30+ D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans (Class 1-5) PDF Download | हिंदी पाठ योजना

30+ D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plan PDF (Class 1-5)
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30+ D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans (Class 1-5)

प्राथमिक कक्षा 1 से 5 के लिए 30+ D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans PDF Download Free (पद्य, गद्य, व्याकरण) एकदम मुफ्त। Activity-based teaching approach for Primary classes.

D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans

D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans PDF Download Free — प्रारंभिक शिक्षा (Primary Education) में छोटे बच्चों को हिंदी भाषा सिखाने के लिए ‘खेल विधि’ (Play-way method) और गतिविधियों (Activities) का प्रयोग करना सबसे उत्तम माना जाता है। इसलिए JBT, BTC, DIET और BSTC के छात्र-अध्यापकों के लिए हमने कक्षा 1 से 5 की NCERT/SCERT किताबों पर आधारित 30 अत्यंत प्रभावी पाठ योजनाएँ (Lesson Plans) तैयार की हैं।

यहाँ आपको हिंदी के तीनों मुख्य भागों— पद्य (कविता शिक्षण), गद्य (कहानी शिक्षण), और व्याकरण शिक्षण की 10-10 बेहतरीन पाठ योजनाएँ मिलेंगी। आप इन्हें सीधे अपनी इंटर्नशिप डायरी (Internship Diary) में उतार सकते हैं।

📑 D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans Navigation

🅰️ पद्य / कविता शिक्षण (Poetry)

🅱️ गद्य / कहानी व निबंध शिक्षण (Prose)

Ⓒ व्याकरण शिक्षण (Grammar)

D.El.Ed Hindi Lesson Plan 1: पाठ योजना क्रमांक – 1

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 2
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: तितली और कली
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘तितली और कली’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘तितली और कली’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘तितली और कली’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.बच्चों, आप बगीचे में क्या-क्या देखते हैं?पेड़, पौधे, फूल, आदि।
2.फूलों के ऊपर कौन मंडराता है?भंवरे और तितलियाँ।
3.तितली दिखने में कैसी होती है?बहुत सुंदर और रंग-बिरंगी।
4.तितली कहाँ बैठना पसंद करती है?फूलों और कलियों पर।
5.तितली और कली के बारे में आप और क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘तितली और कली’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक बच्चों को चार्ट की मदद से तितली और कली की कहानी सुनाएगा। ‘हरी डाल पर लगी हुई थी, नन्ही सुंदर एक कली।’बच्चे चार्ट को उत्सुकता से देखेंगे और कविता के भाव को समझेंगे।हरी डाल = हरे रंग की शाखा
नन्ही = छोटी

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. तितली कली के पास क्यों गई थी?
  2. कविता में कली को कैसा बताया गया है?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

तितली का चित्र बनाकर उसमें रंग भरें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 2: पाठ योजना क्रमांक – 2

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 4
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: मन के भोले-भाले बादल
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘मन के भोले-भाले बादल’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘मन के भोले-भाले बादल’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘मन के भोले-भाले बादल’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.बच्चों, जब आसमान में बारिश होने वाली होती है, तो आसमान कैसा दिखता है?काला और बादलों से भरा हुआ।
2.बादल कौन-कौन से रंग के होते हैं?सफ़ेद, काले, और भूरे।
3.क्या आसमान में सभी बादल एक जैसे आकार के होते हैं?नहीं, सब अलग-अलग आकार के होते हैं।
4.बादलों को देखकर आपको किस-किस की आकृति नज़र आती है?हाथी, घोड़े, शेर जैसी।
5.‘मन के भोले-भाले बादल’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘मन के भोले-भाले बादल’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक बादलों के आकार का फ्लैशकार्ड दिखाते हुए कविता की व्याख्या करेगा—’झब्बर-झब्बर बालों वाले, गुब्बारे से गालों वाले…’बच्चे बादलों की तुलना गुब्बारों और जोकर से होते हुए सुनकर हँसेंगे और समझेंगे।झब्बर = घुंघराले
भोले-भाले = सीधे-सादे

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. बादलों के गाल कैसे बताए गए हैं?
  2. बादल किसकी तरह सूंड उठाए हैं?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

आसमान में दिखने वाले बादलों का एक सुंदर चित्र बनाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 3: पाठ योजना क्रमांक – 3

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 5
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: खिलौनेवाला
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘खिलौनेवाला’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘खिलौनेवाला’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘खिलौनेवाला’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.बच्चों, जब आप मेले में जाते हैं, तो क्या-क्या खरीदते हैं?मिठाई, गुब्बारे, खिलौने।
2.खिलौने बेचने वाले को हम क्या कहते हैं?खिलौनेवाला।
3.खिलौनेवाले के पास कौन-कौन से खिलौने होते हैं?मोटर गाड़ी, रेल, गुड़िया, आदि।
4.आपका पसंदीदा खिलौना कौन सा है?(छात्र अपने-अपने खिलौने का नाम बताएंगे)
5.‘खिलौनेवाला’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘खिलौनेवाला’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक खिलौनों के छोटे-छोटे मॉडल (TLM) दिखाते हुए कविता का भावार्थ स्पष्ट करेगा।बच्चे खिलौनों को देखकर खुश होंगे और कविता के अर्थ को ध्यान से सुनेंगे।मचल-मचल = ज़िद करना
मोटर = गाड़ी

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. खिलौनेवाले के पास कौन-सी रंग की मोटर है?
  2. बच्चा कौन सा खिलौना लेना चाहता है?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

अपने 5 मनपसंद खिलौनों के नाम और उनके चित्र कॉपी में बनाकर लाएं।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 4: पाठ योजना क्रमांक – 4

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 1-2
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: चंदा मामा दूर के
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘चंदा मामा दूर के’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘चंदा मामा दूर के’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘चंदा मामा दूर के’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.रात के समय आसमान में क्या-क्या चमकता है?तारे और चाँद।
2.चाँद को हम प्यार से क्या कहते हैं?चंदा मामा।
3.चंदा मामा कहाँ रहते हैं?बहुत दूर आसमान में।
4.चंदा मामा के साथ आसमान में और कौन होता है?बहुत सारे तारे।
5.‘चंदा मामा दूर के’ बालगीत के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘चंदा मामा दूर के’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक ‘चंदा मामा’ का एक्शन (Actions) करते हुए बच्चों को कविता गाकर सुनाएगा।सभी बच्चे छात्राध्यापक के साथ-साथ एक्शन करते हुए कविता गाएंगे।चंदा = चाँद
पूर = पकवान

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. चंदा मामा कहाँ के हैं?
  2. चंदा मामा बच्चों को क्या खिलाते हैं?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

चाँद और तारों का चित्र बनाएँ और रंग भरें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 5: पाठ योजना क्रमांक – 5

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 2
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: सूरज जल्दी आना जी
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘सूरज जल्दी आना जी’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘सूरज जल्दी आना जी’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘सूरज जल्दी आना जी’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.सुबह हमें रोशनी कहाँ से मिलती है?सूरज से।
2.सूरज निकलने पर कैसा लगता है?चारों तरफ उजाला हो जाता है।
3.सर्दियों में हमें क्या बहुत अच्छा लगता है?सूरज की धूप।
4.अगर कई दिनों तक सूरज न निकले तो क्या होगा?बहुत ठण्ड लगेगी और अँधेरा लगेगा।
5.‘सूरज जल्दी आना जी’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘सूरज जल्दी आना जी’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक धूप और ठण्ड का अभिनय (Acting) करते हुए कविता का सरल अर्थ बताएगा।बच्चे ध्यानपूर्वक सुनेंगे और सर्दी में धूप के महत्व को समझेंगे।कुहासा = कोहरा (Fog)
टिकना = रुकना

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. कविता में किससे जल्दी आने के लिए कहा गया है?
  2. चारों तरफ क्या छाया हुआ है?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

सूरज उगते हुए (Sunrise) का चित्र अपनी कॉपी में बनायें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 6: पाठ योजना क्रमांक – 6

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 3
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: हम भी चिड़िया बन जाते
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘हम भी चिड़िया बन जाते’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘हम भी चिड़िया बन जाते’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘हम भी चिड़िया बन जाते’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.आसमान में कौन-कौन उड़ता है?पक्षी, चिड़िया, हवाई जहाज़।
2.चिड़िया कैसे उड़ती है?अपने पंखों की मदद से।
3.अगर आपके पंख होते तो आप क्या करते?हम भी आसमान में उड़ते।
4.आप उड़कर कहाँ-कहाँ जाते?पेड़ों पर, बादलों में।
5.‘हम भी चिड़िया बन जाते’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘हम भी चिड़िया बन जाते’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक चिड़िया की तरह पंख फड़फड़ाने का अभिनय करते हुए कविता पढ़ाएगा।छात्र चिड़िया के जीवन की आज़ादी के बारे में जानेंगे और आनंद लेंगे।डाल = पेड़ की टहनी
नभ = आसमान

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. कविता में बच्चे क्या बनना चाहते हैं?
  2. चिड़िया बनकर बच्चे कहाँ उड़ना चाहते हैं?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

अपनी मनपसंद चिड़िया के बारे में 3 लाइनें लिखकर लाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 7: पाठ योजना क्रमांक – 7

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 2
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: रिमझिम बरस रहा है पानी
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘रिमझिम बरस रहा है पानी’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘रिमझिम बरस रहा है पानी’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘रिमझिम बरस रहा है पानी’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.जब हमें बहुत गर्मी लगती है, तो हम किस मौसम का इंतज़ार करते हैं?बारिश (वर्षा) का।
2.बारिश के मौसम में पानी कैसे बरसता है?रिमझिम-रिमझिम।
3.बारिश में आप लोग क्या-क्या करते हैं?नहाते हैं, कागज़ की नाव चलाते हैं।
4.बारिश होने पर चारो तरफ कैसा हो जाता है?सब कुछ हरा-भरा हो जाता है।
5.‘रिमझिम बरस रहा है पानी’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘रिमझिम बरस रहा है पानी’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक बारिश की आवाज़ (पिटर-पैटर) निकालकर कविता का सस्वर वाचन करेगा।छात्र पानी बरसने और कागज़ की नाव चलाने की कल्पना करेंगे।रिमझिम = हल्की बारिश
ताल-तलैया = छोटे तालाब

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. कविता में पानी कैसे बरस रहा है?
  2. बच्चे पानी में क्या चला रहे हैं?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

बारिश के मौसम का एक सुंदर सा चित्र बनाकर लाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 8: पाठ योजना क्रमांक – 8

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 4
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: छोटी सी हमारी नदी
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘छोटी सी हमारी नदी’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘छोटी सी हमारी नदी’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘छोटी सी हमारी नदी’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.हमारे गाँव या शहर के पास से क्या बहती है?नदी, नहर।
2.नदी में क्या होता है?बहुत सारा पानी और मछलियाँ।
3.गर्मियों में नदी का पानी कैसा हो जाता है?कम हो जाता है।
4.नदी के किनारे लोग क्या-क्या करते हैं?नहाते हैं, कपड़े धोते हैं।
5.‘छोटी सी हमारी नदी’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘छोटी सी हमारी नदी’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक नदी के चित्र (Chart) के माध्यम से कविता में ग्रामीण जीवन का वर्णन करेगा।विद्यार्थी नदी और गाँव के सुंदर वातावरण को कविता के माध्यम से समझेंगे।धार = पानी का बहाव
किनारा = तट

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. कविता में नदी कैसी बताई गई है?
  2. गर्मियों में नदी में कितना पानी रहता है?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

नदी के क्या-क्या उपयोग हैं, लिखकर लाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 9: पाठ योजना क्रमांक – 9

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 4
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: पड़क्कू की सूझ
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘पड़क्कू की सूझ’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘पड़क्कू की सूझ’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘पड़क्कू की सूझ’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.जो बच्चा दिन-रात पढ़ता रहता है, उसे क्या कहते हैं?पड़ाकू / पड़क्कू।
2.पड़क्कू बच्चे कैसे होते हैं?बहुत होशियार और तेज़।
3.क्या वे हर बात में अपना दिमाग लगाते हैं?हाँ, बहुत सवाल पूछते हैं।
4.पुराने समय में तेल निकालने के लिए किसका प्रयोग होता था?कोल्हू के बैल का।
5.‘पड़क्कू की सूझ’ नामक मज़ेदार कविता के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘पड़क्कू की सूझ’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक हास्यपूर्ण (Funny) तरीके से पड़क्कू और बैल के मालिक की बातचीत की व्याख्या करेगा।बच्चे पड़क्कू की अजीबोगरीब सोच को सुनकर बहुत हँसेंगे।मंतिख = तर्कशास्त्र / लॉजिक
कोल्हू = तेल निकालने का यंत्र

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. पड़क्कू क्या पढ़ता था?
  2. पड़क्कू ने बैल के मालिक से क्या सवाल पूछा?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

कोल्हू के बैल की तरह काम करने का क्या मतलब है? अपने शब्दों में लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 10: पाठ योजना क्रमांक – 10

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 5
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: पद्य (कविता)
प्रकरण: बाघ आया उस रात
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों के शब्द भंडार व सूक्ति भंडार में वृद्धि करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, पठन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘बाघ आया उस रात’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कविता/कहानी के भाव को समझ सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कविता/कहानी के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कविता का सस्वर वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कविताओं/कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में प्रकृति, जानवरों और अपने आस-पास के परिवेश के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘बाघ आया उस रात’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और अन्य गतिविधि आधारित सामग्री (Activity Material)।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

वाचन विधि, खेल विधि (Play-way Method), और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश और ‘बाघ आया उस रात’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.जंगल का राजा कौन होता है?शेर।
2.शेर के जैसा ही एक और खूंखार जानवर कौन सा होता है जिसके शरीर पर धारियां होती हैं?बाघ (Tiger)।
3.अगर रात के समय गाँव में बाघ आ जाए तो क्या होगा?सब लोग डर जाएंगे।
4.बाघ दिखने में कैसा होता है?पीले रंग का और उस पर काली धारियां होती हैं।
5.‘बाघ आया उस रात’ कविता के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘बाघ आया उस रात’ नामक पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और इसके साथ कई मज़ेदार गतिविधियां भी करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक कविता/गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचन (गतिविधि)छात्राध्यापक कुछ छात्रों से कविता का एक्शन (Actions) के साथ अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार हाव-भाव के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक डरावनी और रहस्यमयी आवाज़ में कविता का वाचन करेगा। ‘वो इधर से निकला, उधर चला गया…’छात्र बाघ के आने के डर और बच्चों की बातचीत को महसूस करेंगे।बाघ = एक जंगली जानवर
भयानक = डरावना

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. कविता में बाघ कब आया था?
  2. छोटू ने बाघ को कहाँ देखा था?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

जंगली जानवरों से हमें क्यों सावधान रहना चाहिए? 5 लाइनें लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 11: पाठ योजना क्रमांक – 11

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 1-2
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (कहानी)
प्रकरण: प्यासा कौआ (चित्रकथा)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘प्यासा कौआ (चित्रकथा)’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘प्यासा कौआ (चित्रकथा)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘प्यासा कौआ (चित्रकथा)’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.प्यास लगने पर हम क्या पीते हैं?पानी।
2.पानी हमें कहाँ-कहाँ से मिलता है?नदी, कुआँ, तालाब, मटके से।
3.काले रंग का कौन सा पक्षी ‘काँव-काँव’ करता है?कौआ।
4.अगर कौए को बहुत तेज़ प्यास लगे और पानी कम हो, तो वह क्या करेगा?पानी की तलाश करेगा।
5.‘प्यासा कौआ’ कहानी के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘प्यासा कौआ (चित्रकथा)’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक चार्ट के माध्यम से कहानी सुनाएगा—एक कौआ था, उसे प्यास लगी थी, मटके में पानी कम था। उसने कंकड़ डालकर पानी ऊपर किया और पिया।बच्चे कौए की बुद्धिमानी को समझेंगे और कहानी को ध्यान से सुनेंगे।प्यास = पानी पीने की इच्छा
कंकड़ = छोटे पत्थर

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. कौए को घड़े में क्या दिखाई दिया?
  2. कौए ने घड़े में क्या डाला?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

इस कहानी से हमें क्या शिक्षा मिलती है? (जहाँ चाह, वहाँ राह)

Part of our 180+ free D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans collection.

D.El.Ed Hindi Lesson Plan 12: पाठ योजना क्रमांक – 12

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 2-3
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (कहानी)
प्रकरण: कछुआ और खरगोश (नैतिक शिक्षा)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘कछुआ और खरगोश (नैतिक शिक्षा)’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘कछुआ और खरगोश (नैतिक शिक्षा)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘कछुआ और खरगोश (नैतिक शिक्षा)’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.जंगल में बहुत सारे जानवर रहते हैं, कुछ तेज़ भागते हैं और कुछ धीरे। तेज़ भागने वाला जानवर कौन है?चीता, खरगोश आदि।
2.और बहुत धीरे चलने वाला जानवर कौन है?कछुआ, घोंघा।
3.अगर खरगोश और कछुए की दौड़ (Race) हो जाए, तो कौन जीतेगा?खरगोश जीतेगा।
4.लेकिन क्या हमेशा खरगोश ही जीतता है?नहीं।
5.‘कछुआ और खरगोश’ की कहानी में क्या होता है?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘कछुआ और खरगोश (नैतिक शिक्षा)’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक खरगोश और कछुए के पपेट्स (Puppets) का प्रयोग करके कहानी सुनाएगा कि कैसे घमंडी खरगोश सो गया और धीरे चलने वाला कछुआ रेस जीत गया।छात्र कहानी में रूचि लेंगे और सीखेंगे कि हमें कभी घमंड नहीं करना चाहिए।घमंड = अभिमान
विजेता = जीतने वाला

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. खरगोश को किस बात का घमंड था?
  2. रेस में आख़िरकार कौन जीता?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है? 2 पंक्तियाँ लिखकर लाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 13: पाठ योजना क्रमांक – 13

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 3
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (कहानी)
प्रकरण: शेखीबाज़ मक्खी
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘शेखीबाज़ मक्खी’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘शेखीबाज़ मक्खी’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘शेखीबाज़ मक्खी’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.जंगल का राजा कौन होता है?शेर।
2.शेर से सब जानवर क्यों डरते हैं?क्योंकि वह बहुत ताकतवर होता है।
3.क्या शेर से कोई छोटा जीव भी लड़ सकता है?नहीं।
4.हमारे घर में भिनभिनाने वाला छोटा सा जीव कौन सा है?मक्खी।
5.अगर शेर और मक्खी में लड़ाई हो जाए तो क्या होगा? ‘शेखीबाज़ मक्खी’ कहानी के बारे में बताएँ।(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘शेखीबाज़ मक्खी’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक हाव-भाव के साथ बताएगा कि कैसे एक छोटी सी मक्खी ने शेर की नींद ख़राब कर दी और शेर परेशान हो गया।विद्यार्थी मक्खी की शेखी (घमंड) और शेर की परेशानी को सुनकर आनंदित होंगे।शेखीबाज़ = घमंडी, डींगे मारने वाला
स्नान = नहाना

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. शेर क्यों परेशान हो गया था?
  2. मक्खी कैसी थी?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

क्या हमें अपनी ताकत पर घमंड करना चाहिए? लिखकर लाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 14: पाठ योजना क्रमांक – 14

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 4
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (कहानी)
प्रकरण: बहादुर बित्तो
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘बहादुर बित्तो’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘बहादुर बित्तो’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘बहादुर बित्तो’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.खेतों में काम कौन करता है?किसान।
2.किसान अपना खेत किससे जोतता है?बैल और हल से (या ट्रैक्टर से)।
3.अगर किसान के बैल को शेर खा जाए तो किसान क्या करेगा?वह रोएगा या डर जाएगा।
4.क्या कोई औरत शेर को डरा सकती है?शायद नहीं।
5.‘बहादुर बित्तो’ कहानी की नायिका ने शेर को कैसे डराया?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘बहादुर बित्तो’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक पंजाबी परिवेश का उदाहरण देते हुए किसान की पत्नी ‘बित्तो’ की बहादुरी और चालाकी की कहानी सुनाएगा।छात्र बित्तो के साहस की प्रशंसा करेंगे और संकट के समय बुद्धि से काम लेना सीखेंगे।बहादुर = निडर (Brave)
तरकीब = उपाय

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. किसान का क्या नाम था?
  2. बित्तो ने शेर को भगाने के लिए क्या तरकीब लगाई?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

बित्तो की बहादुरी के बारे में 5 वाक्य लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 15: पाठ योजना क्रमांक – 15

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 5
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (लोककथा)
प्रकरण: राख की रस्सी (लोककथा)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘राख की रस्सी (लोककथा)’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘राख की रस्सी (लोककथा)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘राख की रस्सी (लोककथा)’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.हम किसी चीज़ को बांधने के लिए किसका प्रयोग करते हैं?रस्सी का।
2.रस्सी किस चीज़ से बनती है?जूट, धागे, प्लास्टिक आदि से।
3.क्या लकड़ी के जलने के बाद बची हुई ‘राख’ (Ash) से रस्सी बन सकती है?नहीं, राख उड़ जाती है।
4.अगर कोई आपसे राख की रस्सी बनाने को कहे, तो आप क्या करेंगे?हम कहेंगे कि यह असंभव है।
5.‘राख की रस्सी’ नामक तिब्बत की लोककथा के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘राख की रस्सी (लोककथा)’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक तिब्बती वेशभूषा और संस्कृति का परिचय देते हुए बताएगा कि कैसे एक समझदार लड़की ने राख की रस्सी बना दी।छात्र लड़की की बुद्धिमानी पर आश्चर्यचकित होंगे और कहानी के सस्पेंस का मज़ा लेंगे।राख = जली हुई वस्तु का अवशेष
लोककथा = लोगों में प्रचलित कहानी

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. लोनपो गार कौन था?
  2. लड़की ने राख की रस्सी कैसे बनाई?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

अपने दादा-दादी से एक पुरानी लोककथा सुनें और उसे कॉपी में लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 16: पाठ योजना क्रमांक – 16

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 5
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (निबंध)
प्रकरण: फसलों के त्योहार
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘फसलों के त्योहार’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘फसलों के त्योहार’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘फसलों के त्योहार’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.भारत में हम कौन-कौन से त्योहार मनाते हैं?होली, दिवाली, ईद, आदि।
2.जनवरी के महीने में जब बहुत ठंड होती है, तब कौन सा त्योहार आता है?मकर संक्रांति, लोहड़ी।
3.इन त्योहारों में हम क्या-क्या खाते हैं?तिल, गुड़, मूंगफली।
4.ये सभी त्योहार किस चीज़ से जुड़े हुए हैं?खेती और फसलों से।
5.‘फसलों के त्योहार’ नामक निबंध के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘फसलों के त्योहार’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक भारत के नक्शे (Map) का प्रयोग करते हुए बताएगा कि अलग-अलग राज्यों में फसलों के त्योहार (पोंगल, बिहू, संक्रांति) कैसे मनाए जाते हैं।विद्यार्थी भारत की सांस्कृतिक विविधता (Cultural Diversity) के बारे में जानेंगे।त्योहार = पर्व (Festival)
संक्रांति = सूर्य का राशि परिवर्तन

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. दक्षिण भारत (तमिलनाडु) में कौन सा त्योहार मनाया जाता है?
  2. असम में फसलों का त्योहार किस नाम से जाना जाता है?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

मकर संक्रांति के त्योहार पर एक छोटा निबंध लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 17: पाठ योजना क्रमांक – 17

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 5
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (कहानी)
प्रकरण: ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद)’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद)’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.मुस्लिम लोग रमज़ान के महीने के बाद कौन सा त्योहार मनाते हैं?ईद।
2.ईद के दिन सब लोग नमाज़ पढ़ने कहाँ जाते हैं?ईदगाह।
3.ईदगाह के बाहर क्या लगता है?मेला लगता है।
4.मेले में बच्चे क्या खरीदते हैं?खिलौने, मिठाइयाँ।
5.मुंशी प्रेमचंद जी की प्रसिद्ध कहानी ‘ईदगाह’ के बालक हामिद के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘ईदगाह (मुंशी प्रेमचंद)’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक हाव-भाव के साथ हामिद और उसकी दादी अमीना की भावुक कहानी सुनाएगा कि कैसे हामिद ने खिलौनों की जगह दादी के लिए चिमटा खरीदा।छात्र हामिद की समझदारी और अपनी दादी के प्रति उसके प्रेम को सुनकर भावुक होंगे।ईदगाह = ईद की नमाज़ पढ़ने की जगह
चिमटा = रोटी सेंकने का औज़ार

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. हामिद की दादी का क्या नाम था?
  2. हामिद ने मेले से चिमटा क्यों खरीदा?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

अपने माता-पिता/दादा-दादी के प्रति आपका क्या कर्त्तव्य है? 5 लाइनें लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 18: पाठ योजना क्रमांक – 18

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 4
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (नाटक)
प्रकरण: थप्प रोटी थप्प दाल
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘थप्प रोटी थप्प दाल’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘थप्प रोटी थप्प दाल’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘थप्प रोटी थप्प दाल’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.घर में खाना कौन बनाता है?मम्मी, दादी आदि।
2.खाने में हम क्या-क्या खाते हैं?रोटी, दाल, सब्ज़ी, चावल।
3.क्या आपने कभी घर-घर (Cooking) का खेल खेला है?हाँ, बहुत खेला है।
4.इस खेल में बच्चे क्या-क्या बनाते हैं?मिट्टी या प्लास्टिक के बर्तनों में झूठा खाना।
5.‘थप्प रोटी थप्प दाल’ नामक बच्चों के नाटक के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘थप्प रोटी थप्प दाल’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक बच्चों को कक्षा में 2-2 के समूह में बांटकर रोल-प्ले (Role Play) के माध्यम से यह नाटक करवाएगा।छात्र ख़ुशी-ख़ुशी नाटक का मंचन करेंगे और संवाद बोलना (Dialogue delivery) सीखेंगे।थप्प = रोटी बनाने की आवाज़
नाटक = अभिनय (Play)

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. इस नाटक में बच्चे कौन सा खेल खेल रहे थे?
  2. नाटक में दाल किसने बनाई थी?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

अपने मनपसंद खेल के बारे में 5 पंक्तियाँ लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 19: पाठ योजना क्रमांक – 19

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 4
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (कहानी)
प्रकरण: दोस्त की पोशाक
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘दोस्त की पोशाक’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘दोस्त की पोशाक’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘दोस्त की पोशाक’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.जब हम किसी शादी या पार्टी में जाते हैं तो क्या पहनते हैं?नए और अच्छे कपड़े।
2.अगर हमारे पास अच्छे कपड़े न हों, तो हम क्या करते हैं?किसी दोस्त या भाई के कपड़े मांग लेते हैं।
3.लेकिन क्या हमें सबको बताना चाहिए कि ये कपड़े मांगे हुए हैं?नहीं, ऐसा बताने से शर्मिंदगी होती है।
4.क्या हमें दिखावा करना चाहिए?नहीं।
5.मशहूर हास्य पात्र ‘नसीरुद्दीन’ और उनके दोस्त जमाल साहब के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘दोस्त की पोशाक’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक बहुत ही मज़ेदार तरीके से नसीरुद्दीन की बेवकूफी (कि उसने सबको बता दिया कि अचकन जमाल साहब की है) का वर्णन करेगा।छात्र नसीरुद्दीन की हरकतों पर हँसेंगे और कहानी का मज़ा लेंगे।पोशाक = कपड़े (Dress)
अचकन = एक लंबा बंद गले का कोट

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. जमाल साहब नसीरुद्दीन के साथ घूमने क्यों नहीं जाना चाहते थे?
  2. नसीरुद्दीन ने पड़ोसी से जमाल साहब की पोशाक के बारे में क्या कहा?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

क्या हमें दूसरों की चीज़ों का दिखावा करना चाहिए? सोचकर लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 20: पाठ योजना क्रमांक – 20

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 5
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: गद्य (कहानी)
प्रकरण: स्वामी की दादी
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी साहित्य (गद्य) के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति एवं तर्क शक्ति का विकास करना।
  3. विद्यार्थियों में शुद्ध उच्चारण, वाचन एवं श्रवण कौशल का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘स्वामी की दादी’ पाठ में आए नवीन शब्दों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी कहानी के पात्रों को याद रख सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी कहानी/निबंध के अर्थ को समझकर अपने शब्दों में व्यक्त कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी पाठ से प्राप्त नैतिक शिक्षा और ज्ञान का अपने व्यावहारिक जीवन में उपयोग कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ कहानी का वाचन करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी भाषा की अन्य रोचक कहानियों को पढ़ने में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अच्छी आदतों, नैतिकता और सामाजिक मूल्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘स्वामी की दादी’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, फ्लैशकार्ड्स, और कहानी सुनाने के लिए पपेट्स (Puppets) जैसी गतिविधि आधारित सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

कहानी कथन विधि (Storytelling Method), वाचन विधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास के परिवेश, जानवरों/पक्षियों और ‘स्वामी की दादी’ के विषय में सामान्य जानकारी रखते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.बच्चों को कहानियाँ कौन सुनाता है?दादा-दादी या नाना-नानी।
2.दादी माँ की कहानियों में क्या होता है?राजा-रानी, शेर, परियों की बातें।
3.जब हम दादी को अपने स्कूल की कोई बात बताते हैं तो दादी कैसा महसूस करती हैं?वे बहुत खुश होती हैं।
4.क्या आप अपनी दादी को प्यार करते हैं?हाँ, बहुत।
5.प्रसिद्ध लेखक आर. के. नारायण की कहानी ‘स्वामी की दादी’ के बारे में आप क्या जानते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम ‘स्वामी की दादी’ नामक मज़ेदार कहानी/पाठ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
आदर्श वाचनछात्राध्यापक गद्यांश का स्पष्ट, शुद्ध एवं उचित हाव-भाव और आरोह-अवरोह के साथ आदर्श वाचन करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा अपनी पुस्तक में देखेंगे।
अनुकरण वाचनछात्राध्यापक कुछ छात्रों से गद्यांश/कहानी का अनुकरण वाचन करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार शुद्ध उच्चारण के साथ अनुकरण वाचन करेंगे।
काठिन्य निवारणछात्राध्यापक पाठ में आए कठिन शब्दों के अर्थ श्यामपट्ट की सहायता से स्पष्ट करेगा।छात्र कठिन शब्दों के अर्थ अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखेंगे।कठिन शब्दार्थ:
1. शब्द = अर्थ
2. शब्द = अर्थ
व्याख्या एवं भाव विश्लेषणछात्राध्यापक स्वामीनाथन (स्वामी) और उसकी दादी के बीच होने वाली प्यारी सी नोक-झोंक और बातचीत का सस्वर वाचन करेगा।छात्र अपनी खुद की दादी के साथ बिताए पलों को याद करेंगे और कहानी के साथ जुड़ाव महसूस करेंगे।दफ्तर = ऑफिस
बहादुर = निडर

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. स्वामी अपनी दादी को किसके बारे में बता रहा था?
  2. राजम कौन था?
  3. पाठ में आए 2 कठिन शब्द बताइए।

10. गृहकार्य (Homework):

आप अपनी दादी/नानी के साथ कैसा समय बिताते हैं? 5 वाक्य लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 21: पाठ योजना क्रमांक – 21

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 2-3
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: संज्ञा (नाम वाले शब्द)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘संज्ञा (नाम वाले शब्द)’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘संज्ञा (नाम वाले शब्द)’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘संज्ञा (नाम वाले शब्द)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.बच्चों, आपका नाम क्या है?(छात्र अपना नाम बताएंगे)
2.आप पढ़ने के लिए कहाँ आते हैं?स्कूल / विद्यालय।
3.आप पानी किसमें पीते हैं?गिलास या बोतल में।
4.राम, स्कूल और बोतल ये सब क्या हैं?ये सब ‘नाम’ हैं।
5.व्याकरण में इन ‘नाम वाले शब्दों’ को क्या कहते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘संज्ञा (नाम वाले शब्द)’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘संज्ञा (नाम वाले शब्द)’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक समझाएगा कि किसी भी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव के नाम को ‘संज्ञा’ कहते हैं। फिर वह संज्ञा के भेदों (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक) को उदाहरण सहित समझाएगा।विद्यार्थी ध्यान से सुनेंगे और अपनी कक्षा में मौजूद संज्ञा शब्दों (जैसे पंखा, मेज़) के नाम बताएंगे।संज्ञा: किसी का भी नाम।
उदाहरण: राम, दिल्ली, कुर्सी।
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. संज्ञा किसे कहते हैं?
  2. संज्ञा के किन्हीं दो उदाहरणों के नाम बताइए।
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘संज्ञा (नाम वाले शब्द)’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

अपने घर में दिखाई देने वाली 5 संज्ञाओं (वस्तुओं) के नाम लिखकर लाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 22: पाठ योजना क्रमांक – 22

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 3-4
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: सर्वनाम और उसका प्रयोग
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘सर्वनाम और उसका प्रयोग’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘सर्वनाम और उसका प्रयोग’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘सर्वनाम और उसका प्रयोग’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.राम एक अच्छा लड़का है। राम रोज़ स्कूल जाता है। इस वाक्य में संज्ञा क्या है?राम।
2.क्या बार-बार ‘राम’ बोलना अच्छा लगता है?नहीं।
3.तो हम ‘राम’ की जगह कौन सा शब्द प्रयोग करेंगे?‘वह’ रोज़ स्कूल जाता है।
4.‘वह’, ‘तुम’, ‘मैं’ ये शब्द क्या कहलाते हैं?संज्ञा की जगह आने वाले शब्द।
5.व्याकरण में इन शब्दों को क्या कहा जाता है?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘सर्वनाम और उसका प्रयोग’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘सर्वनाम और उसका प्रयोग’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक ‘सर्वनाम’ की परिभाषा बताएगा कि संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को सर्वनाम कहते हैं। उदाहरण: मैं, तुम, वह, हम आदि।छात्र सर्वनाम शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करना सीखेंगे।सर्वनाम: जो संज्ञा के स्थान पर आए।
जैसे: मैं, तुम, वह।
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. सर्वनाम किसे कहते हैं?
  2. ‘वह किताब पढ़ रहा है’ – इसमें सर्वनाम क्या है?
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘सर्वनाम और उसका प्रयोग’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

मैं, तुम, और वह का प्रयोग करते हुए 3 वाक्य बनाकर लाएँ।

Part of our 180+ free D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans collection.

D.El.Ed Hindi Lesson Plan 23: पाठ योजना क्रमांक – 23

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 3
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: लिंग की पहचान (स्त्रीलिंग व पुल्लिंग)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘लिंग की पहचान (स्त्रीलिंग व पुल्लिंग)’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘लिंग की पहचान (स्त्रीलिंग व पुल्लिंग)’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘लिंग की पहचान (स्त्रीलिंग व पुल्लिंग)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.आपके घर में खाना कौन बनाता है?माताजी।
2.आपके पिता जी क्या काम करते हैं?(छात्र अपने पिता का व्यवसाय बताएंगे)
3.माता और पिता में क्या अंतर है?माता ‘स्त्री’ हैं और पिता ‘पुरुष’ हैं।
4.गाय और बैल में से कौन दूध देता है?गाय।
5.व्याकरण में स्त्री और पुरुष जाति का बोध कराने वाले शब्दों को क्या कहते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘लिंग की पहचान (स्त्रीलिंग व पुल्लिंग)’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘लिंग की पहचान (स्त्रीलिंग व पुल्लिंग)’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक फ्लैशकार्ड्स (लड़का-लड़की, मोर-मोरनी) दिखाकर लिंग के दोनों भेदों (पुल्लिंग और स्त्रीलिंग) की व्याख्या करेगा।छात्र शब्दों के लिंग बदलना सीखेंगे (जैसे दादा-दादी)।लिंग के भेद:
1. पुल्लिंग (पुरुष)
2. स्त्रीलिंग (स्त्री)
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. पुल्लिंग किसे कहते हैं?
  2. ‘शेर’ का स्त्रीलिंग क्या होगा?
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘लिंग की पहचान (स्त्रीलिंग व पुल्लिंग)’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

10 पुल्लिंग शब्दों के स्त्रीलिंग रूप लिखकर लाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 24: पाठ योजना क्रमांक – 24

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 2-3
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: वचन (एकवचन और बहुवचन)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘वचन (एकवचन और बहुवचन)’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘वचन (एकवचन और बहुवचन)’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘वचन (एकवचन और बहुवचन)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.मेरे हाथ में कितनी पेन/चॉक है?एक।
2.और अब मेरे हाथ में कितनी पेन/चॉक हैं?बहुत सारी (दो/तीन)।
3.‘एक’ और ‘बहुत सारी’ चीज़ों में क्या अंतर है?एक संख्या में 1 है, और दूसरी 1 से अधिक।
4.क्या हम एक ‘लड़का’ को बहुत सारे होने पर भी ‘लड़का’ कहेंगे?नहीं, ‘लड़के’ कहेंगे।
5.व्याकरण में एक या एक से अधिक संख्या बताने वाले शब्दों को क्या कहते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘वचन (एकवचन और बहुवचन)’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘वचन (एकवचन और बहुवचन)’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक वस्तुओं की संख्या (एक किताब – बहुत सारी किताबें) दिखाकर वचन (एकवचन, बहुवचन) की परिभाषा स्पष्ट करेगा।छात्र एकवचन शब्दों को बहुवचन में बदलना सीखेंगे।वचन:
एकवचन: लड़का
बहुवचन: लड़के
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. वचन कितने प्रकार के होते हैं?
  2. ‘किताब’ का बहुवचन क्या होगा?
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘वचन (एकवचन और बहुवचन)’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

5 एकवचन शब्दों के बहुवचन रूप कॉपी में लिखकर लाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 25: पाठ योजना क्रमांक – 25

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 4
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: विशेषण (विशेषता बताने वाले शब्द)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘विशेषण (विशेषता बताने वाले शब्द)’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘विशेषण (विशेषता बताने वाले शब्द)’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘विशेषण (विशेषता बताने वाले शब्द)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.आसमान का रंग कैसा है?नीला।
2.करेला खाने में कैसा लगता है?कड़वा।
3.कौआ कैसा होता है?काला।
4.ये ‘नीला’, ‘कड़वा’, ‘काला’ शब्द क्या बता रहे हैं?वस्तुओं की खासियत या विशेषता।
5.व्याकरण में विशेषता बताने वाले शब्दों को क्या कहते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘विशेषण (विशेषता बताने वाले शब्द)’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘विशेषण (विशेषता बताने वाले शब्द)’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक समझाएगा कि जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, रंग, आकार) बताते हैं, वे विशेषण कहलाते हैं।विद्यार्थी अपनी कक्षा की वस्तुओं की विशेषताएँ बताएंगे (जैसे- सफेद बोर्ड, गोल घड़ी)।विशेषण: विशेषता बताने वाले शब्द।
जैसे: लाल गुलाब, मीठा आम।
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. विशेषण किसे कहते हैं?
  2. ‘सुंदर फूल’ में विशेषण क्या है?
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘विशेषण (विशेषता बताने वाले शब्द)’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

अपने आस-पास की 5 चीज़ों की विशेषता बताते हुए विशेषण शब्द लिखें।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 26: पाठ योजना क्रमांक – 26

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 3
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: विलोम शब्द (उल्टे अर्थ वाले शब्द)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘विलोम शब्द (उल्टे अर्थ वाले शब्द)’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘विलोम शब्द (उल्टे अर्थ वाले शब्द)’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘विलोम शब्द (उल्टे अर्थ वाले शब्द)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.जब सूरज उगता है तो क्या होता है?दिन होता है।
2.और जब सूरज छिप जाता है तो क्या होता है?रात होती है।
3.दिन और रात एक दूसरे के कैसे शब्द हैं?उल्टे (Opposite)।
4.इसी तरह ‘हँसना’ का उल्टा क्या होगा?रोना।
5.व्याकरण में ऐसे उल्टे अर्थ बताने वाले शब्दों को क्या कहते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘विलोम शब्द (उल्टे अर्थ वाले शब्द)’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘विलोम शब्द (उल्टे अर्थ वाले शब्द)’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक एक्शन (ऊपर-नीचे, आना-जाना) के माध्यम से विलोम शब्दों की अवधारणा समझाएगा।छात्र खेल-खेल में नए विलोम शब्द सीखेंगे और जोड़े बनाएंगे।विलोम = उल्टा अर्थ
जैसे: दिन – रात
अच्छा – बुरा
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. विलोम शब्द किसे कहते हैं?
  2. ‘सुख’ का विलोम शब्द क्या होगा?
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘विलोम शब्द (उल्टे अर्थ वाले शब्द)’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

अपनी पुस्तक से ढूँढकर 10 विलोम शब्द लिखिए।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 27: पाठ योजना क्रमांक – 27

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 4-5
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: पर्यायवाची शब्द (समानार्थी शब्द)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘पर्यायवाची शब्द (समानार्थी शब्द)’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘पर्यायवाची शब्द (समानार्थी शब्द)’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘पर्यायवाची शब्द (समानार्थी शब्द)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.आसमान से जो पानी बरसता है, उसे हम क्या कहते हैं?जल, नीर, पानी।
2.रात में आसमान में कौन चमकता है?चाँद, चंद्रमा।
3.‘पानी’ को ‘जल’ कहने से क्या उसके अर्थ में बदलाव आता है?नहीं, दोनों का मतलब एक ही है।
4.ऐसे शब्द जिनका अर्थ समान होता है, उन्हें क्या कहते हैं?समान अर्थ वाले शब्द।
5.व्याकरण में समान अर्थ वाले शब्दों को क्या कहते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘पर्यायवाची शब्द (समानार्थी शब्द)’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘पर्यायवाची शब्द (समानार्थी शब्द)’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक चार्ट के माध्यम से एक ही वस्तु के अनेक नाम (जैसे सूर्य – सूरज, दिनकर, भानु) बताकर पर्यायवाची शब्दों की व्याख्या करेगा।विद्यार्थी एक ही वस्तु के विभिन्न नाम जानकर अपने शब्दकोश में वृद्धि करेंगे।पर्यायवाची = समान अर्थ वाले शब्द
फूल = पुष्प, सुमन
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. पर्यायवाची शब्द का क्या अर्थ है?
  2. ‘आँख’ के दो पर्यायवाची शब्द बताइए।
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘पर्यायवाची शब्द (समानार्थी शब्द)’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

जल, पृथ्वी, और आकाश के 3-3 पर्यायवाची शब्द लिखकर लाएँ।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 28: पाठ योजना क्रमांक – 28

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 3
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: क्रिया की पहचान (काम वाले शब्द)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘क्रिया की पहचान (काम वाले शब्द)’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘क्रिया की पहचान (काम वाले शब्द)’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘क्रिया की पहचान (काम वाले शब्द)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.बच्चों, अभी आप कक्षा में क्या कर रहे हैं?पढ़ रहे हैं।
2.मैं (शिक्षक) क्या कर रहा हूँ?आप पढ़ा रहे हैं।
3.मछली पानी में क्या करती है?तैरती है।
4.‘पढ़ना’, ‘पढ़ाना’, ‘तैरना’ – ये शब्द क्या बताते हैं?कि कोई काम हो रहा है।
5.व्याकरण में काम बताने वाले इन शब्दों को क्या कहते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘क्रिया की पहचान (काम वाले शब्द)’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘क्रिया की पहचान (काम वाले शब्द)’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक कुछ बच्चों से एक्शन (कूदना, सोना, रोना) करवाकर समझाएगा कि जिन शब्दों से किसी काम के होने या करने का पता चले, वे ‘क्रिया’ कहलाते हैं।छात्र विभिन्न कार्यों के माध्यम से क्रिया शब्दों को पहचानना सीखेंगे।क्रिया: काम का होना या करना।
जैसे: खाना, पीना, सोना।
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. क्रिया किसे कहते हैं?
  2. ‘राम खेल रहा है’ – इसमें क्रिया क्या है?
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘क्रिया की पहचान (काम वाले शब्द)’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

दैनिक जीवन में होने वाली 10 क्रियाओं (कामों) के नाम लिखें।

Part of our 180+ free D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans collection.

D.El.Ed Hindi Lesson Plan 29: पाठ योजना क्रमांक – 29

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 5
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: विराम चिह्न (पूर्णविराम, अल्पविराम)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘विराम चिह्न (पूर्णविराम, अल्पविराम)’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘विराम चिह्न (पूर्णविराम, अल्पविराम)’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘विराम चिह्न (पूर्णविराम, अल्पविराम)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.जब हम लगातार भागते हैं तो थकने पर क्या करते हैं?रुकते हैं (आराम करते हैं)।
2.इसी तरह जब हम बोलते या पढ़ते हैं तो क्या बीच में रुकते हैं?हाँ।
3.लिखते समय उस रुकावट (Pause) को दिखाने के लिए हम किसका प्रयोग करते हैं?निशानों (Marks) का।
4.हिंदी में वाक्य के अंत में कौन सा निशान लगाया जाता है?खड़ी पाई (।)।
5.इन सभी निशानों को व्याकरण में क्या कहा जाता है?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘विराम चिह्न (पूर्णविराम, अल्पविराम)’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘विराम चिह्न (पूर्णविराम, अल्पविराम)’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक श्यामपट्ट पर वाक्यों को लिखकर पूर्णविराम (।), अल्पविराम (,), और प्रश्नवाचक चिह्न (?) का महत्व और प्रयोग समझाएगा।छात्र वाक्यों के बीच सही जगह पर रुकना और सही चिह्न लगाना सीखेंगे।विराम = रुकना
पूर्णविराम (।)
अल्पविराम (,)
प्रश्नवाचक (?)
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. वाक्य पूरा होने पर कौन सा चिह्न लगाते हैं?
  2. प्रश्न पूछने वाले वाक्यों के अंत में कौन सा चिह्न आता है?
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘विराम चिह्न (पूर्णविराम, अल्पविराम)’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

अपनी किताब से 5 वाक्य लिखें जिनमें अलग-अलग विराम चिह्न लगे हों।

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D.El.Ed Hindi Lesson Plan 30: पाठ योजना क्रमांक – 30

योजना प्रकार: D.El.Ed Hindi Lesson Plan
दिनांक: ………………..
कक्षा: 4-5
कालांश: ………………..
विषय: हिन्दी
उपविषय: व्याकरण
प्रकरण: शुद्ध व अशुद्ध शब्द (वर्तनी)
समय: 35-40 मिनट

1. सामान्य उद्देश्य:

  1. विद्यार्थियों में हिन्दी व्याकरण के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
  2. विद्यार्थियों को शुद्ध भाषा बोलने, पढ़ने और लिखने का अभ्यास कराना।
  3. विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास करना।

2. विशिष्ट उद्देश्य एवं अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन:

विशिष्ट उद्देश्यआपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन
ज्ञानात्मकविद्यार्थी ‘शुद्ध व अशुद्ध शब्द (वर्तनी)’ की परिभाषा और उसके भेदों का प्रत्यास्मरण कर सकेंगे। विद्यार्थी व्याकरणिक नियमों को जान सकेंगे।
अवबोधविद्यार्थी ‘शुद्ध व अशुद्ध शब्द (वर्तनी)’ से संबंधित शब्दों को पहचान कर उनमें अंतर स्पष्ट कर सकेंगे।
अनुप्रयोगविद्यार्थी प्राप्त व्याकरणिक ज्ञान का प्रयोग अपने दैनिक जीवन और वाक्यों में शुद्धता लाने के लिए कर सकेंगे।
कौशलविद्यार्थी व्याकरण के नियमों को चार्ट या वाक्यों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कौशल प्राप्त करेंगे।
अभिरुचिविद्यार्थी हिन्दी व्याकरण की अन्य पुस्तकों को पढ़ने और व्याकरणिक खेलों (Grammar Games) में रुचि लेंगे।
अभिवृत्तिविद्यार्थियों में अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रति सम्मान और शुद्धता का दृष्टिकोण विकसित होगा।

3. शिक्षण सहायक सामग्री (TLM):

चॉक, डस्टर, लपेट फलक, संकेतक, ‘शुद्ध व अशुद्ध शब्द (वर्तनी)’ से संबंधित आकर्षक रंगीन चार्ट, उदाहरण वाले फ्लैशकार्ड्स (Flashcards), और वर्ड-गेम (Word Game) सामग्री।

4. शिक्षण विधि/प्रविधि:

आगमन-निगमन विधि (Inductive-Deductive Method), उदाहरण प्रविधि, और प्रश्नोत्तर प्रविधि।

5. पूर्व ज्ञान:

विद्यार्थी अपने आस-पास की वस्तुओं के नाम और भाषा के सामान्य नियमों के बारे में जानते हैं।

6. प्रस्तावना प्रश्न:

क्र.सं.छात्राध्यापक क्रियाएँ (Teacher Activity)छात्र क्रियाएँ (Student Activity)
1.जब हम बोलते समय कुछ ग़लत उच्चारण करते हैं, तो उसे क्या कहते हैं?अशुद्ध या ग़लत बोलना।
2.अगर हम ‘प्रसाद’ को ‘परसाद’ बोलें तो क्या यह सही है?नहीं, यह अशुद्ध है।
3.हिंदी भाषा में शुद्ध उच्चारण और शुद्ध लेखन क्यों ज़रूरी है?ताकि बात का सही मतलब समझ में आए।
4.यदि मात्राओं में ग़लती हो जाए तो क्या होता है?शब्द का अर्थ बदल जाता है।
5.व्याकरण में शब्दों को सही (शुद्ध) करके लिखने के नियम को क्या कहते हैं?(समस्यात्मक / निरुत्तर)

7. उद्देश्य कथन:

“अच्छा तो बच्चों, आज हम हिन्दी व्याकरण के महत्वपूर्ण विषय ‘शुद्ध व अशुद्ध शब्द (वर्तनी)’ के बारे में विस्तार से अध्ययन करेंगे।”

8. प्रस्तुतीकरण:

शिक्षण बिंदुछात्राध्यापक क्रियाएँछात्र क्रियाएँश्यामपट्ट सार
उदाहरणों का प्रस्तुतीकरणछात्राध्यापक ‘शुद्ध व अशुद्ध शब्द (वर्तनी)’ से संबंधित कुछ उदाहरणों को चार्ट और श्यामपट्ट के माध्यम से प्रस्तुत करेगा।छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे तथा उदाहरणों को अपनी पुस्तक में देखेंगे।विभिन्न उदाहरण
नियमों की स्थापना (व्याख्या)छात्राध्यापक श्यामपट्ट पर कुछ अशुद्ध शब्द (जैसे- आशिर्वाद, परिक्षा) लिखकर छात्रों से उन्हें शुद्ध (आशीर्वाद, परीक्षा) करवाएगा।विद्यार्थी मात्राओं की अशुद्धियों को पहचान कर सही वर्तनी (Spelling) लिखना सीखेंगे।अशुद्ध -> शुद्ध
परिक्षा -> परीक्षा
स्कूल -> स्कूल
अभ्यास कार्य (गतिविधि)छात्राध्यापक छात्रों से श्यामपट्ट पर आकर शब्दों की पहचान या वाक्यों को सही करने की गतिविधि करवाएगा।छात्र निर्देशानुसार गतिविधि में भाग लेंगे और अभ्यास करेंगे।छात्रों द्वारा हल किए गए प्रश्न

9. पुनरावृत्ति / मूल्यांकन प्रश्न:

  1. वर्तनी (Spelling) की शुद्धता क्यों आवश्यक है?
  2. ‘बीमारी’ शब्द शुद्ध है या ‘बिमारि’?
  3. श्यामपट्ट पर लिखे 3 वाक्यों में ‘शुद्ध व अशुद्ध शब्द (वर्तनी)’ पहचानिए।

10. गृहकार्य (Homework):

अखबार या किताब से 10 थोड़े कठिन (कठोर) शब्द छाँटकर सही-सही लिखें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. D.El.Ed / BSTC के लिए हिंदी लेसन प्लान कैसे बनाएं?

Ans: D.El.Ed/BSTC के लिए हिंदी पाठ योजना बनाते समय ‘हर्बर्ट की पंचपदीय प्रणाली’ (Herbartian Approach) का पालन करें। इसमें मुख्य रूप से प्रस्तावना प्रश्न, उद्देश्य कथन, प्रस्तुतीकरण, पुनरावृत्ति और गृहकार्य शामिल होते हैं। आप इस पेज से कक्षा 1 से 5 तक के सभी तैयार लेसन प्लान्स मुफ़्त में देख सकते हैं।

Q2. क्या ये हिंदी लेसन प्लान्स (कक्षा 1 से 5) NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित हैं?

Ans: जी हाँ, हमारे द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी 30 हिंदी लेसन प्लान्स पूरी तरह से नवीनतम NCERT और SCERT (RBSE, UPBTC) पाठ्यक्रम पर आधारित हैं। इन्हें DIET के मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

Q3. प्राइमरी क्लास (1-5) के लिए लेसन प्लान में सबसे महत्वपूर्ण क्या होता है?

Ans: प्राइमरी बच्चों (कक्षा 1 से 5) के लिए पाठ योजना में ‘गतिविधि आधारित शिक्षण’ (Activity-based teaching) और ‘रोचक प्रस्तावना प्रश्न’ सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई में रुचि बनी रहे। इसमें आकर्षक TLM (शिक्षण सहायक सामग्री) का प्रयोग अनिवार्य है।

Q4. मैं व्याकरण (Grammar) के लेसन प्लान्स कहाँ से प्राप्त कर सकता हूँ?

Ans: इसी पेज पर हमने पद्य (कविता) और गद्य (कहानी) के साथ-साथ व्याकरण (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, लिंग, वचन आदि) के भी 10 बहुत ही बेहतरीन लेसन प्लान्स उपलब्ध कराए हैं, जिन्हें आप मुफ़्त में उपयोग कर सकते हैं।

Q5. How many lesson plans are required for the D.El.Ed/BSTC school internship?

Ans: Typically, during the 15-20 weeks (96 days) school internship program in D.El.Ed/BSTC, a student-teacher has to prepare around 40-50 daily lesson plans across various subjects, including Hindi, Maths, EVS, and English.

Q6. Are these Hindi lesson plans suitable for UP BTC and Haryana JBT students?

Ans: Yes, absolutely! These Class 1 to 5 Hindi lesson plans are based on the common primary syllabus and Herbartian approach, making them 100% suitable for UP BTC, Haryana JBT, Rajasthan BSTC, and all other state D.El.Ed courses.

Q7. What is the Herbartian approach used in these lesson plans?

Ans: The Herbartian approach is a 5-step method for teaching: Preparation (Introduction), Presentation, Association/Comparison, Generalization, and Application (Evaluation/Homework). All our lesson plans strictly follow this standard format.

Q8. Where can I find D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans PDF Download Free?

Ans: Yes, you can get the D.El.Ed / BSTC Hindi Lesson Plans PDF Download Free directly from our website. We have provided a dedicated PDF download section right above the FAQ where you can download all 30 lesson plans and viva questions in high quality.

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अपनी इंटर्नशिप डायरी को बेहतरीन बनाने के लिए, आप हमारे प्लेटफॉर्म पर अन्य इंटर्नशिप फाइल्स (जैसे Micro Teaching, Observation, Action Research) भी प्राप्त कर सकते हैं। अपने लेसन प्लान्स को अधिक प्रामाणिक बनाने के लिए आप RBSE (राजस्थान BSTC), UP DElEd/BTC (उत्तर प्रदेश), SCERT Haryana (JBT), SCERT Delhi (DIET), HPBOSE (हिमाचल प्रदेश), MPBSE / RSK (मध्य प्रदेश) और NCERT की आधिकारिक पाठ्यपुस्तकों का संदर्भ ले सकते हैं। इसके अलावा शिक्षण के मानकों को समझने के लिए आप NCTE (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के दिशा-निर्देशों का अध्ययन भी कर सकते हैं।

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Schorbit is dedicated to providing high-quality, perfectly structured lesson plans strictly adhering to NCTE, SCERT, and NCERT guidelines. Whether you are pursuing BSTC in Rajasthan, JBT in Haryana, or BTC in UP, our content is verified by experienced educators to ensure you get the best resources for your 96-day or 24-day school internship program.

Disclaimer: This website is an independent educational platform and is not affiliated with NCTE, NCERT, or any state educational board (like RBSE or UPMSP). The lesson plans and materials provided are strictly for reference and educational purposes only.