B.Ed Criticism Lesson Plan Diary
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B.Ed इंटर्नशिप के अंत में होने वाले फाइनल टीचिंग एग्जाम (Final Teaching Evaluation) के लिए प्रशिक्षु शिक्षकों को एक विशेष समालोचना पाठ योजना (Criticism Lesson Plan) डायरी में केवल 1 मुख्य लेसन प्लान (Main Lesson Plan) बनाना होता है।
💡 महत्वपूर्ण टिप (Best Practice)
समालोचना या फाइनल लेसन प्लान (Final Lesson Plan) बनाते समय आपको हमेशा वही टॉपिक (प्रकरण) चुनना चाहिए जिसे आपने अपनी ‘दैनिक पाठ योजना डायरी’ (Daily Lesson Plan Diary) में पहले से बहुत अच्छे से पढ़ाया हो। आपको उन सभी लेसन प्लान्स में से अपनी पसंद का सबसे बेहतरीन (Best) लेसन प्लान ही फाइनल टीचिंग के लिए सेलेक्ट करना चाहिए। इस मुख्य टॉपिक पर आपको पूर्ण तैयारी (Full Preparation) करनी चाहिए, जैसे आकर्षक 3D मॉडल बनाना, रंगीन चार्ट बनाना और पूरे आत्मविश्वास के साथ एक्सटर्नल एग्जामिनर (External Examiner) के सामने 40-45 मिनट तक उसे पढ़ाना।
📑 Table of Contents (विषय सूची)
📝 अनुक्रमणिका (Index) में भरी जाने वाली आवश्यक प्रविष्टियाँ
बी.एड. इंटर्नशिप डायरी में पाठ योजनाओं को लिखने के साथ-साथ उनके प्रारंभ में दी गई अनुक्रमणिका (Index Page) को सही ढंग से भरना अत्यंत आवश्यक है। सामान्यतः इंडेक्स के कॉलम इस प्रकार होते हैं:
- 1. क्रम संख्या (S.No.): यहाँ पाठों की क्रमानुसार संख्या लिखी जाती है।
- 2. पाठ योजना संख्या: यहाँ पाठ योजना का क्रमांक अंकित करें (जैसे—पाठ योजना–1)।
- 3. कक्षा (Class): जिस कक्षा (6, 7, 8 या 9) में आपने वह पाठ पढ़ाया है, उसे दर्ज करें।
- 4. विषय एवं उपविषय (Subject/Sub-subject): आपका मुख्य शिक्षण विषय और उपविषय लिखें।
- 5. प्रकरण / पाठ का नाम (Topic): इसमें प्रकरण (Topic) का नाम लिखना होता है।
- 6. दिनांक (Date): जिस तिथि को आपने वह पाठ विद्यालय में पढ़ाया है, उसे लिखें।
- 7. पृष्ठ संख्या (Page Number): पाठ योजना किस पृष्ठ से किस पृष्ठ तक है, उसकी रेंज लिखें।
- 8. शिक्षक हस्ताक्षर (Signature): यहाँ संबंधित विषय अध्यापक के हस्ताक्षर होने चाहिए।
💡 अनुक्रमणिका तैयार करते समय ध्यान रखने योग्य 5 स्वर्ण नियम
- अंदर के पृष्ठों से सटीक मिलान: इंडेक्स में लिखी गई प्रत्येक जानकारी डायरी के अंदर लिखे गए पाठ से 100% मेल खानी चाहिए।
- काट-छाँट से बचें: इंडेक्स पेज आपकी डायरी का मुख्य प्रवेश द्वार है। इसमें कटिंग या व्हाइटनर का उपयोग करने से बचें। यदि कोई त्रुटि हो, तो उसे बहुत सफाई से ठीक करें।
- तिथियों की क्रमबद्धता (Date Chronology): तिथियाँ निरंतर बढ़ते हुए क्रम में होनी चाहिए। अवकाश या रविवार की तिथि दर्ज नहीं होनी चाहिए।
- प्रकरण को रेखांकित (Underline) करें: इंडेक्स में भी प्रकरण का नाम लिखकर उसे रेखांकित करने से परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।
- सुलेख और स्पष्टता: इंडेक्स को भरने के लिए नीले या काले अच्छे पेन का उपयोग करें। सभी अक्षर स्पष्ट होने चाहिए।
5E मॉडल पाठ योजना: निर्मितवादी उपागम आधारित समालोचना पाठ योजना कैसे बनाएं?
Constructivism 5E Model (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate) Lesson Plan Guide
NCTE के नवीनतम पाठ्यचर्या ढांचे के अनुसार, वर्तमान में पूरे भारत (All over India) के सभी राज्यों के लगभग सभी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों (B.Ed/D.El.Ed Colleges) में निर्मितवादी उपागम (Constructivist Approach) के तहत 5E मॉडल पर आधारित पाठ योजनाएं बनाने पर ज़ोर दिया जाता है। विशेष रूप से हिंदी भाषी राज्यों के प्रमुख विश्वविद्यालयों जैसे— राजस्थान विश्वविद्यालय (UNIRAJ), पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय (PDUSU), चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU Meerut, UP), बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (BU Bhopal, MP), पटना विश्वविद्यालय (Patna, Bihar), इग्नू (IGNOU) और वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) आदि में यह मॉडल अनिवार्य रूप से लागू है।
इस विधि में ज्ञान छात्र पर थोपा नहीं जाता, बल्कि छात्र स्वयं अपने पूर्व अनुभव और खोज के आधार पर ज्ञान का निर्माण करता है। 5E मॉडल के 5 मुख्य चरण निम्नलिखित हैं:
- 1. Engage (व्यस्त करना/संलग्न करना): पाठ की शुरुआत में छात्रों के पूर्व ज्ञान को जागृत करने के लिए आकर्षक प्रश्न, कहानी या चित्र दिखाए जाते हैं। इसमें प्रस्तावना प्रश्न (Introduction Questions) पूछे जाते हैं, जो कि जिग-जैग (Z-pattern) प्रारूप में होने चाहिए।
- 2. Explore (खोजबीन करना): छात्र को पाठ के प्रकरण (Topic) से जुड़े उदाहरण या सामग्री देकर स्वयं सोचने और चर्चा करने का अवसर दिया जाता है। शिक्षक यहाँ केवल मार्गदर्शक की भूमिका में होता है।
- 3. Explain (व्याख्या करना): छात्र द्वारा की गई खोज के आधार पर शिक्षक प्रत्ययों और सिद्धांतों को स्पष्ट करता है तथा कठिन शब्दों का निवारण करता है (उद्देश्य कथन एवं प्रस्तुतीकरण)।
- 4. Elaborate (विस्तृत करना): सीखे गए नए ज्ञान को छात्र दैनिक जीवन की अन्य परिस्थितियों में लागू करना सीखता है। इसके अंतर्गत व्यावहारिक उदाहरण और अतिरिक्त गतिविधियाँ दी जाती हैं।
- 5. Evaluate (मूल्यांकन करना): पाठ के अंत में यह जांचने के लिए कि छात्रों ने कितना सीखा, मूल्यांकन प्रश्न (Evaluation Questions) जैसे बहुविकल्पीय, रिक्त स्थान, अतिलघुत्तरात्मक और गृहकार्य (Homework) प्रश्न पूछे जाते हैं।
विद्यालय एवं विषय जानकारी
समालोचना पाठ योजना के लिए हमने यहाँ गणित (Maths) विषय का एक बेहतरीन उदाहरण दिया है, जिसका प्रकरण “पाइथागोरस प्रमेय” है। यह टॉपिक समालोचना के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है क्योंकि इसमें आप 3D मॉडल और चार्ट का बहुत अच्छे से उपयोग कर सकते हैं।
- विद्यालय का नाम: (जहाँ आपकी इंटर्नशिप चल रही है)
- कक्षा: 8 या 9
- विषय: गणित (Mathematics)
- प्रकरण (Topic): पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras Theorem)
- समयावधि: 40-45 मिनट
शिक्षण उद्देश्य (Teaching Objectives)
| शिक्षण उद्देश्य (Teaching Objectives) | अपेक्षित व्यवहारगत परिवर्तन (Expected Behavioral Changes) |
|---|---|
| 1. ज्ञानात्मक (Knowledge) | विद्यार्थी समकोण त्रिभुज और पाइथागोरस प्रमेय का प्रत्यास्मरण (Recall) एवं प्रत्यभिज्ञान (Recognize) कर सकेंगे। |
| 2. अवबोधात्मक (Understanding) | विद्यार्थी पाइथागोरस प्रमेय को समझकर उसकी व्याख्या कर सकेंगे और अन्य त्रिभुजों से उसकी तुलना कर सकेंगे। |
| 3. ज्ञानोपयोग (Application) | विद्यार्थी पाइथागोरस प्रमेय से संबंधित प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने दैनिक जीवन की गणितीय समस्याओं को हल करने में कर सकेंगे। |
| 4. कौशलात्मक (Skill) | विद्यार्थी समकोण त्रिभुज का चित्र बनाने और उसमें कर्ण, लम्ब व आधार को पहचानने की कुशलता प्राप्त कर सकेंगे। |
सहायक सामग्री व पूर्व ज्ञान (Teaching Aids & Previous Knowledge)
शिक्षण सहायक सामग्री (Teaching Aids): चॉक, डस्टर, लपेट फलक (Roll-up board), संकेतक (Pointer), और पाइथागोरस प्रमेय को सिद्ध करता हुआ एक आकर्षक वर्किंग मॉडल/चार्ट।
पूर्व ज्ञान (Previous Knowledge): विद्यार्थी त्रिभुज एवं समकोण त्रिभुज के बारे में सामान्य जानकारी रखते हैं।
प्रस्तावना प्रश्न (Introduction Questions)
छात्र अध्यापक / अध्यापिका अपने प्रकरण को निकलवाने के लिए छात्रों से निम्नलिखित प्रश्न पूछेंगे (छात्र पूर्व ज्ञान के आधार पर उत्तर देंगे):
| क्रम सं. | छात्र अध्यापक / अध्यापिका क्रिया (Pupil Teacher Activity) | छात्र क्रिया (Student Activity) |
|---|---|---|
| 1 | तीन भुजाओं से घिरी हुई बंद आकृति को क्या कहते हैं? | त्रिभुज (Triangle) |
| 2 | त्रिभुज के तीनों अंतः कोणों का योग कितना होता है? | 180° |
| 3 | जिस त्रिभुज का एक कोण ठीक 90° का हो, उसे क्या कहते हैं? | समकोण त्रिभुज (Right Angled Triangle) |
| 4 | समकोण त्रिभुज की भुजाओं (कर्ण, लम्ब, आधार) में सम्बन्ध बताने वाली प्रमेय कौनसी है? | निरुत्तर (समस्यात्मक प्रश्न) |
उद्देश्य कथन (Statement of Aim): “अच्छा बच्चों! आज हम गणित विषय के अंतर्गत पाइथागोरस प्रमेय का विस्तार पूर्वक अध्ययन करेंगे।”
उद्देश्य कथन एवं प्रस्तुतीकरण (Presentation)
यहाँ छात्र अध्यापक अपने चार्ट या मॉडल का प्रदर्शन करते हुए छात्रों को समझाते हैं। समालोचना पाठ में प्रस्तुतीकरण सबसे प्रभावशाली होना चाहिए।
- शिक्षण बिंदु 1: समकोण त्रिभुज का परिचय – विकासात्मक प्रश्न पूछकर लम्ब, आधार और कर्ण की पहचान करवाएंगे। (सबसे लंबी भुजा ‘कर्ण’ होती है)।
- शिक्षण बिंदु 2: पाइथागोरस प्रमेय का कथन – “किसी समकोण त्रिभुज में कर्ण का वर्ग, शेष दो भुजाओं (लम्ब और आधार) के वर्गों के योग के बराबर होता है।”
सूत्र: (कर्ण)² = (लम्ब)² + (आधार)² - शिक्षण बिंदु 3: प्रमेय का सत्यापन एवं उदाहरण – एक उदाहरण (जैसे लम्ब=3, आधार=4 तो कर्ण=5) देकर श्यामपट्ट पर हल करके समझाएंगे। छात्र ध्यानपूर्वक सुनेंगे व अपनी उत्तर पुस्तिका में नोट करेंगे।
पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन (Recapitulation & Evaluation)
पाठ समाप्ति के बाद बच्चों का ज्ञान परखने के लिए मूल्यांकन प्रश्न पूछे जाते हैं (लपेट फलक पर लिखकर लाएं):
- समकोण त्रिभुज में सबसे लंबी भुजा क्या कहलाती है? (बहुविकल्पीय प्रश्न)
- पाइथागोरस प्रमेय का सूत्र लिखिए। (अति लघुत्तरात्मक प्रश्न)
- पाइथागोरस प्रमेय केवल ………. त्रिभुज पर ही लागू होती है। (रिक्त स्थान)
- यदि किसी समकोण त्रिभुज का लम्ब 6cm और आधार 8cm है, तो उसका कर्ण कितना होगा? (हल करने वाला प्रश्न)
श्यामपट्ट सार एवं गृहकार्य (Blackboard Summary & Homework)
ब्लैकबोर्ड पर आपने जो मुख्य सूत्र और चित्र बनाए हैं, वही श्यामपट्ट सार कहलाता है। इसके बाद कक्षा को एक गृहकार्य दिया जाता है:
📝 गृहकार्य (Homework):
“यदि किसी समकोण त्रिभुज का कर्ण 13cm और आधार 12cm है, तो पाइथागोरस प्रमेय का प्रयोग करते हुए उसका लम्ब ज्ञात कीजिये और चित्र बनाकर स्पष्ट रूप से अपनी कॉपी में लिखकर लाइए।”
B.Ed / BSTC Lesson Plans (सभी विषय)
विशेषज्ञों द्वारा तैयार कम्पलीट समालोचना पाठ योजनाएं: इस पेज पर उदाहरण के लिए केवल एक गणित (Maths) का लेसन प्लान दिया गया है। आप नीचे दिए गए सभी विषयों (Science, Maths, SST, Hindi, English, Sanskrit) के लिए B.Ed / D.El.Ed / BSTC इंटर्नशिप हेतु कुल 30-30 दैनिक पाठ योजनाएं (Daily Lesson Plans) प्राप्त कर सकते हैं, जिनमें से आप अपना पसंदीदा टॉपिक समालोचना पाठ (Final Lesson) के लिए चुन सकते हैं:
- कक्षा 6 से 8 के लिए: 18 लेसन प्लान
- कक्षा 9 से 10 के लिए: 12 लेसन प्लान
आप इन सभी पाठ योजनाओं को संबंधित विषय के पेज पर सीधा पढ़ सकते हैं और अपनी सुविधा के लिए उनकी कम्पलीट PDF भी डाउनलोड कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. समालोचना पाठ योजना (Criticism Lesson Plan) क्या होती है?
Ans: समालोचना पाठ योजना B.Ed इंटर्नशिप के अंत में होने वाले फाइनल टीचिंग एग्जाम (Final Teaching Evaluation) के लिए बनाई जाने वाली एक विशेष और विस्तृत पाठ योजना है, जिसका मूल्यांकन बाह्य परीक्षक (External Examiner) द्वारा किया जाता है।
Q2. दैनिक पाठ योजना और समालोचना पाठ योजना में क्या अंतर है?
Ans: दैनिक पाठ योजना रोज़ाना कक्षा में पढ़ाने के लिए बनाई जाती है (लगभग 20-30 प्लान), जबकि समालोचना पाठ योजना केवल एक ही बनाई जाती है (आपके मुख्य विषय की), जिसे एग्जामिनर के सामने 40-45 मिनट तक बहुत ही प्रभावी ढंग से पढ़ाना होता है।
Q3. समालोचना पाठ योजना बनाते समय किन शिक्षण सहायक सामग्री (Teaching Aids) का उपयोग करना चाहिए?
Ans: एक बेहतरीन समालोचना पाठ के लिए आपको 3D मॉडल, वर्किंग चार्ट, रंगीन फ्लैश कार्ड्स, पॉइंटर, और वास्तविक वस्तुओं (Real Objects) का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए ताकि एग्जामिनर प्रभावित हो सके।
Q4. क्या मुझे समालोचना पाठ डायरी अलग से खरीदनी होगी?
Ans: हाँ, आमतौर पर B.Ed कॉलेजों द्वारा दैनिक पाठ योजना की डायरियों के साथ एक या दो पतली डायरियां अलग से दी जाती हैं, जिन पर ‘समालोचना पाठ योजना’ या ‘Final Lesson Plan’ लिखा होता है।
Q5. How to choose the best topic for a B.Ed Criticism Lesson Plan?
Ans: Always select a topic that you have fully mastered, which allows for maximum use of teaching aids (charts/models), and has scope for interactive student activities. Avoid overly theoretical topics.
Q6. What is the role of an External Examiner during the final lesson?
Ans: The external examiner observes your teaching confidence, blackboard writing skills, interaction with students, question-asking techniques, and how effectively you use your teaching aids.
Q7. Are 5E model lesson plans suitable for Criticism lessons?
Ans: Yes, the Constructivist 5E Model (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate) is highly recommended and favored by examiners for Criticism Lessons as it promotes student-centric learning.
हमारा स्टडी मटेरियल और डायरी फॉर्मेट विश्वसनीय क्यों है?
Schorbit पर उपलब्ध कराई गई B.Ed और BSTC (D.El.Ed) की इंटर्नशिप डायरी, लेसन प्लान और विद्यालय अवलोकन रिपोर्ट (School Observation Report) पूर्ण रूप से शिक्षा विशेषज्ञों (Education Experts) और अनुभवी शिक्षकों द्वारा तैयार की गई है। हमारा उद्देश्य प्रशिक्षु शिक्षकों (Pupil Teachers) को सटीक और उच्च गुणवत्ता वाला b.ed criticism lesson plan in hindi स्टडी मटेरियल प्रदान करना है।
यह सभी फॉर्मेट्स और पीडीएफ NCTE (National Council for Teacher Education) की नवीनतम गाइडलाइन्स को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। इसके अलावा, जो विद्यार्थी राजस्थान से जुड़े हैं, उनके लिए हमने RBSE (Board of Secondary Education, Rajasthan) के पाठ्यक्रम को आधार बनाया है। साथ ही, केंद्रीय और अन्य राज्य स्तरीय शिक्षा नीतियों के लिए NCERT (National Council of Educational Research and Training) के मानकों का पूर्णतः पालन किया गया है। आप बेझिझक इन फॉर्मेट्स का उपयोग अपनी आधिकारिक इंटर्नशिप फाइल तैयार करने के लिए कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक्स (Quick Links)
B.Ed 1st Year Internship की अन्य डायरियाँ

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