि की सही पहचान का अभाव
अनुस्वार को स्वर माननाअनुस्वार अयोगवाह हैवर्गीकरणअयोगवाह की अवधारणा स्पष्ट न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 5 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): संयुक्त व्यंजन निर्माण कार्ड्स, विसर्ग और अनुस्वार युक्त शब्दों की सूची

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनटअयोगवाह का ज्ञान
अनुस्वार और विसर्ग की पहचान तथा उनके उच्चारण का अभ्यास।
दिन 245 मिनटसंयुक्त व्यंजन
क्ष, त्र, ज्ञ, श्र का निर्माण और पहचान।
दिन 345 मिनटवर्ण विच्छेद
सरल शब्दों का वर्ण विच्छेद करके स्वर और व्यंजन अलग करना।
दिन 445 मिनटउच्चारण अभ्यास
विसर्ग और अनुस्वार युक्त शब्दों को जोर-जोर से पढ़ने का अभ्यास।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
लिखित और मौखिक परीक्षा।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

निम्नलिखित में से संयुक्त व्यंजन पर गोला लगाइए: क, प, त्र, ल, ज्ञ।

वर्णों को जोड़कर शब्द बनाइए: त् + र् + अ = ?

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

छात्रों को विसर्ग, अनुस्वार और संयुक्त व्यंजनों पर आधारित नया प्रश्नपत्र हल करने के लिए दिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
सुरेश4/2012/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
मीना7/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“संयुक्त व्यंजनों को तोड़कर (जैसे क्+ष्=क्ष) सिखाने से छात्रों के संदेह दूर हुए। उच्चारण अभ्यास से विसर्ग की ध्वनि स्पष्ट हुई।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 3: चित्र देखकर संस्कृत शब्द लिखना – For Class कक्षा 1-5

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 2
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:15परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र सामान्य वस्तुओं के चित्रों को पहचान सकेंगे।
  • छात्र उन वस्तुओं के संस्कृत नाम याद कर सकेंगे।
  • छात्र संस्कृत शब्दों की सही वर्तनी लिख सकेंगे।
  • छात्र चित्र और संस्कृत शब्द के बीच संबंध स्थापित कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1: ‘किताब’ का संस्कृत रूप क्या है? (अ) पुस्तकम् (ब) जलम् (स) फलम् (द) पुष्पम्

प्रश्न 2: ‘कुत्ता’ का संस्कृत रूप क्या है? (अ) अश्वः (ब) कुक्कुरः (स) गजः (द) मार्जारः

प्रश्न 3: ‘आम’ को संस्कृत में क्या कहते हैं? (अ) आम्रम् (ब) कदलीफलम् (स) दाडिमम् (द) जम्बूफलम्

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 4: (पेड़ का चित्र) चित्र देखकर नाम संस्कृत में लिखिए।

प्रश्न 5: (हाथी का चित्र) चित्र देखकर नाम संस्कृत में लिखिए।

प्रश्न 6: (फूल का चित्र) चित्र देखकर नाम संस्कृत में लिखिए।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (अ) पुस्तकम्

भाग अ – q2: (ब) कुक्कुरः

भाग अ – q3: (अ) आम्रम्

भाग ब – q4: वृक्षः

भाग ब – q5: गजः

भाग ब – q6: पुष्पम्

part_c_q7: घर – गृहम्, जल – जलम्, दूध – दुग्धम्

part_c_q8: गौः, कुक्कुरः

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-204उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-155औसत (Average)
C (Below 50%)0-96उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
कुत्ता को श्वानः के स्थान पर कुत्ताम् लिखनाकुक्कुरः या श्वानःशब्दावलीहिंदी शब्द में ‘म्’ लगाकर संस्कृत बनाने की गलत धारणा
वृक्षः में विसर्ग न लगानावृक्षःवर्तनीपुलिंग शब्दों में विसर्ग के प्रयोग की अज्ञानता
पुष्पम् की जगह पुष्पम लिखनापुष्पम् (हलन्त अनिवार्य है)व्याकरणीयनपुंसकलिंग शब्दों में हलन्त के महत्व को न समझना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 6 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): चित्र और संस्कृत शब्द वाले मिलान कार्ड (Matching Cards), स्मार्टबोर्ड पीपीटी

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनटपशुओं के नाम
चित्र दिखाकर पशुओं के संस्कृत नाम का उच्चारण और लेखन।
दिन 245 मिनटफलों के नाम
फलों के चित्र और उनके संस्कृत नामों का अभ्यास।
दिन 345 मिनटदैनिक वस्तुओं के नाम
कक्षा में उपस्थित वस्तुओं (श्यामपट्ट, लेखनी, पुस्तकम्) के नाम सिखाना।
दिन 445 मिनटवर्तनी अभ्यास
विसर्ग और हलन्त (म्) के प्रयोग पर विशेष लेखन अभ्यास।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
चित्र पहचान कर सही वर्तनी में शब्द लिखने का टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

चित्रों का उनके सही संस्कृत नाम से मिलान करें (कॉलम ए – कॉलम बी)।

निम्नलिखित शब्दों में हलन्त या विसर्ग जो उचित हो लगाएँ: बालक_, पुस्तक_, जल_।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

एक सचित्र वर्कशीट दी गई जिसमें छात्रों को चित्र देखकर उनके संस्कृत नाम विसर्ग और हलन्त के साथ लिखने थे।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
अमित5/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
नेहा8/2018/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“दृश्य-श्रव्य सामग्री (Visual aids) का प्रभाव बहुत सकारात्मक रहा। छात्रों ने चित्र देखकर शब्द आसानी से याद कर लिए।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 4: सरल संस्कृत शब्दावली – For Class कक्षा 1-5

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 5
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:30परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाले संस्कृत शब्दों को जान सकेंगे।
  • छात्र अंगों के नाम संस्कृत में बता सकेंगे।
  • छात्र पारिवारिक संबंधों के संस्कृत नाम लिख सकेंगे।
  • छात्र हिंदी शब्दों का संस्कृत अनुवाद कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1: ‘माता’ को संस्कृत में क्या कहते हैं? (अ) जननी (ब) पिता (स) भ्राता (द) भगिनी

प्रश्न 2: ‘नेत्र’ का अर्थ क्या है? (अ) कान (ब) नाक (स) आँख (द) मुँह

प्रश्न 3: ‘भाई’ का संस्कृत रूप है? (अ) पितृ (ब) भ्राता (स) पुत्र (द) मित्र

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 4: ‘कान’ को संस्कृत में क्या कहते हैं?

प्रश्न 5: ‘पिता’ का संस्कृत शब्द लिखिए।

प्रश्न 6: ‘बाल’ (सिर के बाल) को संस्कृत में क्या कहते हैं?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (अ) जननी

भाग अ – q2: (स) आँख

भाग अ – q3: (ब) भ्राता

भाग ब – q4: कर्णः

भाग ब – q5: जनकः / पिता

भाग ब – q6: केशः

part_c_q7: नेत्रम्, कर्णः, नासिका, मुखम्

part_c_q8: माता, पिता, भ्राता, भगिनी

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-2012उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-1510औसत (Average)
C (Below 50%)0-98उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
कान को ‘कानम्’ लिखनाकर्णःशब्दावलीसंस्कृत के वास्तविक शब्दों का ज्ञान न होना
बहन को बहनी लिखनाभगिनीशब्दावलीहिंदी शब्द से मिलते-जुलते शब्द बनाने का प्रयास
आँख को नैन लिखनानेत्रम् / नयनम्वर्तनीहिंदी पर्यायवाची का ज्यों का त्यों प्रयोग

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 8 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): शारीरिक अंगों का चित्र चार्ट, परिवार वृक्ष (Family Tree) चार्ट

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनटशरीर के अंगों के नाम
चार्ट के माध्यम से सिर से पाँव तक के अंगों के संस्कृत नाम।
दिन 245 मिनटपरिवार के सदस्यों के नाम
पारिवारिक वृक्ष बनाकर माता, पिता, भ्राता, भगिनी आदि के नाम सिखाना।
दिन 345 मिनटअन्न एवं भोजन के नाम
अन्नम्, ओदनम्, दुग्धम् आदि दैनिक भोजन सामग्रियों के नाम।
दिन 445 मिनटपुनरावृत्ति एवं वाचन
सीखे गए सभी शब्दों का सामूहिक सस्वर वाचन।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
लिखित और मौखिक शब्दावली परीक्षण।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

संस्कृत में अर्थ लिखें: नाक, मुँह, हाथ।

मिलान करें: माता -> ?, भाई -> ?

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

20 अंकों का वस्तुनिष्ठ एवं अति-लघुत्तरात्मक प्रश्नपत्र लिया गया जिसमें छात्रों के शब्द भण्डार की जाँच की गई।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
राजन3/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
सुनीता8/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“अपने शरीर के अंगों को छूकर संस्कृत नाम बोलने की गतिविधि (Kinesthetic learning) बहुत सफल रही। बच्चे रुचि लेकर सीखे।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 5: रंग, फल, पशु-पक्षी एवं वस्तुओं के नाम – For Class कक्षा 1-5

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 4
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र विभिन्न रंगों के संस्कृत नाम बता सकेंगे।
  • छात्र फलों के नाम संस्कृत में लिख सकेंगे।
  • छात्र सामान्य पशु और पक्षियों में अंतर कर उनके संस्कृत नाम बता सकेंगे।
  • छात्र दैनिक जीवन की वस्तुओं के संस्कृत नामों का प्रयोग कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1: ‘लाल’ रंग को संस्कृत में क्या कहते हैं? (अ) श्वेतः (ब) रक्तः (स) पीतः (द) हरितः

प्रश्न 2: ‘कौआ’ का संस्कृत शब्द है? (अ) कपोतः (ब) काकः (स) शुकः (द) मयूरः

प्रश्न 3: ‘केला’ का संस्कृत रूप क्या है? (अ) आम्रम् (ब) जम्बूफलम् (स) कदलीफलम् (द) दाडिमम्

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 4: ‘हरा’ रंग को संस्कृत में क्या कहते हैं?

प्रश्न 5: ‘कबूतर’ का संस्कृत शब्द लिखिए।

प्रश्न 6: ‘पुस्तक’ को संस्कृत में कैसे लिखते हैं?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) रक्तः

भाग अ – q2: (ब) काकः

भाग अ – q3: (स) कदलीफलम्

भाग ब – q4: हरितः

भाग ब – q5: कपोतः

भाग ब – q6: पुस्तकम्

part_c_q7: रक्तः, श्वेतः, पीतः

part_c_q8: पक्षी – काकः, मयूरः। फल – आम्रम्, कदलीफलम्।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-206उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-157औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
पीला को पीलाः लिखनापीतःशब्दावलीसंस्कृत वर्णों और शब्दों की अज्ञानता
तोता को शुकम लिखनाशुकःव्याकरणीयपुलिंग में विसर्ग की जगह म् का गलत प्रयोग
सेब को सेबम् लिखनासेवफलम्शब्दावलीसही संस्कृत शब्द का ज्ञान न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): रंग-बिरंगे चार्ट, प्लास्टिक के फल-सब्जियाँ, पक्षियों के चित्र

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनटरंगों के नाम
विभिन्न रंगों के कार्ड दिखाकर उनके संस्कृत नाम (रक्तः, श्वेतः, पीतः, कृष्णः, हरितः) याद कराना।
दिन 245 मिनटफलों के नाम
फलों के मॉडल्स के माध्यम से आम्रम्, कदलीफलम् आदि का ज्ञान।
दिन 345 मिनटपशुओं के नाम
अश्वः, गजः, अजा, कुक्कुरः आदि के चित्र दिखाकर अभ्यास।
दिन 445 मिनटपक्षियों के नाम
काकः, शुकः, कपोतः, मयूरः की पहचान और वर्तनी अभ्यास।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
सभी श्रेणियों का मिश्रित टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

रंगों का मिलान करें: लाल -> ?, सफेद -> ?

संस्कृत में लिखें: मोर, तोता, सेब, केला।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

विभिन्न रंगों और पक्षियों के चित्रों के माध्यम से मौखिक एवं लिखित परीक्षा ली गई।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
मनीष6/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
दीपा5/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“रंगीन फ्लैशकार्ड्स और मॉडल्स के उपयोग से बच्चों का ध्यान केंद्रित हुआ और उन्होंने खेल-खेल में शब्दावली सीख ली।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 6: संख्याएँ (१–१००) – For Class कक्षा 1-5

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 5
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:25परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र 1 से 100 तक की संख्याओं को संस्कृत में गिन सकेंगे।
  • छात्र 1 से 4 तक की संख्याओं के लिंग-भेद को समझ सकेंगे।
  • छात्र संस्कृत संख्याओं को अंकों और शब्दों में लिख सकेंगे।
  • छात्र दैनिक जीवन में गिनती का संस्कृत में प्रयोग कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1: ‘एक’ (पुल्लिंग) को संस्कृत में क्या कहते हैं? (अ) एका (ब) एकम् (स) एकः (द) एक

प्रश्न 2: ‘पञ्च’ का अर्थ क्या है? (अ) 3 (ब) 4 (स) 5 (द) 6

प्रश्न 3: 10 को संस्कृत में क्या कहते हैं? (अ) एकादश (ब) दश (स) नव (द) शतम्

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 4: 3 को संस्कृत में क्या कहते हैं?

प्रश्न 5: ‘अष्ट’ का अर्थ हिंदी अंकों में लिखिए।

प्रश्न 6: 100 को संस्कृत में क्या कहते हैं?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (स) एकः

भाग अ – q2: (स) 5

भाग अ – q3: (ब) दश

भाग ब – q4: त्रयः

भाग ब – q5: 8

भाग ब – q6: शतम्

part_c_q7: एकः, द्वौ, त्रयः, चत्वारः, पञ्च

part_c_q8: 7-सप्त, 9-नव, 11-एकादश, 20-विंशतिः

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-207उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-1510औसत (Average)
C (Below 50%)0-98उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
तीन को तीणि लिखनात्रीणि (नपुंसकलिंग) या त्रयः (पुल्लिंग)वर्तनीमात्राओं का गलत ज्ञान
11 को ग्यारहम् लिखनाएकादशशब्दावलीसंस्कृत संख्या का ज्ञान न होना
20 को बीसः लिखनाविंशतिःशब्दावलीहिंदी शब्द में विसर्ग लगाकर संस्कृत बनाने का प्रयास

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 8 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): संख्या चार्ट (1-100), संख्या फ्लैशकार्ड्स, अबेकस

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनट1 से 10 तक गिनती
1 से 10 तक के अंकों का संस्कृत में उच्चारण और लेखन। लिंग भेद (1-4 तक) का सामान्य परिचय।
दिन 245 मिनट11 से 20 तक गिनती
एकादश से विंशतिः तक का अभ्यास एवं याद करने की ट्रिक्स।
दिन 345 मिनटदहाई के अंक
दश, विंशतिः, त्रिंशत्, चत्वारिंशत्, पञ्चाशत् आदि सिखाना।
दिन 445 मिनट50 से 100 तक परिचय
महत्वपूर्ण संख्याओं (शतम् आदि) का ज्ञान और वाचन।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
संख्याओं के मिलान और लेखन का टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

संस्कृत शब्दों को अंकों से मिलाएँ: पञ्च -> ?, दश -> ?, नव -> ?

रिक्त स्थान भरें: एकः, द्वौ, ____, चत्वारः, पञ्च।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

छात्रों को 1 से 20 तक की गिनती लिखने और बीच-बीच से संख्याएँ पहचानने का कार्य दिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
विजय4/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
आरती8/2018/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“संख्याओं को गीत के रूप में (एकं द्वे त्रीणि…) गवाने से बच्चों को 1 से 10 तक गिनती बहुत जल्दी कंठस्थ हो गई।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 7: सरल वाक्य निर्माण – For Class कक्षा 1-5

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 5
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र कर्ता और क्रिया के बीच संबंध समझ सकेंगे।
  • छात्र प्रथम पुरुष के सरल वाक्य बना सकेंगे।
  • छात्र ‘अस्ति’ और ‘सन्ति’ का सही प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र चित्र देखकर संस्कृत में छोटे वाक्य लिख सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1: ‘बालकः पठति’ का अर्थ क्या है? (अ) बालक खेलता है (ब) बालक पढ़ता है (स) बालक जाता है (द) बालक सोता है

प्रश्न 2: ‘सः’ का प्रयोग किसके लिए होता है? (अ) वह (पुल्लिंग) (ब) वह (स्त्रीलिंग) (स) तुम (द) मैं

प्रश्न 3: बहुवचन के साथ कौन सी क्रिया आएगी? (अ) अस्ति (ब) गच्छति (स) सन्ति (द) पठति

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 4: ‘वह (स्त्रीलिंग)’ को संस्कृत में क्या कहते हैं?

प्रश्न 5: ‘बालकः खेलता है’ का संस्कृत अनुवाद कीजिए।

प्रश्न 6: ‘तत्र एकः वृक्षः _’ रिक्त स्थान में अस्ति/सन्ति भरें।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) बालक पढ़ता है

भाग अ – q2: (अ) वह (पुल्लिंग)

भाग अ – q3: (स) सन्ति

भाग ब – q4: सा

भाग ब – q5: बालकः क्रीडति / खेलति

भाग ब – q6: अस्ति

part_c_q7: सः बालकः अस्ति। सा बालिका अस्ति। तत् पुस्तकम् अस्ति।

part_c_q8: 1. राम जाता है। 2. लड़की पढ़ती है।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-158औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
बालकः पठन्तिबालकः पठतिव्याकरणीयएकवचन कर्ता के साथ बहुवचन क्रिया का प्रयोग
सा बालकः अस्तिसः बालकः अस्तिलिंग दोषसः और सा के बीच अंतर स्पष्ट न होना
वृक्षः सन्तिवृक्षः अस्ति / वृक्षाः सन्तिवचन दोषअस्ति और सन्ति का प्रयोग न समझना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): कर्ता-क्रिया मिलान कार्ड, सः/सा/तत् चार्ट, कार्यपत्रक

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनटकर्ता परिचय (सः, सा, तत्)
पुल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग सर्वनामों का ज्ञान।
दिन 245 मिनटक्रिया परिचय (वर्तमान काल)
पठति, लिखति, गच्छति, क्रीडति आदि क्रियाओं का अभ्यास।
दिन 345 मिनटकर्ता-क्रिया अन्विति
एकवचन कर्ता के साथ एकवचन क्रिया (बालकः पठति) का मेल करना।
दिन 445 मिनटअस्ति और सन्ति का प्रयोग
एक वस्तु के लिए ‘अस्ति’ और अनेक के लिए ‘सन्ति’ का अभ्यास।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
चित्र देखकर छोटे वाक्य बनाने का टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

सही विकल्प चुनें: बालकः (पठति / पठन्ति)

अनुवाद करें: वह लड़का है।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

वाक्य निर्माण का नया परीक्षण लिया गया जिसमें छात्रों को कर्ता और क्रिया का सही मिलान करना था।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
राकेश6/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
सुमन7/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“मिलान कार्ड्स के माध्यम से कर्ता और क्रिया का संबंध सिखाने से वाक्य निर्माण में होने वाली गलतियों में काफी कमी आई।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 8: श्रुतलेख (Dictation) – For Class कक्षा 1-5

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 3
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत ध्वनियों को सुनकर सही ढंग से लिख सकेंगे।
  • छात्र हलन्त और विसर्ग का श्रवण कर सही प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र संयुक्त अक्षरों (जैसे क्ष, त्र, ज्ञ, प्र) को सुनकर शुद्ध वर्तनी लिख सकेंगे।
  • छात्र अनुस्वार (ं) की ध्वनि को पहचान सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – सरल शब्द श्रुतलेख (5 अंक)

शिक्षक द्वारा बोले गए 5 सरल शब्द: रामः, जलम्, पत्रम्, वनम्, शुकः।



भाग ब – विसर्ग एवं हलन्त युक्त शब्द (5 अंक)

शिक्षक द्वारा बोले गए 5 शब्द: बालकः, पुस्तकम्, पुष्पम्, गजः, विद्यालयः।



4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: रामः, जलम्, पत्रम्, वनम्, शुकः।

भाग अ – q2:

भाग अ – q3:

भाग ब – q4: बालकः, पुस्तकम्, पुष्पम्, गजः, विद्यालयः।

भाग ब – q5:

भाग ब – q6:

part_c_q7: क्षत्रियः, ज्ञानम्, विश्रामः।

part_c_q8: सः बालकः अस्ति। तत् कमलम् अस्ति।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-204उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-157औसत (Average)
C (Below 50%)0-99उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
राम को राम लिखना (विसर्ग गायब)रामःवर्तनीविसर्ग की ध्वनि ‘अः’ को ठीक से न सुन पाना
जलम् को जलम लिखनाजलम् (हलन्त के साथ)व्याकरणीयहलन्त के महत्व को न समझना
क्षत्रिय को छत्री लिखनाक्षत्रियःश्रवण दोषक्ष और छ की ध्वनि में भ्रम

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 9 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): ऑडियो क्लिप्स, श्यामपट्ट, वर्तनी अभ्यास पुस्तिका

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनटविसर्ग का अभ्यास
विसर्ग युक्त शब्दों का सस्वर वाचन और श्रुतलेख का अभ्यास।
दिन 245 मिनटहलन्त का अभ्यास
नपुंसकलिंग शब्दों के अंत में ‘म्’ हलन्त की ध्वनि सुनना और लिखना।
दिन 345 मिनटसंयुक्त अक्षर
क्ष, त्र, ज्ञ, श्र वाले शब्दों का अभ्यास।
दिन 445 मिनटवाक्य श्रुतलेख
3-4 शब्दों के सरल वाक्यों को सुनकर लिखने का अभ्यास।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
अंतिम श्रुतलेख परीक्षा।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

शिक्षक द्वारा बोले गए शब्दों को ध्यानपूर्वक सुनें और विसर्ग (ः) लगाएँ।

शिक्षक द्वारा बोले गए शब्दों को सुनें और हलन्त (्) लगाएँ।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

एक नया श्रुतलेख लिया गया जिसमें विसर्ग, हलन्त और संयुक्त अक्षरों वाले शब्दों का मिश्रण था।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
अमित5/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
सोनू7/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“श्रवण कौशल विकसित करने के लिए शब्दों का धीमा और स्पष्ट उच्चारण आवश्यक है। हलन्त और विसर्ग पर विशेष बल देने से त्रुटियाँ कम हुईं।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 9: शब्द रूप – For Class कक्षा 5-8

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 6
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:25परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र अकारान्त पुंलिंग शब्दों (जैसे राम, बालक) के रूप पहचान सकेंगे।
  • छात्र विभक्तियों के अर्थ (कारक चिह्न) समझ सकेंगे।
  • छात्र वचनों (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) में सही रूप लिख सकेंगे।
  • छात्र वाक्यों में उचित विभक्ति का प्रयोग कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1: ‘रामस्य’ किस विभक्ति का रूप है? (अ) प्रथमा (ब) तृतीया (स) षष्ठी (द) सप्तमी

प्रश्न 2: ‘बालकौ’ कौन सा वचन है? (अ) एकवचन (ब) द्विवचन (स) बहुवचन (द) कोई नहीं

प्रश्न 3: ‘रामेण’ में कौन सी विभक्ति है? (अ) द्वितीया (ब) तृतीया (स) चतुर्थी (द) पञ्चमी

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 4: ‘राम’ शब्द का प्रथमा विभक्ति एकवचन रूप लिखिए।

प्रश्न 5: ‘बालक’ शब्द का सप्तमी एकवचन रूप क्या होगा?

प्रश्न 6: ‘देवाय’ का हिंदी अर्थ क्या है? (कारक चिह्न के साथ)

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (स) षष्ठी

भाग अ – q2: (ब) द्विवचन

भाग अ – q3: (ब) तृतीया

भाग ब – q4: रामः

भाग ब – q5: बालके

भाग ब – q6: देव के लिए

part_c_q7: प्रथमा: रामः, रामौ, रामाः। द्वितीया: रामम्, रामौ, रामान्।

part_c_q8: बालकेन (सह के योग में तृतीया विभक्ति)

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-206उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-1510औसत (Average)
C (Below 50%)0-99उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
रामस्य को सप्तमी विभक्ति बतानारामस्य षष्ठी विभक्ति का रूप हैस्मृति दोषविभक्तियों को रटने में भ्रम
बालकौ को बहुवचन माननाबालकौ द्विवचन हैअवधारणात्मकद्विवचन और बहुवचन की पहचान स्पष्ट न होना
सह के साथ प्रथमा विभक्ति लगानासह के साथ तृतीया विभक्ति (बालकेन) आती हैव्याकरणीयउपपद विभक्तियों का ज्ञान न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 9 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): शब्द रूप चार्ट, कारक-विभक्ति मिलान चक्र, गाकर याद करने वाले ऑडियो क्लिप्स

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनटकारक और विभक्ति परिचय
कर्ता ने प्रथमा, कर्म को द्वितीया… चार्ट के माध्यम से कारक चिह्नों का ज्ञान।
दिन 245 मिनटप्रथमा से चतुर्थी विभक्ति
राम शब्द के प्रथमा से चतुर्थी तक के रूपों का वाचन और लेखन।
दिन 345 मिनटपञ्चमी से सप्तमी विभक्ति
शेष विभक्तियों का वाचन और अर्थ बोध।
दिन 445 मिनटअभ्यास और प्रयोग
वाक्यों में रिक्त स्थान पूर्ति के माध्यम से उचित शब्द रूप भरने का अभ्यास।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
शब्द रूप सारणी पूरी करने का लिखित टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

राम शब्द रूप सारणी में रिक्त स्थान भरें: रामः – ____ – रामाः।

मिलान करें: षष्ठी -> ?, तृतीया -> ?

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

छात्रों को अकारान्त पुल्लिंग शब्द की पूरी सारणी लिखने और विभक्तियों की पहचान करने का कार्य दिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
सुरेश5/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
रमेश7/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“शब्द रूपों को सुर और ताल के साथ सस्वर गवाने से बच्चों को रटने में आसानी हुई। कारक चिह्नों को जोड़ने से अर्थ समझना सरल পুনরায় हो गया।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 10: धातु रूप – For Class कक्षा 5-8

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 7
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:25परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र लट् लकार (वर्तमान काल) के धातु रूपों को पहचान सकेंगे।
  • छात्र तीनों पुरुषों (प्रथम, मध्यम, उत्तम) के रूपों का सही प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र वचनों के अनुसार क्रिया का चयन कर सकेंगे।
  • छात्र कर्ता के अनुसार सही धातु रूप का प्रयोग कर वाक्य बना सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 1: ‘पठति’ किस लकार का रूप है? (अ) लृट् (ब) लट् (स) लङ् (द) लोट्

प्रश्न 2: ‘गच्छामि’ किस पुरुष का रूप है? (अ) प्रथम (ब) मध्यम (स) उत्तम (द) कोई नहीं

प्रश्न 3: ‘त्वम्’ के साथ कौन सी क्रिया आएगी? (अ) पठति (ब) पठसि (स) पठामि (द) पठन्ति

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रश्न 4: ‘पठ्’ धातु लट् लकार, प्रथम पुरुष, बहुवचन का रूप लिखिए।

प्रश्न 5: ‘लिखसि’ में कौन सा पुरुष और वचन है?

प्रश्न 6: ‘अहम्’ के साथ ‘गम्’ धातु का कौन सा रूप आएगा?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) लट्

भाग अ – q2: (स) उत्तम

भाग अ – q3: (ब) पठसि

भाग ब – q4: पठन्ति

भाग ब – q5: मध्यम पुरुष, एकवचन

भाग ब – q6: गच्छामि

part_c_q7: पठति, पठतः, पठन्ति। पठसि, पठथः, पठथ। पठामि, पठावः, पठामः।

part_c_q8: 1. सः गच्छति 2. त्वम् गच्छसि 3. अहम् गच्छामि

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-208उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-159औसत (Average)
C (Below 50%)0-98उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
अहम् पठतिअहम् पठामिकर्ता-क्रिया अन्वितिउत्तम पुरुष की क्रिया का ज्ञान न होना
त्वम् पठामित्वम् पठसिपुरुष दोषमध्यम पुरुष के कर्ता के साथ उत्तम पुरुष की क्रिया का भ्रम
पठथः और पठथ में भ्रमद्विवचन में पठथः (विसर्ग), बहुवचन में पठथ (बिना विसर्ग)वर्तनीविसर्ग के प्रयोग की बारीकी को न समझना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 8 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): धातु रूप चक्र, कर्ता-क्रिया मिलान कार्ड्स, स्मार्टबोर्ड

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
दिन 145 मिनटपुरुष परिचय
प्रथम (सः, सा, तत्), मध्यम (त्वम्) और उत्तम (अहम्) पुरुष के कर्ताओं की पहचान।
दिन 245 मिनटलट् लकार के प्रत्यय
ति, तः, अन्ति… सि, थः, थ… आमि, आवः, आमः प्रत्ययों को याद कराना।
दिन 345 मिनटधातु रूप निर्माण
पठ्, लिख्, गम् धातुओं में प्रत्यय जोड़कर रूप बनाना।
दिन 445 मिनटवाक्य निर्माण
कर्ता के अनुसार सही क्रिया का चयन कर वाक्य बनाने का अभ्यास।
दिन 545 मिनटमूल्यांकन
धातु रूप सारणी और वाक्य पूर्ति परीक्षण।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

रिक्त स्थान भरें: पठति – ____ – पठन्ति।

सही क्रिया चुनें: त्वम् पुस्तकं (पठति / पठसि)।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

छात्रों को धातु रूप की सारणी पूरी करने और कर्ता के साथ सही क्रिया जोड़ने का परीक्षण दिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
कविता6/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
अनिल4/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“धातु रूप प्रत्ययों (ति, तः, अन्ति) को अलग से सिखाने पर बच्चों ने किसी भी धातु के रूप स्वयं बना लिए। यह विधि बहुत प्रभावी रही।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 11: लिंग परिवर्तन – For Class Class 5-8

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 6
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत में पुल्लिंग, स्त्रीलिंग तथा नपुंसकलिंग शब्दों की पहचान कर सकेंगे।
  • छात्र लिंग के अनुसार शब्दों के रूप परिवर्तन के नियम समझ सकेंगे।
  • छात्र लिंग के आधार पर वाक्यों में उचित क्रियापद का प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र लिंग संबंधी अशुद्धियों को पहचान कर उन्हें शुद्ध कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘बालक:’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप क्या होगा? (अ) बालिका (ब) बालका (स) बालकी (द) बालकि

इनमें से कौन सा शब्द नपुंसकलिंग है? (अ) राम: (ब) लता (स) फलम् (द) सीता

‘मयूर:’ का स्त्रीलिंग शब्द बताइए। (अ) मयूरी (ब) मयूरा (स) मयूरम् (द) मयूरिका

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

‘अज:’ शब्द का स्त्रीलिंग रूप लिखिए।

‘पुस्तकम्’ शब्द किस लिंग में है?

दो पुल्लिंग शब्दों के उदाहरण दीजिए।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (अ) बालिका

भाग अ – q2: (स) फलम्

भाग अ – q3: (अ) मयूरी

भाग ब – q4: अजा

भाग ब – q5: नपुंसकलिंग

भाग ब – q6: राम:, गज: (या अन्य)

part_c_q7: छात्रा, शिक्षिका, गायिका, नारी

part_c_q8: संस्कृत में तीन लिंग होते हैं: 1. पुल्लिंग (बालक:), 2. स्त्रीलिंग (लता), 3. नपुंसकलिंग (पुष्पम्)।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-158औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
बालक: का स्त्रीलिंग ‘बालकी’बालिकाव्याकरणीय प्रत्यय अशुद्धिस्त्रीलिंग प्रत्यय (टाप्) का अज्ञान
मयूर: का मयूरामयूरीप्रत्यय अशुद्धिङीप् प्रत्यय के प्रयोग की जानकारी न होना
पुल्लिंग और नपुंसकलिंग में भ्रमफलम् (नपुंसकलिंग)अवधारणात्मकअकारान्त नपुंसकलिंग शब्दों की पहचान का अभाव

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): फ्लैश कार्ड्स, चित्र-शब्द मिलान चार्ट, पीपीटी, और संस्कृत व्याकरण की आडियो क्लिप्स

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minपुल्लिंग शब्दों की पहचान
अकारान्त पुल्लिंग शब्दों (राम:, बालक:) की पहचान और उदाहरण अभ्यास।
Day 245 Minस्त्रीलिंग शब्दों का निर्माण
टाप् (आ) और ङीप् (ई) प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग शब्द बनाना (बालक-बालिका, नद-नदी)।
Day 345 Minनपुंसकलिंग शब्दों की पहचान
चित्रों के माध्यम से फलम्, वनम्, जलम् आदि नपुंसकलिंग शब्दों की अवधारणा स्पष्ट करना।
Day 445 Minलिंग परिवर्तन अभ्यास
विभिन्न शब्दों के लिंग परिवर्तन का समूह में अभ्यास करवाना।
Day 545 Minमूल्यांकन एवं पुनरावृत्ति
सीखे गए नियमों का लिखित परीक्षण और गलतियों का तत्काल समाधान।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

दिए गए शब्दों के लिंग बताइए: जलम्, अश्व:, शिक्षिका, चटक:।

लिंग बदलिए: नायक:, सिंह:, देव:, पुत्र:।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

उपचारात्मक शिक्षण के पश्चात् 20 अंकों का एक नया बहुविकल्पीय एवं लिखित परीक्षण लिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 16/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 27/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“छात्रों ने स्त्रीलिंग प्रत्ययों (आ, ई) को भलीभांति समझ लिया है। आगामी पाठों में नपुंसकलिंग शब्दों के वाक्यों में प्रयोग पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 12: वचन परिवर्तन – For Class Class 5-8

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 6
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र एकवचन, द्विवचन और बहुवचन में अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
  • छात्र संज्ञा एवं सर्वनाम शब्दों का तीनों वचनों में रूप बना सकेंगे।
  • छात्र वचन के अनुसार धातु रूप (क्रिया) का सही प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र वचन सम्बन्धी अशुद्धियों को पहचान कर उन्हें सुधार सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘बालक:’ का बहुवचन रूप क्या होगा? (अ) बालकौ (ब) बालका: (स) बालकाम् (द) बालके

संस्कृत में कितने वचन होते हैं? (अ) एक (ब) दो (स) तीन (द) चार

‘फलम्’ का द्विवचन रूप क्या है? (अ) फले (ब) फलानि (स) फलो (द) फला:

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

‘लता’ शब्द का बहुवचन रूप लिखिए।

‘ते’ सर्वनाम किस वचन का रूप है?

द्विवचन के कोई दो उदाहरण संस्कृत में लिखिए।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) बालका:

भाग अ – q2: (स) तीन

भाग अ – q3: (अ) फले

भाग ब – q4: लता:

भाग ब – q5: बहुवचन (पुल्लिंग)

भाग ब – q6: बालकौ, फले

part_c_q7: रामा:, अजा:, वनानि, ते

part_c_q8: संख्या का बोध कराने वाले शब्द रूप को वचन कहते हैं। संस्कृत में तीन वचन होते हैं: 1. एकवचन (बालक:), 2. द्विवचन (बालकौ), 3. बहुवचन (बालका:)।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-206उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-159औसत (Average)
C (Below 50%)0-95उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
बालक: का द्विवचन ‘बालका:’ लिखनाबालकौव्याकरणीय रूप अशुद्धिद्विवचन और बहुवचन के प्रत्ययों (औ, आ:) में भ्रम
फलम् का बहुवचन ‘फला:’फलानिलिंग आधारित वचन अशुद्धिनपुंसकलिंग के बहुवचन नियमों का अज्ञान
स: का बहुवचन ‘स:’तेसर्वनाम रूप अज्ञानतद् शब्द रूप याद न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 5 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): वचन चक्र (Number Wheel), चित्र सहित वचन चार्ट, कक्षा कक्ष की वस्तुएं (पेन, किताबें)

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minतीनों वचनों की पहचान
वस्तुओं की गिनती कराकर एकवचन, द्विवचन और बहुवचन की अवधारणा समझाना।
Day 245 Minपुल्लिंग शब्दों के वचन
अकारान्त पुल्लिंग शब्दों के तीनों वचनों (बालक:, बालकौ, बालका:) का सस्वर अभ्यास।
Day 345 Minस्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग वचन
लता-लते-लता: एवं फलम्-फले-फलानि का चार्ट द्वारा अभ्यास।
Day 445 Minसर्वनाम और वचन परिवर्तन
स:, तौ, ते का वाक्यों में प्रयोग करते हुए वचन परिवर्तन का अभ्यास।
Day 545 Minअभ्यास कार्य एवं मूल्यांकन
वर्कशीट के माध्यम से छात्रों का लिखित टेस्ट और समीक्षा।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

दिए गए शब्दों को एकवचन, द्विवचन और बहुवचन में छाँटिए: पुस्तके, छात्रा:, मयूर:, गजा:, पत्रम्, नेत्रे।

वचन बदलिए: अश्व: (बहुवचन), रमा: (एकवचन), जलानि (द्विवचन)।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

सस्वर वाचन एवं श्यामपट्ट पर शब्द रूप लिखवाकर 20 अंक का मूल्यांकन किया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 15/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 28/2017/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“द्विवचन के प्रयोग में छात्रों को जो भ्रम था, वह चित्र-चार्ट और टीएलएम (TLM) के प्रयोग से दूर हो गया है।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 13: कारक एवं विभक्ति – For Class Class 5-8

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 7
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र कारकों के नाम और उनके चिह्न (विभक्तियां) बता सकेंगे।
  • छात्र वाक्यों में कर्ता, कर्म, करण आदि कारकों की पहचान कर सकेंगे।
  • छात्र उचित विभक्ति का प्रयोग कर वाक्यों का संस्कृत अनुवाद कर सकेंगे।
  • छात्र उपपद विभक्तियों के नियम जान सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

कर्ता कारक की कौन सी विभक्ति होती है? (अ) प्रथमा (ब) द्वितीया (स) तृतीया (द) चतुर्थी

‘बालकाय’ शब्द में कौन सी विभक्ति है? (अ) तृतीया (ब) चतुर्थी (स) पञ्चमी (द) षष्ठी

अपादान कारक का चिह्न क्या है? (अ) को (ब) से (अलग होना) (स) के लिए (द) में/पर

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

कर्म कारक का चिह्न क्या ক্ষমতায় है?

‘रामेण’ में कौन सी विभक्ति और वचन है?

संस्कृत में कितने कारक माने गए हैं?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (अ) प्रथमा

भाग अ – q2: (ब) चतुर्थी

भाग अ – q3: (ब) से (अलग होना)

भाग ब – q4: को

भाग ब – q5: तृतीया विभक्ति, एकवचन

भाग ब – q6: संस्कृत में 6 कारक माने गए हैं (सम्बन्ध और सम्बोधन को कारक नहीं माना जाता)।

part_c_q7: करण – से/के द्वारा (तृतीया), सम्प्रदान – के लिए (चतुर्थी), अधिकरण – में/पर (सप्तमी)।

part_c_q8: प्रथमा: बालक:, बालकौ, बालका:। द्वितीया: बालकम्, बालकौ, बालकान्।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-204उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-158औसत (Average)
C (Below 50%)0-98उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
करण और अपादान कारक में भ्रमकरण (जुड़ना/साधन), अपादान (अलग होना)अवधारणात्मक अज्ञानचिह्न ‘से’ के प्रयोग में अंतर न समझना
बालकाय में पञ्चमी बतानाचतुर्थीशब्द रूप स्मृतिशब्द रूपों का ठीक से याद न होना
सम्बन्ध को कारक माननासम्बन्ध कारक नहीं हैशास्त्रीय ज्ञान अभावसंस्कृत व्याकरण के मूल नियमों का अज्ञान

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 8 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): कारक चक्र (Case Wheel), उँगलियों पर विभक्तियों की गिनती, और फ्लैश कार्ड्स

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minकारक परिचय एवं चिह्न
कारक और उनके चिह्नों (कर्ता ने, कर्म को…) का लयबद्ध गान और स्मरण।
Day 245 Minप्रथमा से चतुर्थी विभक्ति
कर्ता, कर्म, करण और सम्प्रदान कारकों का वाक्यों में प्रयोग और पहचान।
Day 345 Minपञ्चमी से सप्तमी विभक्ति
अपादान, सम्बन्ध (विभक्ति के रूप में) और अधिकरण का स्पष्टीकरण विशेषकर ‘से’ के अंतर का।
Day 445 Minशब्द रूप निर्माण
अकारान्त राम/बालक शब्द रूप को कारक चिह्नों के साथ जोड़कर पढ़ाने का अभ्यास।
Day 545 Minवाक्य निर्माण एवं टेस्ट
हिंदी से संस्कृत वाक्यों में उचित विभक्ति लगाने का अभ्यास और टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

रिक्त स्थान में उचित विभक्ति भरें: राम: ______ खादति। (फलम्/फलेन)

विभक्ति पहचानें: विद्यालयात्, देवेषु, लतायै।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

उपचारात्मक कार्य के बाद कारक चिह्नों और वाक्यों में उनके प्रयोग का 20 अंकों का टेस्ट लिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 14/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 26/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“छात्रों को कारक चक्र (TLM) के माध्यम से ‘से’ (करण और अपादान) का अंतर स्पष्ट रूप से समझ आ गया है।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 14: सर्वनाम शब्द – For Class Class 5-8

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 6
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संज्ञा के स्थान पर सर्वनाम शब्दों (तत्, एतत्, अस्मद्, युष्मद्) का प्रयोग समझ सकेंगे।
  • छात्र तीनों लिंगों में सर्वनाम के रूप पहचान सकेंगे।
  • छात्र प्रथम, मध्यम और उत्तम पुरुष के सर्वनाम वाक्यों में सही-सही प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र सर्वनाम और क्रिया के समन्वय को समझ सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘वह’ (पुल्लिंग) के लिए संस्कृत में कौन सा सर्वनाम प्रयुक्त होता है? (अ) सा (ब) स: (स) तत् (द) एष:

‘अहम्’ का अर्थ क्या है? (अ) तुम (ब) वह (स) मैं (द) हम

‘त्वम्’ किस पुरुष का सर्वनाम है? (अ) प्रथम पुरुष (ब) मध्यम पुरुष (स) उत्तम पुरुष (द) अन्य पुरुष

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

‘सा’ सर्वनाम किस लिंग में प्रयुक्त होता है?

‘आवाम्’ का क्या अर्थ है?

युष्मद् शब्द का प्रथमा विभक्ति एकवचन रूप लिखिए।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) स:

भाग अ – q2: (स) मैं

भाग अ – q3: (ब) मध्यम पुरुष

भाग ब – q4: स्त्रीलिंग

भाग ब – q5: हम दोनों

भाग ब – q6: त्वम्

part_c_q7: पुल्लिंग: स:, तौ, ते। स्त्रीलिंग: सा, ते, ता:। नपुंसकलिंग: तत्, ते, तानि।

part_c_q8: अहम् पठामि।, युवाम् गच्छथ:।, ते/ता:/तानि लिखन्ति।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-206उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-157औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
स: (वह) और सा (वह) में लिंग भेद न कर पानास: (पुल्लिंग), सा (स्त्रीलिंग)लिंग आधारिततत् शब्द रूप के लिंग भेदों का ज्ञान न होना
‘अहम् पठति’ लिखनाअहम् पठामिपुरुष/क्रिया अशुद्धिसर्वनाम के साथ क्रिया के पुरुष समन्वय का अज्ञान
युष्मद् और अस्मद् में भ्रमयुष्मद् (तुम), अस्मद् (मैं)शब्दार्थ अज्ञानस्मरण शक्ति का अभाव

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): सर्वनाम चार्ट, मिलान कार्ड्स, रोल-प्ले (Role Play) आधारित गतिविधियां

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minतत् (वह) सर्वनाम तीनों लिंगों में
स:, सा, तत् का परिचय और कक्षा में उपस्थित छात्रों (स: बाल:, सा बाला) द्वारा अभ्यास।
Day 245 Minएतत् (यह) सर्वनाम
पास की वस्तुओं/व्यक्तियों के लिए एष:, एषा, एतत् का प्रयोग चार्ट के माध्यम से।
Day 345 Minअस्मद् (मैं) और युष्मद् (तुम)
उत्तम पुरुष (अहम्, आवाम्, वयम्) और मध्यम पुरुष (त्वम्, युवाम्, यूयम्) का अभ्यास।
Day 445 Minसर्वनाम-क्रिया समन्वय
सर्वनाम कर्ता के साथ धातु रूपों (क्रिया) का सही प्रयोग सिखाना।
Day 545 Minमूल्यांकन (Role Play & Test)
छात्रों को संवाद द्वारा सर्वनाम प्रयोग का अवसर देना और लिखित टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

लिंग के अनुसार छाँटिए: स:, सा, एषा, एष:, तत्, तानि।

सही मिलान करें: अहम् (तुम दोनों), त्वम् (हम सब), वयम् (मैं), युवाम् (तुम)।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

संवाद लेखन और रिक्त स्थान पूर्ति के माध्यम से 20 अंकों का परीक्षण आयोजित किया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 17/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 28/2017/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“रोल-प्ले विधि (Role play) से ‘अहम्’ और ‘त्वम्’ के प्रयोग में छात्रों की रुचि और समझ दोनों बढ़ी।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 15: अव्यय शब्द – For Class Class 5-8

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 7
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र अव्यय शब्दों की परिभाषा जान सकेंगे।
  • छात्र वाक्यों में अव्यय शब्दों की पहचान कर सकेंगे।
  • छात्र अद्य, श्व:, ह्य:, अत्र, तत्र आदि सामान्य अव्ययों का अर्थ बता सकेंगे।
  • छात्र अव्यय शब्दों का संस्कृत वाक्यों में स्वतंत्र प्रयोग कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

अव्यय शब्द किन्हें कहते हैं? (अ) जो लिंग/वचन में बदलते हैं (ब) जो कभी नहीं बदलते (स) धातु रूप (द) संज्ञा

‘अत्र’ का अर्थ क्या है? (अ) वहाँ (ब) यहाँ (स) कहाँ (द) जहाँ

‘ह्य:’ (बीता हुआ कल) का विलोम अव्यय क्या होगा? (अ) अद्य (ब) श्व: (स) सर्वत्र (द) एव

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

‘च’ अव्यय का क्या अर्थ है?

‘कदा’ अव्यय का प्रयोग किस अर्थ में होता है?

दो स्थानवाचक अव्यय लिखिए।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) जो कभी नहीं बदलते

भाग अ – q2: (ब) यहाँ

भाग अ – q3: (ब) श्व:

भाग ब – q4: और (And)

भाग ब – q5: कब (When)

भाग ब – q6: अत्र (यहाँ), तत्र (वहाँ)

part_c_q7: अपि – भी, कुत्र – कहाँ, सर्वत्र – सब जगह, शीघ्रम् – जल्दी।

part_c_q8: अद्य रविवार: अस्ति। बालक: तत्र गच्छति। राम: श्याम: च पठत:।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-159औसत (Average)
C (Below 50%)0-96उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
ह्य: (बीता कल) और श्व: (आने वाला कल) में भ्रमह्य: = Yesterday, श्व: = Tomorrowअर्थ अज्ञानकालवाचक अव्ययों के अर्थ याद न होना
‘च’ (और) का वाक्यों में गलत स्थान पर प्रयोग (जैसे: राम च श्याम)राम: श्याम: चवाक्य विन्यास अशुद्धिसंस्कृत में ‘च’ के प्रयोग नियम (शब्दों के अंत में) का अज्ञान
अव्यय के रूप बदलनाअव्यय कभी नहीं बदलते (सदृशं त्रिषु लिंगेषु…)अवधारणात्मकअव्यय की परिभाषा न समझना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 6 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): अव्यय वृक्ष (चार्ट), शब्द कार्ड्स, और दैनिक वाक्यों की सूची

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minअव्यय परिभाषा एवं स्थानवाचक अव्यय
अव्यय की परिभाषा समझाना। अत्र, तत्र, कुत्र, सर्वत्र का चित्र और स्थान दिखा कर अभ्यास।
Day 245 Minकालवाचक अव्यय
अद्य (आज), ह्य: (बीता कल), श्व: (आने वाला कल) को कैलेंडर के माध्यम से समझाना।
Day 345 Minप्रश्नवाचक एवं अन्य अव्यय
कदा (कब), किमर्थम् (क्यों), अपि (भी), एव (ही) के अर्थ व प्रयोग।
Day 445 Min‘च’ का विशिष्ट प्रयोग
संस्कृत में ‘च’ का प्रयोग शब्दों के बाद कैसे होता है, इसके नियम बताना।
Day 545 Minअभ्यास एवं मूल्यांकन
अव्ययों का वाक्य निर्माण खेल और लिखित वर्कशीट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

रिक्त स्थान में उचित अव्यय भरें: ईश्व्र: ______ अस्ति। (सर्वत्र / अद्य)

हिन्दी अर्थ लिखें: ह्य:, अपि, शनै: शनै:।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

रिक्त स्थान पूर्ति और वाक्य निर्माण आधारित 20 अंकों का मूल्यांकन प्रपत्र दिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 15/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 26/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“कैलेंडर का उपयोग कर कालवाचक अव्यय पढ़ाने से ह्य: और श्व: का भ्रम स्थायी रूप से दूर हुआ।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 16: संधि (स्वर एवं व्यंजन) – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 8
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:25परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संधि की परिभाषा व भेद (स्वर, व्यंजन, विसर्ग) बता सकेंगे।
  • छात्र दीर्घ, गुण और यण् संधि के नियम समझ सकेंगे।
  • छात्र शब्दों का सही संधि विच्छेद कर सकेंगे।
  • छात्र संधि विच्छेद से बने शब्दों को पुनः जोड़ (संधि) सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘विद्या + आलय:’ की संधि क्या होगी? (अ) विद्यलय: (ब) विद्यालय: (स) विद्योआलय: (द) विद्यालये

महेश: में कौन सी संधि है? (अ) दीर्घ (ब) गुण (स) वृद्धि (द) यण्

‘इत्यादि’ का सही संधि विच्छेद है? (अ) इति+आदि (ब) इत+यादि (स) इति+यादि (द) इती+आदि

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

संधि किसे कहते हैं?

स्वर संधि के कितने प्रमुख भेद माने जाते हैं?

‘रवीन्द्र:’ का संधि विच्छेद करें।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) विद्यालय:

भाग अ – q2: (ब) गुण

भाग अ – q3: (अ) इति+आदि

भाग ब – q4: दो वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे संधि कहते हैं।

भाग ब – q5: प्रमुख पांच (दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण्, अयादि)।

भाग ब – q6: रवि + इन्द्र: (दीर्घ संधि)।

part_c_q7: सूर्योदय: (गुण संधि), स्वागतम् (यण् संधि)।

part_c_q8: दीर्घ: अ/आ + अ/आ = आ (देव + आलय: = देवालय:)। गुण: अ/आ + इ/ई = ए (महा + ईश: = महेश:)।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-207उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-1510औसत (Average)
C (Below 50%)0-98उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
सूर्य + उदय: = सूर्यउदय: बनानासूर्योदय:नियम अज्ञानगुण संधि के ‘अ+उ=ओ’ नियम का पता न होना
इति+आदि को ‘इत्यादि’ न बना पानाइत्यादियण् संधि में भ्रमइ का य् में परिवर्तन (यण् संधि) न समझना
रवि + इन्द्र: = रविन्द्र: (ह्रस्व इ)रवीन्द्र: (दीर्घ ई)मात्रा की अशुद्धिदीर्घ संधि में परिणामी मात्रा का दीर्घ न करना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 8 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): संधि सूत्र चार्ट, फ्लैश कार्ड्स (एक भाग पर संधि, दूसरे पर विच्छेद), रंगीन चॉक

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minसंधि परिचय एवं दीर्घ संधि
समान स्वरों का मेल (अ+अ=आ, इ+इ=ई, उ+उ=ऊ) और उदाहरण (देवालय, भानुदय)।
Day 245 Minगुण संधि
अ/आ के बाद इ, उ, ऋ आने पर ए, ओ, अर् होने के नियम (गणेश:, महर्षि:)।
Day 345 Minयण् संधि
इ, उ, ऋ के बाद असमान स्वर आने पर क्रमशः य्, व्, र् होने के नियम (स्वागतम्, प्रत्येक:)।
Day 445 Minसंधि विच्छेद का अभ्यास
पढ़ाए गए शब्दों को तोड़कर उनके मूल रूप में लाने (विच्छेद) का समूह अभ्यास।
Day 545 Minसमस्या समाधान व टेस्ट
छात्रों की शंकाओं का निवारण और 20 अंकों का वर्कशीट टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

संधि विच्छेद करें: रमेश:, विद्यालय:, इत्यादि, स्वागतम्।

संधि करें: देव + इन्द्र:, परम + अर्थ:, सु + आगतम्।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

ब्लैकबोर्ड पर छात्रों से संधि व विच्छेद करवा कर 20 अंकों का टेस्ट लिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 16/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 28/2017/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“स्वर वर्णों के गणितीय समीकरण (अ+उ=ओ) की तरह संधि पढ़ाने से छात्रों की रुचि जाग्रत हुई।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 17: समास परिचय – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 9
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र समास की परिभाषा तथा समास व संधि में अंतर बता सकेंगे।
  • छात्र समास के प्रमुख भेदों के नाम स्मरण कर सकेंगे।
  • छात्र अव्ययीभाव, तत्पुरुष और द्वन्द्व समास की पहचान कर सकेंगे।
  • छात्र सामासिक पदों का विग्रह तथा विग्रह पदों का समास कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

समास में किसका मेल होता है? (अ) वर्णों का (ब) पदों (शब्दों) का (स) वाक्यों का (द) मात्राओं का

‘प्रतिदिनम्’ में कौन सा समास है? (अ) तत्पुरुष (ब) कर्मधारय (स) अव्ययीभाव (द) द्वन्द्व

द्वन्द्व समास का उदाहरण है- (अ) पीताम्बर: (ब) रामलक्ष्मणौ (स) दशानन: (द) राजपुत्र:

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

समास शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?

संस्कृत में समास के कितने भेद माने जाते हैं?

‘राजपुत्र:’ का समास विग्रह कीजिए।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) पदों (शब्दों) का

भाग अ – q2: (स) अव्ययीभाव

भाग अ – q3: (ब) रामलक्ष्मणौ

भाग ब – q4: संक्षिप्तीकरण (छोटा करना)।

भाग ब – q5: संस्कृत में समास के 6 मुख्य भेद (या 5 सिद्धांततः) होते हैं।

भाग ब – q6: राज्ञ: पुत्र: (षष्ठी तत्पुरुष)।

part_c_q7: अव्ययीभाव: पूर्व पद अव्यय/प्रधान हो (यथाशक्ति)। द्वन्द्व: दोनों पद प्रधान हों (रामकृष्णौ)।

part_c_q8: मातापितरौ (द्वन्द्व), यथाशक्ति (अव्ययीभाव), नीलकण्ठ: (बहुव्रीहि)।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-206उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-158औसत (Average)
C (Below 50%)0-96उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
संधि और समास को एक समझनासंधि वर्णों का मेल है, समास शब्दों का।अवधारणात्मक अज्ञानपरिभाषा स्पष्ट न होना
यथाशक्ति को तत्पुरुष समास बतानाअव्ययीभावपहचान की अशुद्धिपूर्वपद ‘यथा’ (अव्यय) की पहचान न कर पाना
राज्ञ: पुत्र: का समास ‘राज्ञापुत्र’ करनाराजपुत्र:विभक्ति लोप अज्ञानतत्पुरुष समास में पूर्वपद की विभक्ति का लोप करने का नियम न जानना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 6 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): समास भेद वृक्ष (Tree Chart), समास विग्रह कार्ड्स

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minसमास परिभाषा एवं संधि से अंतर
समास का अर्थ (संक्षिप्तीकरण) और वर्णों (संधि) व पदों (समास) के मेल में अंतर स्पष्ट करना।
Day 245 Minअव्ययीभाव समास
पूर्व पद अव्यय की पहचान। अनु, उप, सह, यथा आदि उपसर्गों/अव्ययों वाले उदाहरण (यथाशक्ति, उपकृष्णम्)।
Day 345 Minतत्पुरुष समास
उत्तर पद प्रधान। कारक विभक्तियों का लोप (ग्रामगत:, राजपुरुष:) कैसे होता है, समझाना।
Day 445 Minद्वन्द्व समास
दोनों पद प्रधान। ‘च’ का प्रयोग (माता च पिता च = मातापितरौ) का अभ्यास।
Day 545 Minसमास विग्रह अभ्यास एवं टेस्ट
पढ़ाए गए समासों का मिला-जुला अभ्यास और वर्कशीट द्वारा परीक्षण।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

समास विग्रह करें: प्रतिदिनम्, कृष्णभक्त:, रामकृष्णौ।

समास करें: ग्रामं गत:, विद्याया: आलय:, अह: च रात्र: च।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

विभिन्न सामासिक पदों को देकर उनका समास नाम और विग्रह का 20 अंकों का टेस्ट लिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 17/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 25/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“पदों का विग्रह करके अर्थ समझाने से छात्रों को तत्पुरुष और द्वन्द्व समास पहचानने में सरलता हुई।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 18: उपसर्ग एवं प्रत्यय – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 8
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र उपसर्ग और प्रत्यय की परिभाषा व अंतर बता सकेंगे।
  • छात्र संस्कृत के प्रमुख 22 उपसर्गों की पहचान कर सकेंगे।
  • छात्र कृदन्त और तद्धित प्रत्ययों (जैसे- क्त्वा, तुमुन्, ल्यप्) का प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र धातुओं व शब्दों से उपसर्ग और प्रत्यय अलग कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

उपसर्ग शब्द या धातु के कहाँ जुड़ते हैं? (अ) प्रारंभ में (ब) अंत में (स) बीच में (द) कहीं नहीं

संस्कृत में उपसर्गों की संख्या कितनी मानी गई है? (अ) 20 (ब) 21 (स) 22 (द) 24

‘पठित्वा’ में कौन सा प्रत्यय है? (अ) क्त्वा (ब) तुमुन् (स) ल्यप् (द) शतृ

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

प्रत्यय कहाँ जुड़ते हैं?

‘आगच्छति’ शब्द में कौन सा उपसर्ग और धातु है?

‘गन्तुम्’ पद में कौन सा प्रत्यय है?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (अ) प्रारंभ में

भाग अ – q2: (स) 22

भाग अ – q3: (अ) क्त्वा

भाग ब – q4: शब्द या धातु के अंत में।

भाग ब – q5: उपसर्ग: आङ् (आ), धातु: गम् (गच्छ)।

भाग ब – q6: तुमुन् प्रत्यय।

part_c_q7: जब धातु से पहले कोई उपसर्ग हो, तब ‘क्त्वा’ के स्थान पर ‘ल्यप्’ प्रत्यय होता है। (वि+हस्+ल्यप् = विहस्य)।

part_c_q8: हस्+क्त्वा, खाद्+तुमुन्, वि+हस्+ल्यप्।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-159औसत (Average)
C (Below 50%)0-96उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
उपसर्ग और प्रत्यय में भ्रमउपसर्ग (आगे), प्रत्यय (पीछे)अवधारणात्मकपरिभाषा का स्पष्ट ज्ञान न होना
आगच्छति में प्रत्यय ढूंढ़नाआ (उपसर्ग) हैपहचान की अशुद्धिउपसर्गों की सूची (22) याद न होना
विहस्य में क्त्वा प्रत्यय बतानाल्यप् प्रत्ययनियम अज्ञानउपसर्ग होने पर ल्यप् नियम का ज्ञान न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 6 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): 22 उपसर्गों का चार्ट, ‘धातु-ट्रेन’ खेल (इंजन उपसर्ग, डिब्बा धातु, गार्ड प्रत्यय)

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minउपसर्ग और प्रत्यय की अवधारणा
ट्रेन के उदाहरण (आगे इंजन=उपसर्ग, पीछे गार्ड=प्रत्यय) से समझाना। 22 उपसर्गों का वाचन।
Day 245 Minउपसर्ग से अर्थ परिवर्तन
हार: शब्द में प्र, आ, सम्, वि उपसर्ग लगाकर अर्थ बदलना (प्रहार, आहार, संहार, विहार)।
Day 345 Minक्त्वा और तुमुन् प्रत्यय
करके (क्त्वा) और के लिए (तुमुन्) अर्थ में प्रत्ययों का धातुओं के साथ प्रयोग।
Day 445 Minल्यप् प्रत्यय का नियम
उपसर्ग + धातु + ल्यप् (य शेष) का नियम उदाहरण सहित समझाना।
Day 545 Minअभ्यास व परीक्षण
धातुओं में उपसर्ग व प्रत्यय जोड़ने-तोड़ने का वर्कशीट द्वारा टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

उपसर्ग अलग करें: अनुभवति, प्रहरति, निर्गच्छति।

प्रत्यय पहचानें: लिखित्वा, पातुम्, आगत्य।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

उपसर्ग, धातु और प्रत्यय अलग-अलग करने का 20 अंकों का लिखित परीक्षण लिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 16/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 28/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“ट्रेन के उदाहरण से छात्रों ने उपसर्ग और प्रत्यय की स्थिति को बहुत रोचक तरीके से समझ लिया।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 19: लकार (धातु रूप) ज्ञान – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 8
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत के प्रमुख पांच लकारों के नाम और अर्थ (काल) जान सकेंगे।
  • छात्र लट् (वर्तमान), लृट् (भविष्य) और लङ् (अतीत) लकार के रूप पहचान सकेंगे।
  • छात्र पुरुष एवं वचन के अनुसार धातु रूपों का प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र हिन्दी से संस्कृत अनुवाद में सही लकार का प्रयोग कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

लट्लकार का प्रयोग किस काल के लिए होता है? (अ) भूतकाल (ब) वर्तमान काल (स) भविष्य काल (द) आज्ञार्थक

‘पठिष्यति’ में कौन सा लकार है? (अ) लट् (ब) लृट् (स) लङ् (द) लोट्

‘अपठत्’ किस लकार का रूप है? (अ) लङ् लकार (ब) लट् लकार (स) विधिलिङ् (द) लोट्

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

भविष्य काल के लिए संस्कृत में किस लकार का प्रयोग होता है?

गम् (गच्छ) धातु का लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन रूप लिखिए।

लोट् लकार का प्रयोग किस अर्थ में होता है?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) वर्तमान काल

भाग अ – q2: (ब) लृट् (भविष्य)

भाग अ – q3: (अ) लङ् लकार (भूतकाल)

भाग ब – q4: लृट् लकार

भाग ब – q5: गच्छति

भाग ब – q6: आज्ञा देने या प्रार्थना के अर्थ में।

part_c_q7: पठति, पठत:, पठन्ति। पठसि, पठथ:, पठथ। पठामि, पठाव:, पठाम:।

part_c_q8: गच्छति (लट् लकार), लेखिष्यामि (लृट् लकार), अखादत् (लङ् लकार)।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-204उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-159औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
लङ् लकार और लृट् लकार में भ्रमअ+धातु = लङ् (अतीत), धातु+इष्यति = लृट् (भविष्य)काल आधारित अशुद्धिलकारों के पहचान चिह्नों का ज्ञान न होना
पठिष्यति को वर्तमान काल बतानाभविष्य काल (लृट् लकार)लकार अज्ञानलृट् लकार के प्रत्ययों का अज्ञान
पुरुष और वचन की गलती (अहं पठति)अहं पठामिसमन्वय अशुद्धिकर्ता के पुरुष के अनुसार क्रिया लगाने का ज्ञान न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): काल (Tense) चक्र, धातु रूप चार्ट, धातु और प्रत्यय मिलान कार्ड्स

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minलकार परिचय
प्रमुख 5 लकारों का हिन्दी अर्थ (काल) समझाना। लट् लकार (ती, त:, न्ति) का अभ्यास।
Day 245 Minलृट् लकार (भविष्य काल)
भविष्य काल के प्रत्यय (इष्यति, इष्यत:) समझाना और पठ्, गम् के रूप बनवाना।
Day 345 Minलङ् लकार (भूतकाल)
धातु से पहले ‘अ’ लगाकर भूतकाल (अ+पठ्+अत् = अपठत्) बनाने के नियम का अभ्यास।
Day 445 Minलोट् एवं विधिलिङ् लकार
आज्ञार्थक (लोट्) और चाहिए अर्थ (विधिलिङ्) के सामान्य रूपों की पहचान कराना।
Day 545 Minधातु रूप अभ्यास व परीक्षण
हिन्दी वाक्यों के काल पहचानकर संस्कृत लकार बताने का अभ्यास एवं टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

लकार पहचानें: खादति, लिखिष्यति, अगच्छत्।

पठ् धातु का लृट् लकार (भविष्य काल) प्रथम पुरुष एकवचन क्या होगा?

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

धातु रूप तालिका पूर्ति और वाक्य निर्माण के माध्यम से 20 अंकों का टेस्ट लिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 15/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 27/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“लङ् लकार में धातु से पूर्व ‘अ’ लगने की पहचान बताने से छात्रों को भूतकाल पहचानने में बहुत आसानी हुई।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 20: वाक्य शुद्धि (अव्यय, लिंग, वचन, कारक) – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 9
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र वाक्यों में कर्ता और क्रिया के मध्य पुरुष एवं वचन की अशुद्धियां पहचान सकेंगे।
  • छात्र लिंग सम्बन्धी अशुद्धियों का निवारण कर सकेंगे।
  • छात्र कारक चिह्नों के उचित प्रयोग द्वारा वाक्यों को शुद्ध कर सकेंगे।
  • छात्र पूर्ण रूप से शुद्ध संस्कृत वाक्य निर्माण कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘राम: पठन्ति’ में क्या अशुद्धि है? (अ) लिंग की (ब) वचन की (स) कारक की (द) उपसर्ग की

शुद्ध वाक्य चुनें: (अ) अहं गच्छति (ब) त्वं गच्छसि (स) स: गच्छामि (द) ते गच्छति

‘वृक्षस्य पत्रं पतति’ का शुद्ध रूप क्या होगा? (अ) वृक्षात् पत्रं पतति (ब) वृक्षे पत्रं पतति (स) वृक्षाय पत्रं पतति

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

‘सा बालक: अस्ति’ – इस वाक्य को शुद्ध करें।

‘अहं पुस्तकं पठति’ – क्रिया को शुद्ध करें।

‘ते छात्र: सन्ति’ – कर्ता के अनुसार वचन शुद्ध करें।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) वचन की (कर्ता एकवचन, क्रिया बहुवचन है)

भाग अ – q2: (ब) त्वं गच्छसि

भाग अ – q3: (अ) वृक्षात् पत्रं पतति (अपादान कारक)

भाग ब – q4: स: बालक: अस्ति। (लिंग शुद्धि)

भाग ब – q5: अहं पुस्तकं पठामि।

भाग ब – q6: ते छात्रा: सन्ति।

part_c_q7: 1. त्वं कुत्र गच्छसि? 2. आवां पठाव: (यह शुद्ध है)। 3. सीता रामेण सह गच्छति (यह शुद्ध है – सह के योग में तृतीया)।

part_c_q8: वाक्य में क्रिया हमेशा कर्ता के पुरुष और वचन के अनुसार होती है। जैसे- प्रथम पुरुष एकवचन ‘स:’ के साथ ‘पठति’ आएगा।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-158औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
अहं के साथ पठति का प्रयोगअहं पठामिपुरुष समन्वयउत्तम पुरुष कर्ता के साथ प्रथम पुरुष क्रिया का अज्ञान
वृक्षस्य पत्रं पततिवृक्षात् (पञ्चमी)कारक/विभक्तिअलग होने के अर्थ में अपादान कारक का प्रयोग न जानना
सा बालक:स: बालक: / सा बालिकालिंग समन्वयसर्वनाम और विशेष्य के लिंग समान होने का नियम न जानना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): वाक्य निर्माण चक्र (कर्ता-क्रिया मिलान), त्रुटि-शोधन फ्लैश कार्ड्स

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minकर्ता-क्रिया समन्वय (पुरुष/वचन)
चार्ट द्वारा स:-पठति, त्वं-पठसि, अहं-पठामि का नियम समझाना और अभ्यास।
Day 245 Minलिंग सम्बन्धी अशुद्धि शोधन
स:/सा, एष:/एषा, क:/का का संज्ञा के लिंग के अनुसार सही प्रयोग सिखाना।
Day 345 Minकारक सम्बन्धी अशुद्धि शोधन
विशेषकर उपपद विभक्तियों (सह-तृतीया, नम:-चतुर्थी, अलग होना-पञ्चमी) का अभ्यास।
Day 445 Minवाक्य शुद्धि खेल
ब्लैकबोर्ड पर गलत वाक्य लिखना और छात्रों से उन्हें शुद्ध करवाना।
Day 545 Minलिखित मूल्यांकन
मिश्रित अशुद्धियों वाले वाक्यों का वर्कशीट के माध्यम से टेस्ट।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

क्रिया शुद्ध करें: त्वं सत्यं वदति।

कारक शुद्ध करें: राम: ग्रामस्य गच्छति। (ग्रामम्/ग्रामे)

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

10 अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करने का 20 अंकों का परीक्षण लिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
छात्र 16/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
छात्र 27/2017/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“कर्ता और क्रिया के पुरुष-वचन मिलान के चार्ट (9 खाने वाले चार्ट) से छात्रों को वाक्य शुद्धि में बहुत सहायता मिली।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 21: हिन्दी से संस्कृत अनुवाद – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 8
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र हिन्दी वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद करने में सक्षम होंगे।
  • छात्रों को कर्ता, कर्म और क्रिया के बीच संबंध समझ में आएगा।
  • छात्र संस्कृत में धातु रूप एवं शब्द रूप का उचित प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र विभक्ति एवं कारक नियमों का सही उपयोग कर पाएंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘राम गाँव जाता है’ का संस्कृत अनुवाद क्या होगा? (अ) रामः ग्रामं गच्छति (ब) रामः ग्रामं गच्छामि (स) रामः ग्रामे गच्छति (द) रामः ग्रामं गच्छसि

‘हम सब पढ़ते हैं’ का संस्कृत अनुवाद है- (अ) अहं पठामि (ब) वयं पठामः (स) यूयं पठथ (द) ते पठन्ति

‘वह पुस्तक पढ़ता है’ का अनुवाद क्या होगा? (अ) सः पुस्तकं पठति (ब) सा पुस्तकं पठति (स) सः पुस्तकं पठसि (द) त्वं पुस्तकं पठति

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

‘तुम कहाँ जाते हो?’ का संस्कृत में अनुवाद करें।

‘मैं घर जा रहा हूँ।’ का संस्कृत में अनुवाद करें।

‘छात्र विद्यालय में पढ़ते हैं।’ का संस्कृत में अनुवाद करें।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (अ) रामः ग्रामं गच्छति

भाग अ – q2: (ब) वयं पठामः

भाग अ – q3: (अ) सः पुस्तकं पठति

भाग ब – q4: त्वं कुत्र गच्छसि?

भाग ब – q5: अहं गृहं गच्छामि।

भाग ब – q6: छात्राः विद्यालये पठन्ति।

part_c_q7: 1. सः श्वः आगमिष्यति। 2. वृक्षात् पत्राणि पतन्ति। 3. सदा सत्यं वदेत्।

part_c_q8: 1. रामः श्यामः च क्रीडतः। 2. यूयं किं कुरुथ?

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-158औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
रामः ग्रामं गच्छामिरामः ग्रामं गच्छतिधातु रूपकर्ता के पुरुष और वचन के अनुसार क्रिया का ज्ञान न होना
वृक्षस्य पत्राणि पतन्तिवृक्षात् पत्राणि पतन्तिकारक / विभक्तिअपादान कारक (पंचमी विभक्ति) की पहचान न कर पाना
वयं पठन्तिवयं पठामःपुरुषउत्तम पुरुष बहुवचन के साथ प्रथम पुरुष की क्रिया का प्रयोग

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): धातु रूप और शब्द रूप के फ्लैशकार्ड्स, कारक चिह्न चार्ट, कर्ता-क्रिया संबंध तालिका

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minपुरुष एवं वचन
कर्ता के तीनों पुरुषों और वचनों का ज्ञान कराना तथा क्रिया के साथ उनका संबंध समझाना।
Day 245 Minधातु रूप (लट् लकार)
वर्तमान काल की क्रियाओं (पठ्, गम्, खाद्) के रूप याद कराना और सरल वाक्य बनवाना।
Day 345 Minकारक एवं विभक्ति
कारक चिह्नों का परिचय और उनका संस्कृत अनुवाद में प्रयोग (प्रथमा से सप्तमी तक)।
Day 445 Minलृट् एवं लङ् लकार
भविष्यत् और भूतकाल के वाक्यों का अनुवाद अभ्यास कराना।
Day 545 Minमूल्यांकन एवं अभ्यास
विभिन्न प्रकार के मिश्रित वाक्यों का अनुवाद कार्य देकर छात्रों का मूल्यांकन करना।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

निम्नलिखित शब्दों के संस्कृत रूप लिखें: तुम, मैं, हम सब, वह।

उचित क्रियापद से रिक्त स्थान भरें: रामः पुस्तकं _______ (पठामि / पठति)।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

उपचारात्मक शिक्षण के पश्चात् एक 20 अंकों का नया अनुवाद परीक्षण लिया गया, जिसमें सभी 7 छात्रों ने भाग लिया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
राहुल7/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
मनीष5/2013/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“छात्रों को कर्ता और क्रिया के मिलान में सर्वाधिक कठिनाई हो रही थी। चार्ट और तालिकाओं के निरंतर अभ्यास से उनके अनुवाद कौशल में स्पष्ट सुधार हुआ है।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 22: संस्कृत से हिन्दी अनुवाद – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 8
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत वाक्यों का अर्थ समझकर हिन्दी में शुद्ध अनुवाद कर सकेंगे।
  • संस्कृत के अव्यय, सर्वनाम और संज्ञा शब्दों का हिन्दी अर्थ जान पाएंगे।
  • संस्कृत की वाक्य संरचना (SOV) और हिन्दी की वाक्य संरचना का तुलनात्मक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
  • विभिन्न लकारों में दिए गए वाक्यों का हिन्दी में काल अनुसार अनुवाद कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘सः अद्य न आगमिष्यति।’ का हिन्दी अर्थ क्या है? (अ) वह आज नहीं आएगा (ब) वह आज नहीं आया (स) वह आज नहीं आता है (द) वह कल नहीं आएगा

‘अहं संस्कृतं पठामि।’ का अनुवाद है- (अ) तुम संस्कृत पढ़ते हो (ब) हम संस्कृत पढ़ते हैं (स) मैं संस्कृत पढ़ता हूँ (द) वह संस्कृत पढ़ता है

‘वृक्षात् फलं पतति।’ का अर्थ है- (अ) पेड़ पर फल हैं (ब) पेड़ से फल गिरता है (स) पेड़ से पत्ते गिरते हैं (द) पेड़ के पास फल है

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

‘त्वं किं करोषि?’ का हिन्दी में अनुवाद करें।

‘अत्र एका वाटिका अस्ति।’ का हिन्दी अनुवाद करें।

‘सर्वे भवन्तु सुखिनः।’ का हिन्दी अर्थ लिखें।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (अ) वह आज नहीं आएगा

भाग अ – q2: (स) मैं संस्कृत पढ़ता हूँ

भाग अ – q3: (ब) पेड़ से फल गिरता है

भाग ब – q4: तुम क्या कर रहे हो?

भाग ब – q5: यहाँ एक बगीचा है।

भाग ब – q6: सभी सुखी हों।

part_c_q7: 1. राम ने रावण को मारा। 2. हम सब कल दिल्ली शहर जाएंगे। 3. विद्या विनय से सुशोभित होती है।

part_c_q8: 1. माता भोजन पकाती है। 2. छात्रो! शोर मत करो।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-206उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-157औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
वह आज नहीं आयावह आज नहीं आएगालकार (काल)लृट् लकार (भविष्यत् काल) को लङ् लकार (भूतकाल) समझना
हम संस्कृत पढ़ते हैंमैं संस्कृत पढ़ता हूँसर्वनाम अर्थ‘अहं’ का अर्थ ‘हम’ (बहुवचन) समझना
पेड़ पर फल हैंपेड़ से फल गिरता हैविभक्तिपंचमी विभक्ति (अपादान) का ज्ञान न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): अव्यय शब्द सूची, सर्वनाम चार्ट, संस्कृत-हिन्दी शब्दकोश

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minसर्वनाम एवं अव्यय
संस्कृत के सामान्य सर्वनामों (सः, सा, अहं, त्वं) और अव्ययों (अत्र, तत्र, अद्य, श्वः) के हिन्दी अर्थ याद कराना।
Day 245 Minलकार और काल
लट्, लृट्, लङ्, लोट् और विधिलिङ् लकारों के हिन्दी अर्थ की पहचान कराना।
Day 345 Minविभक्ति अर्थ
कारक चिह्नों के आधार पर संस्कृत वाक्यों का हिन्दी अर्थ निकालना सिखाना।
Day 445 Minवाक्य अभ्यास
छोटे-छोटे वाक्यों को समूहों में बाँटकर उनके अर्थ खोजने का अभ्यास।
Day 545 Minमूल्यांकन
छात्रों को अपठित वाक्यों का हिन्दी अनुवाद करने का कार्य देना।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

निम्नलिखित शब्दों के हिन्दी अर्थ लिखें: श्वः, कुत्र, किमर्थम्, अत्र।

सही अर्थ मिलाएँ: 1. पठिष्यति (अ) पढ़ता है 2. पठति (ब) पढ़ेगा।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

उपचारात्मक शिक्षण के उपरांत एक 20 अंकों का परीक्षण आयोजित किया गया जिसमें संस्कृत वाक्यों के अर्थ पूछे गए।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
कविता6/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
सोनू8/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“छात्र अव्यय शब्दों के अर्थ में अधिक भ्रांति में थे। शब्दार्थ चार्ट के दैनिक वाचन से उनकी शब्द संपदा और अनुवाद क्षमता में वृद्धि हुई है।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 23: अपठित गद्यांश – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 7
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र अपठित गद्यांश को पढ़कर उसका मूल भाव समझ सकेंगे।
  • गद्यांश में छिपे हुए उत्तरों को खोजकर लिखने में सक्षम होंगे।
  • संस्कृत व्याकरण (संधि, समास, प्रत्यय) का गद्यांश के संदर्भ में ज्ञान प्राप्त करेंगे।
  • गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक निर्धारित कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – गद्यांश पठन एवं बहुविकल्पीय प्रश्न (5 अंक)

गद्यांश के आधार पर: रामः कुत्र निवसति स्म? (अ) वने (ब) नगरे (स) ग्रामे (द) पर्वते

गद्यांश का उचित शीर्षक क्या हो सकता है? (अ) आदर्शः ग्रामः (ब) मम विद्यालयः (स) पर्यावरणम् (द) दीपावली

‘सुन्दरम्’ शब्द का विलोम गद्यांश में क्या है? (अ) कुरूपम् (ब) उत्तमम् (स) मधुरम् (द) नीचम्

भाग ब – एकपदेन उत्तरत (5 अंक)

ग्रामस्य नाम किम् अस्ति?

तत्र के निवसन्ति?

कृषकाः किं कुर्वन्ति?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (स) ग्रामे

भाग अ – q2: (अ) आदर्शः ग्रामः

भाग अ – q3: (अ) कुरूपम्

भाग ब – q4: रामपुरम्।

भाग ब – q5: जनाः / कृषकाः।

भाग ब – q6: कृषिकार्यम्।

part_c_q7: ग्रामस्य पर्यावरणं शुद्धं शान्तं च भवति।

part_c_q8: कर्ता पद – कृषकाः / जनाः, ‘ग्रामे’ पद में सप्तमी विभक्ति, एकवचन है।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-204उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-158औसत (Average)
C (Below 50%)0-98उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
पूर्ण वाक्य के स्थान पर केवल एक शब्द में उत्तर देनापूर्ण वाक्य में उत्तरप्रश्न समझनिर्देशों को ध्यान से न पढ़ना (एकपदेन और पूर्णवाक्येन का अंतर न समझना)
गलत कर्ता-क्रिया पहचानसही कर्ता पद का चयनभाषिक कार्यवाक्य में कर्ता और क्रिया के संबंध का ज्ञान न होना
विलोम शब्द के लिए हिन्दी शब्द लिखनागद्यांश में प्रयुक्त संस्कृत पद लिखनाशब्दावलीगद्यांश से ही उत्तर खोजने के नियम का पालन न करना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 8 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): संस्कृत गद्यांशों के मुद्रित पत्रक, रंगीन पेन (कर्ता-क्रिया छांटने के लिए)

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minनिर्देश वाचन
एकपदेन, पूर्णवाक्येन, भाषिक कार्यम् जैसे निर्देश शब्दों के अर्थ और उत्तर देने की विधि समझाना।
Day 245 Minउत्तर खोजना
प्रश्नवाचक शब्दों (किम्, कुत्र, कति, कदा) को गद्यांश के वाक्यों से मिलाकर उत्तर खोजना।
Day 345 Minशीर्षक चयन
गद्यांश के मूल विषय को समझकर 2-3 शब्दों में उचित शीर्षक लिखना सिखाना।
Day 445 Minभाषिक कार्यम्
गद्यांश से विशेषण-विशेष्य, कर्ता-क्रिया और विलोम/पर्यायवाची शब्द ढूँढने का अभ्यास।
Day 545 Minगद्यांश मूल्यांकन
एक नया सरल अपठित गद्यांश हल करने के लिए देना।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

प्रश्नवाचक शब्दों का अर्थ लिखें: कुत्र, कदा, कति, कथम्।

दिए गए गद्यांश में से विशेषण शब्द छाँटें (शिक्षक द्वारा लघु गद्यांश दिया जाए)।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

8 छात्रों को एक नया गद्यांश दिया गया जिसमें उन्हें एकपदेन और पूर्णवाक्येन प्रश्नों के उत्तर देने थे।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
अनीता7/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
सुरेश6/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“छात्रों को प्रश्नवाचक शब्दों का अर्थ समझने के बाद उत्तर खोजने में बहुत आसानी हुई। भाषिक कार्य में अभी और अभ्यास की आवश्यकता है।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 24: श्लोक व्याख्या एवं भावार्थ – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 9
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत श्लोकों का सस्वर वाचन कर सकेंगे।
  • श्लोक का अन्वय करना सीखेंगे।
  • श्लोक के कठिन शब्दों का अर्थ जानकर उसका भावार्थ अपनी भाषा में लिख सकेंगे।
  • सुभाषित श्लोकों से नैतिक शिक्षा प्राप्त कर जीवन में उतार सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘विद्या ददाति विनयम्’ में ‘विनयम्’ का क्या अर्थ है? (अ) धन (ब) नम्रता (स) सुख (द) रूप

‘काक चेष्टा बको ध्यानम्’ श्लोक किसके लिए है? (अ) शिक्षक (ब) सैनिक (स) विद्यार्थी (द) राजा

श्लोक के पदों को सही क्रम में रखने को क्या कहते हैं? (अ) भावार्थ (ब) अनुवाद (स) अन्वय (द) प्रसंग

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

अपनी पाठ्यपुस्तक से कोई एक श्लोक लिखें।

श्लोक के किसी एक पद का सन्धि विच्छेद करें (जैसे- परोपकाराय)।

‘परोपकाराय पुण्याय’ में कौन सी विभक्ति है?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) नम्रता

भाग अ – q2: (स) विद्यार्थी

भाग अ – q3: (स) अन्वय

भाग ब – q4: (छात्र द्वारा सही श्लोक लिखा जाना चाहिए)

भाग ब – q5: पर + उपकाराय

भाग ब – q6: चतुर्थी विभक्ति

part_c_q7: अन्वय: फलिनो वृक्षाः नमन्ति, गुणिनो जनाः नमन्ति। शुष्कवृक्षाः च मूर्खाः च कदाचन न नमन्ति। भावार्थ: फलों से लदे हुए वृक्ष झुक जाते हैं, गुणवान लोग भी नम्र होते हैं। परन्तु सूखे पेड़ और मूर्ख व्यक्ति कभी नहीं झुकते (नम्र नहीं होते)।

part_c_q8: शिक्षा: हमें जीवन में हमेशा गुणवान और नम्र होना चाहिए, मूर्खों की तरह अहंकार नहीं करना चाहिए।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-157औसत (Average)
C (Below 50%)0-98उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
श्लोक का सीधा अनुवाद लिख देनाअन्वय के साथ भावार्थ लिखनापद्धतिअन्वय का अर्थ और महत्व न समझना
गलत वर्तनी (जैसे- ‘नमन्ती’, ‘मुर्खा:’)नमन्ति, मूर्खाःवर्तनीश्लोक के उच्चारण और लेखन में अशुद्धि
विभक्ति पहचानने में गलतीपरोपकाराय में चतुर्थीव्याकरणशब्द रूप याद न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 8 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): श्लोकों के अन्वय चार्ट, सुभाषित ऑडियो क्लिप्स, शब्दार्थ कार्ड्स

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minसस्वर वाचन
श्लोकों का लय और ताल के साथ उच्चारण अभ्यास कराना ताकि वर्तनी दोष दूर हों।
Day 245 Minशब्दार्थ ज्ञान
श्लोक में आए कठिन शब्दों और उनके पर्यायवाची/विपरीतार्थक शब्दों का अर्थ बताना।
Day 345 Minअन्वय प्रक्रिया
कविता (पद्य) के शब्दों को वाक्य (गद्य) के क्रम (कर्ता-कर्म-क्रिया) में जमाना सिखाना।
Day 445 Minभावार्थ लेखन
अन्वय के आधार पर श्लोक का सरल हिन्दी अर्थ और उसका छिपा हुआ सन्देश लिखना।
Day 545 Minमूल्यांकन
एक नए सुभाषित श्लोक का अन्वय और भावार्थ लिखवाना।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

रिक्त स्थान भरकर अन्वय पूरा करें: ‘उद्यमेन हि सिध्यन्ति ______ न मनोरथैः।’

शब्दार्थ लिखें: गुणिनो, कदाचन, नमन्ति।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

छात्रों को एक श्लोक देकर उसका अन्वय और भावार्थ लिखने को कहा गया, जिसमें 8 में से 7 छात्रों ने सही अन्वय किया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
मीना6/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
पायल4/2012/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“अन्वय की प्रक्रिया को गणित के सूत्र की तरह समझाने से छात्रों की रुचि जाग्रत हुई और वे अब स्वयं शब्दों को क्रमबद्ध कर पा रहे हैं।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 25: संवाद एवं अनुच्छेद लेखन – For Class Class 6-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 8
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत में छोटे-छोटे वाक्यों का निर्माण कर संवाद कर सकेंगे।
  • छात्र मञ्जूषा (Help Box) की सहायता से रिक्त स्थानों की पूर्ति कर संवाद पूरा कर सकेंगे।
  • किसी दिए गए विषय (जैसे- मम विद्यालयः, धेनुः) पर संस्कृत में 5-7 वाक्यों का अनुच्छेद लिख सकेंगे।
  • रचनात्मक लेखन कौशल का विकास होगा।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

संवाद में ‘नमस्ते’ के लिए संस्कृत शब्द है- (अ) स्वागतम् (ब) नमो नमः (स) आगच्छ (द) तिष्ठ

‘भवान् किम् करोति?’ यह वाक्य किसके लिए प्रयुक्त होता है? (अ) स्त्रीलिंग (ब) पुल्लिङ्ग (स) नपुंसकलिंग (द) बहुवचन

अनुच्छेद लेखन में वाक्यों का क्रम कैसा होना चाहिए? (अ) उल्टा (ब) क्रमानुसार एवं तार्किक (स) कोई भी (द) केवल कठिन शब्द

भाग ब – संवाद पूर्ति (मञ्जूषा सहायता से) (5 अंक)

रामः – भवतः नाम ______? (अस्ति, किम्)

श्यामः – मम ______ श्यामः अस्ति। (नाम, ग्रामः)

रामः – भवान् कुत्र ______? (गच्छामि, गच्छति)

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) नमो नमः

भाग अ – q2: (ब) पुल्लिङ्ग

भाग अ – q3: (ब) क्रमानुसार एवं तार्किक

भाग ब – q4: किम्

भाग ब – q5: नाम

भाग ब – q6: गच्छति

part_c_q7: 1. अयम् मम विद्यालयः अस्ति। 2. मम विद्यालयः अतीव सुन्दरः अस्ति। 3. अत्र छात्राः पठन्ति क्रीडन्ति च।

part_c_q8: 1. धेनुः अस्माकं माता अस्ति। 2. सा मधुरं दुग्धं ददाति।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-204उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-156औसत (Average)
C (Below 50%)0-910उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
भवान् किम् गच्छामिभवान् किम् गच्छतिपुरुष/क्रिया‘भवान्’ के साथ प्रथम पुरुष की क्रिया लगती है, यह ज्ञान न होना
मम विद्यालयः अस्ति सुन्दरःमम विद्यालयः सुन्दरः अस्तिपदक्रमसंस्कृत वाक्य संरचना (SOV) का पालन न करना
मञ्जूषा के शब्दों का गलत जगह प्रयोगअर्थानुसार सही शब्द चयनअर्थ बोधमञ्जूषा के शब्दों का हिन्दी अर्थ न जानना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 10 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): संवाद के रोल-प्ले कार्ड्स, मञ्जूषा चार्ट, चित्र आधारित वाक्य निर्माण कार्ड्स

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minदैनिक संवाद शब्दावली
नमो नमः, सुप्रभातम्, कृपया, धन्यवादः आदि दैनिक व्यवहार के शब्दों का ज्ञान।
Day 245 Minभवान् / भवती का प्रयोग
पुल्लिङ्ग और स्त्रीलिंग में ‘आप’ के लिए शब्द और उनके साथ क्रिया का प्रयोग।
Day 345 Minमञ्जूषा से वाक्य पूर्ति
मञ्जूषा के शब्दों का अर्थ लिखकर उन्हें रिक्त स्थानों में भरने का अभ्यास।
Day 445 Minचित्र आधारित वाक्य निर्माण
एक चित्र दिखाकर (जैसे- विद्यालय) कर्ता और क्रिया जोड़कर छोटे वाक्य बनाना।
Day 545 Minमूल्यांकन
रोल प्ले (Role Play) के माध्यम से छात्रों से संस्कृत में संवाद करवाना और लघु अनुच्छेद लिखवाना।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

स्त्रीलिंग में ‘आप’ को संस्कृत में क्या कहते हैं?

मञ्जूषा से उचित शब्द चुनें: (पुत्रः, पिता) ______ आपणं गच्छति।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

10 छात्रों का जोड़े में संवाद परीक्षण लिया गया एवं ‘अस्माकं देशः’ पर 3 वाक्य लिखवाए गए।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
विकास7/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
रीता5/2013/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“रोल-प्ले विधि से छात्रों का संस्कृत बोलने का झिझक दूर हुआ है। अनुच्छेद लेखन में अभी भी कुछ वर्तनी अशुद्धियाँ हैं जिन्हें नियमित अभ्यास से सुधारा जाएगा।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 26: शब्दार्थ – For Class Class 1-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 6
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत के सामान्य शब्दों के हिन्दी अर्थ जान सकेंगे।
  • हिन्दी शब्दों के लिए संस्कृत पर्याय का ज्ञान प्राप्त करेंगे।
  • पशु, पक्षी, फल, और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के संस्कृत नाम याद कर सकेंगे।
  • शब्दों के लिंग (पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिंग, नपुंसकलिंग) की पहचान कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – बहुविकल्पीय प्रश्न (5 अंक)

‘काकः’ का हिन्दी अर्थ क्या है? (अ) कबूतर (ब) कौआ (स) कोयल (द) तोता

‘पुस्तकम्’ किस लिंग का शब्द है? (अ) पुल्लिङ्ग (ब) स्त्रीलिंग (स) नपुंसकलिंग (द) कोई नहीं

‘आम’ को संस्कृत में क्या कहते हैं? (अ) कदलीफलम् (ब) आम्रम् (स) दाडिमम् (द) सेवम्

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

‘गजः’ शब्द का अर्थ लिखें।

‘अश्वः’ का हिन्दी अर्थ क्या है?

‘लड़की’ को संस्कृत में क्या कहते हैं?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) कौआ

भाग अ – q2: (स) नपुंसकलिंग

भाग अ – q3: (ब) आम्रम्

भाग ब – q4: हाथी

भाग ब – q5: घोड़ा

भाग ब – q6: बालिका

part_c_q7: 1. मोर 2. चिड़िया 3. पानी

part_c_q8: 1. गृहम् 2. वृक्षः 3. पुष्पम् / कुसुमम्

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-206उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-158औसत (Average)
C (Below 50%)0-96उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
मयूरः = कबूतरमयूरः = मोरशब्दार्थपक्षियों के संस्कृत नामों में भ्रम
घर = घरोघर = गृहम्लिंग/प्रत्ययनपुंसकलिंग शब्दों के अंत में ‘म्’ लगाने का ज्ञान न होना
चटका = कौआचटका = चिड़ियाशब्दार्थशब्दावली का अभाव

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 6 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): चित्र सहित संस्कृत शब्दावली फ्लैशकार्ड्स, रंगीन चार्ट, स्मार्ट क्लास वीडियो

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minपशु-पक्षियों के नाम
चित्र दिखाकर पशुओं और पक्षियों के संस्कृत नामों का उच्चारण एवं स्मरण।
Day 245 Minफलों एवं सब्जियों के नाम
दैनिक जीवन में काम आने वाले फलों और सब्जियों के संस्कृत नाम सिखाना।
Day 345 Minशरीर के अंग
शरीर के विभिन्न अंगों (नेत्रम्, हस्तः, पादः) के नामों का ज्ञान।
Day 445 Minलिंग पहचान
विसर्ग (:), आ की मात्रा (ा) और हल् (म्) से पुल्लिङ्ग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग की पहचान।
Day 545 Minशब्द-चित्र मिलान खेल
खेल-खेल में फ्लैशकार्ड्स के माध्यम से शब्दों और चित्रों का मिलान करवाकर मूल्यांकन।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

चित्र देखकर संस्कृत नाम लिखें (चित्र: सेब, कमल)।

लिंग पहचानें: बालकः, लता, फलम्।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

चित्रों के माध्यम से एक 20 अंकों का टेस्ट लिया गया जिसमें छात्रों को संस्कृत नाम लिखने थे।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
राजू5/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
सीमा7/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“दृष्य सामग्री (Visual Aids) और फ्लैशकार्ड्स के उपयोग से छात्रों ने बहुत ही कम समय में संस्कृत के नए शब्द सीख लिए।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 27: रिक्त स्थान पूर्ति – For Class Class 1-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 5
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र वाक्यों के संदर्भ को समझकर उचित शब्द का चयन कर सकेंगे।
  • लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार सही क्रिया या कर्ता का प्रयोग कर सकेंगे।
  • मञ्जूषा (Help Box) का उपयोग करके वाक्यों को अर्थपूर्ण बना सकेंगे।
  • संस्कृत व्याकरण के व्यावहारिक प्रयोग में निपुण होंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – उचित पद चयन (5 अंक)

बालकः पुस्तकं ______। (पठति / पठतः)

अहं गृहं ______। (गच्छति / गच्छामि)

______ नमन्ति। (वृक्षाः / वृक्षः)

भाग ब – अव्यय पदों से पूर्ति (5 अंक)

सः ______ गच्छति। (कुत्र / किम्)

कच्छपः ______ चलति। (शनैः / उच्चैः)

सिंहः ______ गर्जति। (उच्चैः / नीचैः)

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: पठति

भाग अ – q2: गच्छामि

भाग अ – q3: वृक्षाः

भाग ब – q4: कुत्र

भाग ब – q5: शनैः

भाग ब – q6: उच्चैः

part_c_q7: 1. छात्राः 2. आकाशे

part_c_q8: 1. पत्राणि 2. दुग्धम्

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-207उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-156औसत (Average)
C (Below 50%)0-97उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
अहं गृहं गच्छतिअहं गृहं गच्छामिक्रिया/पुरुषउत्तम पुरुष के कर्ता (अहं) के साथ उत्तम पुरुष की क्रिया का ज्ञान न होना
कच्छपः उच्चैः चलतिकच्छपः शनैः चलतिअव्यय अर्थअव्यय शब्दों (शनैः, उच्चैः) का अर्थ न जानना
वृक्षात् दुग्धम् पतन्तिवृक्षात् पत्राणि पतन्तितार्किक अर्थवाक्य का अर्थ समझे बिना तुक्का लगाना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 7 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): कर्ता-क्रिया मिलान चक्र, अव्यय चित्र कार्ड्स, मञ्जूषा वर्कशीट

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minकर्ता और क्रिया का मिलान
सः-पठति, तौ-पठतः, ते-पठन्ति आदि कर्ता-क्रिया तालिका का अभ्यास।
Day 245 Minअव्यय शब्दों का अर्थ
चित्रों के माध्यम से शनैः (कछुआ), उच्चैः (शेर), अत्र, तत्र आदि का अर्थ समझाना।
Day 345 Minवाक्य का अर्थ समझना
रिक्त स्थान भरने से पूरे वाक्य का हिन्दी अर्थ निकालना सिखाना।
Day 445 Minमञ्जूषा का प्रयोग
मञ्जूषा के शब्दों पर क्रमांक डालकर उचित स्थान पर भरने की तकनीक सिखाना।
Day 545 Minकार्यपत्रक अभ्यास
विभिन्न प्रकार के रिक्त स्थानों वाली वर्कशीट हल करवाना।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

उचित शब्द चुनें: सा ______ (क्रीडति / क्रीडामि)।

अव्यय भरें: जलं ______ वहति। (नीचैः / श्वः)

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

एक नई वर्कशीट के माध्यम से 20 रिक्त स्थानों की पूर्ति का परीक्षण लिया गया।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
मोहित6/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
नेहा8/2017/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“छात्रों को कर्ता के अनुसार क्रिया चुनने का नियम समझ में आ गया है, जिससे रिक्त स्थान पूर्ति में उनकी गलतियाँ न के बराबर हो गई हैं।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 28: प्रश्नोत्तर लेखन – For Class Class 1-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 7
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत में पूछे गए प्रश्नों का उचित उत्तर दे सकेंगे।
  • प्रश्नवाचक शब्दों (किम्, कुत्र, कति, कथम्) का अर्थ समझ सकेंगे।
  • एकपदेन (एक शब्द में) और पूर्णवाक्येन (पूरे वाक्य में) उत्तर देने में अंतर कर सकेंगे।
  • पाठ्यपुस्तक के गद्यांशों और पद्यांशों पर आधारित प्रश्नों के सटीक उत्तर लिख सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘कति’ शब्द का अर्थ है- (अ) कहाँ (ब) कितने (स) कैसे (द) कब

‘कुत्र’ का प्रयोग किसके लिए होता है? (अ) समय (ब) स्थान (स) संख्या (द) कारण

प्रश्न निर्माण के लिए ‘रामः’ के स्थान पर क्या आएगा? (अ) का (ब) किम् (स) कः (द) कुत्र

भाग ब – एकपदेन उत्तरत (5 अंक)

भारतस्य राजधानी का अस्ति?

सप्ताह कति दिनानि भवन्ति?

विद्या किं ददाति?

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) कितने

भाग अ – q2: (ब) स्थान

भाग अ – q3: (स) कः

भाग ब – q4: नवदेहली

भाग ब – q5: सप्त

भाग ब – q6: विनयम्

part_c_q7: अस्माकं देशस्य नाम भारतवर्षम् अस्ति।

part_c_q8: वृक्षाः अस्मभ्यं फलानि, पुष्पाणि, छायां च यच्छन्ति।

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-157औसत (Average)
C (Below 50%)0-98उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
सप्ताह कुत्र दिनानि भवन्तिसप्ताह सप्त दिनानि भवन्तिप्रश्नवाचक अर्थ‘कति’ (कितने) का अर्थ न जानना
विद्या धन ददातिविद्या विनयम् ददातिविषयवस्तुश्लोक/पाठ का ज्ञान न होना
कः के स्थान पर किम् का प्रयोगपुल्लिङ्ग के लिए कःप्रश्न निर्माणप्रश्नवाचक सर्वनामों के लिंग का ज्ञान न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 8 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): प्रश्नवाचक शब्दों का फ्लैशकार्ड (किम्=क्या, कुत्र=कहाँ), किम् शब्द रूप चार्ट

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minप्रश्नवाचक शब्दों का परिचय
किम्, कुत्र, कदा, कति, कथम्, किमर्थम् का हिन्दी अर्थ और प्रयोग सिखाना।
Day 245 Minकिम् शब्द रूप
पुल्लिङ्ग (कः, कौ, के), स्त्रीलिंग (का, के, काः) और नपुंसकलिंग (किम्, के, कानि) का ज्ञान।
Day 345 Minएकपदेन उत्तर
प्रश्न में से प्रश्नवाचक शब्द को हटाकर केवल उत्तर वाला शब्द लिखना सिखाना।
Day 445 Minपूर्णवाक्येन उत्तर
प्रश्न के ढाँचे का उपयोग करते हुए पूरे वाक्य में उत्तर लिखने का अभ्यास।
Day 545 Minमूल्यांकन
पाठ्यपुस्तक के किसी पाठ से 5 प्रश्न पूछकर लिखित मूल्यांकन करना।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

अर्थ मिलाएँ: कति – कहाँ, कुत्र – कितने, कदा – कब।

प्रश्न निर्माण करें: रामः (कः / का) पुस्तकं पठति।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

शिक्षक द्वारा 20 अंकों का एक नया प्रश्नोत्तर परीक्षण लिया गया जिसमें छात्रों ने 85% एक्यूरेसी दिखाई।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
सुनीता6/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
कोमल8/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“प्रश्नवाचक शब्दों का अर्थ स्पष्ट होने से छात्र अब यह समझ पाते हैं कि प्रश्न में समय (कदा) पूछा गया है या स्थान (कुत्र)। इससे उत्तर सटीकता बढ़ी है।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 29: मिश्रित व्याकरण अभ्यास – For Class Class 1-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 8
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संधि, समास, कारक, और प्रत्यय आदि व्याकरणिक नियमों का ज्ञान प्रदर्शित कर सकेंगे।
  • दिए गए शब्दों में प्रयुक्त उपसर्ग और प्रत्यय अलग कर सकेंगे।
  • शब्द रूप एवं धातु रूप का सही प्रयोग कर सकेंगे।
  • व्याकरण के नियमों को वाक्यों में लागू कर वाक्यों को शुद्ध कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (5 अंक)

‘हिमालयः’ में कौन सी सन्धि है? (अ) गुण (ब) दीर्घ (स) यण् (द) वृद्धि

‘पठित्वा’ पद में कौन सा प्रत्यय है? (अ) तुमुन् (ब) क्त्वा (स) ल्यप् (द) शतृ

‘प्रतिदिनम्’ में कौन सा समास है? (अ) अव्ययीभाव (ब) तत्पुरुष (स) द्वन्द्व (द) बहुव्रीहि

भाग ब – अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (5 अंक)

‘रमेशः’ का सन्धि विच्छेद करें।

‘आगच्छति’ पद में कौन सा उपसर्ग है?

‘गन्तुम्’ पद में प्रयुक्त धातु और प्रत्यय बताएँ।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (ब) दीर्घ

भाग अ – q2: (ब) क्त्वा

भाग अ – q3: (अ) अव्ययीभाव

भाग ब – q4: रमा + ईशः

भाग ब – q5: आ (आङ्)

भाग ब – q6: गम् धातु + तुमुन् प्रत्यय

part_c_q7: 1. भवान् कुत्र गच्छति? 2. वृक्षात् पत्राणि पतन्ति।

part_c_q8: 1. बालकेन 2. पठन्तु

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-204उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-156औसत (Average)
C (Below 50%)0-910उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
हिमालयः में गुण सन्धिदीर्घ सन्धि (हिम+आलयः)सन्धिस्वरों के मेल का नियम स्पष्ट न होना
पठित्वा में ल्यप् प्रत्ययक्त्वा प्रत्ययप्रत्ययक्त्वा और ल्यप् का अंतर (उपसर्ग होने पर ल्यप्) न जानना
भवान् कुत्र गच्छसि को शुद्ध न कर पानाभवान् कुत्र गच्छतिवाक्य शुद्धि‘भवान्’ के साथ प्रथम पुरुष का प्रयोग भूल जाना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 10 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): सन्धि नियम चार्ट, प्रत्यय तालिका (क्त्वा, ल्यप्, तुमुन्), उपसर्गों की सूची

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minसन्धि ज्ञान
स्वर सन्धि (दीर्घ, गुण, वृद्धि) के नियमों का सरल सूत्रों द्वारा अभ्यास।
Day 245 Minप्रत्यय परिचय
कृदन्त प्रत्यय (क्त्वा, तुमुन्, ल्यप्) का धातु के साथ जुड़ने का नियम और अर्थ।
Day 345 Minउपसर्ग ज्ञान
22 उपसर्गों का परिचय और धातु के आगे लगकर अर्थ बदलने के उदाहरण (हार, प्रहार, आहार)।
Day 445 Minअशुद्धि संशोधन
कर्ता-क्रिया और कारक आधारित सामान्य अशुद्धियों को पहचानने और ठीक करने का अभ्यास।
Day 545 Minव्याकरण क्विज
समूहों में बाँटकर व्याकरण के नियमों पर आधारित एक मौखिक और लिखित क्विज का आयोजन।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

सन्धिविच्छेद करें: विद्यालयः, गणेशः।

प्रत्यय अलग करें: लिखित्वा, पातुम्।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

एक 20 अंकों का मिश्रित व्याकरण टेस्ट लिया गया जिसमें सन्धिविच्छेद, प्रत्यय और वाक्य शुद्धि के प्रश्न थे।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
सुरेश6/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
कमलेश8/2015/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“व्याकरण के नियमों को रटाने के बजाय उदाहरणों (Examples) के माध्यम से समझाने पर छात्रों ने अधिक रुचि ली और वे प्रत्ययों को आसानी से अलग कर पा रहे हैं।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

📘 Topic 30: संस्कृत पठन एवं उच्चारण कौशल – For Class Class 1-10

1. छात्र रूपरेखा (Student Profile)

विद्यालय का नाम:राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयकक्षा (Target Class):कक्षा 6
परीक्षण के लिए चयनित छात्र:20परीक्षण की प्रकृति:निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test – Oral)

2. अधिगम उद्देश्य (Learning Objectives)

  • छात्र संस्कृत गद्यांश और पद्यांश का स्पष्ट एवं शुद्ध उच्चारण कर सकेंगे।
  • विसर्ग (:), अनुस्वार (ं), और हलन्त (्) का सही उच्चारण कर सकेंगे।
  • श्लोकों का सस्वर (लय, ताल, यति के साथ) वाचन कर सकेंगे।
  • संस्कृत पठन में आत्मविश्वास विकसित कर सकेंगे।

3. निदानात्मक परीक्षण पत्र (Diagnostic Test Paper – 20 Marks)

निर्देश (Instructions): सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के सम्मुख उसके अंक अंकित हैं।

भाग अ – वर्णमाला एवं ध्वनि उच्चारण (5 अंक)

शिक्षक द्वारा सुने गए वर्णों (ऋ, ऌ, श, ष, स) का उच्चारण करें। (मौखिक)

विसर्ग युक्त शब्दों (रामः, बालकः) का उच्चारण करें।

अनुस्वार युक्त शब्दों (पुस्तकं, जलं) का उच्चारण करें।

भाग ब – गद्यांश पठन (5 अंक)

पाठ्यपुस्तक के किसी सरल गद्यांश की 3 पंक्तियाँ पढ़कर सुनाएँ।

कठिन शब्दों (जैसे- उड्डयन्ते, प्रच्छन्नम्) का विच्छेद करके पढ़ें।

विराम चिह्नों का ध्यान रखते हुए पठन करें।

4. उत्तर कुंजी (Answer Key)

भाग अ – q1: (छात्र द्वारा सही उच्चारण का अवलोकन)

भाग अ – q2: (विसर्ग ध्वनि ‘ह’ की तरह उच्चारित होनी चाहिए)

भाग अ – q3: (अनुस्वार ध्वनि ‘म’ या नासिका से आनी चाहिए)

भाग ब – q4: (पठन प्रवाह और स्पष्टता का मूल्यांकन)

भाग ब – q5: (उद्-ड-यन्-ते की तरह खंडित करके पढ़ना)

भाग ब – q6: (पूर्णविराम पर रुकना)

part_c_q7: (लय, ताल और स्मृति का मूल्यांकन)

part_c_q8: (नए शब्दों के उच्चारण की क्षमता का परीक्षण)

5. परिणाम विश्लेषण (Result Analysis)

परीक्षण के बाद 20 छात्रों के प्राप्तांकों का विश्लेषण करके उन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया:

श्रेणी (Category)प्राप्तांक का दायराछात्रों की संख्याअधिगम स्तर की स्थिति
A (80-100%)16-205उत्कृष्ट (Excellent)
B (50-79%)10-156औसत (Average)
C (Below 50%)0-99उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक

6. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis Table)

अशुद्ध तथ्य/धारणा (Student’s Error)शुद्ध तथ्य (Correct Fact)त्रुटि का प्रकार (Nature of Error)कारण (Cause)
रामः को राम पढ़नारामह (विसर्ग ध्वनि के साथ)विसर्ग उच्चारणविसर्ग को अनदेखा करना या उसका उच्चारण न जानना
श और ष को स पढ़नातीनों ‘स’ का अलग उच्चारणवर्ण उच्चारणतालव्य, मूर्धन्य और दन्त्य सकार में भेद न कर पाना
लम्बे शब्दों को न पढ़ पानाशब्द को तोड़कर पढ़नाप्रवाहहलन्त और संयुक्त अक्षरों का ज्ञान न होना

7. 5-दिवसीय उपचारात्मक शिक्षण योजना (Remedial Teaching Plan)

उपचारात्मक समूह: श्रेणी C के 9 छात्र

शिक्षण सहायक सामग्री (TLM): संस्कृत वर्णमाला उच्चारण चार्ट, ऑडियो क्लिप्स, मिरर (दर्पण) तकनीक

दिन (Day)समयशिक्षण गतिविधि (Teaching Activity)
Day 145 Minश, ष, स उच्चारण
तीनों ‘स’ के उच्चारण स्थान (तालु, मूर्धा, दाँत) समझाना और बोलकर अभ्यास कराना।
Day 245 Minविसर्ग और अनुस्वार
अः (ह) और अं (म) की ध्वनि का अभ्यास कराना (जैसे- नमः, सत्यं)।
Day 345 Minसंयुक्त अक्षर पठन
कठिन और लम्बे शब्दों को छोटे-छोटे टुकड़ों (Syllables) में तोड़कर पढ़ना सिखाना।
Day 445 Minगद्यांश पठन अभ्यास
छात्रों से समूह में और फिर व्यक्तिगत रूप से पाठ का सस्वर वाचन करवाना।
Day 545 Minश्लोक गान प्रतियोगिता
कक्षा में लघु श्लोक गायन प्रतियोगिता आयोजित कर मूल्यांकन करना।

8. उपचारात्मक कार्यपत्रक (Remedial Worksheet)

छात्र अभ्यास हेतु (For Student Practice):

इनका उच्चारण करें: शशकः, षट्कोणः, सर्पः।

तोड़कर पढ़ें: तस्यामेव, किञ्चिदपि।

9. पॉस्ट-टेस्ट मूल्यांकन (Post Test Assessment)

उपचारात्मक शिक्षण के बाद छात्रों का व्यक्तिगत मौखिक परीक्षण (Oral Test) लिया गया जिसमें उच्चारण की शुद्धता जांची गई।

10. सुधार रिपोर्ट (Improvement Report Card)

छात्र का नाम/कोडप्री-टेस्टपॉस्ट-टेस्टग्राफ़ (Progress)वास्तविक सुधार स्थिति (Remarks)
अमित5/2014/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल
सपना7/2016/20
🔴 Pre | 🟢 Post
सफल

11. शिक्षक आत्म-चिन्तन (Teacher Reflection)

शिक्षक की डायरी से स्व-मूल्यांकन:

“ऑडियो विजुअल एड्स और सामूहिक सस्वर वाचन से छात्रों का उच्चारण संबंधी संकोच दूर हुआ है। अब वे विसर्ग का उच्चारण स्पष्ट करপ্রিয় कर रहे हैं।”

* This section is a part of the complete B.Ed/D.El.Ed Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching internship diary.

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Sanskrit निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test) क्या है?

Sanskrit निदानात्मक परीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा शिक्षक यह पता लगाते हैं कि छात्रों को संस्कृत व्याकरण, शब्द रूप, धातु रूप और अनुवाद समझने में कहाँ और क्यों कठिनाई आ रही है।

Q2. उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) क्यों आवश्यक है?

निदानात्मक परीक्षण से प्राप्त कमियों (Learning Gaps) को दूर करने और छात्र के संस्कृत पठन, लेखन एवं उच्चारण कौशल को सुधारने के लिए उपचारात्मक शिक्षण आवश्यक है।

Q3. B.Ed / D.El.Ed की इस फाइल में कितने Topics शामिल हैं?

इस मास्टर फाइल में संस्कृत के 30 सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स (जैसे- संधि, समास, कारक, अनुवाद, श्लोक व्याख्या) शामिल हैं। हर टॉपिक को 11 पॉइंट्स में विस्तार से समझाया गया है।

Q4. How to download Sanskrit Diagnostic Test PDF?

You can easily download the fully solved 100% accurate PDF for the Sanskrit Diagnostic Test and Remedial Teaching file by clicking the green download button in the download section above.

Q5. Is this Sanskrit Remedial Teaching Diary useful for both B.Ed and D.El.Ed/BSTC students?

Yes, this diagnostic and remedial teaching diary is carefully designed to meet the internship requirements of both B.Ed and D.El.Ed (BSTC) students, covering the complete primary and secondary school syllabus.

Q6. B.Ed डायरी में उपचारात्मक शिक्षण के लिए कौन-कौन सी गतिविधियाँ शामिल की जा सकती हैं?

संस्कृत उपचारात्मक शिक्षण में श्लोक गायन, फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), व्याकरण चार्ट्स (Grammar Charts), संस्कृत कथा वाचन और अभ्यास कार्यपत्रक (Worksheets) जैसी गतिविधियाँ शामिल की जाती हैं।

Q7. How to write Error Analysis (त्रुटि विश्लेषण) in Sanskrit Remedial Diary?

In the Error Analysis section, you need to write the incorrect spelling, grammar, or pronunciation produced by students, identify the exact type of error (e.g., Visarga or Halant mistake), and explain the reason why the student made that mistake.

Official Study Material Reference

This Sanskrit Diagnostic Test & Remedial Teaching practical file has been meticulously prepared in strict adherence to the latest curriculum and syllabus guidelines prescribed by RBSE and NCERT.

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Disclaimer: This diagnostic test file is provided for educational and reference purposes to help B.Ed and D.El.Ed interns in preparing their practical diaries. Students are advised to adapt the content according to their specific school assignments and university guidelines.